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चुप्पी तोड़ो अभियान: महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर ने बेटियों को दी स्वच्छता की नई सौगात “चुप्पी तोड़ो, झिझक छोड़ो, खुलकर बोलो” प्रोजेक्ट के तहत महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर ने मैक्सफोर्ट इंटरनेशनल स्कूल परतापुर में सेनेटरी नेपकिन डिस्ट्रॉय मशीन भेंट की। 1000 नेपकिन नष्ट करने की क्षमता वाली यह मशीन छात्रा वॉशरूम में स्थापित की गई। आयोजन में डॉ हाजी हकीम शेख ने 200 छात्राओं को हाइजिन बनाए रखने के तरीके बताए। गवर्निंग काउंसिल सदस्य अजीत कोठिया ने बेटियों को अपनी समस्याएं खुलकर साझा करने का संदेश दिया। संस्था प्रधान रजनीश उपाध्याय व सारिका उपाध्याय ने भी जागरूकता का आह्वान किया। संचालन सचिव रामभरत चेजारा ने किया, जबकि आभार कुलदीप वसीटा ने व्यक्त किया। संस्था के इस प्रयास की सभी ने सराहना की।
गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
चुप्पी तोड़ो अभियान: महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर ने बेटियों को दी स्वच्छता की नई सौगात “चुप्पी तोड़ो, झिझक छोड़ो, खुलकर बोलो” प्रोजेक्ट के तहत महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर ने मैक्सफोर्ट इंटरनेशनल स्कूल परतापुर में सेनेटरी नेपकिन डिस्ट्रॉय मशीन भेंट की। 1000 नेपकिन नष्ट करने की क्षमता वाली यह मशीन छात्रा वॉशरूम में स्थापित की गई। आयोजन में डॉ हाजी हकीम शेख ने 200 छात्राओं को हाइजिन बनाए रखने के तरीके बताए। गवर्निंग काउंसिल सदस्य अजीत कोठिया ने बेटियों को अपनी समस्याएं खुलकर साझा करने का संदेश दिया। संस्था प्रधान रजनीश उपाध्याय व सारिका उपाध्याय ने भी जागरूकता का आह्वान किया। संचालन सचिव रामभरत चेजारा ने किया, जबकि आभार कुलदीप वसीटा ने व्यक्त किया। संस्था के इस प्रयास की सभी ने सराहना की।
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- देवगढ़ थाने की लापर्वहि से आरोपियों के होसले बुलंद मेडिकल अग्नि कांड में लाखो रुपयो की दवाइयाँ जलकर खाक हो गई दिन दहाड़े नकोर मे सुबह 9.30 बजे सुखदेव गुजर, पवन गुजर, पुष्कर गुजर, रमेश गुजर, ने दुकान में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी 12/08/25 को2
- सीमलवाड़ा। जिला आयुर्वेद विभाग में चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिलेभर के आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़े कार्मिकों को नवीन प्रणाली के संचालन और उसके लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. बद्री नारायण मीणा द्वारा आयुर्वेद के प्रणेता भगवान धन्वंतरि की वंदना, दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ चिकित्सा सेवाओं में आधुनिक तकनीक का समावेश अत्यंत आवश्यक है, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। सहायक निदेशक डॉ. यशवंत कुमार परमार ने प्रशिक्षण को विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता आएगी तथा कार्यों की निगरानी भी अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के मुख्य प्रशिक्षक डॉ. अभयसिंह मालीवाड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि दो दिनों में अलग-अलग समूह बनाकर जिले के सभी 63 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) केंद्रों पर कार्यरत कुल 106 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं नर्स-कम्पाउंडरों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली के माध्यम से रोगियों का पंजीकरण, उपचार विवरण एवं दवा वितरण जैसी प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित रूप से संचालित की जा सकेंगी। इस प्रशिक्षण के माध्यम से आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं का डिजिटल रूपांतरण भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे चिकित्सकों और मरीजों के बीच समन्वय बेहतर होगा तथा उपचार प्रक्रिया अधिक सरल और त्वरित बन सकेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताते हुए इसे प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।4
- Post by Raj Raj1
