शिमला में हिमालयन स्पोर्ट्स एंड कल्चरल यूथ सोसायटी द्वारा आयोजित ‘शिमला क्रिकेट कार्निवल’ का रविवार को पुलिस ग्राउंड भराड़ी में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए युवाओं से खेलों को अपनाने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल युवाओं को एक सकारात्मक दिशा प्रदान करने के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न वर्गों की विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया, जबकि हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रसिद्ध ऑर्केस्ट्रा बैंड ‘हार्मनी ऑफ पाइन्स’ की प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया, जिसमें ब्रास बैंड और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल रहे। इस कार्निवल में नगर निगम शिमला के 34 वार्डों सहित विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों, बैंकों, बार एसोसिएशन और मीडिया जगत की कुल 42 टीमों के साथ-साथ चार महिला टीमों ने भाग लिया। इस आयोजन के माध्यम से करीब एक हजार खिलाड़ियों ने ‘नशा छोड़ो-खेल खेलो’ का सशक्त संदेश दिया। नशा मुक्ति केंद्र के युवाओं की ‘सनराइजर रीबर्थ’ टीम ने भी अपनी भागीदारी से सभी को प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, ‘हर डॉट बॉल पर एक पेड़’ अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया, जो इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा। पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में फार्मा इलेवन ने रोमांचक प्रदर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश सचिवालय को तीन विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए सचिवालय की टीम ने 10 ओवर में 112 रन बनाए, जिसके जवाब में फार्मा इलेवन ने 9.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। पंकज ठाकुर ने 27 रन, अजय राजपूत ने 19 रन और रंजन ठाकुर ने 18 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया, वहीं तरुण गर्ग को दो विकेट लेने और 15 रन की उपयोगी पारी खेलने के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। महिला वर्ग के फाइनल में हेट ट्रिक्स हॉट्टीज ने आरकेएमवी शिमला को नौ विकेट से पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। वहीं, वार्ड स्तरीय फाइनल में परिवर्तन फाउंडेशन कसुम्पटी ने इलेवन किंग टूटीकंडी को हराकर खिताब अपने नाम किया, जहाँ परिवर्तन फाउंडेशन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 115 रन बनाए और इलेवन किंग टूटीकंडी की टीम 91 रन ही बना सकी।
शिमला में हिमालयन स्पोर्ट्स एंड कल्चरल यूथ सोसायटी द्वारा आयोजित ‘शिमला क्रिकेट कार्निवल’ का रविवार को पुलिस ग्राउंड भराड़ी में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए युवाओं से खेलों को अपनाने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल युवाओं को एक सकारात्मक दिशा प्रदान करने के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न वर्गों की विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया, जबकि
हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रसिद्ध ऑर्केस्ट्रा बैंड ‘हार्मनी ऑफ पाइन्स’ की प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया, जिसमें ब्रास बैंड और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल रहे। इस कार्निवल में नगर निगम शिमला के 34 वार्डों सहित विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों, बैंकों, बार एसोसिएशन और मीडिया जगत की कुल 42 टीमों के साथ-साथ चार महिला टीमों ने भाग लिया। इस आयोजन के माध्यम से करीब एक हजार खिलाड़ियों ने ‘नशा छोड़ो-खेल खेलो’ का सशक्त संदेश दिया। नशा मुक्ति केंद्र के युवाओं की ‘सनराइजर रीबर्थ’ टीम ने भी अपनी भागीदारी से सभी को प्रेरित किया।
इसके अतिरिक्त, ‘हर डॉट बॉल पर एक पेड़’ अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया, जो इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा। पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में फार्मा इलेवन ने रोमांचक प्रदर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश सचिवालय को तीन विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए सचिवालय की टीम ने 10 ओवर में 112 रन बनाए, जिसके जवाब में फार्मा इलेवन ने 9.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। पंकज ठाकुर ने 27 रन, अजय राजपूत ने 19 रन और रंजन ठाकुर ने 18 रन
बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया, वहीं तरुण गर्ग को दो विकेट लेने और 15 रन की उपयोगी पारी खेलने के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। महिला वर्ग के फाइनल में हेट ट्रिक्स हॉट्टीज ने आरकेएमवी शिमला को नौ विकेट से पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। वहीं, वार्ड स्तरीय फाइनल में परिवर्तन फाउंडेशन कसुम्पटी ने इलेवन किंग टूटीकंडी को हराकर खिताब अपने नाम किया, जहाँ परिवर्तन फाउंडेशन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 115 रन बनाए और इलेवन किंग टूटीकंडी की टीम 91 रन ही बना सकी।
