आलवाड़ा–लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला सड़क बदहाल, ग्रामीणों में भारी रोष 📰 सायला से मोहन आलवाड़ा की विशेष रिपोर्ट 📍 आलवाड़ा–लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला सड़क बदहाल, ग्रामीणों में भारी रोष सायला उपखंड क्षेत्र के आलवाड़ा गांव से लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला को जोड़ने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई सतह के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग आलवाड़ा गांव की आधे से अधिक आबादी के आवागमन का मुख्य रास्ता है, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाए तो उसे अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कत होती है। खराब सड़क के कारण गांव तक पहुंचने में ही लगभग एक घंटे का समय लग जाता है, जिससे मरीज की जान को भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की अनदेखी से लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि यह सड़क क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा समान है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा वाहन चालकों और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में सड़क की खराब स्थिति के कारण किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। ✍️ रिपोर्ट : मोहन आलवाड़ा, सायला
आलवाड़ा–लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला सड़क बदहाल, ग्रामीणों में भारी रोष 📰 सायला से मोहन आलवाड़ा की विशेष रिपोर्ट 📍 आलवाड़ा–लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला सड़क बदहाल, ग्रामीणों में भारी रोष सायला उपखंड क्षेत्र के आलवाड़ा गांव से लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला को जोड़ने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई सतह के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग आलवाड़ा गांव की आधे से अधिक आबादी के आवागमन का मुख्य रास्ता है, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाए तो उसे अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कत होती है। खराब सड़क के कारण गांव तक पहुंचने में ही लगभग एक घंटे का समय लग जाता है, जिससे मरीज की जान को भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की अनदेखी से लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि यह सड़क क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा समान है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा वाहन चालकों और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में सड़क की खराब स्थिति के कारण किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। ✍️ रिपोर्ट : मोहन आलवाड़ा, सायला
- आलवाड़ा–लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला सड़क बदहाल, ग्रामीणों में भारी रोष 📰 सायला से मोहन आलवाड़ा की विशेष रिपोर्ट 📍 आलवाड़ा–लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला सड़क बदहाल, ग्रामीणों में भारी रोष सायला उपखंड क्षेत्र के आलवाड़ा गांव से लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला को जोड़ने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई सतह के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग आलवाड़ा गांव की आधे से अधिक आबादी के आवागमन का मुख्य रास्ता है, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाए तो उसे अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कत होती है। खराब सड़क के कारण गांव तक पहुंचने में ही लगभग एक घंटे का समय लग जाता है, जिससे मरीज की जान को भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की अनदेखी से लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि यह सड़क क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा समान है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा वाहन चालकों और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में सड़क की खराब स्थिति के कारण किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। ✍️ रिपोर्ट : मोहन आलवाड़ा, सायला1
- जालोर के सायला उपखंड में रेलवे ट्रैक पर एक पोल खतरनाक तरीके से झुका हुआ है। इससे कभी भी बड़ा रेल हादसा होने का खतरा बना हुआ है।1
- राजस्थान सरकार 'ग्राम रथ' अभियान के तहत गांव-गांव पहुंच कर आमजन की समस्याएं सुन रही है और लोक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दे रही है। जालोर जिले में मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने संध्या चौपालों में भाग लेकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। यह पहल विकसित राजस्थान बनाने में जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रही है।2
- राजस्थान में परीक्षा केंद्रों पर बढ़ी सख्ती, पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी* राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सिरोही समेत प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। अभ्यर्थियों की गहन तलाशी, दस्तावेजों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।यह सख्ती मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद बढ़ाई गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना और लाखों छात्रों की सालभर की मेहनत को सुरक्षित रखना है। पिछले वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल गिरोहों के मामलों ने प्रदेश में बड़ा विवाद खड़ा किया था। इसी को देखते हुए अब परीक्षा केंद्रों पर पुलिस जाब्ता, सीसीटीवी निगरानी, मोबाइल प्रतिबंध और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी हाल में परीक्षा की पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं अभ्यर्थियों से भी समय से पहले केंद्र पहुंचने और सभी नियमों का पालन करने की अपील की गई है।1
- 10 05 2026 Happy mother's day धन्य है ऐसी मां को जो अपनी जान की परवाह न करते हुए अपनी ममता की लाज बचाई i love you I miss you maa2
- बाड़मेर जिले के पचपदरा में आवासीय इलाकों के ठीक बीच में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां चल रही हैं। इससे स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है और वे जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।2
- बालोतरा शहर में विकास कार्यों की बदहाली तब सामने आई जब एक बड़े अधिकारी की गाड़ी सड़क के गड्ढे में धंस गई। जगह-जगह टूटी सड़कें और गहरे गड्ढे आम जनता के लिए मुसीबत बन गए हैं। अब शहरवासी प्रशासन और नगर परिषद के बड़े फैसले का इंतजार कर रहे हैं।1
- जालौर के प्रणव देवड़ा स्पेन में गुजराती गरबा और मारवाड़ी नृत्य सिखाकर भारतीय संस्कृति का परचम लहरा रहे हैं। उनकी लगन और मेहनत से विदेश में देश का नाम रोशन हो रहा है।1