हमीरपुर में, जिले के शिक्षक संगठनों ने उपायुक्त द्वारा जारी उन निर्देशों का कड़ा विरोध किया है, जिनमें जनगणना के फील्ड कार्य, सर्वेक्षण और सत्यापन को स्कूल समय के बाद तथा छुट्टियों के दिनों में करवाने को कहा गया था। करीब आठ शिक्षक यूनियनों के 150 से अधिक पदाधिकारी एक मंच पर एकत्रित हुए और उपायुक्त से यह अधिसूचना वापस लेने की मांग की। इन संगठनों में हिमाचल प्रदेश सर्व टीजीटी महासंघ, हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ, विज्ञान अध्यापक संघ, स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन, टीजीटी आर्ट्स एसोसिएशन, सीएंडवी अध्यापक संघ, प्राइमरी टीचर फेडरेशन, अखिल भारतीय शैक्षणिक महासंघ तथा संस्कृत शिक्षक परिषद के पदाधिकारी शामिल थे। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि ड्यूटी समय के बाद जनगणना कार्य करना न तो व्यवहारिक है और न ही यह कर्मचारियों के अधिकारों के अनुरूप है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि शिक्षा विभाग में लगभग 50 प्रतिशत महिला कर्मचारी हैं, जिनके लिए शाम के समय घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण होगा। कई शिक्षकों के पास निजी वाहन न होने के कारण देर शाम घर लौटने में भी असुविधा होगी। शिक्षक नेताओं ने आशंका व्यक्त की कि यदि स्कूल की छुट्टी के बाद जनगणना कार्य शुरू किया गया, तो निर्धारित वार्ड के अंतिम घर तक पहुंचने और सर्वेक्षण पूरा करने में रात हो सकती है, जिससे महिला शिक्षकों की सुरक्षा और आवागमन की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। सभी शिक्षक संगठनों ने मांग की कि जनगणना का कार्य सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच ही करवाया जाए, ताकि शिक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्य भी प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकें। इस संबंध में, उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने शिक्षक संगठनों को आश्वासन दिया कि इस विषय पर शिक्षा उपनिदेशक से चर्चा कर उचित समाधान निकाला जाएगा, जिससे जनगणना कार्य के दौरान शिक्षकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हमीरपुर में, जिले के शिक्षक संगठनों ने उपायुक्त द्वारा जारी उन निर्देशों का कड़ा विरोध किया है, जिनमें जनगणना के फील्ड कार्य, सर्वेक्षण और सत्यापन को स्कूल समय के बाद तथा छुट्टियों के दिनों में करवाने को कहा गया था। करीब आठ शिक्षक यूनियनों के 150 से अधिक पदाधिकारी एक मंच पर एकत्रित हुए और उपायुक्त से यह अधिसूचना वापस लेने की मांग की। इन संगठनों में हिमाचल प्रदेश सर्व टीजीटी महासंघ, हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ, विज्ञान अध्यापक संघ, स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन, टीजीटी आर्ट्स एसोसिएशन, सीएंडवी अध्यापक संघ, प्राइमरी टीचर फेडरेशन, अखिल भारतीय शैक्षणिक महासंघ तथा संस्कृत शिक्षक परिषद के पदाधिकारी शामिल थे। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि ड्यूटी समय के बाद जनगणना कार्य करना न तो व्यवहारिक है और न ही यह कर्मचारियों के अधिकारों के अनुरूप है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि शिक्षा विभाग में लगभग 50 प्रतिशत महिला कर्मचारी हैं, जिनके लिए शाम के समय घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण होगा। कई शिक्षकों के पास निजी वाहन न होने के कारण देर शाम घर लौटने में भी असुविधा होगी। शिक्षक नेताओं ने आशंका व्यक्त की कि यदि स्कूल की छुट्टी के बाद जनगणना कार्य शुरू किया गया, तो निर्धारित वार्ड के अंतिम घर तक पहुंचने और सर्वेक्षण पूरा करने में रात हो सकती है, जिससे महिला शिक्षकों की सुरक्षा और आवागमन की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। सभी शिक्षक संगठनों ने मांग की कि जनगणना का कार्य सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच ही करवाया जाए, ताकि शिक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्य भी प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकें। इस संबंध में, उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने शिक्षक संगठनों को आश्वासन दिया कि इस विषय पर शिक्षा उपनिदेशक से चर्चा कर उचित समाधान निकाला जाएगा, जिससे जनगणना कार्य के दौरान शिक्षकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
