खैरथल-तिजारा जिले में सोमवार को गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत गौमाता के सम्मान एवं संरक्षण की मांग को लेकर एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान 6,17,843 नागरिकों के हस्ताक्षरों से युक्त समर्थन पत्र के साथ महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित प्रार्थना पत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया। पदयात्रा का शुभारंभ अग्रसेन चौक से नंदी महाराज की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यात्रा का नेतृत्व जगद्गुरु बालकाचार्य महाराज, पूज्य ऋषिदास महाराज, कृष्णदास महाराज, कालूदास महाराज, महंत अशोक कौशिक एवं महंत सीमा बाई के सानिध्य में किया गया। गौमाता एवं नंदी महाराज के साथ सैकड़ों गौभक्त, संत-महात्मा और सामाजिक कार्यकर्ता 'जय गौमाता' के जयघोष के बीच जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जिला प्रभारी देशपाल यादव ने बताया कि ज्ञापन के साथ 6,17,843 लोगों के हस्ताक्षरयुक्त समर्थन पत्र भी सौंपे गए हैं, जो जिले में गौ संरक्षण के प्रति जनभावना का सशक्त प्रमाण हैं। उन्होंने दावा किया कि खैरथल-तिजारा जिले ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक जनसमर्थन जुटाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ज्ञापन में गौमाता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने, देशभर में गौ संरक्षण के लिए समान कानून लागू करने, बड़े राज्यों में गौ अभ्यारण्य स्थापित करने तथा प्रत्येक तहसील स्तर पर गौशालाओं के विस्तार की मांग की गई है। पूर्व विधायक रामहेत यादव ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि समाज, पर्यावरण और राष्ट्रहित से जुड़ा जनआंदोलन है। पदयात्रा के दौरान पुनखर नस्ल की गौमाता एवं नंदी महाराज विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। शंखनाद, घंटों की ध्वनि और 'गोमाता की जय' के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम के अंत में जगद्गुरु बालकाचार्य महाराज ने अभियान की सफलता का श्रेय संतों के मार्गदर्शन, गौभक्तों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों, मीडिया कर्मियों एवं जिले की जनता के सहयोग को देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
खैरथल-तिजारा जिले में सोमवार को गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत गौमाता के सम्मान एवं संरक्षण की मांग को लेकर एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान 6,17,843 नागरिकों के हस्ताक्षरों से युक्त समर्थन पत्र के साथ महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित प्रार्थना पत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया। पदयात्रा का शुभारंभ अग्रसेन चौक से नंदी महाराज की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यात्रा का नेतृत्व जगद्गुरु बालकाचार्य महाराज, पूज्य ऋषिदास महाराज, कृष्णदास महाराज, कालूदास महाराज, महंत अशोक कौशिक एवं महंत सीमा बाई के सानिध्य में किया गया। गौमाता एवं नंदी महाराज के साथ सैकड़ों गौभक्त, संत-महात्मा और सामाजिक कार्यकर्ता 'जय गौमाता' के जयघोष के बीच जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जिला प्रभारी देशपाल यादव ने बताया कि ज्ञापन के साथ 6,17,843 लोगों के हस्ताक्षरयुक्त समर्थन पत्र भी सौंपे गए हैं, जो जिले में गौ संरक्षण के प्रति जनभावना का सशक्त प्रमाण हैं। उन्होंने दावा किया कि खैरथल-तिजारा जिले
ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक जनसमर्थन जुटाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ज्ञापन में गौमाता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने, देशभर में गौ संरक्षण के लिए समान कानून लागू करने, बड़े राज्यों में गौ अभ्यारण्य स्थापित करने तथा प्रत्येक तहसील स्तर पर गौशालाओं के विस्तार की मांग की गई है। पूर्व विधायक रामहेत यादव ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि समाज, पर्यावरण और राष्ट्रहित से जुड़ा जनआंदोलन है। पदयात्रा के दौरान पुनखर नस्ल की गौमाता एवं नंदी महाराज विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। शंखनाद, घंटों की ध्वनि और 'गोमाता की जय' के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम के अंत में जगद्गुरु बालकाचार्य महाराज ने अभियान की सफलता का श्रेय संतों के मार्गदर्शन, गौभक्तों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों, मीडिया कर्मियों एवं जिले की जनता के सहयोग को देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
