logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की वन विभाग टीम ने आज दो अलग-अलग घटनाओं में रिहाइशी इलाकों से दो मगरमच्छों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया है। 1. ककरहा रेंज (पैरुआ गांव): आज तड़के लगभग 3:45 बजे पैरुआ गांव में एक घर के अंदर मगरमच्छ घुसने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सुबह 5:30 बजे तक मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। तत्पश्चात उसे भीऊरवीर घाट नहर में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। 2. मोतीपुर रेंज (मिहीपुरवा नगर पंचायत): मिहीपुरवा नगर पंचायत के घनी आबादी वाले क्षेत्र में मगरमच्छ के भटक कर आ जाने की शिकायतें मिलने के बाद, वन विभाग द्वारा तीन दिन पूर्व एक मगरमच्छ पकड़ने का पिंजरा (crocodile trapping cage) लगाया गया था। आज 15 सितंबर की सुबह मगरमच्छ पिंजरे में सुरक्षित रूप से कैद हो गया, जिसे बाद में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। जनहित में अपील एवं सुरक्षा सलाह बाढ़ के मौसम के कारण जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ अक्सर भटक कर ग्रामीण और शहरी रिहाइशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। वन विभाग समस्त नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील करता है: 1. जल निकायों से दूर रहें: बाढ़ के पानी, जलमग्न रास्तों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। 2. सतर्कता बरतें: मवेशियों और पालतू जानवरों को पानी के स्रोतों के पास न जाने दें। 3. तत्काल सूचना दें: मगरमच्छ दिखने पर उसे छेड़ने या पकड़ने का प्रयास बिल्कुल न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग से संपर्क करें।

23 hrs ago
user_RN Tiwari
RN Tiwari
मिहीनपुरवा मोतीपुर, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
23 hrs ago
79c27f3a-32e9-4a68-9b58-b59e043bacde

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की वन विभाग टीम ने आज दो अलग-अलग घटनाओं में रिहाइशी इलाकों से दो मगरमच्छों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया है। 1. ककरहा रेंज (पैरुआ गांव): आज तड़के लगभग 3:45 बजे पैरुआ गांव में एक घर के अंदर मगरमच्छ घुसने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सुबह 5:30 बजे तक मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। तत्पश्चात उसे भीऊरवीर घाट नहर में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। 2. मोतीपुर रेंज (मिहीपुरवा नगर पंचायत): मिहीपुरवा नगर पंचायत के घनी आबादी वाले क्षेत्र में मगरमच्छ के भटक कर आ जाने की शिकायतें मिलने के बाद,

वन विभाग द्वारा तीन दिन पूर्व एक मगरमच्छ पकड़ने का पिंजरा (crocodile trapping cage) लगाया गया था। आज 15 सितंबर की सुबह मगरमच्छ पिंजरे में सुरक्षित रूप से कैद हो गया, जिसे बाद में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। जनहित में अपील एवं सुरक्षा सलाह बाढ़ के मौसम के कारण जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ अक्सर भटक कर ग्रामीण और शहरी रिहाइशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। वन विभाग समस्त नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील करता है: 1. जल निकायों से दूर रहें: बाढ़ के पानी, जलमग्न रास्तों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। 2. सतर्कता बरतें: मवेशियों और पालतू जानवरों को पानी के स्रोतों के पास न जाने दें। 3. तत्काल सूचना दें: मगरमच्छ दिखने पर उसे छेड़ने या पकड़ने का प्रयास बिल्कुल न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग से संपर्क करें।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • मटेरा बाजार में अवैध मेडिकल स्टोर का वीडियो वायरल, स्थानीय लोगों में रोष; सूत्रों से आई बड़ी खबर स्थानीय मटेरा बाजार में संचालित गुप्ता मेडिकल स्टोर का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में कथित तौर पर उक्त मेडिकल स्टोर के अवैध रूप से संचालित होने और मानकों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र के नागरिकों में हड़कंप मच गया है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच इस मामले से जुड़ी सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो सोशल मीडिया पर वीडियो के व्यापक रूप से वायरल होने के बाद जिला औषधि विभाग (ड्रग डिपार्टमेंट) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। बताया जा रहा है कि ड्रग इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग की एक संयुक्त टीम बेहद गोपनीय तरीके से इस मेडिकल स्टोर के दस्तावेजों और बैकग्राउंड की जांच कर रही है। सूत्रों का यह भी दावा है कि विभाग किसी भी वक्त गुप्ता मेडिकल स्टोर पर औचक छापेमारी कर सकता है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दुकान को तुरंत सील करने के साथ-साथ भारी जुर्माना और एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की तैयारी में है। वीडियो वायरल होने के बाद मटेरा और आसपास के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन और बिना कागजात के चल रही ऐसी अवैध दुकानें मरीजों की जान जोखिम में डाल रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि:दुकान के लाइसेंस और स्टॉक की गहनता से भौतिक जांच की जाए।