*कुड़वार बाजार में भीषण जाम: आधे घंटे से फंसे लोग, प्रशासन नदारद* *कुड़वार* बाजार में सोमवार को साप्ताहिक बाजार के दौरान भीषण जाम की स्थिति पैदा हो गई, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। बाजार में मौजूद लोगों के अनुसार, राहगीर लोग पिछले आधे घंटे से जाम में फंसे हुए हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने बताया कि सोमवार और शुक्रवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दिनों में अक्सर यही हाल रहता है। भारी वाहनों के बाजार के अंदर प्रवेश करने से सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शासन-प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजार के दिनों में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए, ताकि इस तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद मौके पर कहीं भी प्रशासनिक अमला नजर नहीं आया। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।
*कुड़वार बाजार में भीषण जाम: आधे घंटे से फंसे लोग, प्रशासन नदारद* *कुड़वार* बाजार में सोमवार को साप्ताहिक बाजार के दौरान भीषण जाम की स्थिति पैदा हो गई, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। बाजार में मौजूद लोगों के अनुसार, राहगीर लोग पिछले आधे घंटे से जाम में फंसे हुए हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने बताया कि सोमवार और शुक्रवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दिनों में अक्सर यही हाल रहता है। भारी वाहनों के बाजार के अंदर प्रवेश करने से सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शासन-प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजार के दिनों में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए, ताकि इस तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद मौके पर कहीं भी प्रशासनिक अमला नजर नहीं आया। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।
- *कुड़वार बाजार में भीषण जाम: आधे घंटे से फंसे लोग, प्रशासन नदारद* *कुड़वार* बाजार में सोमवार को साप्ताहिक बाजार के दौरान भीषण जाम की स्थिति पैदा हो गई, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। बाजार में मौजूद लोगों के अनुसार, राहगीर लोग पिछले आधे घंटे से जाम में फंसे हुए हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने बताया कि सोमवार और शुक्रवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दिनों में अक्सर यही हाल रहता है। भारी वाहनों के बाजार के अंदर प्रवेश करने से सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शासन-प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजार के दिनों में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए, ताकि इस तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद मौके पर कहीं भी प्रशासनिक अमला नजर नहीं आया। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।1
- सुलतानपुर के जयसिंहपुर तहसील में गो माता को राष्ट्र माता घोषित किये जाने जाने की मांग को लेकर हिंदू संगठनओं ने जोरदार पहल की है जय सिंहपुर में उप जिला अधिकारी को एक विसत्रित ज्ञापन सौंप कर इस विषय में ठोस कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में संगठनओं ने मांग की है की गऊ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए तथा उनके संरक्षण और देखरेख के लिए एक सख्त और प्रभावी कानून बनाया जाए गो हत्या बंद हो इस दौरान बताया गया की गो संरक्षण के लिए स्पष्ट नीति और व्यवस्था जरूरी है जिससे गोवंश की सुरक्षा सूनिश्चित हो सके। सनातनी सुरेंद्र यादव सूर श्याम त्रिपाठी प्राचार्य सरस्वती विद्या मंदिर धनपतगंज विश्व हिन्दू परिषद विद्यार्थी संपर्क प्रमुख राघवेंद्र मिश्रा अनमोल सचिन यादव अंकित यादव सूरज हर्षित पुष्कर त्रिपाठी आलोक पांडे आदि भारी संख्या में हिंदू संगठनों के लोग मौजूद रहे।1