- खैरथल-तिजारा जिले में सोमवार को गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत गौमाता के सम्मान एवं संरक्षण की मांग को लेकर एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान 6,17,843 नागरिकों के हस्ताक्षरों से युक्त समर्थन पत्र के साथ महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित प्रार्थना पत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया। पदयात्रा का शुभारंभ अग्रसेन चौक से नंदी महाराज की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यात्रा का नेतृत्व जगद्गुरु बालकाचार्य महाराज, पूज्य ऋषिदास महाराज, कृष्णदास महाराज, कालूदास महाराज, महंत अशोक कौशिक एवं महंत सीमा बाई के सानिध्य में किया गया। गौमाता एवं नंदी महाराज के साथ सैकड़ों गौभक्त, संत-महात्मा और सामाजिक कार्यकर्ता 'जय गौमाता' के जयघोष के बीच जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जिला प्रभारी देशपाल यादव ने बताया कि ज्ञापन के साथ 6,17,843 लोगों के हस्ताक्षरयुक्त समर्थन पत्र भी सौंपे गए हैं, जो जिले में गौ संरक्षण के प्रति जनभावना का सशक्त प्रमाण हैं। उन्होंने दावा किया कि खैरथल-तिजारा जिले ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक जनसमर्थन जुटाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ज्ञापन में गौमाता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने, देशभर में गौ संरक्षण के लिए समान कानून लागू करने, बड़े राज्यों में गौ अभ्यारण्य स्थापित करने तथा प्रत्येक तहसील स्तर पर गौशालाओं के विस्तार की मांग की गई है। पूर्व विधायक रामहेत यादव ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि समाज, पर्यावरण और राष्ट्रहित से जुड़ा जनआंदोलन है। पदयात्रा के दौरान पुनखर नस्ल की गौमाता एवं नंदी महाराज विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। शंखनाद, घंटों की ध्वनि और 'गोमाता की जय' के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम के अंत में जगद्गुरु बालकाचार्य महाराज ने अभियान की सफलता का श्रेय संतों के मार्गदर्शन, गौभक्तों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों, मीडिया कर्मियों एवं जिले की जनता के सहयोग को देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।2
- खैरथल जिला मुख्यालय संघर्ष समिति का धरना-प्रदर्शन आज 353वें दिन भी जारी रहा। भारी बारिश के बावजूद संघर्ष समिति के लोग अपने जज्बे से डटे रहे। इस धरने ने बरसात, सर्दी और गर्मी, तीनों मौसम की मार झेली है। खैरथल और आसपास के लोग रोजाना नियमित रूप से इस धरना-प्रदर्शन में शामिल होते हैं। आज भी तेज बारिश में संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य शिवचरण गुप्ता, गिरीश डाटा, विक्रम सिंह चौधरी (विक्की), सर्वेश गुप्ता, दीपक चौधरी, महेन्द्र जाॅगिड, मातादीन बिसारिया, प्रमोद ठेकेदार, श्याम लाल शर्मा, जमालू, रामस्वरूप योगी, निरज तवरं, पूर्ण, हिमांशु भारद्वाज, प्रकाश दादानी, वेदप्रकाश कौशिक, ताराचंद, अशोक कुमार आदि सभी मौजूद रहे।1
- राजस्थान के अलवर जिले के मुंडावर उपखंड के गांवों की हालत स्वच्छ भारत मिशन और विकास के दावों की पोल खोल रही है। यहां के गांवों में सफाई का नामोनिशान तक नहीं है। ग्राम पंचायत गादली व गादुवास, करणीकोट, हटूंडी, शामदा, झझारपुर, पीपली, पदमाडा, जसाई, सराय कला, रामबास, गोपीपुरा, ततारपुर, पेहल, बधीन और अन्य ग्रामीण पंचायतों की हालत बद से बदतर है। बारिश के दिनों में महामारी फैलने का खतरा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। उन्हें रोजाना कीचड़ से होकर गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही गलियां तालाब जैसी बन जाती हैं। सड़क पर पानी और कीचड़ जमा रहने से बुजुर्ग चोटिल हो चुके हैं। स्कूल के बच्चों और महिलाओं के दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकलने में भी परेशानी हो रही है।1
- अलवर के ग्राम बगड़ राजपूत से आज पैदल कांवड़ियों का एक दल विधि व्रत पूजा कर बाबा संतोषी नाथ की बगीची से हरिद्वार के लिए रवाना हुआ। ग्रामीणों ने डीजे के साथ उनका सम्मानपूर्वक विदा किया। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जयपुर संभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रोहिताश कुमार जाटव ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 10 कांवड़िए गांव से हरिद्वार के लिए गए हैं। इस अवसर पर राजू, शंकर, रामवीर, राजेश, चरण सिंह, गोपालीराम, सुरेंद्र, योगी आदि लोग मौजूद रहे।4
- तिजारा के जैन मैरिज होम में महाराजा दक्ष प्रजापति जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिल्डर टोनी प्रजापत ने समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित किया।1
- किशनगढ़बास के मोठुका गांव की पहाड़ियों में घायल अवस्था में मिले राष्ट्रीय पक्षी मोर को संयुक्त प्रयासों से सुरक्षित रेस्क्यू कर उसकी जान बचाई गई है। भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष राजू यादव, वन रक्षक राजकुमार और कन्हैया लाल ने मिलकर इस रेस्क्यू अभियान को सफल बनाया। मोर के घायल होने की सूचना मिलते ही तीनों तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बेहद सावधानीपूर्वक मोर को पहाड़ियों से सुरक्षित बाहर निकाला और उपचार के लिए पशु चिकित्सक के पास पहुंचाया।1
- अलवर जिले के बानसूर क्षेत्र के गिरुड़ी गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई। 53 वर्षीय रामवतार स्वामी अपने खेत पर सिंचाई के लिए मोटर चालू करने गए थे। इसी दौरान वे बिजली के करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े। करीब आधे घंटे बाद जब परिजन चाय लेकर खेत पहुंचे, तो रामवतार स्वामी को कुएं के पास अचेत अवस्था में पड़ा देखा। परिजनों ने तत्काल आसपास के लोगों को सूचना दी। ग्रामीणों की मदद से उन्हें बानसूर उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। रामवतार स्वामी परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनके पिता और दो बड़े भाइयों का पहले ही निधन हो चुका था, जिसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल व मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।1