खाकी पर हमला: सीधी के अमिलिया में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान उपद्रव, थाने में घुसकर की तोड़फोड़, 4 गिरफ्तार रणक्षेत्र बना थाना: उपद्रवियों ने तोड़े सीसीटीवी और फर्नीचर, तीन पुलिसकर्मी घायल; रीवा-सतना से बुलाई गई फोर्स कानून से खिलवाड़ पर पुलिस का कड़ा प्रहार, 11 बाइक और बोलेरो जब्त; फरार आरोपियों की तलाश में दबिश जारी सीधी। जिला सीधी के अमिलिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की रैली के दौरान उपजा मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। सड़क किनारे खड़ी एक बोलेरो के कारण शुरू हुई कहासुनी ने इतना तूल पकड़ा कि आक्रोशित भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए सीधे थाने पर ही हमला बोल दिया। इस दुस्साहसिक वारदात में उपद्रवियों ने न केवल शासकीय संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी अपना निशाना बनाया। घटना की शुरुआत अमिलिया हायर सेकेंडरी स्कूल के पास हुई, जहाँ यातायात बाधित होने को लेकर बोलेरो चालक मनीष तिवारी और रैली में शामिल युवकों के बीच विवाद हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने उस वक्त तो मामला शांत करा दिया, लेकिन कुछ देर बाद 50-60 लोगों की हिंसक भीड़ ने लाठी-डंडों और पत्थरों से लैस होकर अमिलिया थाने को घेर लिया। उपद्रवियों ने थाने के भीतर घुसकर तांडव मचाते हुए फर्नीचर, पंखे, लाइट और खिड़कियों के कांच चकनाचूर कर दिए। साक्ष्यों को मिटाने के इरादे से सुरक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरों और उनके तारों को भी काट दिया गया। इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रीवा, सतना और मऊगंज से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया। पुलिस की घेराबंदी देख उपद्रवी अपनी 11 मोटरसाइकिलें और एक बोलेरो छोड़कर भाग निकले, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 04 मुख्य आरोपियों को दबोचकर जेल भेज दिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत अपराध क्रमांक 173/2026 पंजीबद्ध किया है। वर्तमान में पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
खाकी पर हमला: सीधी के अमिलिया में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान उपद्रव, थाने में घुसकर की तोड़फोड़, 4 गिरफ्तार रणक्षेत्र बना थाना: उपद्रवियों ने तोड़े सीसीटीवी और फर्नीचर, तीन पुलिसकर्मी घायल; रीवा-सतना से बुलाई गई फोर्स कानून से खिलवाड़ पर पुलिस का कड़ा प्रहार, 11 बाइक और बोलेरो जब्त; फरार आरोपियों की तलाश में दबिश जारी सीधी। जिला सीधी के अमिलिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की रैली के दौरान उपजा मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। सड़क किनारे खड़ी एक बोलेरो के कारण शुरू हुई कहासुनी ने इतना तूल पकड़ा कि आक्रोशित भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए सीधे थाने पर ही हमला बोल दिया। इस दुस्साहसिक वारदात में उपद्रवियों ने न केवल शासकीय संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी अपना निशाना बनाया। घटना की शुरुआत अमिलिया हायर सेकेंडरी स्कूल के पास हुई, जहाँ यातायात बाधित होने को लेकर बोलेरो चालक मनीष तिवारी और रैली में शामिल युवकों के बीच विवाद हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने उस वक्त तो मामला शांत करा दिया, लेकिन कुछ देर बाद 50-60 लोगों की हिंसक भीड़ ने लाठी-डंडों और पत्थरों से लैस होकर अमिलिया थाने को घेर लिया। उपद्रवियों ने थाने के भीतर घुसकर तांडव मचाते हुए फर्नीचर, पंखे, लाइट और खिड़कियों के कांच चकनाचूर कर दिए। साक्ष्यों को मिटाने के इरादे से सुरक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरों और उनके तारों को भी काट दिया गया। इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रीवा, सतना और मऊगंज से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया। पुलिस की घेराबंदी देख उपद्रवी अपनी 11 मोटरसाइकिलें और एक बोलेरो छोड़कर भाग निकले, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 04 मुख्य आरोपियों को दबोचकर जेल भेज दिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत अपराध क्रमांक 173/2026 पंजीबद्ध किया है। वर्तमान में पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
