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⚡"बस्ती में 'कलम' पर भारी 'कट्टा-तंत्र': पेट्रोल पंप पर गुंडागर्दी की कवरेज कर रहे पत्रकार पर जानलेवा हमला!" अजीत मिश्रा (खोजी) 🚨बस्ती में लोकतंत्र लहूलुहान: जब 'सच' दिखाने पर गुंडों ने पत्रकार का गला दबाया🚨 ⚡"बस्ती में 'कलम' पर भारी 'कट्टा-तंत्र': पेट्रोल पंप पर गुंडागर्दी की कवरेज कर रहे पत्रकार पर जानलेवा हमला!" ⚡"खौफनाक: बस्ती में पत्रकार वेदिक द्विवेदी पर हमला, पंप चालक के गुंडे तरुण सिंह ने सरेआम की मारपीट।" ⚡"साहब! ये कैसी 'सामान्य स्थिति' है? जहां पत्रकार को सच बोलने पर मिलती है गुंडों की मार!" बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश। बस्ती। उत्तर प्रदेश में सुशासन के दावों के बीच बस्ती मंडल से आई एक रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर ने प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। दुबखरा स्थित भारत पेट्रोलियम पंप पर जो हुआ, वह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को दी गई सीधी चुनौती है। कैमरे के सामने एक पत्रकार को सरेआम धमकाना, उसका गला दबाना और मारपीट करना यह साबित करता है कि जिले में अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। 💫एडीएम के दावे बनाम जमीनी हकीकत अजीब विडंबना है कि एक तरफ एडीएम प्रतिपाल सिंह बयान जारी कर कह रहे हैं कि "स्थिति सामान्य है", वहीं दूसरी ओर जनता पेट्रोल की एक-एक बूंद के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है। जब पत्रकार वेदिक द्विवेदी ने इसी 'झूठ' को बेनकाब करने के लिए मौके पर रिपोर्टिंग शुरू की, तो पंप चालक के कथित गुर्गे तरुण सिंह ने उन पर हमला बोल दिया। सवाल यह है: अगर स्थिति सामान्य है, तो वहां लंबी कतारें क्यों थीं? और अगर सब कुछ पारदर्शी है, तो कैमरे से इतनी घबराहट क्यों? क्या पंप पर तेल की कालाबाजारी हो रही थी, जिसे छुपाने के लिए गुंडों का सहारा लिया गया? 💫पंप पर 'गुंडा-राज', प्रशासन मौन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह तरुण सिंह ने पत्रकार का माइक छीनने की कोशिश की और उन पर शारीरिक हमला किया। यह घटना दर्शाती है कि जिले के कुछ पेट्रोल पंप अब जनसुविधा केंद्र नहीं, बल्कि 'दबंगों के अड्डे' बन चुके हैं। पत्रकार का दोष सिर्फ इतना था कि वह आम जनता की आवाज उठा रहा था। 💫कब होगी 'बुलडोजर' वाली कार्रवाई? बस्ती की जनता और पत्रकार समाज अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस 'जीरो टॉलरेंस' नीति की ओर देख रहा है, जिसका ढिंढोरा पीटा जाता है। 👉क्या पत्रकार पर हाथ उठाने वाले इन गुंडों पर रासुका (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई होगी? 👉क्या प्रशासन उन अधिकारियों पर भी नकेल कसेगा जो बंद कमरों में बैठकर 'सब ठीक है' का भ्रम फैला रहे हैं? लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला बस्ती जनपद के दुबखरा स्थित भारत पेट्रोलियम पंप का है, जहां अव्यवस्थाओं की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार वेदिक द्विवेदी पर पंप चालक के कथित गुंडे तरुण सिंह ने जानलेवा हमला कर दिया। यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि सच की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी साजिश है। 💫दहशत का केंद्र बना पेट्रोल पंप एक तरफ जिले के एडीएम प्रतिपाल सिंह कागजों पर दावा कर रहे हैं कि "स्थिति सामान्य है" और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। दुबखरा पंप पर लगी लंबी कतारें और वहां व्याप्त अफरातफरी प्रशासन के दावों की पोल खोल रही थीं। जब पत्रकार वेदिक द्विवेदी इन अव्यवस्थाओं को जनता के सामने लाने का अपना पेशेवर दायित्व निभा रहे थे, तभी तरुण सिंह नामक व्यक्ति ने उन पर हमला बोल दिया। 