- जयसिंहपुर में निराश्रित गौवंश की बढ़ती समस्या और गौशालाओं की अव्यवस्थाओं को लेकर गुरुकुल वेद वेदांग विद्यापीठ, धनपतगंज के ब्रह्मचारियों ने सोमवार को जयसिंहपुर तहसील परिसर में प्रदर्शन कर तहसीलदार मयंक मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने गौ संरक्षण के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाने के साथ गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग की। अभियान का नेतृत्व कर रहे आशुतोष जायसवाल ने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम आधार है, लेकिन सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशु दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। विनय त्रिपाठी ने गौशालाओं की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए उनके सुदृढ़ीकरण और स्थायी आश्रय की व्यवस्था की मांग की। डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने इसे पर्यावरण और ग्रामीण जीवन से जुड़ा मुद्दा बताया। इस दौरान ब्रह्मचारिणियों ने स्लोगन लिखकर जागरूकता फैलाई और पंपलेट बांटकर लोगों से अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।4
- लम्भुआ, सुल्तानपुर। लम्भुआ बाजार में लगने वाला रोज़ाना का जाम अब आम लोगों की नियति बन चुका है। “आम के आम, गुठलियों के दाम” वाली कहावत यहां चरितार्थ होती दिख रही है—जहां एक तरफ दुकानदार सड़क तक कब्जा कर मुनाफा कमा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राहगीर जाम और धूप में पिसने को मजबूर हैं।चौकिया मोड़, दियरा तिराहा और सर्वोदय चौराहा—इन प्रमुख स्थानों पर हालात यह हैं कि “सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे” की तर्ज पर पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। मोड़ के ठीक पास ऑटो, टैक्सी और बैटरी रिक्शा खड़े रहते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और जाम लगना तय हो जाता है।पत्रकारों द्वारा कई बार खबरें प्रकाशित की गईं, लेकिन “ढाक के तीन पात” वाली स्थिति बनी हुई है—न कोई ठोस कार्रवाई, न ही कोई स्थायी समाधान।सड़क पर दुकान, जिम्मेदार कौन?करीब एक वर्ष पूर्व आदेश जारी हुआ था कि कोई भी दुकानदार नाली के आगे दुकान नहीं लगाएगा, अन्यथा चालान किया जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसी कार्रवाई भी नहीं हुई।एनएच-56 तक दुकानदारों ने अपना सामान फैला रखा है। स्थाई दुकानदार अपने कमरों से निकलकर सड़क तक कब्जा किए हुए हैं, और जो थोड़ी जगह बचती है, वहां ठेला-खुमचा वाले अपना जीवन यापन कर रहे हैं। *वसूली का खेल?* एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर खुलासा किया—“हमसे नियमित वसूली होती है, इसलिए हम जहां चाहें दुकान लगा लेते हैं, कोई कुछ नहीं कहता।”इस बयान के बाद “चोर की दाढ़ी में तिनका” वाली कहावत चरितार्थ होती दिख रही है। स्थानीय हल्का दरोगा, सिपाही और कथित तौर पर एक व्यक्ति धीरज कुमार संदेह के घेरे में हैं।जनता त्रस्त, पुलिस गायब रविवार को सर्वोदय चौराहे से लेकर चौकिया रोड तक पूरे दिन जाम लगा रहा, लेकिन “नौ दिन चले अढ़ाई कोस” की तरह एक भी पुलिसकर्मी जाम खुलवाने नहीं पहुंचा। चिलचिलाती धूप में लोग घंटों फंसे रहे।स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सड़क पर कब्जा हटाने और वाहनों को व्यवस्थित खड़ा कराने से जाम खत्म हो सकता है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही लोगों ने यह भी कहा कि जिले की सख्त छवि वाली पुलिस अधीक्षक की व्यवस्था भी लम्भुआ में “बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद” जैसी साबित हो रही है।लम्भुआ का जाम अब सिर्फ यातायात की समस्या नहीं, बल्कि व्यवस्था पर सवाल है। जब तक “लाठी भी न टूटे और सांप भी मर जाए” की मानसिकता से बाहर निकलकर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आम जनता यूं ही जाम में पिसती रहेगी।3
