छत पर कपड़े सुखाने गई महिला पर बंदरों का जानलेवा हमला, गिरकर मौत — गांव में दहशत का माहौल आंवला। विकासखंड आलमपुर जाफराबाद की ग्राम पंचायत झिंझरी में बंदरों के आतंक ने एक और जान ले ली। मंगलवार को दिल दहला देने वाली घटना में छत पर कपड़े सुखाने गई एक महिला पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे गिर गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका के पति नरसिंह ने बताया कि उनकी पत्नी नन्ही देवी रोज़ की तरह घर की छत पर कपड़े सुखाने गई थीं। तभी अचानक बंदरों का झुंड उन पर टूट पड़ा। खुद को बचाने के प्रयास में वह छत से नीचे गिर गईं। गिरने से गंभीर चोट लगने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, झिंझरी गांव में बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है और यह कोई पहला हादसा नहीं है। बीते एक वर्ष में करीब आधा दर्जन से अधिक लोग इन हमलावर बंदरों का शिकार हो चुके हैं। गोविन्द पुत्र नरेश का कूल्हा टूट चुका है, आदेश पुत्र हरसहाय के दोनों पैर टूट गए, अखिलेश पुत्र राजेश्वर का पैर, शोभित पुत्र जगमोहन का हाथ और लीलावती पत्नी तारीफ सिंह की कमर टूट चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ते जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान उमेश यादव मृतका के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि गांव में बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस गंभीर समस्या को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और ग्रामीणों के सहयोग से इसका स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। गांव में अब डर का माहौल है। लोग छत पर जाने से भी घबराने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे। प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई की मांग की है।
छत पर कपड़े सुखाने गई महिला पर बंदरों का जानलेवा हमला, गिरकर मौत — गांव में दहशत का माहौल आंवला। विकासखंड आलमपुर जाफराबाद की ग्राम पंचायत झिंझरी में बंदरों के आतंक ने एक और जान ले ली। मंगलवार को दिल दहला देने वाली घटना में छत पर कपड़े सुखाने गई एक महिला पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे गिर गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका के पति नरसिंह ने बताया कि उनकी पत्नी नन्ही देवी रोज़ की तरह घर की छत पर कपड़े सुखाने गई थीं। तभी अचानक बंदरों का झुंड उन पर टूट पड़ा। खुद को बचाने के प्रयास में वह छत से नीचे गिर गईं। गिरने से गंभीर चोट लगने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, झिंझरी गांव में बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है और यह कोई पहला हादसा नहीं है। बीते एक वर्ष में करीब आधा दर्जन से
अधिक लोग इन हमलावर बंदरों का शिकार हो चुके हैं। गोविन्द पुत्र नरेश का कूल्हा टूट चुका है, आदेश पुत्र हरसहाय के दोनों पैर टूट गए, अखिलेश पुत्र राजेश्वर का पैर, शोभित पुत्र जगमोहन का हाथ और लीलावती पत्नी तारीफ सिंह की कमर टूट चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ते जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान उमेश यादव मृतका के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि गांव में बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस गंभीर समस्या को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और ग्रामीणों के सहयोग से इसका स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। गांव में अब डर का माहौल है। लोग छत पर जाने से भी घबराने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे। प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई की मांग की है।
- Lalta Prasadआँवला, बरेली, उत्तर प्रदेश👌1 hr ago
- आंवला। विकासखंड आलमपुर जाफराबाद की ग्राम पंचायत झिंझरी में बंदरों के आतंक ने एक और जान ले ली। मंगलवार को दिल दहला देने वाली घटना में छत पर कपड़े सुखाने गई एक महिला पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे गिर गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका के पति नरसिंह ने बताया कि उनकी पत्नी नन्ही देवी रोज़ की तरह घर की छत पर कपड़े सुखाने गई थीं। तभी अचानक बंदरों का झुंड उन पर टूट पड़ा। खुद को बचाने के प्रयास में वह छत से नीचे गिर गईं। गिरने से गंभीर चोट लगने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, झिंझरी गांव में बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है और यह कोई पहला हादसा नहीं है। बीते एक वर्ष में करीब आधा दर्जन से अधिक लोग इन हमलावर बंदरों का शिकार हो चुके हैं। गोविन्द पुत्र नरेश का कूल्हा टूट चुका है, आदेश पुत्र हरसहाय के दोनों पैर टूट गए, अखिलेश पुत्र राजेश्वर का पैर, शोभित पुत्र जगमोहन का हाथ और लीलावती पत्नी तारीफ सिंह की कमर टूट चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ते जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान उमेश यादव मृतका के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि गांव में बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस गंभीर समस्या को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और ग्रामीणों के सहयोग से इसका स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। गांव में अब डर का माहौल है। लोग छत पर जाने से भी घबराने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे। प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई की मांग की है।2
- मीरगंज पुलिस ने 711 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्कर दबोचे1