💫प्रशासनिक विफलता और गुंडों के हौसले बुलंद सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन शांति का दावा कर रहा है, तो सार्वजनिक स्थानों पर इन "सफेदपोश गुंडों" को कानून हाथ में लेने की हिम्मत कहां से मिल रही है? 🔔अव्यवस्था: क्या पंप पर लंबी लाइनें प्रशासनिक कुप्रबंधन का नतीजा नहीं हैं? 🔔सुरक्षा: ड्यूटी पर तैनात पत्रकार के साथ मारपीट होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा सवालिया निशान खड़ा करता है। 🔔दबंगई: क्या अब बस्ती में रिपोर्टिंग करने के लिए गुंडों से अनुमति लेनी होगी? 💫कार्रवाई का इंतज़ार: कब जागेगा तंत्र? पत्रकार पर हमला सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटना है। इस घटना ने जिले के पत्रकार जगत में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या तरुण सिंह जैसे अराजक तत्वों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी, या फिर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा? ब्यूरो चीफ की टिप्पणी: "अगर सच दिखाने की कीमत खून से चुकानी पड़े, तो यह समाज और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। हम इस हमले की पुरजोर निंदा करते हैं और प्रशासन से मांग करते हैं कि दोषियों को तत्काल जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए।" निष्कर्ष: कलम को डराने की कोशिशें नई नहीं हैं, लेकिन बस्ती की यह घटना प्रशासन के माथे पर कलंक है। अगर 24 घंटे के भीतर दोषियों पर ऐसी कार्रवाई नहीं हुई जो मिसाल बने, तो यह माना जाएगा कि बस्ती में लोकतंत्र नहीं, बल्कि 'लाठी तंत्र' चल रहा है। ब्यूरो चीफ, बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)

2 hrs ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

⚡"बस्ती में 'कलम' पर भारी 'कट्टा-तंत्र': पेट्रोल पंप पर गुंडागर्दी की कवरेज कर रहे पत्रकार पर जानलेवा हमला!" अजीत मिश्रा (खोजी) 🚨बस्ती में लोकतंत्र लहूलुहान: जब 'सच' दिखाने पर गुंडों ने पत्रकार का गला दबाया🚨 ⚡"बस्ती में 'कलम' पर भारी 'कट्टा-तंत्र': पेट्रोल पंप पर गुंडागर्दी की कवरेज कर रहे पत्रकार पर जानलेवा हमला!" ⚡"खौफनाक: बस्ती में पत्रकार वेदिक द्विवेदी पर हमला, पंप चालक के गुंडे तरुण सिंह ने सरेआम की मारपीट।" ⚡"साहब! ये कैसी 'सामान्य स्थिति' है? जहां पत्रकार को सच बोलने पर मिलती है गुंडों की मार!" बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश। बस्ती। उत्तर प्रदेश में सुशासन के दावों के बीच बस्ती मंडल से आई एक रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर ने प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। दुबखरा स्थित भारत पेट्रोलियम पंप पर जो हुआ, वह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को दी गई सीधी चुनौती है। कैमरे के सामने एक पत्रकार को सरेआम धमकाना, उसका गला दबाना और मारपीट करना यह साबित करता है कि जिले में अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। 💫एडीएम के दावे बनाम जमीनी हकीकत अजीब विडंबना है कि एक तरफ एडीएम प्रतिपाल सिंह बयान जारी कर कह रहे हैं कि "स्थिति सामान्य है", वहीं दूसरी ओर जनता पेट्रोल की एक-एक बूंद के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है। जब पत्रकार वेदिक द्विवेदी ने इसी 'झूठ' को बेनकाब करने के लिए मौके पर रिपोर्टिंग शुरू की, तो पंप चालक के कथित गुर्गे तरुण सिंह ने उन पर हमला बोल दिया। सवाल यह है: अगर स्थिति सामान्य है, तो वहां लंबी कतारें क्यों थीं? और अगर सब कुछ पारदर्शी है, तो कैमरे से इतनी घबराहट क्यों? क्या पंप पर तेल की कालाबाजारी हो रही थी, जिसे छुपाने के लिए गुंडों का सहारा लिया गया? 