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मऊ (चित्रकूट) मऊ तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरगढ़ में गांव समाज की जमीन से अवैध कब्जा हटा दिया गया है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देश पर उपजिलाधिकारी राम ऋषि रमन ने यह कार्रवाई की।

6 hrs ago
user_रामनारायण साहू पत्रकार चित्रकू
रामनारायण साहू पत्रकार चित्रकू
Newspaper publisher करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

मऊ (चित्रकूट) मऊ तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरगढ़ में गांव समाज की जमीन से अवैध कब्जा हटा दिया गया है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देश पर उपजिलाधिकारी राम ऋषि रमन ने यह कार्रवाई की।

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  • चित्रकूट 📍अस्पताल या कफन📍 👉🏾 ऊपर से आदेश आ गया क्या जो स्वास्थ्य व्यवस्था व जिले में एक मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर शांति पूर्ण कफन सत्याग्रह धरने पर बैठे लोगों पर पुलिस प्रशासन लाल आंख दिखा रहा है। 👉🏾 यह आंदोलन जनता के हित के लिए किया जा रहा है, एक मेडिकल कॉलेज की मांग के लिए किया जा रहा है, जिला अस्पताल रेफर सेंटर साबित न हो इसलिए किया जा रहा है। वो भी शांति पूर्वक। 👉🏾 बैठे हैं बैठे रहने दीजिए पुलिस प्रशासन क्यों डरा धमका रहा है।
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    चित्रकूट     📍अस्पताल या कफन📍
👉🏾 ऊपर से आदेश आ गया क्या जो स्वास्थ्य व्यवस्था व जिले में एक मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर शांति पूर्ण कफन सत्याग्रह धरने पर बैठे लोगों पर पुलिस प्रशासन लाल आंख दिखा रहा है।
👉🏾 यह आंदोलन जनता के हित के लिए किया जा रहा है, एक मेडिकल कॉलेज की मांग के लिए किया जा रहा है, जिला अस्पताल रेफर सेंटर साबित न हो इसलिए किया जा रहा है। वो भी शांति पूर्वक। 
👉🏾 बैठे हैं बैठे रहने दीजिए पुलिस प्रशासन क्यों डरा धमका रहा है।
    user_Chitrakoot public
    Chitrakoot public
    रिपोर्टर मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Post by Anil Kumar yadav
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    Post by Anil Kumar yadav
    user_Anil Kumar yadav
    Anil Kumar yadav
    बबेरू, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बरियारपुर से चलकर नरैनी होते हुए बांदा की ओर जाने वाली नहर को अब पूरी तरह पक्की नहर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
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    बरियारपुर से चलकर नरैनी होते हुए बांदा की ओर जाने वाली नहर को अब पूरी तरह पक्की नहर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • चित्रकूट बरगढ़ आयुष केसरवानी हत्याकांड मामले में कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल नंदी ने पीड़ित परिजनों को सौंपे 05 लाख का चेक, अपराधियों को किसी प्रकार से बक्सा नहीं जाएगा।। #Chitrakoot #Murdercase
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    चित्रकूट बरगढ़ आयुष केसरवानी हत्याकांड मामले में कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल नंदी ने पीड़ित परिजनों को सौंपे 05 लाख का चेक, अपराधियों को किसी प्रकार से बक्सा नहीं जाएगा।। #Chitrakoot #Murdercase
    user_ओम प्रकाश पत्रकार
    ओम प्रकाश पत्रकार
    Mau, Chitrakoot•
    17 hrs ago
  • *जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप* *कौशाम्बी। जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे।* *स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?*
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    *जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप*
*कौशाम्बी। जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे।*
*स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?*
    user_कौशांबी संदेश
    कौशांबी संदेश