- हमीरपुर में, जिले के शिक्षक संगठनों ने उपायुक्त द्वारा जारी उन निर्देशों का कड़ा विरोध किया है, जिनमें जनगणना के फील्ड कार्य, सर्वेक्षण और सत्यापन को स्कूल समय के बाद तथा छुट्टियों के दिनों में करवाने को कहा गया था। करीब आठ शिक्षक यूनियनों के 150 से अधिक पदाधिकारी एक मंच पर एकत्रित हुए और उपायुक्त से यह अधिसूचना वापस लेने की मांग की। इन संगठनों में हिमाचल प्रदेश सर्व टीजीटी महासंघ, हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ, विज्ञान अध्यापक संघ, स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन, टीजीटी आर्ट्स एसोसिएशन, सीएंडवी अध्यापक संघ, प्राइमरी टीचर फेडरेशन, अखिल भारतीय शैक्षणिक महासंघ तथा संस्कृत शिक्षक परिषद के पदाधिकारी शामिल थे। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि ड्यूटी समय के बाद जनगणना कार्य करना न तो व्यवहारिक है और न ही यह कर्मचारियों के अधिकारों के अनुरूप है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि शिक्षा विभाग में लगभग 50 प्रतिशत महिला कर्मचारी हैं, जिनके लिए शाम के समय घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण होगा। कई शिक्षकों के पास निजी वाहन न होने के कारण देर शाम घर लौटने में भी असुविधा होगी। शिक्षक नेताओं ने आशंका व्यक्त की कि यदि स्कूल की छुट्टी के बाद जनगणना कार्य शुरू किया गया, तो निर्धारित वार्ड के अंतिम घर तक पहुंचने और सर्वेक्षण पूरा करने में रात हो सकती है, जिससे महिला शिक्षकों की सुरक्षा और आवागमन की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। सभी शिक्षक संगठनों ने मांग की कि जनगणना का कार्य सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच ही करवाया जाए, ताकि शिक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्य भी प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकें। इस संबंध में, उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने शिक्षक संगठनों को आश्वासन दिया कि इस विषय पर शिक्षा उपनिदेशक से चर्चा कर उचित समाधान निकाला जाएगा, जिससे जनगणना कार्य के दौरान शिक्षकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- शिमला में हिमालयन स्पोर्ट्स एंड कल्चरल यूथ सोसायटी द्वारा आयोजित ‘शिमला क्रिकेट कार्निवल’ का रविवार को पुलिस ग्राउंड भराड़ी में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए युवाओं से खेलों को अपनाने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल युवाओं को एक सकारात्मक दिशा प्रदान करने के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न वर्गों की विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया, जबकि हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रसिद्ध ऑर्केस्ट्रा बैंड ‘हार्मनी ऑफ पाइन्स’ की प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया, जिसमें ब्रास बैंड और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल रहे। इस कार्निवल में नगर निगम शिमला के 34 वार्डों सहित विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों, बैंकों, बार एसोसिएशन और मीडिया जगत की कुल 42 टीमों के साथ-साथ चार महिला टीमों ने भाग लिया। इस आयोजन के माध्यम से करीब एक हजार खिलाड़ियों ने ‘नशा छोड़ो-खेल खेलो’ का सशक्त संदेश दिया। नशा मुक्ति केंद्र के युवाओं की ‘सनराइजर रीबर्थ’ टीम ने भी अपनी भागीदारी से सभी को प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, ‘हर डॉट बॉल पर एक पेड़’ अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया, जो इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा। पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में फार्मा इलेवन ने रोमांचक प्रदर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश सचिवालय को तीन विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए सचिवालय की टीम ने 10 ओवर में 112 रन बनाए, जिसके जवाब में फार्मा इलेवन ने 9.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। पंकज ठाकुर ने 27 रन, अजय राजपूत ने 19 रन और रंजन ठाकुर ने 18 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया, वहीं तरुण गर्ग को दो विकेट लेने और 15 रन की उपयोगी पारी खेलने के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। महिला वर्ग के फाइनल में हेट ट्रिक्स हॉट्टीज ने आरकेएमवी शिमला को नौ विकेट से पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। वहीं, वार्ड स्तरीय फाइनल में परिवर्तन फाउंडेशन कसुम्पटी ने इलेवन किंग टूटीकंडी को हराकर खिताब अपने नाम किया, जहाँ परिवर्तन फाउंडेशन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 115 रन बनाए और इलेवन किंग टूटीकंडी की टीम 91 रन ही बना सकी।4
- हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्थित भटवाड़ा गांव आजादी के इतने दशकों बाद भी मूलभूत सड़क सुविधा से वंचित है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि मरीजों को आज भी चारपाई पर लादकर ले जाने की मजबूरी बनी हुई है। यह स्थिति तब है जब केवल 1 किलोमीटर सड़क बनने से लोगों को 15 किलोमीटर की दुर्गम यात्रा का दर्द झेलने से मुक्ति मिल सकती है, जिसे देखकर किसी की भी आंखें फटी रह जाएंगी।1
- कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा 15 जून 2026 को 'यात्री सुविधा दिवस' मनाकर विकास और उपलब्धियों के 12 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाएगा। व्यास नदी के तट पर स्थित यह हवाई अड्डा कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति क्षेत्र का प्रमुख हवाई प्रवेश द्वार है, जिसने वर्ष 2014 से 2026 के दौरान अवसंरचना, संपर्कता, यात्री सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस अवधि में हवाई अड्डे पर 1,049 मीटर रनवे का री-कारपेटिंग, डीवीओआर और एनडीबी नेविगेशन प्रणालियों की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए गए। उड़ान योजना के तहत दिल्ली, अमृतसर, जयपुर और शिमला से सीधी हवाई संपर्कता स्थापित की गई, जिसके परिणामस्वरूप वार्षिक यात्री संख्या 30,000 से अधिक पहुंच गई। यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए टर्मिनल को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है और 'मे आई हेल्प यू' डेस्क, फ्लाई लाइब्रेरी, निःशुल्क वाई-फाई और चार्जिंग सुविधाएं जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यह हवाई अड्डा सोलंग, कसोल, सिस्सु, मलाणा, अटल टनल क्षेत्र, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, मणिकर्ण साहिब और बिजली महादेव जैसे पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुँच का एक प्रमुख माध्यम है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत विद्यालय शौचालय निर्माण, अग्निकांड प्रभावित परिवारों को जी. आई. शीट्स उपलब्ध कराना, 100 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र, एलईडी प्रकाश व्यवस्था और वृक्षारोपण जैसे सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्य भी सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं। चुनौतीपूर्ण पर्वतीय परिस्थितियों के बावजूद, कुल्लू-मनाली हवाई अड्डे ने उत्कृष्ट सुरक्षा रिकॉर्ड बनाए रखा है और आपदाओं के दौरान राहत तथा चिकित्सीय निकासी का एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होता है। हालिया ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण (सीएसएस) में देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाला यह हवाई अड्डा अपनी मनोहारी हिमालयी हवाई यात्रा के लिए भी विशेष पहचान रखता है।1
- केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर एक नया नियंत्रण लागू किया है। इस नए नियम के तहत, खुदरा पेट्रोल पंपों से थोक में पेट्रोल या डीजल की खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, अब 200 लीटर से अधिक डीजल की बिक्री भी प्रतिबंधित कर दी गई है।1
- बिलासपुर जिले के नम्होल जिला परिषद वार्ड से जिला परिषद प्रत्याशी रहीं अधिवक्ता मधु ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि वह आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा प्रयासरत रहेंगी।1
- भराड़ी में दि भराड़ी एक्स स्टुडेंट्स सोशल वेलफेयर समिति की मासिक बैठक 14 जून को आयोजित की गई, जहाँ कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से पुनर्गठन किया गया। वरिष्ठ सदस्य ठाकुर रूप सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में, प्रधान आजाद चंद वर्मा ने पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया पूरी करवाई। इस पुनर्गठन में, अधिकांश पदाधिकारियों को यथावत रखते हुए कार्यकारिणी का विस्तार किया गया, जिसमें आजाद चंद वर्मा को प्रधान, ज्ञानचंद भारद्वाज को उपप्रधान, जे.के. शर्मा को महासचिव, जनक राज शर्मा को प्रेस सचिव और जगन्नाथ शर्मा को कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रधान आजाद चंद वर्मा ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों से समिति से जुड़ने और जरूरतमंदों की सहायता में सहयोग करने का आह्वान किया। बैठक के दौरान, समिति ने अपने सामाजिक दायित्व को निभाते हुए लक्ष्मी देवी (भपराल) को विवाह हेतु 5,100 रुपये, प्रेमी देवी (भ्योल) को उपचार के लिए 7,000 रुपये और रतनी देवी (हरितल्यांगर) को मकान आगजनी से हुए नुकसान के लिए 7,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इस प्रकार कुल 19,100 रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। इसी अवसर पर, गांव मलोट के सेवानिवृत्त एसआई हेमराज शर्मा ने समिति की सदस्यता ग्रहण की, और बैठक में समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।1
- बिलासपुर जिले के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कसारु के गांव कलोह में लगातार हुई बारिश के कारण एक परिवार की पशुशाला ढह गई। इस घटना से परिवार को आर्थिक क्षति हुई है, वहीं पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पीड़ित विपिन कुमार धीमान ने बताया कि शनिवार रात पशुओं को चारा देने के बाद वह घर लौट आए थे, जिसके कुछ समय बाद जोरदार आवाज सुनाई दी। बाहर जाकर देखने पर पशुशाला की दीवारें गिरी हुई पाई गईं। पशुओं को बाहर निकालने के प्रयास में परिवार की एक महिला की टांग में चोट लग गई। घटना की सूचना मिलने पर हल्का पटवारी गुरदीप ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया और अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।1