💫पंप पर 'गुंडा-राज', प्रशासन मौन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह तरुण सिंह ने पत्रकार का माइक छीनने की कोशिश की और उन पर शारीरिक हमला किया। यह घटना दर्शाती है कि जिले के कुछ पेट्रोल पंप अब जनसुविधा केंद्र नहीं, बल्कि 'दबंगों के अड्डे' बन चुके हैं। पत्रकार का दोष सिर्फ इतना था कि वह आम जनता की आवाज उठा रहा था। 💫कब होगी 'बुलडोजर' वाली कार्रवाई? बस्ती की जनता और पत्रकार समाज अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस 'जीरो टॉलरेंस' नीति की ओर देख रहा है, जिसका ढिंढोरा पीटा जाता है। 👉क्या पत्रकार पर हाथ उठाने वाले इन गुंडों पर रासुका (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई होगी? 👉क्या प्रशासन उन अधिकारियों पर भी नकेल कसेगा जो बंद कमरों में बैठकर 'सब ठीक है' का भ्रम फैला रहे हैं? लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला बस्ती जनपद के दुबखरा स्थित भारत पेट्रोलियम पंप का है, जहां अव्यवस्थाओं की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार वेदिक द्विवेदी पर पंप चालक के कथित गुंडे तरुण सिंह ने जानलेवा हमला कर दिया। यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि सच की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी साजिश है। 💫दहशत का केंद्र बना पेट्रोल पंप एक तरफ जिले के एडीएम प्रतिपाल सिंह कागजों पर दावा कर रहे हैं कि "स्थिति सामान्य है" और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। दुबखरा पंप पर लगी लंबी कतारें और वहां व्याप्त अफरातफरी प्रशासन के दावों की पोल खोल रही थीं। जब पत्रकार वेदिक द्विवेदी इन अव्यवस्थाओं को जनता के सामने लाने का अपना पेशेवर दायित्व निभा रहे थे, तभी तरुण सिंह नामक व्यक्ति ने उन पर हमला बोल दिया। 💫प्रशासनिक विफलता और गुंडों के हौसले बुलंद सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन शांति का दावा कर रहा है, तो सार्वजनिक स्थानों पर इन "सफेदपोश गुंडों" को कानून हाथ में लेने की हिम्मत कहां से मिल रही है? 🔔अव्यवस्था: क्या पंप पर लंबी लाइनें प्रशासनिक कुप्रबंधन का नतीजा नहीं हैं? 🔔सुरक्षा: ड्यूटी पर तैनात पत्रकार के साथ मारपीट होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा सवालिया निशान खड़ा करता है। 🔔दबंगई: क्या अब बस्ती में रिपोर्टिंग करने के लिए गुंडों से अनुमति लेनी होगी? 💫कार्रवाई का इंतज़ार: कब जागेगा तंत्र? पत्रकार पर हमला सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटना है। इस घटना ने जिले के पत्रकार जगत में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या तरुण सिंह जैसे अराजक तत्वों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी, या फिर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा? ब्यूरो चीफ की टिप्पणी: "अगर सच दिखाने की कीमत खून से चुकानी पड़े, तो यह समाज और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। हम इस हमले की पुरजोर निंदा करते हैं और प्रशासन से मांग करते हैं कि दोषियों को तत्काल जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए।" निष्कर्ष: कलम को डराने की कोशिशें नई नहीं हैं, लेकिन बस्ती की यह घटना प्रशासन के माथे पर कलंक है। अगर 24 घंटे के भीतर दोषियों पर ऐसी कार्रवाई नहीं हुई जो मिसाल बने, तो यह माना जाएगा कि बस्ती में लोकतंत्र नहीं, बल्कि 'लाठी तंत्र' चल रहा है। ब्यूरो चीफ, बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)

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    अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨बस्ती में लोकतंत्र लहूलुहान: जब 'सच' दिखाने पर गुंडों ने पत्रकार का गला दबाया🚨
⚡"बस्ती में 'कलम' पर भारी 'कट्टा-तंत्र': पेट्रोल पंप पर गुंडागर्दी की कवरेज कर रहे पत्रकार पर जानलेवा हमला!"
