मध्य प्रदेश के खंडवा और बुरहानपुर जिले के कोरकू समाज के हजारों नागरिकों और वन सुरक्षा समितियों के सदस्यों ने वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की वन विभाग की कार्रवाई का समर्थन किया है। समाज के प्रतिनिधियों ने "जंगल है तो जीवन है" और "तीर गोफन खाएंगे, जंगल हम बचाएंगे" जैसे नारे लगाते हुए स्टेडियम ग्राउंड पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट श्री बजरंग बहादुर सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह कदम उन्होंने जंगल बचाने और वनवासियों के पारंपरिक निस्तार अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया है। खालवा विकासखंड के ग्राम ताल्याधड़ निवासी धारासिंह ने बताया कि वन भूमि पर लगातार अवैध अतिक्रमण होने से जंगलों का दायरा घटा है और वन्य जीवों के आवास नष्ट हुए हैं, जिससे कोरकू समाज के पारंपरिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने भिलायीखेड़ा सहित अन्य स्थानों पर वन विभाग द्वारा की गई अतिक्रमण-रोधी कार्रवाई का पूरा समर्थन किया। वहीं, पन्नालाल, हजारी और अन्य वनवासियों ने मांग की है कि भविष्य में भी बिना किसी दबाव के ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए और बेहतर कार्य करने वाले वन कर्मियों व सहयोगी ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वनवासी श्री मानक लाल ने जोर देकर कहा कि कोरकू समाज का अस्तित्व, संस्कृति और आजीविका सदियों से वनों पर टिकी है। उन्होंने खंडवा और बुरहानपुर की समस्त वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने, और खाली कराई गई भूमि पर दोबारा कब्जा रोकने के लिए पौधरोपण, गश्त, सुरक्षा चौकी, ट्रेंच और वॉच टॉवर जैसी व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल देने तथा वन कर्मियों पर हमला करने वालों व वन अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की।
मध्य प्रदेश के खंडवा और बुरहानपुर जिले के कोरकू समाज के हजारों नागरिकों और वन सुरक्षा समितियों के सदस्यों ने वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की वन विभाग की कार्रवाई का समर्थन किया है। समाज के प्रतिनिधियों ने "जंगल है तो जीवन है" और "तीर गोफन खाएंगे, जंगल हम बचाएंगे" जैसे नारे लगाते हुए स्टेडियम ग्राउंड पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट श्री बजरंग बहादुर सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह कदम उन्होंने जंगल बचाने और वनवासियों के पारंपरिक निस्तार अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया है। खालवा विकासखंड के ग्राम ताल्याधड़ निवासी धारासिंह ने बताया कि वन भूमि पर लगातार अवैध अतिक्रमण होने से जंगलों का दायरा घटा है और वन्य जीवों के आवास नष्ट हुए हैं, जिससे कोरकू समाज के पारंपरिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने भिलायीखेड़ा सहित अन्य स्थानों पर वन विभाग द्वारा की गई अतिक्रमण-रोधी कार्रवाई का पूरा समर्थन किया। वहीं, पन्नालाल, हजारी और अन्य वनवासियों ने मांग की है कि भविष्य में भी बिना किसी दबाव के ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए और बेहतर कार्य करने वाले वन कर्मियों व सहयोगी ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वनवासी श्री मानक लाल ने जोर देकर कहा कि कोरकू समाज का अस्तित्व, संस्कृति और आजीविका सदियों से वनों पर टिकी है। उन्होंने खंडवा और बुरहानपुर की समस्त वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने, और खाली कराई गई भूमि पर दोबारा कब्जा रोकने के लिए पौधरोपण, गश्त, सुरक्षा चौकी, ट्रेंच और वॉच टॉवर जैसी व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल देने तथा वन कर्मियों पर हमला करने वालों व वन अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की।