- संवाददाता संजीव कुमार राणा इंडिया न्यूज़ दर्शन बदायूं बदायूं। बिल्सी थाना क्षेत्र के निवासी यादराम पुत्र मनीराम ने एक दंपत्ति और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उक्त दंपत्ति द्वारा लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर धन उगाही की जाती है और धमकाकर दबाव बनाया जाता है। प्रार्थी के अनुसार, आरोपी महिला पहले भी कई मामलों में लोगों को फंसा चुकी है। एक पुराने मामले का जिक्र करते हुए बताया गया कि उसकी बेटी के नाम से दर्ज एक गंभीर मुकदमे में बाद में न्यायालय में बयान बदलने की बात सामने आई थी। खबर में पीड़ित युवती का नाम गोपनीय रखा गया है। शिकायत में यह भी आरोप है कि आरोपी दंपत्ति द्वारा प्रार्थी के पुत्र को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा दिया गया और अब पूरे परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा अवैध कब्जा, गाली-गलौज और मारपीट जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। यादराम ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।2
- *थाना मीरगंज #bareillyPolice द्वारा मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले 02 शातिर अभियुक्तो को 711 ग्राम अवैध स्मैक सहित गिरफ्तार कर की जा रही पुलिस कार्यवाही के सम्बन्ध में श्री अजय कुमार क्षेत्राधिकारी मीरगंज की बाइट।*1
- जिलाधिकारी बदायूँ श्री अवनीश राय तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूँ सुश्री अंकिता शर्मा द्वारा उत्तर प्रदेश होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 की लिखित परीक्षा*को सकुशल / शान्तिपूर्ण / नकलविहीन / निष्पक्ष संपन्न कराये जाने हेतु जनपद के समस्त परीक्षा केन्द्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया तथा ड्यूटीरत् अधिकारीगण/कर्म0गण को परीक्षा को शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने हेतु दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश*1
- All India Muslim Majlis का बड़ा फैसला, अकील हुसैन बने बरेली के जिला महासचिव बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी ने संगठन विस्तार के तहत बड़ा निर्णय लेते हुए अकील हुसैन को जनपद बरेली का जिला महासचिव नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उनके संगठन के प्रति समर्पण, सक्रियता और समाज में योगदान को देखते हुए की गई है। पार्टी नेतृत्व ने विश्वास जताया है कि अकील हुसैन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करेंगे। साथ ही उनसे उम्मीद जताई गई है कि वे संगठन को मजबूत करने के साथ अधिक से अधिक लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ेंगे। पार्टी के अनुसार यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद का भी उल्लेख किया गया है। अंत में पार्टी के अन्य प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के नाम भी शामिल किए गए हैं। 🐄 मानवता की मिसाल: लेडीज पत्रकार ने बचाई गाय के बच्चे की जान बरेली। इंसानियत की एक मिसाल पेश करते हुए एक महिला पत्रकार ने घायल/फंसे हुए गाय के बच्चे (बछड़े) को बचाकर सराहनीय कार्य किया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी उनके इस साहसिक कदम की जमकर प्रशंसा की। बताया जा रहा है कि पत्रकार ने बिना अपनी परवाह किए बछड़े को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी। इस कार्य के बाद स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने महिला पत्रकार की तारीफ करते हुए इसे प्रेरणादायक कदम बताया। 👉 इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि मानवता और संवेदनशीलता आज भी समाज में जीवित है।1
- सेवा का शुभारंभ मैक्स हॉस्पिटल वैशाली के नेफ्रोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अभिनव कट्याल की उपस्थिति में किया गया। डॉ. अभिनव कट्याल अब प्रत्येक महीने के तीसरे मंगलवार को दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक देव प्राइमस हॉस्पिटल, बरेली में उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान वे मरीजों को प्राथमिक जांच और फॉलो-अप कंसल्टेशन की सुविधा प्रदान करेंगे। इस अवसर पर डॉ. अभिनव कट्याल ने कहा कि किडनी फेलियर और क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका एक बड़ा कारण समय पर सही निदान और जागरूकता की कमी है। उन्होंने बताया कि कई गंभीर मामलों में किडनी ट्रांसप्लांट ही अंतिम विकल्प बन जाता है, इसलिए मरीजों के लिए यह आवश्यक है कि वे आधुनिक उपचार विकल्पों के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने आगे कहा कि इस नई OPD सेवा का उद्देश्य बरेली और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उनके शहर में ही विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें समय पर उपचार और नियमित फॉलो-अप मिल सके। डॉ. कट्याल ने बताया कि इस पहल के तहत शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान, व्यक्तिगत उपचार योजना (पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट) और दीर्घकालिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर परिणाम मिल सकें। किडनी संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली की यह पहल बरेली के मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे अब उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही शहर में आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।1
- हत्या मामले में एसआई पर मिलीभगत का आरोप, पीड़ित ने एसएसपी से लगाई गुहार1