⚡"खौफनाक: बस्ती में पत्रकार वेदिक द्विवेदी पर हमला, पंप चालक के गुंडे तरुण सिंह ने सरेआम की मारपीट।"
⚡"साहब! ये कैसी 'सामान्य स्थिति' है? जहां पत्रकार को सच बोलने पर मिलती है गुंडों की मार!"
बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश।
बस्ती। उत्तर प्रदेश में सुशासन के दावों के बीच बस्ती मंडल से आई एक रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर ने प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। दुबखरा स्थित भारत पेट्रोलियम पंप पर जो हुआ, वह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को दी गई सीधी चुनौती है। कैमरे के सामने एक पत्रकार को सरेआम धमकाना, उसका गला दबाना और मारपीट करना यह साबित करता है कि जिले में अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।
💫एडीएम के दावे बनाम जमीनी हकीकत
अजीब विडंबना है कि एक तरफ एडीएम प्रतिपाल सिंह बयान जारी कर कह रहे हैं कि "स्थिति सामान्य है", वहीं दूसरी ओर जनता पेट्रोल की एक-एक बूंद के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है। जब पत्रकार वेदिक द्विवेदी ने इसी 'झूठ' को बेनकाब करने के लिए मौके पर रिपोर्टिंग शुरू की, तो पंप चालक के कथित गुर्गे तरुण सिंह ने उन पर हमला बोल दिया।
सवाल यह है: अगर स्थिति सामान्य है, तो वहां लंबी कतारें क्यों थीं? और अगर सब कुछ पारदर्शी है, तो कैमरे से इतनी घबराहट क्यों? क्या पंप पर तेल की कालाबाजारी हो रही थी, जिसे छुपाने के लिए गुंडों का सहारा लिया गया?
💫पंप पर 'गुंडा-राज', प्रशासन मौन
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह तरुण सिंह ने पत्रकार का माइक छीनने की कोशिश की और उन पर शारीरिक हमला किया। यह घटना दर्शाती है कि जिले के कुछ पेट्रोल पंप अब जनसुविधा केंद्र नहीं, बल्कि 'दबंगों के अड्डे' बन चुके हैं। पत्रकार का दोष सिर्फ इतना था कि वह आम जनता की आवाज उठा रहा था।
💫कब होगी 'बुलडोजर' वाली कार्रवाई?
बस्ती की जनता और पत्रकार समाज अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस 'जीरो टॉलरेंस' नीति की ओर देख रहा है, जिसका ढिंढोरा पीटा जाता है।
👉क्या पत्रकार पर हाथ उठाने वाले इन गुंडों पर रासुका (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई होगी?
👉क्या प्रशासन उन अधिकारियों पर भी नकेल कसेगा जो बंद कमरों में बैठकर 'सब ठीक है' का भ्रम फैला रहे हैं?
