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शिवा बाबा मंदिर पर श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इस स्थिति के चलते बाबा के भक्त काफी परेशान हैं।

15 hrs ago
user_Raju Singh Rathod
Raju Singh Rathod
बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
15 hrs ago

शिवा बाबा मंदिर पर श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इस स्थिति के चलते बाबा के भक्त काफी परेशान हैं।

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  • शिवा बाबा मंदिर पर श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इस स्थिति के चलते बाबा के भक्त काफी परेशान हैं।
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    शिवा बाबा मंदिर पर श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इस स्थिति के चलते बाबा के भक्त काफी परेशान हैं।
    user_Raju Singh Rathod
    Raju Singh Rathod
    बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • खंडवा में वन विभाग ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसमें 600 जवानों की एक टीम 90 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने का कार्य कर रही है। यह कार्रवाई 8 वन कर्मियों पर हुए हमले के बाद की जा रही है, जिसके संबंध में चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। अभियान के दौरान, वन अमले को रोकने के लिए रची गई एक साजिश का भी खुलासा हुआ है। अतिक्रमणकारियों ने 35 GBC से 90 हेक्टेयर क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे खोदे थे और जंगल में कीलों का जाल बिछाया था। कलेक्टर, SP और DFO की साझा रणनीति के कारण इस साजिश को बेअसर करते हुए अतिक्रमण को सफलतापूर्वक हटाया जा रहा है।
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    खंडवा में वन विभाग ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसमें 600 जवानों की एक टीम 90 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने का कार्य कर रही है। यह कार्रवाई 8 वन कर्मियों पर हुए हमले के बाद की जा रही है, जिसके संबंध में चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।

अभियान के दौरान, वन अमले को रोकने के लिए रची गई एक साजिश का भी खुलासा हुआ है। अतिक्रमणकारियों ने 35 GBC से 90 हेक्टेयर क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे खोदे थे और जंगल में कीलों का जाल बिछाया था। कलेक्टर, SP और DFO की साझा रणनीति के कारण इस साजिश को बेअसर करते हुए अतिक्रमण को सफलतापूर्वक हटाया जा रहा है।
    user_Masood Javed Qadri
    Masood Javed Qadri
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिजनों और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है। इस घटना ने आदिवासी संगठन को भी नाराज कर दिया है, जिसके चलते सभी ने मिलकर कलेक्टर और एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। आदिवासी समाज खालवा के युवक की मौत की घटना से बेहद गुस्से में है और मामले की उचित जांच की मांग कर रहा है।
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    खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिजनों और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है। इस घटना ने आदिवासी संगठन को भी नाराज कर दिया है, जिसके चलते सभी ने मिलकर कलेक्टर और एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। आदिवासी समाज खालवा के युवक की मौत की घटना से बेहद गुस्से में है और मामले की उचित जांच की मांग कर रहा है।
    user_Ramchandra Kasde
    Ramchandra Kasde
    Newspaper distribution खलवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • खंडवा जिले के ग्राम घोसली में शासन-प्रशासन और बिजली कंपनियों की अनदेखी के खिलाफ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन सामने आया है, जहाँ मुआवजे की बकाया राशि और बिजली टावर लाइन की विसंगतियों से तंग आकर एक किसान ने टावर के खंभे पर ही अपना आशियाना बना लिया है। ग्राम घोसली के 58 वर्षीय किसान कैलाश सिंह पिछले कई दिनों से इसी ऊँचे बिजली टावर पर रहने को मजबूर हैं। कैलाश सिंह का आरोप है कि कंपनी ने उनके खेत में टावर लाइन का खंभा खड़ा कर दिया, लेकिन मुआवजे के नाम पर आज तक उन्हें एक रुपया भी नहीं दिया गया। अधिकारियों द्वारा उन्हें लगातार "आज-कल" कहकर केवल आश्वासन दिया जा रहा है और काम निकाला जा रहा है। पीड़ित किसान कैलाश सिंह ने दृढ़ता से कहा है, "मैं अपना पूरा बैंक स्टेटमेंट देने को तैयार हूँ, ताकि साबित हो सके कि कंपनी ने मुझे अब तक फूटी कौड़ी भी नहीं दी है।" इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अपनी गाढ़ी कमाई की जमीन पर हक की लड़ाई लड़ रहा यह किसान अब आर-पार के मूड में है। ग्रामीणों का भी कहना है कि जब तक किसान को उसका जायज मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक यह अनूठा आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस बेबस किसान की सुध कब लेता है।
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    खंडवा जिले के ग्राम घोसली में शासन-प्रशासन और बिजली कंपनियों की अनदेखी के खिलाफ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन सामने आया है, जहाँ मुआवजे की बकाया राशि और बिजली टावर लाइन की विसंगतियों से तंग आकर एक किसान ने टावर के खंभे पर ही अपना आशियाना बना लिया है। ग्राम घोसली के 58 वर्षीय किसान कैलाश सिंह पिछले कई दिनों से इसी ऊँचे बिजली टावर पर रहने को मजबूर हैं।