- प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक ही परिवार के सात लोग खाना खाने के बाद बीमार पड़ गए। सभी ने खुट्टगढ़ गांव के आडावेला पाड़ा में नोत कार्यक्रम के बाद हुए भोज में खाना खाया था। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान रात में दाल-बाटी बनाई गई थी। अगले दिन दोपहर में परिवार के सदस्यों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, ने वही भोजन खाया। भोजन करने के लगभग एक से दो घंटे के भीतर सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। बीमार पड़ने वालों में पांच बच्चे उदयलाल (5 वर्ष), संजू (7 वर्ष), शिल्पा (5 वर्ष), अनुष्का (3 वर्ष) और रामलाल (5 वर्ष) शामिल हैं। इनके अतिरिक्त जमकू (56 वर्ष) और सूरज (25 वर्ष) भी प्रभावित हुए।घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की मदद से सभी मरीजों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गांव में जांच के लिए भेजी टीम जिला अस्पताल के पीएमओ आलोक यादव ने बताया कि सभी बच्चों का उपचार जारी है और डॉक्टरों को सक्रिय कर दिया गया है। सभी बच्चों की हालत सामान्य है। जिस गांव से बच्चे आए हैं, वहां एक टीम भेजने की तैयारी की जा रही है। पूरी घटना की जानकारी रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगी। फिलहाल, सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है।1
- हेलो दोस्तों बने रहिए हमारे शुरू है पर जिस पर हम बता रहे हैं आपको गर्मी के मौसम में राजस्थान के अंदर किस तरह के खेत की जाती है इस प्रकार नहीं की जाती है यहां पर क्या-क्या खेती होती है और एक खेती कब से कब तक होती है इसके बारे में बताइए लेकिन जरा इस वीडियो में भी आप देख सकते हैं1
- धंबोला। कस्बे की कंपा कॉलोनी में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जमीन समतलीकरण के दौरान जेसीबी मशीन से काम करते वक्त परकोटे के पास एक अजगर दिखाई दिया। अचानक विशाल सांप को देखकर आसपास के लोग घबरा गए और डर के चलते उसे मारने की तैयारी करने लगे। इसी बीच मौके पर पहुंचे पत्रकार मुकेश आर पंड्या ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लोगों को समझाया कि यह अजगर का बच्चा है और किसी के लिए नुकसानदायक नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाना गलत है और इसे सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा जाएगा। इसके बाद पंड्या ने साहस और समझदारी का परिचय देते हुए एक लकड़ी की मदद से अजगर को सावधानीपूर्वक काबू में किया और उसे एक थैले में सुरक्षित बंद कर लिया। बाद में उन्होंने उसे नजदीकी जंगल में छोड़ दिया। घटना के बाद कॉलोनी वासियों ने राहत की सांस ली और पंड्या के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की। उनका यह कदम न सिर्फ मानवता का उदाहरण बना, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दे गया।1
- बडोदिया से दो किमी दूर लक्ष्मीपुर गांव के किसान बंसीलाल पटेल ने ऑर्गेनिक पद्धति से तरबूज और खरबूजा कड़ी की खेती कर क्षेत्र में नई मिसाल पेश की है। करीब पांच बीघा भूमि पर की गई इस खेती से उन्हें बेहतर उत्पादन और अच्छी आय की उम्मीद है। किसान बंसीलाल पटेल पुत्र खेमा भाई पटेल ने बताया कि उन्होंने चार बीघा में तरबूज और एक बीघा में खरबूजा कड़ी व काकड़ी की खेती की है। तरबूज के लिए हाइब्रिड बीज का उपयोग किया गया, जो गुजरात के हिम्मतनगर से रॉयल इसराइल नर्सरी और साबरिया एग्रो सीड्स से मंगवाए गए। लगभग डेढ़ किलो बीज की बुवाई पर करीब 31 हजार रुपए खर्च हुए, जबकि कैंडी किस्म के बीज 10 हजार रुपए में खरीदे गए। खेती में प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक अपनाई गई, जिससे खरपतवार की समस्या कम हुई और फलों की गुणवत्ता बेहतर बनी रही। इस पर करीब 48 हजार रुपए खर्च कर 11 रोल लगाए गए। साथ ही 10 से 12 हजार रुपए की देसी ऑर्गेनिक खाद का उपयोग कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई गई। टपक सिंचाई पद्धति से पानी की बचत के साथ पौधों को पर्याप्त नमी दी जा रही है। सर्दी में एक दिन छोड़कर और गर्मी में प्रतिदिन करीब डेढ़ घंटे सिंचाई की जाती है। परागण को बेहतर बनाने के लिए खेत में 200 स्थानों पर गेंदा के पौधे लगाए गए हैं, जिससे मधुमक्खियां आकर्षित होकर फसल की गुणवत्ता और मिठास बढ़ा रही हैं। तरबूज की फसल 80 से 90 दिन में तैयार हो जाती है और एक फल का वजन 2 से 5 किलो तक होता है। औसतन प्रति बीघा 50 से 70 क्विंटल उत्पादन मिल रहा है। 21 मार्च से शुरू हुई तुड़ाई अप्रैल तक जारी रहेगी। बाजार में तरबूज 10 से 12 रुपए प्रति किलो और खरबूजा कड़ी 20 से 25 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है।1
