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हल्द्वानी ब्यूरो रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को चोरगलियां में आयोजित भाजपा के मंडल स्तरीय कार्यक्रम और जिला मंडल अध्यक्षों की बैठक में शामिल हुए।
द कहर न्यूज़ एजेंसी
हल्द्वानी ब्यूरो रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को चोरगलियां में आयोजित भाजपा के मंडल स्तरीय कार्यक्रम और जिला मंडल अध्यक्षों की बैठक में शामिल हुए।
- Sri.kc.kc.jainमुक्ताईनगर, जळगाव, महाराष्ट्रsri.kc.kc.jain8 hrs ago
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- हल्द्वानी ब्यूरो रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को चोरगलियां में आयोजित भाजपा के मंडल स्तरीय कार्यक्रम और जिला मंडल अध्यक्षों की बैठक में शामिल हुए।1
- उम्मीद से परे बाबा रामदेव क्या कुछ कह गए। बाबा से बड़ा दूसरा कोई नहीं। इसमें दोराय नहीं कि बाबा रामदेव की देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अलग अलग पहचान है। पिछले दो दशक से बाबा खुद को एक योग गुरु और व्यवसाई के आयने में फिट करते आ रहे है। 2014 से पहले बीजेपी के खेमे में पहुंच गए और बीजेपी चहेतों में सुमार हो गए। इधर स्वतंत्रता दिवस पर ऐसी पलटी मारी कि हर किसीको अचंभित कर दिया। इसके मायने क्या कुछ हो सकतेहैं, यह वक्त बताएगा। बहरहाल उनका बयान देखिए।1
- बाजपुर न्यूज सीएनजी खत्म होने पर पुलिस बनी मददगार, ट्रैक्टर से पिकअप को पहुंचाया पंप बाजपुर। रास्ते में पिकअप वाहन की सीएनजी खत्म होने के बाद कांवरियों ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। सूचना मिलने पर दोराहा चौकी पुलिस ने तत्काल सहायता के लिए कदम उठाया। पुलिसकर्मी राजेश नाथ ने ट्रैक्टर की मदद से सीएनजी खत्म होने वाली पिकअप को नजदीकी सीएनजी पंप तक पहुंचाया। पुलिस की इस मदद से कांवरियों को राहत मिली। पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल के लिए कांवरियों ने उत्तराखंड पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद किया। बाजपुर न्यूज सीएनजी खत्म होने पर पुलिस बनी मददगार, ट्रैक्टर से पिकअप को पहुंचाया पंप बाजपुर। रास्ते में पिकअप वाहन की सीएनजी खत्म होने के बाद कांवरियों ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। सूचना मिलने पर दोराहा चौकी पुलिस ने तत्काल सहायता के लिए कदम उठाया। पुलिसकर्मी राजेश नाथ ने ट्रैक्टर की मदद से सीएनजी खत्म होने वाली पिकअप को नजदीकी सीएनजी पंप तक पहुंचाया। पुलिस की इस मदद से कांवरियों को राहत मिली। पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल के लिए कांवरियों ने उत्तराखंड पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद किया।1
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय जल्द बढ़ाने की तैयारी: रेखा आर्या बाजपुर। श्रीराम जानकी मंडप में आयोजित उत्तरांचल आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के 12वें प्रदेश अधिवेशन में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जल्द ही कार्यकर्ताओं को इस संबंध में अच्छी खबर मिल सकती है।मंत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पदोन्नति के माध्यम से सुपरवाइजर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। साथ ही सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली एकमुश्त धनराशि बढ़ाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। रेखा आर्या ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पेंशन सुविधा देने की योजना पर भी गंभीरता से विचार कर रही है और वर्ष 2026 में इस पर अंतिम निर्णय होने की संभावना है। अधिवेशन में संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगें और समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ की अखिल भारतीय मंत्री अंजलि पटेल, क्षेत्र संगठन मंत्री अनुपम, प्रदेश अध्यक्ष उमेश जोशी, महामंत्री सुमित सिंघल, राज्य मंत्री मनजीत सिंह, भगवती बिष्ट, रेणु खोलिया सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- 80वें स्वतंत्रता दिवस पर कलेक्ट्रेट में हुआ ध्वजारोहण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं राज्य आंदोलनकारियों को किया सम्मानित 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज कलेक्ट्रेट प्रांगण में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के उपरांत उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस दौरान राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर में देवदार के पौधों को रोपित कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान एवं संघर्ष को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और देश के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि आजादी हमें लंबे संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आदर्शों और मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए देश एवं समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, उपजिलाधिकारियों एवं राज्य आंदोलनकारियों को जिलाधिकारी अंशुल सिंह, राज्य मंत्री गंगा बिष्ट एवं गोविंद पिल्खवाल ने संयुक्त रूप से सम्मानित किया। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को नमन करते हुए उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई। इसके पश्चात मल्ला महल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों एवं विद्यार्थियों ने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। मल्ला महल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं कार्मिकों को भी सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की गई तथा अन्य कर्मचारियों को भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, रवि रौतेला, ललित लटवाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- सर्पदंश मामले में सोशल मीडिया व पोर्टल पर प्रसारित खबर पर पीड़ित के पुत्र ने दी स्थिति की स्पष्ट जानकारी। जिला अस्पताल से चिकित्सीय परामर्श के उपरांत पीड़ित को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से शीघ्र लोहाघाट अस्पताल उपचार हेतु भेजा गया चम्पावत जिले के सीमांत मंच-तामली क्षेत्र के हरम गांव निवासी 66 वर्षीय श्री घनश्याम शर्मा खेत में मक्का काट रहे थे। इसी दौरान सांप ने उनके बाएं हाथ में कलाई के पास डस लिया। परिजन तत्काल उन्हें मंच-तामली अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से प्रारंभिक उपचार के उपरांत उन्हें जिला चिकित्सालय चम्पावत लाया गया। सोशल मीडिया एवं विभिन्न पोर्टलों पर जिला चिकित्सालय से रेफर किए जाने के संबंध में प्रसारित खबरों पर पीड़ित के पुत्र श्री सतीश चंद्र शर्मा ने स्वयं स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में उनके पिता को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया, हालांकि उन्होंने कहा कि उस दिन फिजिशियन डॉक्टर के अवकाश में होने के कारण किसी अन्य प्रकार की चिकित्सकीय आवश्यकता उत्पन्न होने पर उसका तत्काल उपचार एवं निगरानी सुनिश्चित हो सके, इस दृष्टि से उन्हें लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉक्टर के पास ले जाने की सलाह दी गई, साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था से उन्हें लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय भेजा गया। श्री सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि उनके पिता का वर्तमान में लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है और उनकी हालत में सुधार है। उन्होंने जिला अस्पताल में मिले चिकित्सकीय परामर्श एवं सहयोग के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया। वर्तमान में श्री घनश्याम शर्मा का उपचार लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी के दिशा-निर्देश पर फिजिशियन डॉ. राकेश जोशी द्वारा किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल अच्छी है हालांकि उन्हें अभी भी चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार एवं आवश्यक निगरानी लगातार की जा रही है।1
- अमरिया क्षेत्र में देर रात गांव में पहुंचा मगरमच्छ, ग्रामीणों में मचा हड़कंप1
- प्रकाश प्रदूषण: आंखों से ओझल हो जाएंगे आसमान में टिमटिमाते तारे , पक्षियों समेत इंसानों का स्वास्थ्य भी होगा खराब रात के साफ आसमान में चमकते तारों को देखना अब पहले की तरह आसान नहीं रहा। दुनिया के तेजी से बढ़ते शहरों और रातों को बढ़ती रोशनी के विस्तार के कारण प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution) लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे सीधा असर रात के आकाश की दृश्यता पर पड़ रहा है। शहरों में रहने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में बहुत कम तारे दिखाई देते हैं। स्ट्रीट लाइट, इमारतों की रोशनी, विज्ञापन बोर्ड, वाहनों की लाइट और अन्य कृत्रिम प्रकाश स्रोत रात के वातावरण को लगातार चमकीला बना रहे हैं। जब यह प्रकाश वातावरण में फैलता है तो आकाश की प्राकृतिक अंधकारमय पृष्ठभूमि कम हो जाती है। परिणामस्वरूप कम चमक वाले तारे हमारी आंखों से दिखाई नहीं देते। तारों की संख्या क्यों कम दिखाई देती है? आकाश में तारों की संख्या कम नहीं हो रही है। समस्या यह है कि कृत्रिम रोशनी तारों की कमजोर चमक को ढक देती है। ग्रामीण और दूरदराज के अंधेरे क्षेत्रों में रात के आकाश में हजारों तारे और आकाशगंगा की पट्टी तक दिखाई दे सकती है, जबकि बड़े शहरों में केवल कुछ चमकीले तारे ही नजर आते हैं। खगोल वैज्ञानिकों के लिए भी यह एक गंभीर चुनौती है। दूर स्थित मंद तारों, आकाशगंगाओं और अन्य खगोलीय पिंडों का अध्ययन करने के लिए अत्यंत अंधेरे आकाश की आवश्यकता होती है। इसी कारण कई बड़ी वेधशालाएं शहरों से दूर और अपेक्षाकृत अंधेरे क्षेत्रों में स्थापित की जाती हैं। क्या एक दिन तारे पूरी तरह गायब हो जाएंगे? ऐसा कहना सही नहीं होगा कि पृथ्वी से सभी तारे पूरी तरह दिखाई देना बंद हो जाएंगे। हालांकि, यदि प्रकाश प्रदूषण इसी तरह बढ़ता रहा तो शहरी क्षेत्रों में दिखाई देने वाले तारों की संख्या लगातार घट सकती है। सबसे अधिक प्रभावित वे तारे होंगे जिनकी चमक कम है। वहीं, सूर्य के बाद रात के आकाश में सबसे चमकीले खगोलीय पिंडों में शामिल चंद्रमा तथा कुछ चमकीले ग्रह और तारे सामान्यतः दिखाई देते रहेंगे। केवल खगोल विज्ञान की समस्या नहीं प्रकाश प्रदूषण का असर केवल तारों और खगोल विज्ञान तक सीमित नहीं है। रात और दिन के प्राकृतिक प्रकाश चक्र में बदलाव से पक्षियों, कीटों और अन्य जीवों के व्यवहार पर भी प्रभाव पड़ सकता है। वैज्ञानिकों ने कृत्रिम रात्री प्रकाश और मानव जैविक घड़ी के बीच संबंधों पर भी अध्ययन किए हैं।4