- सीधी। जिला सीधी के अमिलिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की रैली के दौरान उपजा मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। सड़क किनारे खड़ी एक बोलेरो के कारण शुरू हुई कहासुनी ने इतना तूल पकड़ा कि आक्रोशित भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए सीधे थाने पर ही हमला बोल दिया। इस दुस्साहसिक वारदात में उपद्रवियों ने न केवल शासकीय संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी अपना निशाना बनाया। घटना की शुरुआत अमिलिया हायर सेकेंडरी स्कूल के पास हुई, जहाँ यातायात बाधित होने को लेकर बोलेरो चालक मनीष तिवारी और रैली में शामिल युवकों के बीच विवाद हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने उस वक्त तो मामला शांत करा दिया, लेकिन कुछ देर बाद 50-60 लोगों की हिंसक भीड़ ने लाठी-डंडों और पत्थरों से लैस होकर अमिलिया थाने को घेर लिया। उपद्रवियों ने थाने के भीतर घुसकर तांडव मचाते हुए फर्नीचर, पंखे, लाइट और खिड़कियों के कांच चकनाचूर कर दिए। साक्ष्यों को मिटाने के इरादे से सुरक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरों और उनके तारों को भी काट दिया गया। इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रीवा, सतना और मऊगंज से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया। पुलिस की घेराबंदी देख उपद्रवी अपनी 11 मोटरसाइकिलें और एक बोलेरो छोड़कर भाग निकले, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 04 मुख्य आरोपियों को दबोचकर जेल भेज दिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत अपराध क्रमांक 173/2026 पंजीबद्ध किया है। वर्तमान में पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।1
- अंबेडकर की रैली बनी रणभूमि, भीड़ का थाने पर धावा, CCTV-खिड़कियां चकनाचूर, इलाके में फैली दहशत सीधी के अमिलिया में भीम आर्मी की रैली हिंसा में बदल गई. मामूली विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि उग्र भीड़ ने सीधे पुलिस थाने पर हमला बोल दिया. थाने में घुसकर तोड़फोड़, पत्थरबाजी और पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया. सीसीटीवी कैमरे, खिड़कियां और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है. इस पूरे बवाल में 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं. हालात बिगड़ते देख मौके पर कलेक्टर और एएसपी ने मोर्चा संभाला. फिलहाल फ्लैग मार्च के बाद स्थिति नियंत्रण में है. लेकिन अब बड़ा सवाल कानून तोड़ने वालों पर कितना सख्त होगा एक्शन?1
- yeah road jaldi's Jersey1
- Post by Bablu Namdev1
- मऊगंज मे लूट का आरोपी गिरफ्तार1
- कलेक्टर रीवा नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने किया विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कलेक्टर ने उद्यानिकी, कृषि एवं शिक्षा विभाग के कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की तथा उनका वेतन काटने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि सभी अधिकारी-कर्मचारी समय पर उपस्थित रहे अन्यथा अनुपस्थित रहने पर सीधे निलंबन की कार्यवाही होगी।1
- सेक्टर-37 स्थित मदरसन कंपनी के बाहर बवाल, कर्मचारियों का फूटा गुस्सा.1
- सीधी (म.प्र.) | विशेष रिपोर्ट संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के उपरांत 14 अप्रैल को थाना अमिलिया में हुई हिंसक घटना ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, दो गुटों के आपसी विवाद के बीच सैकड़ों की संख्या में उपद्रवी, मुंह पर नकाब बांधकर थाना परिसर में घुस गए और वहां मौजूद थाना प्रभारी सहित पुलिस कर्मचारियों के साथ मारपीट की। शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने कहा कि इस दौरान उपद्रवियों ने न केवल पुलिसकर्मियों पर हमला किया, बल्कि थाना परिसर में जमकर तोड़फोड़ करते हुए शासकीय संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया। यह घटना कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जा रही है। घटना को लेकर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। संबंधित अधिकारियों को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि सभी आरोपियों की शीघ्र पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, ऐसे असामाजिक तत्वों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) सहित अन्य धाराओं के तहत कठोर कदम उठाने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि “एक महान पुरुष की जयंती के अवसर पर इस प्रकार का जघन्य अपराध अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह न केवल बाबा साहब का अपमान है, बल्कि देश की कानून व्यवस्था के खिलाफ भी है। पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा के लिए दिन-रात कार्य करते हैं, उन पर हमला करना निंदनीय है।” उन्होंने आगे कहा कि थाना आम जनता की सुरक्षा का केंद्र है और इस पर हमला न्याय व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की, ताकि भविष्य में कोई ऐसी घटना करने का साहस न कर सके।1