- मध्य प्रदेश के खंडवा और बुरहानपुर जिले के कोरकू समाज के हजारों नागरिकों और वन सुरक्षा समितियों के सदस्यों ने वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की वन विभाग की कार्रवाई का समर्थन किया है। समाज के प्रतिनिधियों ने "जंगल है तो जीवन है" और "तीर गोफन खाएंगे, जंगल हम बचाएंगे" जैसे नारे लगाते हुए स्टेडियम ग्राउंड पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट श्री बजरंग बहादुर सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह कदम उन्होंने जंगल बचाने और वनवासियों के पारंपरिक निस्तार अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया है। खालवा विकासखंड के ग्राम ताल्याधड़ निवासी धारासिंह ने बताया कि वन भूमि पर लगातार अवैध अतिक्रमण होने से जंगलों का दायरा घटा है और वन्य जीवों के आवास नष्ट हुए हैं, जिससे कोरकू समाज के पारंपरिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने भिलायीखेड़ा सहित अन्य स्थानों पर वन विभाग द्वारा की गई अतिक्रमण-रोधी कार्रवाई का पूरा समर्थन किया। वहीं, पन्नालाल, हजारी और अन्य वनवासियों ने मांग की है कि भविष्य में भी बिना किसी दबाव के ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए और बेहतर कार्य करने वाले वन कर्मियों व सहयोगी ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वनवासी श्री मानक लाल ने जोर देकर कहा कि कोरकू समाज का अस्तित्व, संस्कृति और आजीविका सदियों से वनों पर टिकी है। उन्होंने खंडवा और बुरहानपुर की समस्त वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने, और खाली कराई गई भूमि पर दोबारा कब्जा रोकने के लिए पौधरोपण, गश्त, सुरक्षा चौकी, ट्रेंच और वॉच टॉवर जैसी व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल देने तथा वन कर्मियों पर हमला करने वालों व वन अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की।1
- खरगोन जिले के भीकनगांव अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बोरगांव में मुख्य सड़क की बदहाली से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। यहाँ की मुख्य सड़क पर सीसी रोड का नामोनिशान नहीं है, जिसके कारण हालात अत्यंत खराब हो चुके हैं। सड़क पर फैले कीचड़ और फिसलती मिट्टी की वजह से हर रोज राहगीर, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह केवल एक सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के साथ पूरी तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है और यहाँ आए दिन छोटे-मोटे हादसों का डर बना रहता है। इस बदहाली को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि ऐसा महसूस होता है जैसे विकास की रफ्तार सिर्फ शहरों की चमचमाती सड़कों तक ही सीमित रह गई है और गाँवों की अनदेखी करना ही नियति बन चुकी है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुरजोर अपील की गई है कि वे केवल कागजी कार्रवाई से बाहर निकलें और जमीनी हकीकत को देखें, क्योंकि बोरगांव को जल्द से जल्द पक्की सड़क की सख्त जरूरत है। इस आवाज को जिम्मेदार लोगों तक पहुँचाने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करने की मांग की गई है।1
- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में रविवार को जंगलों की सुरक्षा और वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर कोरकू समाज का एक विशाल प्रदर्शन देखने को मिला। खंडवा और बुरहानपुर जिले से आए 5 हजार से अधिक आदिवासियों, वन सुरक्षा समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर सड़कों पर मार्च निकाला। स्टेडियम ग्राउंड से निकली इस विशाल रैली में शामिल लोगों ने "जंगल है तो जीवन है", "तीर-गोफन खाएंगे, जंगल हम बचाएंगे" और "वन बचाओ, भविष्य बचाओ" जैसे नारों के साथ वन संरक्षण की जोरदार आवाज बुलंद की। इस प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह को ज्ञापन सौंपकर जंगलों से अतिक्रमण हटाने और वन संरक्षण के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इस आंदोलन का मुख्य मुद्दा आमाखुजरी और उसके आसपास के वन क्षेत्रों में हो रहा अवैध अतिक्रमण और पेड़ों की कटाई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लगातार हो रहे अतिक्रमण और कटाई से वन क्षेत्र तेजी से सिमट रहे हैं, जिससे आदिवासी समाज की आजीविका, पारंपरिक अधिकार और प्राकृतिक संसाधन गंभीर खतरे में पड़ गए हैं। खालवा विकासखंड के ग्राम ताल्याधड़ निवासी धारासिंह और समाज के प्रतिनिधि मानक लाल ने स्पष्ट किया कि जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि कोरकू समाज की संस्कृति, पहचान, परंपरा और जीवन का आधार हैं। जंगलों से ही आदिवासियों को जलाऊ लकड़ी, महुआ, चिरौंजी, गोंद, तेंदूपत्ता, औषधीय वन उपज और पशुओं के लिए चारा मिलता है, जो उनके परिवारों की आजीविका के प्रमुख आधार हैं। कोरकू समाज ने ज्ञापन के माध्यम से भिलायीखेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में वन विभाग