गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से एक अवैध .315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 20 जून को दर्ज एक शिकायत से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मोंटी, अक्षय धोती, करण सूल और मन्नू ने मोटरसाइकिल पर आकर अरुण कुमार पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। इस मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया था और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई थी। 21 जून को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करण सूल और अक्षय धोती को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि कुछ दिन पहले अरुण से उनका विवाद हुआ था, जिसके चलते उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से एक अवैध .315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 20 जून को दर्ज एक शिकायत से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मोंटी, अक्षय धोती, करण सूल और मन्नू ने मोटरसाइकिल पर आकर अरुण कुमार पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। इस मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया था और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई थी। 21 जून को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करण सूल और अक्षय धोती को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि कुछ दिन पहले अरुण से उनका विवाद हुआ था, जिसके चलते उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
- गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से एक अवैध .315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 20 जून को दर्ज एक शिकायत से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मोंटी, अक्षय धोती, करण सूल और मन्नू ने मोटरसाइकिल पर आकर अरुण कुमार पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। इस मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया था और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई थी। 21 जून को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करण सूल और अक्षय धोती को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि कुछ दिन पहले अरुण से उनका विवाद हुआ था, जिसके चलते उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।1
- गाजियाबाद में तहसील बार एसोसिएशन (पंजी.) ने उत्तर प्रदेश शासन के निबन्धन विभाग द्वारा जारी ई-पंजीयन संबंधी "हिटलर शाही आदेश" के विरोध में 12वें दिन भी धरना जारी रखा। यह आंदोलन निबन्धन विभाग के पत्रांक 2523/ई-पंजीकरण/शि0 दिनांक 04-06-2026 के तहत रजिस्ट्री का कार्य प्राइवेट एजेंसियों को सौंपे जाने के खिलाफ है। सदर तहसील परिसर, गाँधी नगर, गाजियाबाद में अध्यक्ष श्री अशोक कुमार वर्मा एड0 और सचिव श्री दीपक वार्ष्णेय एड0 के नेतृत्व में अधिवक्ता, बैनामा लेखक, स्टांप वेंडर, मुंशी और टाइपिस्ट साथी धरने पर बैठे हैं। एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि यह नई व्यवस्था "टैक्स पेयर्स की गाढ़ी कमाई लूटने" और "शासकीय धन की लूट" के इरादे से लाई गई है। उनका कहना है कि इससे गाजियाबाद में हजारों और पूरे प्रदेश में लाखों अधिवक्ता, बैनामा लेखक, स्टांप वेंडर और मुंशी बेरोजगार हो जाएंगे। संगठन ने सरकार द्वारा करोड़ों रुपया प्राइवेट एजेंसियों को भुगतान करने की योजना को "सरासर भ्रष्टाचार" बताया। इससे पहले 18 जून 2026 को माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय जी को दिए गए ज्ञापन में भी इसी "हिटलर शाही आदेश" को वापस लेने और दोषियों पर कठोरतम कार्यवाही करने की मांग की गई थी। इस बीच, गाजियाबाद के मोदी नगर और लोनी सहित प्रदेश के कुल 45 जिलों में 11 जून से रजिस्ट्री कार्य और न्यायालय का बहिष्कार जारी है। तहसील बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस "जनविरोधी आदेश" को शीघ्र वापस नहीं लिया, तो आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।4
- लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित उषा मेहता मार्ग B/2 सेक्टर डी में एक प्राइवेट कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग पर काबू पा लिया गया है। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी, जिसके बाद फायर विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल की तीन गाड़ियां आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं, साथ ही राहत और बचाव कार्य भी जारी था। किसी भी प्रकार की जनहानि से बचने के लिए आसपास के इलाके को खाली करा दिया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने और राहत कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने के भी आदेश दिए हैं।1
- गाजियाबाद के डासना क्षेत्र में दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे के निकट स्थित लगभग 250 बीघा सरकारी भूमि को जिला प्रशासन ने अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया है। इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 250 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि सरकारी जमीन पर फर्जी प्रविष्टियां कराकर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। सोमवार को पुलिस और प्रशासन की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुँची और मुनादी के ज़रिए लोगों को चेतावनी दी कि यह सरकारी भूमि है और इस पर किसी भी प्रकार का निर्माण, कब्जा या क्रय-विक्रय न किया जाए। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर, पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया जाएगा, जिसमें चार अधिकारी स्तर के अधिकारियों सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह एसआईटी इस बात की जांच करेगी कि सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े की साज़िश किसने रची और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा, साथ ही भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- जनपद गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मसूरी थाना क्षेत्र के डासना में 270 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया है। इस कार्रवाई की विशेष रिपोर्ट गाजियाबाद ब्यूरो चीफ हरीश कुमार ने दुनिया डायरेक्ट राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र के लिए प्रस्तुत की है।3
- उत्तर प्रदेश के कासगंज से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ अमानवीय कृत्य किया गया। उन पर युवक-युवतियों के बीच बातचीत कराने का आरोप लगाया गया। इसी आरोप के चलते, भीड़ ने पहले उनका मुंह काला किया, फिर उन्हें चप्पलों की माला पहनाई और बाद में उनकी बेरहमी से पिटाई भी की।1