झंझारपुर-लौकहा रेलखंड के अंधराठाढ़ी स्थित वाचस्पति नगर रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक बड़ा रेल हादसा टल गया। स्टेशन कर्मियों की मुस्तैदी और स्टेशन मास्टर नीरज झा की त्वरित सूझबूझ के कारण पटरी पर सोए एक व्यक्ति को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम को रेल ट्रैक पर एक व्यक्ति को लेटा देखकर वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर नीरज झा को दी गई, जिसके बाद उन्होंने बिना समय गंवाए खुद मौके पर पहुंचकर ट्रैक पर लेटे व्यक्ति को काफी देर तक समझाया-बुझाया। समझाने के बाद, वे उसे पटरी से हटाकर सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर लेकर आए। इस दौरान स्टेशन परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। स्टेशन मास्टर नीरज झा ने बताया कि पूछताछ के दौरान उक्त व्यक्ति ने अपनी पहचान उजागर करते हुए कहा कि उसे बड़हारा जाने वाली ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन अत्यधिक धूप और भीषण गर्मी के कारण अचानक उसका सिर चकरा गया और उसे चक्कर आ गया। अचेत अवस्था में वह अनजाने में रेल लाइन पर चला गया और वहीं सो गया। इसके बाद रेलवे कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित व्यक्ति को सुरक्षित प्रतीक्षालय में पहुंचाया, जहां उसे पानी दिया गया और उसकी उचित देखभाल की गई। स्टेशन मास्टर ने बाद में पुष्टि की कि व्यक्ति अब पूरी तरह सुरक्षित है। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि कुछ ही देर में झंझारपुर से लौकहा की ओर जाने वाली ट्रेन वहां से गुजरने वाली थी। लोगों ने स्टेशन प्रशासन की इस सतर्कता और मानवीय सूझबूझ की जमकर सराहना की है, क्योंकि यदि सही समय पर रेलवे कर्मचारियों की नजर उस व्यक्ति पर नहीं पड़ती, तो एक बेहद दर्दनाक दुर्घटना घट सकती थी।
झंझारपुर-लौकहा रेलखंड के अंधराठाढ़ी स्थित वाचस्पति नगर रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक बड़ा रेल हादसा टल गया। स्टेशन कर्मियों की मुस्तैदी और स्टेशन मास्टर नीरज झा की त्वरित सूझबूझ के कारण पटरी पर सोए एक व्यक्ति को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम को रेल ट्रैक पर एक व्यक्ति को लेटा देखकर वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर नीरज झा को दी गई, जिसके बाद उन्होंने बिना समय गंवाए खुद मौके पर पहुंचकर ट्रैक पर लेटे व्यक्ति को काफी देर तक समझाया-बुझाया। समझाने के बाद, वे उसे पटरी से हटाकर सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर लेकर आए। इस दौरान स्टेशन परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। स्टेशन मास्टर नीरज झा ने बताया कि पूछताछ के दौरान उक्त व्यक्ति ने अपनी पहचान उजागर करते हुए कहा कि उसे बड़हारा जाने वाली ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन अत्यधिक धूप और भीषण गर्मी के कारण अचानक उसका सिर चकरा गया और उसे चक्कर आ गया। अचेत अवस्था में वह अनजाने में रेल लाइन पर चला गया और वहीं सो गया। इसके बाद रेलवे कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित व्यक्ति को सुरक्षित प्रतीक्षालय में पहुंचाया, जहां उसे पानी दिया गया और उसकी उचित देखभाल की गई। स्टेशन मास्टर ने बाद में पुष्टि की कि व्यक्ति अब पूरी तरह सुरक्षित है। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि कुछ ही देर में झंझारपुर से लौकहा की ओर जाने वाली ट्रेन वहां से गुजरने वाली थी। लोगों ने स्टेशन प्रशासन की इस सतर्कता और मानवीय सूझबूझ की जमकर सराहना की है, क्योंकि यदि सही समय पर रेलवे कर्मचारियों की नजर उस व्यक्ति पर नहीं पड़ती, तो एक बेहद दर्दनाक दुर्घटना घट सकती थी।
- मुहर्रम-2026 के मद्देनजर मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी में प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय दिखाई दे रहा है। आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से, शनिवार को अंधराठाढ़ी थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, मुहर्रम कमेटी के सदस्यों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। बैठक के दौरान, प्रशासन ने पर्व को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।1