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला बस्ती जनपद के दुबखरा स्थित भारत पेट्रोलियम पंप का है, जहां अव्यवस्थाओं की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार वेदिक द्विवेदी पर पंप चालक के कथित गुंडे तरुण सिंह ने जानलेवा हमला कर दिया। यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि सच की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी साजिश है।
💫दहशत का केंद्र बना पेट्रोल पंप
एक तरफ जिले के एडीएम प्रतिपाल सिंह कागजों पर दावा कर रहे हैं कि "स्थिति सामान्य है" और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। दुबखरा पंप पर लगी लंबी कतारें और वहां व्याप्त अफरातफरी प्रशासन के दावों की पोल खोल रही थीं। जब पत्रकार वेदिक द्विवेदी इन अव्यवस्थाओं को जनता के सामने लाने का अपना पेशेवर दायित्व निभा रहे थे, तभी तरुण सिंह नामक व्यक्ति ने उन पर हमला बोल दिया।
💫प्रशासनिक विफलता और गुंडों के हौसले बुलंद
सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन शांति का दावा कर रहा है, तो सार्वजनिक स्थानों पर इन "सफेदपोश गुंडों" को कानून हाथ में लेने की हिम्मत कहां से मिल रही है?
🔔अव्यवस्था: क्या पंप पर लंबी लाइनें प्रशासनिक कुप्रबंधन का नतीजा नहीं हैं?
🔔सुरक्षा: ड्यूटी पर तैनात पत्रकार के साथ मारपीट होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा सवालिया निशान खड़ा करता है।
🔔दबंगई: क्या अब बस्ती में रिपोर्टिंग करने के लिए गुंडों से अनुमति लेनी होगी?
💫कार्रवाई का इंतज़ार: कब जागेगा तंत्र?
पत्रकार पर हमला सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटना है। इस घटना ने जिले के पत्रकार जगत में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या तरुण सिंह जैसे अराजक तत्वों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी, या फिर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा?
ब्यूरो चीफ की टिप्पणी: "अगर सच दिखाने की कीमत खून से चुकानी पड़े, तो यह समाज और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। हम इस हमले की पुरजोर निंदा करते हैं और प्रशासन से मांग करते हैं कि दोषियों को तत्काल जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए।"
निष्कर्ष: कलम को डराने की कोशिशें नई नहीं हैं, लेकिन बस्ती की यह घटना प्रशासन के माथे पर कलंक है। अगर 24 घंटे के भीतर दोषियों पर ऐसी कार्रवाई नहीं हुई जो मिसाल बने, तो यह माना जाएगा कि बस्ती में लोकतंत्र नहीं, बल्कि 'लाठी तंत्र' चल रहा है।
ब्यूरो चीफ, बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Vipin Rai Journalist
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    Post by Vipin Rai Journalist
    user_Vipin Rai Journalist
    Vipin Rai Journalist
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत महुली में जागरूकता अभियान, 68 लोगों की जांच संतकबीरनगर । उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति फेज-5.0” के अंतर्गत थाना महुली क्षेत्र के तरयापार गांव में महिला एवं बालिका सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में सम्पन्न हुआ। थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कम्पोजिट विद्यालय तरयापार में छात्राओं एवं महिलाओं को मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूक किया गया। उपनिरीक्षक देवेंद्र तिवारी, मुख्य आरक्षी शम्स तबरेज, महिला मुख्य आरक्षी पुष्पा यादव एवं आरक्षी राकेश गुप्ता द्वारा साइबर सुरक्षा, महिला अधिकारों एवं विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। साथ ही वूमेन पावर लाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, एम्बुलेंस 108, चाइल्ड लाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 के उपयोग की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा एवं साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी तथा पम्पलेट वितरित किए। इस दौरान एंटी रोमियो अभियान के तहत क्षेत्र के 6 स्थानों पर चेकिंग कर 68 व्यक्तियों से पूछताछ की गई। इनमें से 4 व्यक्तियों से माफीनामा भरवाया गया, जबकि 64 को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा को लेकर ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
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    मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत महुली में जागरूकता अभियान, 68 लोगों की जांच