- शिमला में हिमालयन स्पोर्ट्स एंड कल्चरल यूथ सोसायटी द्वारा आयोजित ‘शिमला क्रिकेट कार्निवल’ का रविवार को पुलिस ग्राउंड भराड़ी में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए युवाओं से खेलों को अपनाने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल युवाओं को एक सकारात्मक दिशा प्रदान करने के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न वर्गों की विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया, जबकि हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रसिद्ध ऑर्केस्ट्रा बैंड ‘हार्मनी ऑफ पाइन्स’ की प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया, जिसमें ब्रास बैंड और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल रहे। इस कार्निवल में नगर निगम शिमला के 34 वार्डों सहित विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों, बैंकों, बार एसोसिएशन और मीडिया जगत की कुल 42 टीमों के साथ-साथ चार महिला टीमों ने भाग लिया। इस आयोजन के माध्यम से करीब एक हजार खिलाड़ियों ने ‘नशा छोड़ो-खेल खेलो’ का सशक्त संदेश दिया। नशा मुक्ति केंद्र के युवाओं की ‘सनराइजर रीबर्थ’ टीम ने भी अपनी भागीदारी से सभी को प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, ‘हर डॉट बॉल पर एक पेड़’ अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया, जो इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा। पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में फार्मा इलेवन ने रोमांचक प्रदर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश सचिवालय को तीन विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए सचिवालय की टीम ने 10 ओवर में 112 रन बनाए, जिसके जवाब में फार्मा इलेवन ने 9.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। पंकज ठाकुर ने 27 रन, अजय राजपूत ने 19 रन और रंजन ठाकुर ने 18 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया, वहीं तरुण गर्ग को दो विकेट लेने और 15 रन की उपयोगी पारी खेलने के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। महिला वर्ग के फाइनल में हेट ट्रिक्स हॉट्टीज ने आरकेएमवी शिमला को नौ विकेट से पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। वहीं, वार्ड स्तरीय फाइनल में परिवर्तन फाउंडेशन कसुम्पटी ने इलेवन किंग टूटीकंडी को हराकर खिताब अपने नाम किया, जहाँ परिवर्तन फाउंडेशन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 115 रन बनाए और इलेवन किंग टूटीकंडी की टीम 91 रन ही बना सकी।4
- केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर एक नया नियंत्रण लागू किया है। इस नए नियम के तहत, खुदरा पेट्रोल पंपों से थोक में पेट्रोल या डीजल की खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, अब 200 लीटर से अधिक डीजल की बिक्री भी प्रतिबंधित कर दी गई है।1
- हमीरपुर में, जिले के शिक्षक संगठनों ने उपायुक्त द्वारा जारी उन निर्देशों का कड़ा विरोध किया है, जिनमें जनगणना के फील्ड कार्य, सर्वेक्षण और सत्यापन को स्कूल समय के बाद तथा छुट्टियों के दिनों में करवाने को कहा गया था। करीब आठ शिक्षक यूनियनों के 150 से अधिक पदाधिकारी एक मंच पर एकत्रित हुए और उपायुक्त से यह अधिसूचना वापस लेने की मांग की। इन संगठनों में हिमाचल प्रदेश सर्व टीजीटी महासंघ, हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ, विज्ञान अध्यापक संघ, स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन, टीजीटी आर्ट्स एसोसिएशन, सीएंडवी अध्यापक संघ, प्राइमरी टीचर फेडरेशन, अखिल भारतीय शैक्षणिक महासंघ तथा संस्कृत शिक्षक परिषद के पदाधिकारी शामिल थे। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि ड्यूटी समय के बाद जनगणना कार्य करना न तो व्यवहारिक है और न ही यह कर्मचारियों के अधिकारों के अनुरूप है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि शिक्षा विभाग में लगभग 50 प्रतिशत महिला कर्मचारी हैं, जिनके लिए शाम के समय घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण होगा। कई शिक्षकों के पास निजी वाहन न होने के कारण देर शाम घर लौटने में भी असुविधा होगी। शिक्षक नेताओं ने आशंका व्यक्त की कि यदि स्कूल की छुट्टी के बाद जनगणना कार्य शुरू किया गया, तो निर्धारित वार्ड के अंतिम घर तक पहुंचने और सर्वेक्षण पूरा करने में रात हो सकती है, जिससे महिला शिक्षकों की सुरक्षा और आवागमन की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। सभी शिक्षक संगठनों ने मांग की कि जनगणना का कार्य सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच ही करवाया जाए, ताकि शिक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्य भी प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकें। इस संबंध में, उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने शिक्षक संगठनों को आश्वासन दिया कि इस विषय पर शिक्षा उपनिदेशक से चर्चा कर उचित समाधान निकाला जाएगा, जिससे जनगणना कार्य के दौरान शिक्षकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- बिलासपुर जिले के नम्होल जिला परिषद वार्ड से जिला परिषद प्रत्याशी रहीं अधिवक्ता मधु ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि वह आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा प्रयासरत रहेंगी।