- *ट्रैफिक इंचार्ज ने की अभद्रता, होमगार्ड,पीआरडी जवानों ने एसपी से की शिकायत* सुल्तानपुर।जिले में भीषण गर्मी में यातायात व्यवस्था संभाल रहे होमगार्ड व पीआरडी जवानों से यातायात निरीक्षक द्वारा गाली गलौज से बात करने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित जवानों ने एसपी आवास पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। बता दे कि नगर क्षेत्र में यातायात की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए यातायात आरक्षियों व उपनिरीक्षको के साथ होम गार्ड व पीआरडी के जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है।व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिले के जवान दिन भर कड़ी धूप में सड़कों पर खड़े होकर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित कराते है।लेकिन आरोप है कि यातायात निरीक्षक राम निरंजन यादव द्वारा सभी प्रांतीय रक्षक बल के जवानों से गाली देकर बात की जाती है। गाली गलौज से नाराज प्रांतीय रक्षक दल के जवान दर्जनों की संख्या में सोमवार को एसपी आवास पहुंचे। जहां पर क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सामंत ने उनकी शिकायत सुनकर कड़ी कार्यवाही का आश्वासन दिया।जवानों ने बताया कि ड्यूटी करने के बाद भी गाली देकर धमकी दी जाती है।1
- अग्नि पीड़ितो की किया मदद अमेठी स्थानीय विकासखंड के अंतर्गत हीरमती शाह मजरे मोचवा गांव में आग लगने से दर्जनों परिवार बेघर हो गए थे उनकी सहायता के लिए समाजसेवी आगे आए हैं सोमवार को भाजपा नेता अमरेंद्र सिंह पिंटू अग्नि पीड़ितो के घर जाकर उनके आंसू पोछे उन्हें एक महीने का राशन किट दूध पाउडर पशुओं के लिए भूसा चारे की व्यवस्था किया श्री सिंह ने बताया इस गांव के एक दर्जनों परिवार बेघर हो गए हैं उनके छप्पर खाद्यान्न आ ग की भेंट चढ़ गए थे उनके खाद्यान्न पशु चारा सब नष्ट हो गया है वे लोगों से अपील किया की सभी अग्नि पीड़ितो की मदद करें उपजिलाधिकारी से बात करके पीड़ितों को मदद दिलाने का भी आश्वासन दिया आशुतोष राणा विजयपाल उपाध्याय सहित दर्जनों लोग थे1
- अमेठी जनपद में एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (AIDA) की जिला इकाई ने व्यापारियों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi को संबोधित ज्ञापन सौंपकर कृषि आदान (खाद, बीज और कीटनाशक) कारोबार से जुड़े खुदरा विक्रेताओं की समस्याओं के समाधान की मांग की। जिला अध्यक्ष विजय कुमार शुक्ल के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान व्यवस्था में छोटे व्यापारियों को कई तरह की आर्थिक और तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। एसोसिएशन ने प्रमुख रूप से उर्वरकों की डोर-स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि यूरिया, डीएपी, एनपीके और एमओपी जैसे उर्वरकों के परिवहन का भार खुदरा विक्रेताओं पर पड़ रहा है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही डीलर मार्जिन में बढ़ोतरी की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई। व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, किराया और बिजली खर्च के बावजूद मार्जिन वर्षों से स्थिर है, जिसे तत्काल बढ़ाना जरूरी है। कीटनाशक दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी एसोसिएशन ने अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि यदि किसी उत्पाद का नमूना फेल होता है तो केवल खुदरा विक्रेता को जिम्मेदार न ठहराया जाए, बल्कि निर्माता कंपनियों की जवाबदेही तय की जाए। इसके अलावा ‘साथी पोर्टल’ की जटिल प्रक्रिया को छोटे बीज विक्रेताओं के लिए सरल बनाने या इसकी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग भी रखी गई, ताकि व्यापार करना आसान हो सके। इस दौरान जिला महामंत्री राम किशोर त्रिवेदी, उपाध्यक्ष राम किंकर त्रिपाठी, गौरव सिंह, सूबेदार सिंह और कोषाध्यक्ष यतेंद्र प्रताप त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।3
- जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत सेमरीबाजार में उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब मुख्य मार्ग पर भीषण जाम लग गया देखते-देखते गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा स्थानीय लोगों के अनुसार बाजार में अव्यवस्थित पार्किंग सड़क के किनारें ठेलों की भरमार और बढ़ती भीड़ जाम का मुख्य कारण बना स्थिति इतनी बिगड़ गई की पैदल चलना मुश्किल हो गया कई लोग वैकल्पिक रास्ते खोजते नजर आए व्यापारियों का कहना है कि आए दिन लगने वाले जाम से न केवल आमजन परेशान है बल्कि व्यापारियों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।1