अवैध दवाओं की बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।फिलहाल, औषधि निरीक्षक कार्यालय से किसी आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक आने वाले 24 से 48 घंटों के भीतर इस मामले में प्रशासन का बड़ा डंडा चल सकता है। रिपोर्ट-: प्रीतम सिंह,बहराइच
    1
    मटेरा बाजार में अवैध मेडिकल स्टोर का वीडियो वायरल, स्थानीय लोगों में रोष; सूत्रों से आई बड़ी खबर
स्थानीय मटेरा बाजार में संचालित गुप्ता मेडिकल स्टोर का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में कथित तौर पर उक्त मेडिकल स्टोर के अवैध रूप से संचालित होने और मानकों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र के नागरिकों में हड़कंप मच गया है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच इस मामले से जुड़ी सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो सोशल मीडिया पर वीडियो के व्यापक रूप से वायरल होने के बाद जिला औषधि विभाग (ड्रग डिपार्टमेंट) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। बताया जा रहा है कि ड्रग इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग की एक संयुक्त टीम बेहद गोपनीय तरीके से इस मेडिकल स्टोर के दस्तावेजों और बैकग्राउंड की जांच कर रही है। सूत्रों का यह भी दावा है कि विभाग किसी भी वक्त गुप्ता मेडिकल स्टोर पर औचक छापेमारी कर सकता है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दुकान को तुरंत सील करने के साथ-साथ भारी जुर्माना और एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की तैयारी में है। वीडियो वायरल होने के बाद मटेरा और आसपास के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन और बिना कागजात के चल रही ऐसी अवैध दुकानें मरीजों की जान जोखिम में डाल रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि:दुकान के लाइसेंस और स्टॉक की गहनता से भौतिक जांच की जाए।अवैध दवाओं की बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।फिलहाल, औषधि निरीक्षक कार्यालय से किसी आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक आने वाले 24 से 48 घंटों के भीतर इस मामले में प्रशासन का बड़ा डंडा चल सकता है। 
रिपोर्ट-: प्रीतम सिंह,बहराइच
    user_Firoj Ahmad
    Firoj Ahmad
    Local News Reporter मिहीनपुरवा मोतीपुर, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बाल विवाह रोकने को विभागों में बेहतर समन्वय पर जोर,,, शिवपुर में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की तृतीय बैठक में स्वास्थ्य सूचकांकों की हुई समीक्षा 50 गांवों में मोबाइल वैन से चलेगा जागरूकता अभियान उम्मीद परियोजना के तहत ब्लॉक स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की तृतीय बैठक संपन्न। जिले के ब्लॉक शिवपुर में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की तृतीय बैठक में स्वास्थ्य सूचकांकों की हुई समीक्षा, बाल विवाह रोकने को विभागों में बेहतर समन्वय पर दिया गया बल। 50 गांवों में मोबाइल वैन से चलेगा जागरूकता अभियान बाल विवाह रोकने, किशोर-किशोरियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और सही उम्र में विवाह व गर्भधारण के साथ मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा। बुधवार को शिवपुर में उम्मीद परियोजना के तहत ब्लॉक स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की तृतीय बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, आईसीडीएस और एनआरएलएम समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने इस दिशा में संयुक्त प्रयास पर चर्चा की।
    1
    बाल विवाह रोकने को विभागों में बेहतर समन्वय पर जोर,,,

शिवपुर में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की तृतीय बैठक में स्वास्थ्य सूचकांकों की हुई समीक्षा
50 गांवों में मोबाइल वैन से चलेगा जागरूकता अभियान
उम्मीद परियोजना के तहत ब्लॉक स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की तृतीय बैठक संपन्न।