संतकबीरनगर । 
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति फेज-5.0” के अंतर्गत थाना महुली क्षेत्र के तरयापार गांव में महिला एवं बालिका सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में सम्पन्न हुआ।
थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कम्पोजिट विद्यालय तरयापार में छात्राओं एवं महिलाओं को मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूक किया गया। उपनिरीक्षक देवेंद्र तिवारी, मुख्य आरक्षी शम्स तबरेज, महिला मुख्य आरक्षी पुष्पा यादव एवं आरक्षी राकेश गुप्ता द्वारा साइबर सुरक्षा, महिला अधिकारों एवं विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। साथ ही वूमेन पावर लाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, एम्बुलेंस 108, चाइल्ड लाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 के उपयोग की जानकारी दी गई।
पुलिस टीम ने गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा एवं साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी तथा पम्पलेट वितरित किए।
इस दौरान एंटी रोमियो अभियान के तहत क्षेत्र के 6 स्थानों पर चेकिंग कर 68 व्यक्तियों से पूछताछ की गई। इनमें से 4 व्यक्तियों से माफीनामा भरवाया गया, जबकि 64 को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा को लेकर ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
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    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • संत कबीर नगर जिले में पेट्रोल की किल्लत से आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। नगर क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों को मिलाकर जिले में कुल मिलाकर करीब एक दर्जन पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश पंपों पर पेट्रोल की आपूर्ति बाधित होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, कई पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं। ऐसे में जैसे ही रोडवेज चौराहे के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल उपलब्ध होने की सूचना फैली, वहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई। अचानक भारी भीड़ जुटने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वाहन चालकों में इस बात को लेकर चिंता देखी जा रही है कि पहले से ही रसोई गैस की समस्या बनी हुई है, अब पेट्रोल की किल्लत भी परेशानी बढ़ा सकती है। एक पेट्रोल पंप संचालक ने बताया कि सप्लाई बाधित होने के कारण पंप ड्राई हो गए हैं। टैंकर डिपो पर लोडिंग में लगा हुआ है और जल्द ही पेट्रोल की आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।
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    संत कबीर नगर जिले में पेट्रोल की किल्लत से आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। नगर क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों को मिलाकर जिले में कुल मिलाकर करीब एक दर्जन पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश पंपों पर पेट्रोल की आपूर्ति बाधित होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, कई पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं। ऐसे में जैसे ही रोडवेज चौराहे के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल उपलब्ध होने की सूचना फैली, वहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई। अचानक भारी भीड़ जुटने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
वाहन चालकों में इस बात को लेकर चिंता देखी जा रही है कि पहले से ही रसोई गैस की समस्या बनी हुई है, अब पेट्रोल की किल्लत भी परेशानी बढ़ा सकती है।
एक पेट्रोल पंप संचालक ने बताया कि सप्लाई बाधित होने के कारण पंप ड्राई हो गए हैं। टैंकर डिपो पर लोडिंग में लगा हुआ है और जल्द ही पेट्रोल की आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।
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    खबरें 24
    Court reporter खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • महुली। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा गुमशुदा महिला को 24 घंटे के अन्दर बरामद कर परिजनों को सुपुर्द किया गया । दिनाँक 24.03.2026 को थाना महुली क्षेत्र निवासी एक महिला द्वारा द्वारा सूचना दी गयी कि उनकी पुत्री उम्र करीब 25 वर्ष मुकदमें की तारीख देखने खलीलाबाद न्यायालय गयी थी, जिसके बाद वह घर नही लौटी है । प्राप्त सूचना के आधार पर थाना महुली पुलिस द्वारा तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गयी । थाना महुली पुलिस द्वारा संभावित स्थानों पर तलाश की गयी तथा आवश्यक पूछताछ की गयी । पुलिस की सतर्कता एवं प्रयासों के फलस्वरूप गुमशुदा महिला को सकुशल बरामद कर लिया गया तथा उसे उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया ।
