घंसौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 मई 2026 (शनिवार) को एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया, जिसमें कुल 61 रक्तदाताओं ने अपना अमूल्य योगदान दिया। यह शिविर सुबह 11 बजे से शुरू हुआ, जिसमें क्षेत्र के नागरिक, पत्रकार, शासकीय एवं अशासकीय अधिकारी-कर्मचारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री बिशन सिंह गोंड और सीबीएमओ डॉ. भारती ने पहले एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नागरिकों से रक्तदान करने की अपील की थी। उन्होंने बताया था कि आदिवासी बाहुल्य घंसौर विकासखंड में सिकल सेल एनीमिया के मरीजों और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की अधिक संख्या के कारण रक्त की लगातार आवश्यकता बनी रहती है, इसी उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया था। “रक्तदान महादान” की भावना से प्रेरित होकर, सभी 61 रक्तदाताओं ने आगे आकर ज़रूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने में मदद की। सीबीएमओ डॉ. भारती ने सभी रक्तदाताओं, पत्रकारों, अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक संस्थाओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर इसके लिए आगे आना चाहिए। शिविर को सफल बनाने में बी.ई.ई. श्री राजाराम रायकवार, बीपीएम श्री निरंजन सराठे, श्री अवधेश गोस्वामी, एनएमए राहुल कोहले और लैब टेक्नीशियन सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
घंसौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 मई 2026 (शनिवार) को एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया, जिसमें कुल 61 रक्तदाताओं ने अपना अमूल्य योगदान दिया। यह शिविर सुबह 11 बजे से शुरू हुआ, जिसमें क्षेत्र के नागरिक, पत्रकार, शासकीय एवं अशासकीय अधिकारी-कर्मचारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़े उत्साह के साथ
भाग लिया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री बिशन सिंह गोंड और सीबीएमओ डॉ. भारती ने पहले एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नागरिकों से रक्तदान करने की अपील की थी। उन्होंने बताया था कि आदिवासी बाहुल्य घंसौर विकासखंड में सिकल सेल एनीमिया के मरीजों और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की अधिक संख्या के कारण रक्त की लगातार आवश्यकता बनी
रहती है, इसी उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया था। “रक्तदान महादान” की भावना से प्रेरित होकर, सभी 61 रक्तदाताओं ने आगे आकर ज़रूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने में मदद की। सीबीएमओ डॉ. भारती ने सभी रक्तदाताओं, पत्रकारों, अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक संस्थाओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर इसके लिए आगे आना चाहिए। शिविर को सफल बनाने में बी.ई.ई. श्री राजाराम रायकवार, बीपीएम श्री निरंजन सराठे, श्री अवधेश गोस्वामी, एनएमए राहुल कोहले और लैब टेक्नीशियन सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
- मध्य प्रदेश के मंडला जिले के मवई विकासखंड अंतर्गत आने वाले बैगा बहुल ग्राम अमवार में जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत सामने आई है। ये तस्वीरें सरकार द्वारा बैगा जनजातियों के विकास को लेकर किए जा रहे बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। एक ओर जहां सरकार बैगा जनजातियों के विकास के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर अमवार गांव की जमीनी स्थिति दर्शाती है कि यह विकास केवल कागजों तक ही सीमित है। यह स्थिति सीधे तौर पर इस सवाल को उठाती है कि क्या बैगा जनजातियों के साथ धोखा किया जा रहा है या उनका विकास केवल सरकारी दस्तावेजों में ही दर्ज है।1
- जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के पास ग्राम गदेरी में एक मकान के निर्माण कार्य के दौरान जमीन के अंदर दबा एक जिंदा बम मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। खुदाई कर रहे मजदूरों को जमीन के भीतर एक संदिग्ध लोहे जैसी वस्तु दिखाई दी, जिसके बाद इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही खमरिया थाना पुलिस और बम स्क्वॉड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में पता चला कि मिला हुआ विस्फोटक एक जिंदा UXO बम था, जिसकी मारक क्षमता लगभग 50 मीटर तक बताई जा रही है। इस बम का वजन करीब 12 किलो से अधिक था और यह जमीन में 3 से 4 फीट नीचे दबा हुआ पाया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, पुलिस ने तत्काल आसपास के इलाके को खाली करा लिया। इसके बाद, पुलिस ने इस जिंदा बम को सुरक्षित तरीके से सेना के अधिकारियों को सौंप दिया है, जहां अब इसे डिफ्यूज करने की प्रक्रिया की जाएगी।1