जिले के ब्लॉक शिवपुर में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की तृतीय बैठक में स्वास्थ्य सूचकांकों की हुई समीक्षा, बाल विवाह रोकने को विभागों में बेहतर समन्वय पर दिया गया बल।
50 गांवों में मोबाइल वैन से चलेगा जागरूकता अभियान
बाल विवाह रोकने, किशोर-किशोरियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और सही उम्र में विवाह व गर्भधारण के साथ मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा। बुधवार को शिवपुर में उम्मीद परियोजना के तहत ब्लॉक स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की तृतीय बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, आईसीडीएस और एनआरएलएम समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने इस दिशा में संयुक्त प्रयास पर चर्चा की।
    user_RN Tiwari
    RN Tiwari
    मिहीनपुरवा मोतीपुर, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं। गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए। जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा। जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा। धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं। गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए। जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा। जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा।
    1
    धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं।
गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए।

जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा।
जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा।
धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं।
गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए।
जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा।
जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा।
    user_RAHEESH KHAN
    RAHEESH KHAN
    धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सिसैया खुर्द में देर रात पुलिस कार्रवाई को लेकर हंगामा, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से मारपीट का दावा, 16 लोगों के घायल होने की बात; एएसपी पूर्वी ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से की पूछताछ धौरहरा-खीरी। धौरहरा क्षेत्र के सिसैया खुर्द गांव में सोमवार की देर रात पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर मामला गरमा गया है। ग्रामीणों ने पुलिस पर घरों में घुसकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस की कार्रवाई में करीब 16 लोग घायल हुए, जिन्हें देर रात उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार की रात धौरहरा पुलिस चार पहिया वाहनों से गांव पहुंची। आरोप है कि पुलिस के पहुंचते ही गांव की बिजली काट दी गई और इसके बाद कई ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। ग्रामीणों का कहना है कि कथित कार्रवाई के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी चोटें आईं। प्रदर्शन के बाद कार्रवाई का आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाल ही में विधायक के खिलाफ गांव में प्रदर्शन किया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि इसी घटनाक्रम के बाद पुलिस गांव पहुंची और कथित रूप से सख्ती की गई। हालांकि प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बीच वास्तविक संबंध क्या था, यह जांच का विषय है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग अपने घरों से निकलकर इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीणों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। एएसपी पूर्वी गांव पहुंचे, ग्रामीणों से की पूछताछ मामला सामने आने के बाद एएसपी पूर्वी गौतम गांव पहुंचे और ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी शिकायतें रखीं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि पुलिस के वाहन गांव में पहुंचते ही कथित रूप से लाठियां बरसाई गईं। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 16 लोगों के घायल होने का दावा ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस की कथित पिटाई में लगभग 16 लोग घायल हुए। घायलों को उसी रात सीएचसी ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। अब ग्रामीण इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस के पक्ष की भी होगी अहम भूमिका वहीं, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है। पुलिस की ओर से कार्रवाई की वजह, मौके की परिस्थितियों और बल प्रयोग के संबंध में क्या तथ्य सामने रखे जाते हैं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। ग्रामीणों का आरोप है कि इंस्पेक्टर धौरहरा पूरे मामले में खुद को बचाने के लिए घटनाक्रम को अलग तरीके से पेश कर रहे हैं। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। निष्पक्ष जांच की मांग सिसैया खुर्द प्रकरण में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोमवार की रात गांव में वास्तव में क्या हुआ और पुलिस को वहां किस परिस्थिति में कार्रवाई करनी पड़ी। ग्रामीणों के आरोप, घायलों के मेडिकल रिकॉर्ड, मौके पर मौजूद लोगों के बयान तथा पुलिस का आधिकारिक पक्ष—इन सभी के आधार पर निष्पक्ष जांच से ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी पुलिसकर्मी की ओर से नियमों का उल्लंघन या अनावश्यक बल प्रयोग सामने आता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। नोट: इस खबर में मारपीट और पुलिस कार्रवाई से संबंधित बातें ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच/आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही अंतिम तथ्य स्पष्ट होंगे।
    1
    सिसैया खुर्द में देर रात पुलिस कार्रवाई को लेकर हंगामा, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से मारपीट का दावा, 16 लोगों के घायल होने की बात; एएसपी पूर्वी ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से की पूछताछ
धौरहरा-खीरी। धौरहरा क्षेत्र के सिसैया खुर्द गांव में सोमवार की देर रात पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर मामला गरमा गया है। ग्रामीणों ने पुलिस पर घरों में घुसकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस की कार्रवाई में करीब 16 लोग घायल हुए, जिन्हें देर रात उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार की रात धौरहरा पुलिस चार पहिया वाहनों से गांव पहुंची। आरोप है कि पुलिस के पहुंचते ही गांव की बिजली काट दी गई और इसके बाद कई ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। ग्रामीणों का कहना है कि कथित कार्रवाई के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी चोटें आईं।
प्रदर्शन के बाद कार्रवाई का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाल ही में विधायक के खिलाफ गांव में प्रदर्शन किया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि इसी घटनाक्रम के बाद पुलिस गांव पहुंची और कथित रूप से सख्ती की गई। हालांकि प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बीच वास्तविक संबंध क्या था, यह जांच का विषय है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग अपने घरों से निकलकर इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीणों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
एएसपी पूर्वी गांव पहुंचे, ग्रामीणों से की पूछताछ
मामला सामने आने के बाद एएसपी पूर्वी गौतम गांव पहुंचे और ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी शिकायतें रखीं।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि पुलिस के वाहन गांव में पहुंचते ही कथित रूप से लाठियां बरसाई गईं। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
16 लोगों के घायल होने का दावा
ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस की कथित पिटाई में लगभग 16 लोग घायल हुए। घायलों को उसी रात सीएचसी ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। अब ग्रामीण इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
पुलिस के पक्ष की भी होगी अहम भूमिका
वहीं, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है। पुलिस की ओर से कार्रवाई की वजह, मौके की परिस्थितियों और बल प्रयोग के संबंध में क्या तथ्य सामने रखे जाते हैं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि इंस्पेक्टर धौरहरा पूरे मामले में खुद को बचाने के लिए घटनाक्रम को अलग तरीके से पेश कर रहे हैं। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
निष्पक्ष जांच की मांग
सिसैया खुर्द प्रकरण में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोमवार की रात गांव में वास्तव में क्या हुआ और पुलिस को वहां किस परिस्थिति में कार्रवाई करनी पड़ी। ग्रामीणों के आरोप, घायलों के मेडिकल रिकॉर्ड, मौके पर मौजूद लोगों के बयान तथा पुलिस का आधिकारिक पक्ष—इन सभी के आधार पर निष्पक्ष जांच से ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी पुलिसकर्मी की ओर से नियमों का उल्लंघन या अनावश्यक बल प्रयोग सामने आता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
नोट: इस खबर में मारपीट और पुलिस कार्रवाई से संबंधित बातें ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच/आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही अंतिम तथ्य स्पष्ट होंगे।
