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Subhash Chand
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- Post by Subhash Chand2
- नमस्कार, आप देख रहे हैं RPRNEWS TV DIGITAL… और इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है मथुरा से, जहां एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी है। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर थाना रिफाइनरी क्षेत्र के बरारी के पास हरियाणा रोडवेज बस और एक टेंपो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि टेंपो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि इस हादसे में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। सबसे गंभीर रूप से घायल ऑटो चालक रामसिंह, जो फरह के गड़ाया गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू किया। जानकारी के मुताबिक, टेंपो थाना फरह क्षेत्र का था और हादसा उस समय हुआ जब सभी वाहन मथुरा की ओर जा रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। ऐसी ही ताज़ा और विश्वसनीय खबरों के लिए जुड़े रहें RPRNEWS TV DIGITAL के साथ 👉 चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करना न भूलें1
- आगरा-दिल्ली हाइवे पर भीषण सड़क हादसा, हरियाणा रोडवेज नाम टेंपो में मारी टक्कर दर्जनों घायल1
- स्मार्ट मीटर और गैस सिलेंडर समस्या तथा ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग गोवर्धन तहसील के विभिन्न गांवों में समाजसेवियों और किसान नेताओं के जब जमीनी स्तर पहुंच कर देखा जा रहा है तो बहुत जनसमस्याओं का सामना करते हुए जनमानस परेशान है इस बात को लेकर समाजसेविका पूनम सिंह एडवोकेट ने स्मार्ट मीटर और गैस सिलेंडर की समस्या को किसानों एवं आमजन के एक बड़ा प्रभावित करने वाला मुद्दा बताया वही भारतीय किसान यूनियन मंच के जिला अध्यक्ष चौधरी नवल सिंह ने किसानों के ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से हुए नुक़सान पर दिया जाने वाला 2 हज़ार 4 रूप को ऊंट के मुंह में जीरा बताया और 40 से 50 हजार का उचित मुआवजा देने की मांग की है2
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- समाज सेविका पूनम सिंह ने #गोवर्धन क्षेत्र में #जनसंपर्क के दौरान #जनसमस्याओं और किसानो की समस्या को लेकर बातचीत देखिए ग्राउंड जीरो #राजू_कश्यप के साथ #govardhan #NewsUpdate #mathura #updatepost #news #up1
- बीएसए (पीजी) कॉलेज प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए सशर्त अनुमोदित प्रबंध समिति को कड़ी चेतावनी दी है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि समिति को कॉलेज के वित्तीय खातों के संचालन की अनुमति नहीं दी गई है और उन पर लगे गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भविष्य में दंडात्मक कार्रवाई का आधार बन सकते हैं। बताया गया कि बीएसए कॉलेज, मथुरा एक अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय है, जिसका संचालन पिछले लगभग डेढ़ दशक से एकल व्यवस्था के तहत चल रहा था। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की कुलपति द्वारा 17 अक्टूबर 2025 को 9 शर्तों के अधीन धीरेन्द्र कुमार अग्रवाल की प्रबंध समिति को सशर्त अनुमोदन दिया गया था। हालांकि, सैकड़ों करोड़ रुपये के कथित घोटालों की जांच के चलते यह प्रबंध समिति कॉलेज के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने से बचती रही। जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय से सहयोग की मांग के बावजूद गंभीर आरोपों के कारण उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। इस बीच, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर एसटीएफ आगरा यूनिट ने वित्तीय अनियमितताओं की जांच की, जिसमें प्रबंध समिति के पदाधिकारियों को दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट गृह विभाग को भेजते हुए वैधानिक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। वहीं, संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वारा की गई जांच में भी कॉलेज खातों से अवैध धन हस्तांतरण और भूमि के दुरुपयोग जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं। शासन को रिपोर्ट भेजकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जा चुकी है। ऑडिट रिपोर्टों में भी कई सौ करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है, जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर विशेष ऑडिट कराया गया। इसके अलावा, यह मामला विधान परिषद की संसदीय समिति में भी उठ चुका है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि प्रबंध समिति को अत्यंत सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि उनके खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं। साथ ही, राज्य सरकार, उच्च शिक्षा विभाग, विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन को कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र बताया गया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश में कहीं भी बैंक खातों के संचालन या वित्तीय अधिकारों की बहाली का निर्देश नहीं दिया गया है। साथ ही, लंबित जांच को दो माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। महाविद्यालय प्रशासन ने न्यायालय के इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट हो गया है कि प्रबंध समिति को फिलहाल वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए हैं और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।4
- Post by RPR NEWS TV1
- थाना महावन के गांव सोहरा में हुई ओलावृष्टि से फसल नुकसान का किसान को लगा सदमा, किसान की मौत; परिवार में कोहराम मथुरा। जनपद के थाना महावन क्षेत्र के गांव सोहरा में शुक्रवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जहां ओलावृष्टि से हुई फसल बर्बादी का सदमा एक किसान की जान ले गया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों में कोहराम मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव सोहरा निवासी जगदीश (पुत्र लोहोरे), जो चौपड़ वाले मोहल्ले के रहने वाले थे, शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे अपने खेत पर खड़ी फसल को देखने गए थे। हाल ही में जनपद में हुई ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसे देखकर वह गहरे सदमे में आ गए। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह खेत में ही गिर पड़े। परिजनों के अनुसार, उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि हृदय गति रुकने से उनकी मौत हुई। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जगदीश पिछले कई दिनों से फसल के नुकसान को लेकर काफी चिंतित और परेशान थे। वह रोज खेत पर जाते और मायूस होकर लौटते थे। परिजनों ने बताया कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार मुआवजे की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं मिली थी। घटना की खबर मिलते ही गांव में लोगों का जमावड़ा लग गया। हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध दिखाई दिया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। वहीं, शोकाकुल माहौल में परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से किसान का अंतिम संस्कार कर दिया।1