- यह पोस्ट गहन आध्यात्मिक आस्था और भक्ति को दर्शाता है, जिसमें "दिल से बोलो जय श्री राम" का आह्वान किया गया है। यह "धर्म संगठन बाबा" में अटूट विश्वास व्यक्त करता है, यह घोषणा करते हुए कि उनका "शहरा" सबसे बड़ा "शहर" है और इसके अलावा कोई अन्य सहारा नहीं है। पोस्ट इस बात पर जोर देता है कि जब बाबा साथ हों, तो डरने की कोई बात नहीं है, क्योंकि दुनिया छोटी है और केवल उनका ही सहारा है। इस गहरी भक्ति की भावना को "बम बम भोले" के उद्घोष के साथ और भी प्रबल किया गया है।1
- जबलपुर में देर रात हुई बारिश से भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। लगातार बढ़ रहे तापमान के बीच, इस बारिश ने शहरवासियों को गर्मी से निजात दिलाई है। जानकारी के अनुसार, यह बारिश 'नौ तपा' के चौथे दिन हुई है, जिससे उम्मीद है कि अब जन जीवन एक बार फिर सामान्य होता दिखाई देगा।1
- नरसिंहपुर जिले के करकबेल उपस्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गुरुवार की सुबह लगभग 10:30 बजे तक केंद्र पर उपचार के लिए एक वार्ड बॉय के अलावा कोई भी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। इस अव्यवस्था के कारण इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना करकबेल उपस्वास्थ्य केंद्र पर व्याप्त भारी अनियमितताओं और स्वास्थ्यकर्मियों की घोर लापरवाही को उजागर करती है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिसमें उन्होंने केंद्र पर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात कही है।1
- मंडला जिले में पुलिस ने अवैध शराब के क्रय-विक्रय और परिवहन के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अंग्रेजी, देशी शराब और बीयर जब्त की है। पुलिस अधीक्षक के विशेष निर्देशों पर, बम्हनी और बिछिया थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई करते हुए चार वाहनों सहित लगभग 10 लाख रुपये से अधिक का अवैध मसरूका बरामद किया है।1
- मंडला के पवित्र माहिष्मती घाट पर शुक्रवार शाम को सिंधी समाज मंडला द्वारा मां नर्मदा की भव्य पंचचौकी महाआरती का आयोजन किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, हर माह की 29 तारीख को सिंधी समाज को इस महाआरती के संयोजन का सौभाग्य मिलता है। इस अवसर पर घाट पर श्रद्धालुओं का बड़ा हुजूम उमड़ा, जिससे पूरा क्षेत्र 'जय माँ नर्मदा' के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। मां नर्मदा के माहिष्मती घाट पर विशेष रूप से सजी पांच चौकियों – अमृता, रेवा, नर्मदा, शांकरी और मेकलसुता – पर विद्वानों की उपस्थिति में महाआरती उतारी गई। इस दौरान भक्तों ने मां नर्मदा के जल में आस्था के दीप प्रवाहित किए, जिससे नदी दीपों की झिलमिलाहट से पूरी तरह जगमगा उठी। महाआरती के दौरान नर्मदाष्टक, त्वदीय पाद पंकजम्, नमामि देवी नर्मदे के सस्वर पाठ के साथ 'ऊँ जय जगदीश हरे' की आरती ने उपस्थित जनसमुदाय को भाव-विभोर कर दिया। इस पुनीत आयोजन को लेकर सिंधी समाज के साथ-साथ नगर के सभी वर्गों में भारी उत्साह और उल्लास देखने को मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे प्रबुद्ध नागरिकों और मातृशक्ति ने इस आयोजन को श्रद्धा, भक्ति और आस्था का एक अनूठा संगम बताया। मुख्य अनुष्ठान के बाद, आयोजन समिति ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया। वक्ताओं ने इस पंचचौकी महाआरती को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवनदायिनी मां नर्मदा के प्रति कृतज्ञता और अनन्य भक्ति व्यक्त करने का एक पवित्र माध्यम बताया।1
- मध्य प्रदेश के गोटेगांव नगर में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने एक विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के तहत, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्कूटी वाहन, गैस टंकी और बैलगाड़ी के साथ नगर में एक रैली निकाली।2
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में एक जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें लाठी और फावड़े का खुलकर इस्तेमाल किया गया। इस विवाद के दौरान हुई मारपीट में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद से मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मारपीट होते हुए साफ देखा जा सकता है।1