    user_Lakhimpur Kheri दस्तक
    Lakhimpur Kheri दस्तक
    धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • ईसानगर में गरीब, आशा, मजदूर और किसान बेहाल—सरकारी व्यवस्था सवालों के घेरे में, निजी अस्पतालों का बढ़ता जाल किसकी जवाबदेही? सफेदपोश नेताओं की जुमलेबाजी के बीच 81 ग्राम पंचायतों की चीख! ईसानगर में गरीब, आशा, मजदूर और किसान बेहाल—सरकारी व्यवस्था सवालों के घेरे में, निजी अस्पतालों का बढ़ता जाल किसकी जवाबदेही? ईसानगर/धौरहरा। मंचों पर विकास के बड़े-बड़े दावे, लेकिन जमीन पर बदहाली का आलम! धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के ईसानगर इलाके की 81 ग्राम पंचायतों से उठती समस्याएं उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं, जिनमें क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलने की बात कही जाती है। गरीब आदमी बीमारी में इलाज के लिए भटक रहा है, आशा कार्यकर्ता अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं, मजदूर और किसान मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में कुकुरमुत्ते की तरह फैलते निजी अस्पताल और क्लीनिक ग्रामीणों के सामने एक बड़ा सवाल बनकर खड़े हैं। क्या सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी कमजोर है कि गरीब को मजबूरी में निजी अस्पतालों का दरवाजा खटखटाना पड़े? सांसद-विधायक से सीधा सवाल—जनता की सुध कौन लेगा? जब जनता समस्याओं के साथ खड़ी है तो जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी आखिर कहां है? सांसद और विधायक क्षेत्र की इन समस्याओं पर कब खुलकर जवाब देंगे? पीएचसी/सीएचसी की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर स्वास्थ्य विभाग और अधीक्षक की जवाबदेही तय क्यों नहीं होनी चाहिए? क्या गरीब अपनी समस्या बताने के लिए भी डरे? क्या अपने हक की आवाज उठाना गुनाह है? यदि किसी गरीब, मजदूर, किसान या आशा कार्यकर्ता को अपनी समस्या उठाने पर डराने, दबाने या उसके साथ बल प्रयोग किए जाने का आरोप सामने आता है, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि व्यवस्था के सामने खड़ा गंभीर सवाल है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। बाढ़ पीड़ितों की हालत भी सवालों के घेरे में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के सामने जीवन बचाने और दोबारा बसने की चुनौती है। ग्रामीणों का सवाल है कि सरकारी योजनाएं और राहत आखिर कागज से निकलकर जमीन तक कब पहुंचेंगी? अगर 81 ग्राम पंचायतों की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, तो फिर विकास के दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हक की आवाज न्यूज़ चैनल का सवाल बेहद सीधा है— जुमले कब खत्म होंगे और जमीन पर व्यवस्था कब उतरेगी? गरीब कब तक अपने हक के लिए भटकता रहेगा? निजी अस्पतालों के बढ़ते जाल के बीच सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही कौन तय करेगा? 81 ग्राम पंचायतों की बदहाली का जिम्मेदार कौन है? जनता वोट देती है, टैक्स देती है और व्यवस्था चलाती है— तो फिर जनता को अपने ही अधिकारों के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़े? हक की आवाज न्यूज़ चैनल जनहित • जनसेवा • निर्भीक पत्रकारिता किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं—सवाल व्यवस्था से है और जवाब जनता के सामने चाहिए।
    1
    ईसानगर में गरीब, आशा, मजदूर और किसान बेहाल—सरकारी व्यवस्था सवालों के घेरे में, निजी अस्पतालों का बढ़ता जाल किसकी जवाबदेही? 
सफेदपोश नेताओं की जुमलेबाजी के बीच 81 ग्राम पंचायतों की चीख!
ईसानगर में गरीब, आशा, मजदूर और किसान बेहाल—सरकारी व्यवस्था सवालों के घेरे में, निजी अस्पतालों का बढ़ता जाल किसकी जवाबदेही?
ईसानगर/धौरहरा।
मंचों पर विकास के बड़े-बड़े दावे, लेकिन जमीन पर बदहाली का आलम! धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के ईसानगर इलाके की 81 ग्राम पंचायतों से उठती समस्याएं उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं, जिनमें क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलने की बात कही जाती है।
गरीब आदमी बीमारी में इलाज के लिए भटक रहा है, आशा कार्यकर्ता अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं, मजदूर और किसान मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में कुकुरमुत्ते की तरह फैलते निजी अस्पताल और क्लीनिक ग्रामीणों के सामने एक बड़ा सवाल बनकर खड़े हैं। क्या सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी कमजोर है कि गरीब को मजबूरी में निजी अस्पतालों का दरवाजा खटखटाना पड़े?