कैलाश सिंह का आरोप है कि कंपनी ने उनके खेत में टावर लाइन का खंभा खड़ा कर दिया, लेकिन मुआवजे के नाम पर आज तक उन्हें एक रुपया भी नहीं दिया गया। अधिकारियों द्वारा उन्हें लगातार "आज-कल" कहकर केवल आश्वासन दिया जा रहा है और काम निकाला जा रहा है। पीड़ित किसान कैलाश सिंह ने दृढ़ता से कहा है, "मैं अपना पूरा बैंक स्टेटमेंट देने को तैयार हूँ, ताकि साबित हो सके कि कंपनी ने मुझे अब तक फूटी कौड़ी भी नहीं दी है।"

इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अपनी गाढ़ी कमाई की जमीन पर हक की लड़ाई लड़ रहा यह किसान अब आर-पार के मूड में है। ग्रामीणों का भी कहना है कि जब तक किसान को उसका जायज मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक यह अनूठा आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस बेबस किसान की सुध कब लेता है।
    user_रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
    रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
    खरगोन, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • एक पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद उस पर से आवागमन जारी है, जिससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र पुलिया निर्माण की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
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    एक पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद उस पर से आवागमन जारी है, जिससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र पुलिया निर्माण की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
    user_Pradeep gathiya
    Pradeep gathiya
    पुनासा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • डूबे हुए ऐतिहासिक नगर हरसूद की 22वीं बरसी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकार एवं कवि अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने अपनी मार्मिक कविता का पाठ कर उपस्थित जनसमुदाय को भावुक कर दिया। उनकी प्रस्तुति में पुराने हरसूद की स्मृतियाँ, विस्थापन का गहरा दर्द, अपनी जन्मभूमि से बिछड़ने की पीड़ा, और नई पीढ़ी तक उस समृद्ध विरासत को पहुँचाने का सशक्त संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। कविता पाठ के दौरान अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने हरसूद की गलियों, मंदिरों, बाजारों और उसकी सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत भावनात्मक चित्रण किया। उन्होंने उन हजारों परिवारों की संवेदनाओं को शब्द दिए, जिन्हें एक विकास परियोजना के कारण अपनी पुश्तैनी जमीन और घर छोड़ने पड़े थे। उनकी यह भावपूर्ण कविता सुनते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अनेक लोग भावुक हो उठे और पुराने हरसूद की यादों में खो गए। अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने इस अवसर पर कहा कि हरसूद केवल एक नगर मात्र नहीं था, बल्कि वह संस्कृति, परंपरा, अपनत्व और सामाजिक एकता का एक जीवंत प्रतीक था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भले ही नगर आज जलाशय में समा गया हो, लेकिन उसकी स्मृतियाँ आज भी लोगों के दिलों में पूरी तरह जीवित हैं। उन्होंने नई पीढ़ी का यह दायित्व बताया कि वे हरसूद के इतिहास, उसके संघर्ष और उसकी सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखें। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों और नागरिकों ने अनुराग बंसल 'हरसूदी' की इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कविता ने हरसूद की पीड़ा और उसके गौरवशाली अतीत को अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया, जिससे यह प्रस्तुति 22वीं बरसी के आयोजन का एक भावनात्मक और यादगार क्षण बन गई।
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    डूबे हुए ऐतिहासिक नगर हरसूद की 22वीं बरसी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकार एवं कवि अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने अपनी मार्मिक कविता का पाठ कर उपस्थित जनसमुदाय को भावुक कर दिया। उनकी प्रस्तुति में पुराने हरसूद की स्मृतियाँ, विस्थापन का गहरा दर्द, अपनी जन्मभूमि से बिछड़ने की पीड़ा, और नई पीढ़ी तक उस समृद्ध विरासत को पहुँचाने का सशक्त संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

कविता पाठ के दौरान अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने हरसूद की गलियों, मंदिरों, बाजारों और उसकी सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत भावनात्मक चित्रण किया। उन्होंने उन हजारों परिवारों की संवेदनाओं को शब्द दिए, जिन्हें एक विकास परियोजना के कारण अपनी पुश्तैनी जमीन और घर छोड़ने पड़े थे। उनकी यह भावपूर्ण कविता सुनते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अनेक लोग भावुक हो उठे और पुराने हरसूद की यादों में खो गए।

अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने इस अवसर पर कहा कि हरसूद केवल एक नगर मात्र नहीं था, बल्कि वह संस्कृति, परंपरा, अपनत्व और सामाजिक एकता का एक जीवंत प्रतीक था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भले ही नगर आज जलाशय में समा गया हो, लेकिन उसकी स्मृतियाँ आज भी लोगों के दिलों में पूरी तरह जीवित हैं। उन्होंने नई पीढ़ी का यह दायित्व बताया कि वे हरसूद के इतिहास, उसके संघर्ष और उसकी सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखें। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों और नागरिकों ने अनुराग बंसल 'हरसूदी' की इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कविता ने हरसूद की पीड़ा और उसके गौरवशाली अतीत को अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया, जिससे यह प्रस्तुति 22वीं बरसी के आयोजन का एक भावनात्मक और यादगार क्षण बन गई।
    user_Heeralal Longre
    Heeralal Longre
    Media company हरसूद, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बुरहानपुर में 30 जून, 2026 को रेणुका झील के किनारे 'जल गंगा संवर्धन अभियान' का समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें म.प्र. शासन के जल संसाधन विभाग एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट शामिल हुए। उन्होंने इस अभियान को जल संरक्षण की जनक्रांति बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने तथा भूमिगत जलस्तर बढ़ाने की एक सार्थक पहल है। मंत्री श्री सिलावट ने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जल संरक्षण और पौधारोपण को आवश्यक बताया, साथ ही सभी से जल की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। अपने संबोधन में, प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने बुरहानपुर को आस्था एवं संस्कृति की नगरी तथा गौरवशाली इतिहास वाला जिला बताया। उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, उद्यानों और शासकीय संस्थानों में पौधे रोपित करने तथा विद्यार्थियों व युवाओं को पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर अभियान से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और हरित भविष्य मिल सके। उन्होंने नागरिकों से जन्मदिन, वर्षगांठ या अन्य विशेष अवसरों पर एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का भी आह्वान किया। मंत्री श्री सिलावट ने रेणुका झील के सौंदर्यीकरण के शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, जिसका कार्य अमृत 2.0 के तहत 185.27 करोड़ रुपये की राशि से किया गया है और इसमें म्यूजिकल फाउंटेन व मनोरंजन गतिविधियों जैसे प्रस्तावित कार्य शामिल हैं। उन्होंने बुरहानपुर एवं खंडवा क्षेत्र को ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के उपहार का भी उल्लेख किया, जो भविष्य में जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को नई दिशा देगी। समापन समारोह में प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री जी के संदेश का वाचन किया, जिसमें जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश की सामूहिक यात्रा का उल्लेख था। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पौधारोपण किया, जिसमें प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने त्रिवेणी का पौधा रोपित किया। बुरहानपुर विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने रेणुका झील के सौंदर्यीकरण के लिए 70 लाख रुपये देने की बात कही और जल के सदुपयोग का आह्वान किया, जबकि नेपानगर विधायक सुश्री मंजू दादू ने तालाबों के गहरीकरण से क्षेत्र को होने वाले लाभ पर प्रकाश डाला। महापौर श्रीमती माधुरी पटेल ने घोषणा की कि आगामी 6 जुलाई को भारत के महान राष्ट्रनायक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर इसी परिसर में प्रतिमा स्थापना का भूमिपूजन किया जाएगा। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने अभियान के घटकों और विभागों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और राष्ट्रीय तिलहन मिशन अंतर्गत 'एक बगियां माँ के नाम' के तहत चयनित स्व सहायता समूह की दीदीयों को मूंगफल्ली के बीज वितरित किए गए। अंत में, जल संरक्षण की शपथ ली गई।
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    बुरहानपुर में 30 जून, 2026 को रेणुका झील के किनारे 'जल गंगा संवर्धन अभियान' का समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें म.प्र. शासन के जल संसाधन विभाग एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट शामिल हुए। उन्होंने इस अभियान को जल संरक्षण की जनक्रांति बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने तथा भूमिगत जलस्तर बढ़ाने की एक सार्थक पहल है। मंत्री श्री सिलावट ने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जल संरक्षण और पौधारोपण को आवश्यक बताया, साथ ही सभी से जल की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में, प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने बुरहानपुर को आस्था एवं संस्कृति की नगरी तथा गौरवशाली इतिहास वाला जिला बताया। उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, उद्यानों और शासकीय संस्थानों में पौधे रोपित करने तथा विद्यार्थियों व युवाओं को पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर अभियान से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और हरित भविष्य मिल सके। उन्होंने नागरिकों से जन्मदिन, वर्षगांठ या अन्य विशेष अवसरों पर एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का भी आह्वान किया। मंत्री श्री सिलावट ने रेणुका झील के सौंदर्यीकरण के शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, जिसका कार्य अमृत 2.0 के तहत 185.27 करोड़ रुपये की राशि से किया गया है और इसमें म्यूजिकल फाउंटेन व मनोरंजन गतिविधियों जैसे प्रस्तावित कार्य शामिल हैं। उन्होंने बुरहानपुर एवं खंडवा क्षेत्र को ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के उपहार का भी उल्लेख किया, जो भविष्य में जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को नई दिशा देगी।