- दिनांक: 13.04.2026 प्रति, श्रीमान थाना प्रभारी महोदय, पुलिस थाना अफजलपुर जिला मन्दसौर विषय:- उचित कार्यवाही करने के सम्बन्ध में। महोदय, निवेदन है की आवेदक नाथूलाल पिता नानुराम जी मीणा उम्र 22 साल निवासी जडोली जिला प्रतापगढ़ का होकर लेखी आवेदन करता हूँ कि मैं चार पांच दिन पहले बसंत जी शर्मा निवासी डिगावमाली की गिट्टी मशीन पर मजदूरी करने के लिए आया हूँ। मैं साथ में मेरी हीरो स्पेण्डर प्लस मोटरसाइकिल क्र. RJ35SQ2906 लाया था जो कल दिनांक 12.04.2026 को रात्री 03.00 बजे तक प्लांट पर मशीने चलाई उसके बाद हम सभी सो गये थे तथा मेरी मोटरसाइकिल भी वही पर खड़ी थी जो सुबह 07.00 बजे उठकर देखा तो मेरी मोटर सायकल वहा पर नही थी जिसकी तलाश आस पास करते कही कोई पता नही चला। मेरी मोटरसाइकिल को कोई अज्ञात व्यक्ति ले गया है। आवेदन करता हूँ उचित कार्यवाही की जावे। आवेदक नाथूलाल पिता नानुराम जी मीणा निवासी जडोली जिला प्रतापगढ़ मो.न. 7976538301 Date: 13.04.2026 To, The Station House Officer (SHO), Afzalpur Police Station, District Mandsaur. Subject: Regarding taking appropriate legal action. Sir, I, the applicant Nathulal, son of Nanuram Ji Meena, aged 22 years, resident of Jadoli, District Pratapgarh, submit this written application. I came here four to five days ago to work as a laborer at the stone crusher machine (Gitti machine) owned by Basant Ji Sharma, a resident of Digawmali. I had brought my Hero Splendor Plus motorcycle, registration number RJ35SQ2906, with me. Yesterday, on 12.04.2026, I operated the machines at the plant until 3:00 AM, after which we all went to sleep. My motorcycle was parked there. When I woke up at 7:00 AM and checked, my motorcycle was not there. I searched for it nearby but could not find any trace of it. Some unknown person has taken my motorcycle. I request you to take appropriate action in this matter. Applicant: Nathulal S/o Nanuram Ji Meena Resident of Jadoli, District Pratapgarh Mobile No: 79765383014
- सीमलवाड़ा। रामेष्ट सुंदरकांड समिति किशनपुरा के तत्वावधान में कस्बे में कांति लाल (स्व. धनजी भाई कलाल के सुपुत्र) के निवास पर भव्य सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्व देवी-देवताओं के आह्वान एवं गणेश वंदना के साथ हुई। आचार्य के मार्गदर्शन में यजमान परिवार द्वारा सिद्धि प्राप्त हनुमान जी एवं राम दरबार की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद सुंदरकांड पाठ का शुभारंभ हुआ। सुंदरकांड के प्रारंभ में समिति सदस्यों द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं, जिसमें गेहरीलाल ने “मेरे मन में भी राम” एवं “कीर्तन की है रात बाबा” जैसे भजनों की प्रस्तुति दी, वहीं संदीप ने “दुनिया में देव हजारों हैं” भजन गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। भजनों पर उपस्थित श्रद्धालु झूम उठे और पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति की गूंज सुनाई दी। सुंदरकांड की चौपाइयों का सामूहिक गान आश्विन पाठक की तर्ज पर लोकेश त्रिवेदी, मोहन सुथार, राजेंद्र, सुनील, गौतम और मनीष द्वारा किया गया। संगीत में ताराचंद एवं गेहरीलाल पाटीदार ने ऑक्टोपैड और हारमोनियम पर संगत देकर प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया। कार्यक्रम के अंत में यजमान परिवार द्वारा प्रभु श्रीराम एवं हनुमान जी की आरती उतारी गई तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इसी दौरान यजमान परिवार की अदिति (पुत्री सुनील कलाल) के जन्मदिवस के अवसर पर सभी भक्त मंडल के सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया और सभी ने इस तरह के धार्मिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला बताया।2