सांसद-विधायक से सीधा सवाल—जनता की सुध कौन लेगा?
जब जनता समस्याओं के साथ खड़ी है तो जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी आखिर कहां है? सांसद और विधायक क्षेत्र की इन समस्याओं पर कब खुलकर जवाब देंगे? पीएचसी/सीएचसी की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर स्वास्थ्य विभाग और अधीक्षक की जवाबदेही तय क्यों नहीं होनी चाहिए?
क्या गरीब अपनी समस्या बताने के लिए भी डरे? क्या अपने हक की आवाज उठाना गुनाह है?
यदि किसी गरीब, मजदूर, किसान या आशा कार्यकर्ता को अपनी समस्या उठाने पर डराने, दबाने या उसके साथ बल प्रयोग किए जाने का आरोप सामने आता है, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि व्यवस्था के सामने खड़ा गंभीर सवाल है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
बाढ़ पीड़ितों की हालत भी सवालों के घेरे में
बाढ़ से प्रभावित परिवारों के सामने जीवन बचाने और दोबारा बसने की चुनौती है। ग्रामीणों का सवाल है कि सरकारी योजनाएं और राहत आखिर कागज से निकलकर जमीन तक कब पहुंचेंगी?
अगर 81 ग्राम पंचायतों की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, तो फिर विकास के दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हक की आवाज न्यूज़ चैनल का सवाल बेहद सीधा है—
जुमले कब खत्म होंगे और जमीन पर व्यवस्था कब उतरेगी?
गरीब कब तक अपने हक के लिए भटकता रहेगा?
निजी अस्पतालों के बढ़ते जाल के बीच सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही कौन तय करेगा?
81 ग्राम पंचायतों की बदहाली का जिम्मेदार कौन है?
जनता वोट देती है, टैक्स देती है और व्यवस्था चलाती है—
तो फिर जनता को अपने ही अधिकारों के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़े?
हक की आवाज न्यूज़ चैनल
जनहित • जनसेवा • निर्भीक पत्रकारिता
किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं—सवाल व्यवस्था से है और जवाब जनता के सामने चाहिए।
    user_हक की आवाज न्यूज़ चैनल
    हक की आवाज न्यूज़ चैनल
    Voice of people Dhaurahara, Lakhimpur Kheri•
    13 hrs ago
  • बहराइच-: डीएम राजेश पांडे ने किया मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण,,,,मरीजों और तीमारदारों को मिल रही सुविधाओं की ली जानकारी,,,,,जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने महर्षि बालार्क चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर चिकित्सकों व स्टाफ की उपलब्धता, दवाओं की उपलब्धता, भवन व परिसर की साफ-सफाई, औषधि वितरण काउण्टर, पंजीकरण काउण्टर, ओपीडी, पोषण पुनर्वास केन्द्र, इमरजेन्सी वार्ड, चिल्ड्रेन वार्ड इत्यादि का निरीक्षण कर मरीज़ों व उनके तीमारदारों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। पंजीकरण काउण्टर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री पाण्डेय को बताया गया कि अब तक 260 पर्चे बनाये गये हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि तीमारदारों की सुविधा के लिए बेन्चों की संख्या को बढ़ाया जाय तथा पर्याप्त प्रकाश व अन्य व्यवस्थाआंें को बेहतर से बेहतर किया जाय जिससे मरीज़ों के साथ आने वाले तीमारदारों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाये। ओ.पी.डी. के निरीक्षण के दौरान गया #official_qadri_news_ #loqnews_new #live_official_qadri_news_ #nanpara #bahraichnews #nanparanews #UPNews बहराइच-: डीएम राजेश पांडे ने किया मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण,,,,मरीजों और तीमारदारों को मिल रही सुविधाओं की ली जानकारी,,,,,जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने महर्षि बालार्क चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर चिकित्सकों व स्टाफ की उपलब्धता, दवाओं की उपलब्धता, भवन व परिसर की साफ-सफाई, औषधि वितरण काउण्टर, पंजीकरण काउण्टर, ओपीडी, पोषण पुनर्वास केन्द्र, इमरजेन्सी वार्ड, चिल्ड्रेन वार्ड इत्यादि का निरीक्षण कर मरीज़ों व उनके तीमारदारों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। पंजीकरण काउण्टर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री पाण्डेय को बताया गया कि अब तक 260 पर्चे बनाये गये हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि तीमारदारों की सुविधा के लिए बेन्चों की संख्या को बढ़ाया जाय तथा पर्याप्त प्रकाश व अन्य व्यवस्थाआंें को बेहतर से बेहतर किया जाय जिससे मरीज़ों के साथ आने वाले तीमारदारों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाये। ओ.