समापन समारोह में प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री जी के संदेश का वाचन किया, जिसमें जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश की सामूहिक यात्रा का उल्लेख था। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पौधारोपण किया, जिसमें प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने त्रिवेणी का पौधा रोपित किया। बुरहानपुर विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने रेणुका झील के सौंदर्यीकरण के लिए 70 लाख रुपये देने की बात कही और जल के सदुपयोग का आह्वान किया, जबकि नेपानगर विधायक सुश्री मंजू दादू ने तालाबों के गहरीकरण से क्षेत्र को होने वाले लाभ पर प्रकाश डाला। महापौर श्रीमती माधुरी पटेल ने घोषणा की कि आगामी 6 जुलाई को भारत के महान राष्ट्रनायक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर इसी परिसर में प्रतिमा स्थापना का भूमिपूजन किया जाएगा। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने अभियान के घटकों और विभागों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और राष्ट्रीय तिलहन मिशन अंतर्गत 'एक बगियां माँ के नाम' के तहत चयनित स्व सहायता समूह की दीदीयों को मूंगफल्ली के बीज वितरित किए गए। अंत में, जल संरक्षण की शपथ ली गई।
    user_Raju Singh Rathod
    Raju Singh Rathod
    बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • खरगोन जिले के भगवानपुरा क्षेत्र में बारिश की शुरुआत से ही जानलेवा स्थिति बनी हुई है, जहाँ स्कूली बच्चे और ग्रामीण उफनते नदी-नालों को जान जोखिम में डालकर पार करने को मजबूर हैं। लगातार बारिश के कारण भगवानपुरा क्षेत्र में कुंदा नदी और अन्य नाले बाढ़ पर हैं, फिर भी लोग पुलों और पुलियाओं को पार कर रहे हैं। पीपलझोपा के राजमोहली में बच्चों को उनके परिजन हाथ पकड़कर उफनती नदी पार कराते हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इसी प्रकार, काबरी-सागमली मार्ग पर एक बैलगाड़ी और एक बच्चे को पीठ पर बिठाकर पुलिया पार करने का एक वीडियो भी सामने आया है। प्रशासन द्वारा पुल-पुलिया पर पानी होने पर रास्ता पार न करने की अपील का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। ये तस्वीरें और वायरल वीडियो प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों की पोल खोल रहे हैं, क्योंकि बच्चे और ग्रामीण लगातार जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से निकल रहे हैं और उनके ये वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं।
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    खरगोन जिले के भगवानपुरा क्षेत्र में बारिश की शुरुआत से ही जानलेवा स्थिति बनी हुई है, जहाँ स्कूली बच्चे और ग्रामीण उफनते नदी-नालों को जान जोखिम में डालकर पार करने को मजबूर हैं। लगातार बारिश के कारण भगवानपुरा क्षेत्र में कुंदा नदी और अन्य नाले बाढ़ पर हैं, फिर भी लोग पुलों और पुलियाओं को पार कर रहे हैं। पीपलझोपा के राजमोहली में बच्चों को उनके परिजन हाथ पकड़कर उफनती नदी पार कराते हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इसी प्रकार, काबरी-सागमली मार्ग पर एक बैलगाड़ी और एक बच्चे को पीठ पर बिठाकर पुलिया पार करने का एक वीडियो भी सामने आया है।

प्रशासन द्वारा पुल-पुलिया पर पानी होने पर रास्ता पार न करने की अपील का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। ये तस्वीरें और वायरल वीडियो प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों की पोल खोल रहे हैं, क्योंकि बच्चे और ग्रामीण लगातार जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से निकल रहे हैं और उनके ये वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं।
    user_Praveen pal
    Praveen pal
    Press advisory खरगोन, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    11 min ago
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