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    महुली।
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली  दुर्गेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा गुमशुदा महिला को 24 घंटे के अन्दर बरामद कर परिजनों को सुपुर्द किया गया । 
दिनाँक 24.03.2026 को थाना महुली क्षेत्र निवासी एक महिला द्वारा द्वारा सूचना दी गयी कि उनकी पुत्री उम्र करीब 25 वर्ष मुकदमें की तारीख देखने खलीलाबाद न्यायालय गयी थी, जिसके बाद वह घर नही लौटी है । प्राप्त सूचना के आधार पर थाना महुली पुलिस द्वारा तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गयी । थाना महुली पुलिस द्वारा संभावित स्थानों पर तलाश की गयी तथा आवश्यक पूछताछ की गयी । पुलिस की सतर्कता एवं प्रयासों के फलस्वरूप गुमशुदा महिला को सकुशल बरामद कर लिया गया तथा उसे उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया ।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    9 hrs ago
  • अम्बेडकर नगर: विकास के नाम पर सरकारी धन की लूट का आरोप अम्बेडकर नगर जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांवों में बनाए जा रहे कूड़ा घर, सामुदायिक शौचालय और इंटरलॉकिंग सड़कों में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कागजों में कार्य पूर्ण दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कई निर्माण अधूरे या मानकों के विपरीत नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य कुछ ही समय में खराब हो रहे हैं। कई जगहों पर सुविधाएं चालू दिखा दी गई हैं, जबकि वहां बुनियादी व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं है। शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक उच्च स्तर पर शिकायत नहीं की जाती, तब तक मामले को गंभीरता से नहीं लिया जाता। ऐसे में सवाल उठता है कि निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है या नहीं।
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    अम्बेडकर नगर: विकास के नाम पर सरकारी धन की लूट का आरोप
अम्बेडकर नगर जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांवों में बनाए जा रहे कूड़ा घर, सामुदायिक शौचालय और इंटरलॉकिंग सड़कों में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कागजों में कार्य पूर्ण दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कई निर्माण अधूरे या मानकों के विपरीत नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य कुछ ही समय में खराब हो रहे हैं। कई जगहों पर सुविधाएं चालू दिखा दी गई हैं, जबकि वहां बुनियादी व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं है। शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक उच्च स्तर पर शिकायत नहीं की जाती, तब तक मामले को गंभीरता से नहीं लिया जाता। ऐसे में सवाल उठता है कि निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है या नहीं।
    user_TEESRI AANKHEN
    TEESRI AANKHEN
    अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    38 min ago
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    Post by APDP NEWS
    user_APDP NEWS
    APDP NEWS
    पत्रकार अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अफवाहों का ‘ईंधन’ और खौफ की ‘रफ़्तार’: सिद्धार्थनगर में तेल के लिए त्राहि-त्राहि अजीत मिश्रा (खोजी), ब्यूरो चीफ - बस्ती मंडल सिद्धार्थनगर। सात समंदर पार ईरान और इजराइल के बीच युद्ध की आहट क्या हुई, सरहदी जिले सिद्धार्थनगर की सड़कों पर पैनिक का ‘विस्फोट’ हो गया। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने की एक अफवाह ने जिले के पेट्रोल पंपों पर वो मंजर पैदा कर दिया, जिसे देखकर लगा कि शायद कल से पहिए थम जाएंगे। आलम यह है कि लोग अपनी गाड़ियों की टंकी ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े गैलनों में भी तेल भरकर घर ले जाने की होड़ में लगे हैं। बढ़नी और शोहरतगढ़ में बिगड़े हालात, पुलिस ने संभाला मोर्चा अफवाह की आग सबसे ज्यादा बढ़नी और शोहरतगढ़ के इलाकों में भड़की। देखते ही देखते पेट्रोल पंपों पर हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) का नतीजा यह हुआ कि कई पंपों पर चंद घंटों में ही 'नो स्टॉक' के बोर्ड लटक गए, जिससे जनता में डर और गहरा गया। मैदान में उतरे SDM और CO: दी कड़ी चेतावनी हालात की गंभीरता को देखते हुए SDM विवेकानंद मिश्र और CO मयंक द्विवेदी ने खुद मोर्चा संभाला। एसडीएम ने मालगहिया और बढ़नी के पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया और सप्लाई चेन की हकीकत जांची। SDM विवेकानंद मिश्र ने दो टूक शब्दों में कहा: "जिले में तेल की रत्ती भर भी कमी नहीं है। स्टॉक पर्याप्त है। तेल की किल्लत की खबरें महज कोरी अफवाह हैं। जो भी सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रम फैलाएगा, प्रशासन उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगा। लोग अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा न करें।" पंपों पर 'पहरा', शांति की अपील क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने खुद पंपों पर खड़े होकर व्यवस्था को सुचारू कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि लोग कतारबद्ध होकर अपनी जरूरत के मुताबिक ही ईंधन लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल को इसलिए तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था और यातायात में कोई बाधा न आए। हकीकत: सप्लाई सुरक्षित, डर बेवजह प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है। युद्ध की खबरों का स्थानीय आपूर्ति पर फिलहाल कोई असर नहीं है। अधिकारियों की सक्रियता के बाद बढ़नी क्षेत्र में स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन अभी भी 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है।
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    अफवाहों का ‘ईंधन’ और खौफ की ‘रफ़्तार’: सिद्धार्थनगर में तेल के लिए त्राहि-त्राहि
अजीत मिश्रा (खोजी), ब्यूरो चीफ - बस्ती मंडल
सिद्धार्थनगर। सात समंदर पार ईरान और इजराइल के बीच युद्ध की आहट क्या हुई, सरहदी जिले सिद्धार्थनगर की सड़कों पर पैनिक का ‘विस्फोट’ हो गया। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने की एक अफवाह ने जिले के पेट्रोल पंपों पर वो मंजर पैदा कर दिया, जिसे देखकर लगा कि शायद कल से पहिए थम जाएंगे। आलम यह है कि लोग अपनी गाड़ियों की टंकी ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े गैलनों में भी तेल भरकर घर ले जाने की होड़ में लगे हैं।
बढ़नी और शोहरतगढ़ में बिगड़े हालात, पुलिस ने संभाला मोर्चा
अफवाह की आग सबसे ज्यादा बढ़नी और शोहरतगढ़ के इलाकों में भड़की। देखते ही देखते पेट्रोल पंपों पर हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) का नतीजा यह हुआ कि कई पंपों पर चंद घंटों में ही 'नो स्टॉक' के बोर्ड लटक गए, जिससे जनता में डर और गहरा गया।
मैदान में उतरे SDM और CO: दी कड़ी चेतावनी
हालात की गंभीरता को देखते हुए SDM विवेकानंद मिश्र और CO मयंक द्विवेदी ने खुद मोर्चा संभाला। एसडीएम ने मालगहिया और बढ़नी के पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया और सप्लाई चेन की हकीकत जांची।
SDM विवेकानंद मिश्र ने दो टूक शब्दों में कहा:
"जिले में तेल की रत्ती भर भी कमी नहीं है। स्टॉक पर्याप्त है। तेल की किल्लत की खबरें महज कोरी अफवाह हैं। जो भी सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रम फैलाएगा, प्रशासन उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगा। लोग अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा न करें।"
पंपों पर 'पहरा', शांति की अपील
क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने खुद पंपों पर खड़े होकर व्यवस्था को सुचारू कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि लोग कतारबद्ध होकर अपनी जरूरत के मुताबिक ही ईंधन लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल को इसलिए तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था और यातायात में कोई बाधा न आए।
हकीकत: सप्लाई सुरक्षित, डर बेवजह
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है। युद्ध की खबरों का स्थानीय आपूर्ति पर फिलहाल कोई असर नहीं है। अधिकारियों की सक्रियता के बाद बढ़नी क्षेत्र में स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन अभी भी 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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