द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि खंडवा और बुरहानपुर की समस्त वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बिना किसी दबाव के लगातार जारी रखी जाए। साथ ही, अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर दोबारा कब्जा रोकने के लिए पौधरोपण, चौकी, ट्रेंच, वॉच टावर और नियमित गश्त की व्यवस्था की जाए। प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग के कर्मचारियों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा देने, शासकीय कार्य में बाधा डालने व हमला करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन कर्मियों को सम्मानित करने की मांग भी उठाई। प्रशासन की कड़ी निगरानी और मुस्तैद पुलिस बल के बीच यह पूरा प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- खरगोन जिले की खलटाका पुलिस चौकी के मगरखेडी में वेल्डिंग के दौरान एक खाली टैंकर में भीषण ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में वहां बकरी चरा रहे ग्रामीण भीम रोकड़े (45) की मौत हो गई, जबकि टैंकर चालक और वेल्डिंग कर रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना जोरदार था कि टैंकर के परखच्चे 500 मीटर दूर तक जा गिरे। इसके प्रभाव से आसपास खड़ी कार और मकानों के कांच भी टूट गए। यह टैंकर आंध्र प्रदेश से क्रूड ऑयल लेकर झाबुआ के मेघनगर गया था और वहां खाली कर वापस लौट रहा था। आशंका जताई जा रही है कि टैंकर के अंदर गैस बनने की वजह से यह धमाका हुआ। रविवार का साप्ताहिक बाजार होने से एक बड़ा हादसा टल गया, वरना और भी अधिक जनहानि हो सकती थी। घटना के बाद खलटाका पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच शुरू कर दी है।4
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह में तीसरे तीर्थंकर भगवान संभवनाथ के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। इस दौरान मंदिर की दान पेटी में रुपए के साथ-साथ अमेरिकी डॉलर भी डाले गए हैं।1
- खंडवा जिला कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देशानुसार जिलेभर में भूमि विवादों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यालयों में प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान भूमि विवाद संबंधी शिकायतों की संख्या अधिक पाए जाने पर सभी राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से ऐसे प्रकरणों की सुनवाई कर मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में पुनासा के मुंदी थाना क्षेत्र में मुंदी थाना प्रभारी और तहसीलदार श्रीमती वंदना चौहान की उपस्थिति में संयुक्त शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों के आवेदकों और अनावेदकों को बुलाकर दोनों पक्षों की विस्तार से सुनवाई की गई। अधिकारियों ने आपसी चर्चा और आवश्यक राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष बचे मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के संयुक्त शिविरों का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी निराकरण करके आम जनता को राहत प्रदान करना है, जिससे अनावश्यक न्यायिक एवं पुलिस विवादों को कम किया जा सके।1
- मध्य प्रदेश के बड़वानी जिला अंतर्गत राजपुर क्षेत्र के धवली सहित विभिन्न स्थानों पर भाजपा के नवनियुक्त जिला महामंत्री विकास आर्य का स्वागत किया गया है। विकास आर्य को भाजपा का नया जिला महामंत्री नियुक्त किए जाने के बाद क्षेत्र में जगह-जगह उनके स्वागत के लिए कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसके तहत धवली पहुंचने पर भी उनका जोरदार स्वागत किया गया।1
- बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे खरगोन पहुंचीं, जहां महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान अश्वनी परांजपे ने दतिया के उप चुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि इस चुनाव में भाजपा की ही जीत होगी। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा की कार्यकर्ता काम कर बीजेपी उम्मीदवार को जिताएंगी। वहीं, दतिया में हुए घटनाक्रम और नरोत्तम मिश्रा समर्थकों के हंगामे व अनुशासनहीनता को लेकर उन्होंने बयान दिया कि इस पूरे मामले पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की पूरी नजर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक परिवार है और कार्यकर्ता वरिष्ठ नेताओं के निर्देशों का पालन करते हैं, इसलिए दतिया में सब ठीक-ठाक हो जाएगा।3