- दरभंगा जिले के पुतई वार्ड-1 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आज एक एलएस द्वारा निरीक्षण किया गया, लेकिन इस पर बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसे निरीक्षणों में क्या देखा जाता है। यह प्रश्न उठाया गया है कि यदि सही तरीके से निरीक्षण होता, तो केंद्र में पिछले एक साल से बिजली कटी होने और स्मार्ट मीटर रिचार्ज न होने जैसी समस्याएँ अब तक हल हो चुकी होतीं। ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें बच्चों के भोजन में कटौती करना, खाद्य सामग्री को बाहर भेज देना, एक केले को कई बच्चों में बांटना और बच्चों को नियमित रूप से दूध न देना शामिल है। इन आरोपों को बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा गया है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि यदि बच्चों को दूषित या पर्याप्त भोजन नहीं मिला और कोई बच्चा बीमार पड़ गया, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, और क्या हमारे बच्चे वास्तव में सुरक्षित हैं। संबंधित विभाग, सीडीपीओ, एलएस और प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की गई है।1
- मधुबनी जिले में कमला नदी का जलस्तर नेपाल में हुई बारिश के बाद अचानक काफी बढ़ गया है, जिससे दोनों तटबंधों के बीच रहने वाले लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। नदी के जलस्तर में यह बढ़ोतरी बरसात के मौसम का पहला आगमन मानी जाती है, और इसी कारण से तटबंधों के बीच रहने वाली आबादी में डर का माहौल व्याप्त हो गया है। हालांकि, इस क्षेत्र में एक पुरानी परंपरा भी चली आ रही है, जहाँ मवेशी लाने वाले लोगों में फसलों पर मवेशियों के चढ़ने को लेकर एक तरह का उत्साह देखा जाता है ताकि लगाई गई फसलें मवेशियों से क्षतिग्रस्त हो सकें। इसी परंपरा के कारण, तटबंधों के बीच रहने वाले लोग अपनी जगह को कभी छोड़ना नहीं चाहते, बावजूद इसके कि वर्तमान में लोगों के बीच गहरा डर का माहौल बना हुआ है।3
- विधायक माधव आनंद ने पाँच सड़क निर्माण योजनाओं का उद्घाटन किया है।1
- मधुबनी जिले के बिस्फी विधानसभा क्षेत्र स्थित सतघड़ा गांव के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, जहाँ PINKU HARDWARE का औपचारिक रूप से शुभारंभ हो गया है। यह नई दुकान सतघड़ा में स्थानीय स्तर पर हार्डवेयर, प्लास्टिक सामग्री, पेंट एवं घर-निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक सामान उपलब्ध कराएगी।1
- बिहार के गया जिले की पवित्र भूमि पर आयोजित एक कार्यक्रम में ग्राम रक्षा दल के नौजवानों को संबोधित किया गया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने युवाओं में जबरदस्त जोश और उत्साह का संचार किया। कार्यक्रम स्थल 'जय हो ग्राम रक्षा दल, विजय हो ग्राम रक्षा दल' जैसे जोशीले नारों से पूरी तरह गूंज उठा।1
- बहुअरवा की मुख्य सड़क की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ हल्की सी बारिश ने ही स्थिति को बद से बदतर कर दिया है। बहुअरवा के युवाओं द्वारा भेजे गए वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि कीचड़, जलजमाव और जगह-जगह टूट चुकी सड़क के कारण लोगों का आवागमन अत्यंत मुश्किल हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग घायल हो चुके हैं और कुछ परिवारों ने तो अपने प्रियजनों को भी खो दिया है। बहुअरवा की जनता अब जनप्रतिनिधियों – विधायक, सांसद और सरकार – से सवाल कर रही है कि वे आखिर कब इस गंभीर समस्या की जिम्मेदारी लेंगे। जनता स्पष्ट करती है कि उन्हें अब केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहिए। इस आवाज को जिम्मेदार लोगों तक पहुँचाने के लिए इसे और आगे बढ़ाने की अपील की गई है।1
- झंझारपुर अनुमंडल के लखनौर थाना क्षेत्र अंतर्गत तमुरिया पंचायत के बौदराही गांव में रविवार रात एक शादी समारोह की खुशियां अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गईं। कुछ असामाजिक तत्वों ने पंडाल में घुसकर जमकर मारपीट और तोड़फोड़ की, जिसके बाद बारात में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत खाना खाने के दौरान हुई बहस से हुई थी। इसी बीच, मुहर्रम खेल कर लौट रहे कुछ उपद्रवी तत्व शादी समारोह में घुस आए और बारातियों पर हमला कर दिया। उपद्रवियों ने न सिर्फ लोगों को पीटा, बल्कि बारातियों को लेकर आईं कई गाड़ियों के शीशे भी रोड़ेबाजी कर तोड़ डाले। इस हमले में आधा दर्जन से अधिक लोग जख्मी हुए हैं, जो स्थानीय स्तर पर अपना इलाज करवा रहे हैं। कुछ बारातियों के मोबाइल फोन भी छीन लिए जाने की बात सामने आई है। रुद्रपुर थाना क्षेत्र के महरैल गांव निवासी मो० सलामत मंसूरी के पुत्र की बारात बौदराही गांव आई थी, जिसके बाराती हमले के बाद जान बचाने के लिए विवाह स्थल से भागकर कई किलोमीटर पैदल चलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। मामले को लेकर लखनौर के थानाध्यक्ष बेमिसाल कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस को अब तक कोई लिखित शिकायत या आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम बौदराही गांव पहुंचकर जांच में जुट गई है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर पहलू को खंगाला जा रहा है।1