1
- हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्थित भटवाड़ा गांव आजादी के इतने दशकों बाद भी मूलभूत सड़क सुविधा से वंचित है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि मरीजों को आज भी चारपाई पर लादकर ले जाने की मजबूरी बनी हुई है। यह स्थिति तब है जब केवल 1 किलोमीटर सड़क बनने से लोगों को 15 किलोमीटर की दुर्गम यात्रा का दर्द झेलने से मुक्ति मिल सकती है, जिसे देखकर किसी की भी आंखें फटी रह जाएंगी।1
- har har Mahadev 🌹🌹🌹 Har Har Mahadev 🌹🌹🌹 Jay shiv shankar1
- कोटा के चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या करोड़ों रुपए की संपत्ति पर नियंत्रण के विवाद के चलते करवाई गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि पुरानी कार्यकारिणी से जुड़े वकील संतोष राय ने ₹1 लाख की सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया। वारदात से ठीक दो दिन पहले, वकील संतोष राय ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती होकर अपनी झूठी सर्जरी का बहाना बनाया था। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि लगभग 1100 साल पुराने इस मठ की सैकड़ों बीघा जमीन और करोड़ों रुपए की संपत्ति को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। वकील संतोष राय ने खुद को मठ का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित कर रखा था और वह इस पर पूर्ण नियंत्रण चाहता था। इसके विपरीत, महंत देवानंद महाराज नई कार्यकारिणी को कानूनी मान्यता दिलाने का प्रयास कर रहे थे, जिससे दोनों पक्षों के बीच विवाद गहरा गया। इसी टकराव के चलते संतोष राय ने देवानंद महाराज को रास्ते से हटाने की साजिश रची और बदमाश आदित्य वर्मा को ₹1 लाख की सुपारी देकर हत्या के लिए तैयार किया। 2 जून को, वकील ने चार आरोपियों को मठ की पूरी रेकी करवाई और महंत की दिनचर्या की विस्तृत जानकारी भी दी थी। मठ की रेकी करवाने के बाद, संतोष राय उसी रात सर्जरी का बहाना बनाकर जयपुर के अस्पताल में भर्ती हो गया था। 5 जून की रात को, दो बाइकों पर सवार आरोपी मठ पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले नंदनवन महाराज के कमरे की कुंडी बाहर से लगा दी। इसके बाद, वे देवानंद महाराज के कमरे में घुस गए और उन पर चाकू से हमला कर दिया। जब महंत अपनी जान बचाने के लिए बाहर भागे, तो आरोपियों ने उन्हें पकड़ लिया और ताबड़तोड़ वार करके मौके से फरार हो गए। महंत देवानंद महाराज की 5 जून की रात हुई हत्या के बाद, पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के निर्देश पर 2 एएसपी, 3 डीएसपी, 7 इंस्पेक्टर और लगभग 100 पुलिसकर्मियों की एक विशेष जांच टीम गठित की गई थी। इस टीम ने गुरुवार को वकील संतोष राय और गिरोह के बदमाश पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया। सुपारी लेने वाले बदमाश समेत तीन अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, चंद्रेसल मठ महादेव के खाते में ₹4 करोड़ 33 लाख 13 हजार 31 जमा हैं। इसके अतिरिक्त, मठ के नाम पर चंद्रेसल, रंगतालाब, दसलाना, देवली मछियान, नोटाना और रामखेड़ली सहित छह राजस्व गांवों में सैकड़ों बीघा जमीन भी है। मठ का ट्रस्ट 30 साल से अधिक पुराना है, जिसकी जमीनों से होने वाली आय खाते में जमा होती है और मंदिर को नियमित पूजा-अर्चना के लिए सरकार से अलग से सहायता राशि भी प्राप्त होती है।1
- बिलासपुर जिले के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कसारु के गांव कलोह में लगातार हुई बारिश के कारण एक परिवार की पशुशाला ढह गई। इस घटना से परिवार को आर्थिक क्षति हुई है, वहीं पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पीड़ित विपिन कुमार धीमान ने बताया कि शनिवार रात पशुओं को चारा देने के बाद वह घर लौट आए थे, जिसके कुछ समय बाद जोरदार आवाज सुनाई दी। बाहर जाकर देखने पर पशुशाला की दीवारें गिरी हुई पाई गईं। पशुओं को बाहर निकालने के प्रयास में परिवार की एक महिला की टांग में चोट लग गई। घटना की सूचना मिलने पर हल्का पटवारी गुरदीप ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया और अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।1