    Yoga instructor मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कौशाम्बी...विश्व कैन्सर दिवस पर ए0एस0एम0सी0 कौशाम्बी में भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर 04 फरवरी 2026 को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी में एक भव्य कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना, इसके प्रारंभिक लक्षणों की पहचान तथा समय पर जांच और उपचार के महत्व को समझाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत जागरूकता संबोधन से हुई, जिसमें प्रधानाचार्य डा0 हरिओम कुमार सिंह ने कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जानकारी की कमी और देर से पहचान कैंसर से होने वाली मृत्यु का प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि कैंसर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसकी समय रहते पहचान कर उचित इलाज कराया जाए। और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम एवं समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को कैंसर से बचाव के लिए आवश्यक बताया।कम्युनिटी मेडिसिन के डा0 सन्तोष कुमार द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में देश सहित प्रदेश में कैंसर का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जो एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या बन चुका है। जीवनशैली में बदलाव, तंबाकू एवं नशीले पदार्थों का सेवन, असंतुलित आहार और देर से जांच कराना इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर का बढ़ता बोझ न केवल मरीजों बल्कि उनके परिवारों और समाज पर भी आर्थिक व मानसिक दबाव डालता है। इस बोझ को कम करने के लिए जनजागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग और प्रारंभिक उपचार अत्यंत आवश्यक है। महिला रोग विभाग की डा0 विशाखा दिक्षित द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में पाया जाने वाला एक प्रमुख कैंसर है, जिसकी समय पर पहचान और रोकथाम संभव है। उन्होंने कहा कि यह कैंसर मुख्य रूप से एचपीवी संक्रमण, जागरूकता की कमी और नियमित जांच न कराने के कारण होता है। प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए नियमित स्क्रीनिंग अत्यंत आवश्यक है। चिकित्सकों ने बताया कि टीकाकरण, नियमित जांच और सही समय पर उपचार से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से होने वाली मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सर्जरी विभाग के डा0 नरेन्द्र कुमार एवं डा0 मो0 अरसद द्वारा बताया कि स्तन कैंसर महिलाओं में तथा प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल हैं, जिनका समय पर पता लगने पर सफल उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी, नियमित जांच न कराना और जीवनशैली में बदलाव इन कैंसरों के बढ़ते मामलों के प्रमुख कारण हैं। स्तन कैंसर की पहचान के लिए स्वयं परीक्षण एवं नियमित जांच आवश्यक है, वहीं प्रोस्टेट कैंसर की समय पर पहचान के लिए पुरुषों को उम्र के अनुसार जांच करानी चाहिए। चिकित्सकों ने अपील की कि महिलाएं और पुरुष दोनों ही स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें। अन्त पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के अधिकारीगण, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, नर्सिंग स्टाफ एवं एम0बी0बी0एस0 के छात्र-छात्राये उपस्थित रहे। सभी ने कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया साथ ही स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने एवं कैंसर जैसी घातक बीमारी के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास साबित हुआ। संस्थान द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई।
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    कौशाम्बी...विश्व कैन्सर दिवस पर ए0एस0एम0सी0 कौशाम्बी में भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित 
ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS 
विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर 04 फरवरी 2026 को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी में एक भव्य कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना, इसके प्रारंभिक लक्षणों की पहचान तथा समय पर जांच और उपचार के महत्व को समझाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत जागरूकता संबोधन से हुई, जिसमें प्रधानाचार्य डा0 हरिओम कुमार सिंह ने कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जानकारी की कमी और देर से पहचान कैंसर से होने वाली मृत्यु का प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि कैंसर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसकी समय रहते पहचान कर उचित इलाज कराया जाए।
