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मधुबनी जिले में कमला नदी का जलस्तर नेपाल में हुई बारिश के बाद अचानक काफी बढ़ गया है, जिससे दोनों तटबंधों के बीच रहने वाले लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। नदी के जलस्तर में यह बढ़ोतरी बरसात के मौसम का पहला आगमन मानी जाती है, और इसी कारण से तटबंधों के बीच रहने वाली आबादी में डर का माहौल व्याप्त हो गया है। हालांकि, इस क्षेत्र में एक पुरानी परंपरा भी चली आ रही है, जहाँ मवेशी लाने वाले लोगों में फसलों पर मवेशियों के चढ़ने को लेकर एक तरह का उत्साह देखा जाता है ताकि लगाई गई फसलें मवेशियों से क्षतिग्रस्त हो सकें। इसी परंपरा के कारण, तटबंधों के बीच रहने वाले लोग अपनी जगह को कभी छोड़ना नहीं चाहते, बावजूद इसके कि वर्तमान में लोगों के बीच गहरा डर का माहौल बना हुआ है।
तेज नारायण ब्रम्हर्षी
मधुबनी जिले में कमला नदी का जलस्तर नेपाल में हुई बारिश के बाद अचानक काफी बढ़ गया है, जिससे दोनों तटबंधों के बीच रहने वाले लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। नदी के जलस्तर में यह बढ़ोतरी बरसात के मौसम का पहला आगमन मानी जाती है, और इसी कारण से तटबंधों के बीच रहने वाली आबादी में डर का माहौल व्याप्त हो गया है। हालांकि, इस क्षेत्र में एक पुरानी परंपरा भी चली आ रही है, जहाँ मवेशी लाने वाले लोगों में फसलों पर मवेशियों के चढ़ने को लेकर एक तरह का उत्साह देखा जाता है ताकि लगाई गई फसलें मवेशियों से क्षतिग्रस्त हो सकें। इसी परंपरा के कारण, तटबंधों के बीच रहने वाले लोग अपनी जगह को कभी छोड़ना नहीं चाहते, बावजूद इसके कि वर्तमान में लोगों के बीच गहरा डर का माहौल बना हुआ है।
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- पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष और अब तक की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की है। एडीजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस के लिए एनकाउंटर कभी भी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं होती, लेकिन जब पुलिसकर्मियों की जान पर खतरा मंडरा रहा हो, तो आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस में कानून के तहत गोली चलाने का अधिकार पुलिस के पास सुरक्षित है। इस पूरे मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही को लेकर भी बड़ा एक्शन लिया गया है। एडीजी ने बताया कि 16 तारीख को जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, तब अभियुक्त को ठीक से नियंत्रित नहीं किया जा सका, जो एक गंभीर लापरवाही थी। इस आरोप में एक एसएचओ (थाना प्रभारी), दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कॉन्स्टेबल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें दो एफआईआर (नंबर 169/26 और 170/26) दर्ज की गई हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर से डीआईजी शाहाबाद को इस पूरे मामले के पर्यवेक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अधिकृत किया गया है, जो एफएसएल और आधुनिक तकनीकों की मदद से जांच को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया गया है। चूंकि यह मामला अब पूरी तरह सब-जुडिस है और न्यायिक जांच के दायरे में है, इसलिए पुलिस ने आगे किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।1
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- विश्व संगीत दिवस की पूर्व संध्या पर मधुबनी में मैथिल परशुराम सेना के तत्वावधान में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर, कला और संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मिथिला के कई प्रतिष्ठित कलाकारों को सम्मानित किया गया। समारोह में कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को संगीत, संस्कृति और लोक परंपरा के रंगों से भर दिया, जिससे मिथिला की गौरवशाली परंपरा का उत्सव मना। कार्यक्रम में बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के पदाधिकारी नीतीश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने मैथिल परशुराम सेना की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मिथिला का पहला ऐसा संगठन है जिसने मैथिली भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से कलाकारों को सम्मानित कर एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। नीतीश कुमार ने आगे कहा कि ऐसे आयोजन मैथिली भाषा, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे और उन्हें एक विशिष्ट पहचान दिलाएंगे।1
- झंझारपुर अनुमंडल के लखनौर थाना क्षेत्र अंतर्गत तमुरिया पंचायत के बौदराही गांव में रविवार रात एक शादी समारोह की खुशियां अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गईं। कुछ असामाजिक तत्वों ने पंडाल में घुसकर जमकर मारपीट और तोड़फोड़ की, जिसके बाद बारात में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत खाना खाने के दौरान हुई बहस से हुई थी। इसी बीच, मुहर्रम खेल कर लौट रहे कुछ उपद्रवी तत्व शादी समारोह में घुस आए और बारातियों पर हमला कर दिया। उपद्रवियों ने न सिर्फ लोगों को पीटा, बल्कि बारातियों को लेकर आईं कई गाड़ियों के शीशे भी रोड़ेबाजी कर तोड़ डाले। इस हमले में आधा दर्जन से अधिक लोग जख्मी हुए हैं, जो स्थानीय स्तर पर अपना इलाज करवा रहे हैं। कुछ बारातियों के मोबाइल फोन भी छीन लिए जाने की बात सामने आई है। रुद्रपुर थाना क्षेत्र के महरैल गांव निवासी मो० सलामत मंसूरी के पुत्र की बारात बौदराही गांव आई थी, जिसके बाराती हमले के बाद जान बचाने के लिए विवाह स्थल से भागकर कई किलोमीटर पैदल चलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। मामले को लेकर लखनौर के थानाध्यक्ष बेमिसाल कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस को अब तक कोई लिखित शिकायत या आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम बौदराही गांव पहुंचकर जांच में जुट गई है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर पहलू को खंगाला जा रहा है।1