और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम एवं समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को कैंसर से बचाव के लिए आवश्यक बताया।कम्युनिटी मेडिसिन के डा0 सन्तोष कुमार द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में देश सहित प्रदेश में कैंसर का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जो एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या बन चुका है। जीवनशैली में बदलाव, तंबाकू एवं नशीले पदार्थों का सेवन, असंतुलित आहार और देर से जांच कराना इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर का बढ़ता बोझ न केवल मरीजों बल्कि उनके परिवारों और समाज पर भी आर्थिक व मानसिक दबाव डालता है। इस बोझ को कम करने के लिए जनजागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग और प्रारंभिक उपचार अत्यंत आवश्यक है।
महिला रोग विभाग की डा0 विशाखा दिक्षित द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में पाया जाने वाला एक प्रमुख कैंसर है, जिसकी समय पर पहचान और रोकथाम संभव है। उन्होंने कहा कि यह कैंसर मुख्य रूप से एचपीवी संक्रमण, जागरूकता की कमी और नियमित जांच न कराने के कारण होता है। प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए नियमित स्क्रीनिंग अत्यंत आवश्यक है। चिकित्सकों ने बताया कि टीकाकरण, नियमित जांच और सही समय पर उपचार से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से होने वाली मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सर्जरी विभाग के डा0 नरेन्द्र कुमार एवं डा0 मो0 अरसद द्वारा बताया कि स्तन कैंसर महिलाओं में तथा प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल हैं, जिनका समय पर पता लगने पर सफल उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी, नियमित जांच न कराना और जीवनशैली में बदलाव इन कैंसरों के बढ़ते मामलों के प्रमुख कारण हैं। स्तन कैंसर की पहचान के लिए स्वयं परीक्षण एवं नियमित जांच आवश्यक है, वहीं प्रोस्टेट कैंसर की समय पर पहचान के लिए पुरुषों को उम्र के अनुसार जांच करानी चाहिए। चिकित्सकों ने अपील की कि महिलाएं और पुरुष दोनों ही स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।
अन्त पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के अधिकारीगण, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, नर्सिंग स्टाफ एवं एम0बी0बी0एस0 के छात्र-छात्राये उपस्थित रहे। सभी ने कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया साथ ही स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने एवं कैंसर जैसी घातक बीमारी के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास साबित हुआ। संस्थान द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई।
    user_जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    रिपोर्टर Manjhanpur, Kaushambi•
    6 hrs ago
  • ब्रेकिंग फिरोजाबाद बैनामा कराने को लेकर दो पक्ष में जमकर मारपीट, वीडियो वायरल, वायरल वीडियो में जमकर चले लात घुसे वकील के बस्टे पर ही आपस में भिड़े दो पक्ष जमकर चले लात घूँसे एसडीएम सदर कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर जमकर हुई मारपीट पीड़ित का कहना तहसील परसर में बैनामा कराने आये लोगों से होती है चौथ वसूली-पीड़ित आरोप जबरन चौथ वसूली के पैसे मांगने को लेकर हुआ था विवाद पीड़ित ने बताया कि हमसे लड़ने बाला व्यक्ति को नहीं जानते है हम, बैनामा कराने आये लोगों से तहसील परिसर में करते है चौथ बसूली-पीड़ित का आरोप तहसील सदर में जबरन पीड़ितों से चौथ वसूली करने वाले दबंगो का है हल्ला बोल दो पक्षों के मारपीट का वीडियो फिरोजाबाद सदर तहसील का है
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    ब्रेकिंग फिरोजाबाद 
बैनामा कराने को लेकर दो पक्ष में जमकर मारपीट, वीडियो वायरल, वायरल वीडियो में जमकर चले लात घुसे
वकील के बस्टे पर ही आपस में भिड़े दो पक्ष जमकर चले लात घूँसे 
एसडीएम सदर कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर जमकर हुई मारपीट 
पीड़ित का कहना तहसील परसर में बैनामा कराने आये लोगों से होती है चौथ वसूली-पीड़ित आरोप
जबरन चौथ वसूली के पैसे मांगने को लेकर हुआ था विवाद
पीड़ित ने बताया कि हमसे लड़ने बाला व्यक्ति को नहीं जानते है हम, बैनामा कराने आये लोगों से तहसील परिसर में करते है चौथ बसूली-पीड़ित का आरोप
तहसील सदर में जबरन पीड़ितों से चौथ वसूली करने वाले दबंगो का है हल्ला बोल
दो पक्षों के मारपीट का वीडियो फिरोजाबाद सदर तहसील का है
    user_दिनेश सिंह कुशवाहा
    दिनेश सिंह कुशवाहा
    Classified ads newspaper publisher करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • कौशांबी...जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?
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    कौशांबी...जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप
ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS 
जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?
    user_जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    रिपोर्टर Manjhanpur, Kaushambi•
    7 hrs ago
  • *सरकारी तालाब पर अवैध कब्जा, एसडीएम से लेकर लेखपाल-कानूनगो तक मौन* *कब्जे से जल निकासी बाधित, सड़कें हो रहीं खराब* *खबर प्रकाशित होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, ग्रामीणों में आक्रोश* कौशांबी। सिराथू तहसील क्षेत्र के ग्राम मलाक भायल करेटी में सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 265 स्पष्ट रूप से सरकारी जलमग्न (तालाब) भूमि के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद दबंगों द्वारा खुलेआम कब्जा किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि एसडीएम, लेखपाल और कानूनगो सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार सतीश पुत्र रामभवन द्वारा तालाब की भूमि पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार लेखपाल और कानूनगो को सूचना दी गई, लेकिन अब तक न तो मौके पर कोई कार्रवाई की गई और न ही कब्जा हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व कर्मचारियों की चुप्पी भूमाफियाओं को प्रशासनिक संरक्षण का संकेत दे रही है। तालाब पर हो रहे अवैध कब्जे का असर अब गांव की जल निकासी व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तालाब पाटे जाने से बरसात और नालियों का पानी नहीं निकल पा रहा, जिसके कारण गांव की सड़कें खराब हो रही हैं और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही जल संरक्षण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर पहले भी खबर प्रकाशित हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इससे लोगों में गहरा आक्रोश है और वे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकारी तालाब को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए, भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और लापरवाही बरतने वाले लेखपाल, कानूनगो समेत जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते सरकारी तालाब को बचाने के लिए कदम उठाएगा, या फिर राजस्व अमले की चुप्पी में भूमाफियाओं का कब्जा स्थायी रूप ले लेगा?
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    *सरकारी तालाब पर अवैध कब्जा, एसडीएम से लेकर लेखपाल-कानूनगो तक मौन*
*कब्जे से जल निकासी बाधित, सड़कें हो रहीं खराब* 
*खबर प्रकाशित होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, ग्रामीणों में आक्रोश* 
कौशांबी। सिराथू तहसील क्षेत्र के ग्राम मलाक भायल करेटी में सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 265 स्पष्ट रूप से सरकारी जलमग्न (तालाब) भूमि के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद दबंगों द्वारा खुलेआम कब्जा किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि एसडीएम, लेखपाल और कानूनगो सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार सतीश पुत्र रामभवन द्वारा तालाब की भूमि पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार लेखपाल और कानूनगो को सूचना दी गई, लेकिन अब तक न तो मौके पर कोई कार्रवाई की गई और न ही कब्जा हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व कर्मचारियों की चुप्पी भूमाफियाओं को प्रशासनिक संरक्षण का संकेत दे रही है।
तालाब पर हो रहे अवैध कब्जे का असर अब गांव की जल निकासी व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तालाब पाटे जाने से बरसात और नालियों का पानी नहीं निकल पा रहा, जिसके कारण गांव की सड़कें खराब हो रही हैं और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही जल संरक्षण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर पहले भी खबर प्रकाशित हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इससे लोगों में गहरा आक्रोश है और वे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकारी तालाब को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए, भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और लापरवाही बरतने वाले लेखपाल, कानूनगो समेत जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते सरकारी तालाब को बचाने के लिए कदम उठाएगा, या फिर राजस्व अमले की चुप्पी में भूमाफियाओं का कब्जा स्थायी रूप ले लेगा?
    user_कौशांबी संदेश
    कौशांबी संदेश
    Yoga instructor मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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