पी.डी. के निरीक्षण के दौरान गया #official_qadri_news_ #loqnews_new #live_official_qadri_news_ #nanpara #bahraichnews #nanparanews #UPNews
    1
    बहराइच-: डीएम राजेश पांडे ने किया मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण,,,,मरीजों और तीमारदारों को मिल रही सुविधाओं की ली जानकारी,,,,,जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने महर्षि बालार्क चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर चिकित्सकों व स्टाफ की उपलब्धता, दवाओं की उपलब्धता, भवन व परिसर की साफ-सफाई, औषधि वितरण काउण्टर, पंजीकरण काउण्टर, ओपीडी, पोषण पुनर्वास केन्द्र, इमरजेन्सी वार्ड, चिल्ड्रेन वार्ड इत्यादि का निरीक्षण कर मरीज़ों व उनके तीमारदारों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। 
पंजीकरण काउण्टर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री पाण्डेय को बताया गया कि अब तक 260 पर्चे बनाये गये हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि तीमारदारों की सुविधा के लिए बेन्चों की संख्या को बढ़ाया जाय तथा पर्याप्त प्रकाश व अन्य व्यवस्थाआंें को बेहतर से बेहतर किया जाय जिससे मरीज़ों के साथ आने वाले तीमारदारों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाये। ओ.पी.डी. के निरीक्षण के दौरान गया  
 
#official_qadri_news_ #loqnews_new #live_official_qadri_news_
#nanpara #bahraichnews 
 #nanparanews #UPNews
बहराइच-: डीएम राजेश पांडे ने किया मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण,,,,मरीजों और तीमारदारों को मिल रही सुविधाओं की ली जानकारी,,,,,जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने महर्षि बालार्क चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर चिकित्सकों व स्टाफ की उपलब्धता, दवाओं की उपलब्धता, भवन व परिसर की साफ-सफाई, औषधि वितरण काउण्टर, पंजीकरण काउण्टर, ओपीडी, पोषण पुनर्वास केन्द्र, इमरजेन्सी वार्ड, चिल्ड्रेन वार्ड इत्यादि का निरीक्षण कर मरीज़ों व उनके तीमारदारों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। 
पंजीकरण काउण्टर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री पाण्डेय को बताया गया कि अब तक 260 पर्चे बनाये गये हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि तीमारदारों की सुविधा के लिए बेन्चों की संख्या को बढ़ाया जाय तथा पर्याप्त प्रकाश व अन्य व्यवस्थाआंें को बेहतर से बेहतर किया जाय जिससे मरीज़ों के साथ आने वाले तीमारदारों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाये। ओ.पी.डी. के निरीक्षण के दौरान गया  
#official_qadri_news_ #loqnews_new #live_official_qadri_news_
#nanpara #bahraichnews 
#nanparanews #UPNews
    user_Ali Sher Qadri
    Ali Sher Qadri
    Local News Reporter नानपारा, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • निघासन रोड स्थित बजरंग पैलेस में राम कथा का आयोजन जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित कथा के दौरान राम विवाह के अध्याय पर राम विवाह का आयोजन
    1
    निघासन रोड स्थित बजरंग पैलेस में राम कथा का आयोजन जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित
कथा के दौरान राम विवाह के अध्याय पर राम विवाह का आयोजन
    user_Sandeep kumar gupta
    Sandeep kumar gupta
    Electrician लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    24 min ago
  • कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की वन विभाग टीम ने आज दो अलग-अलग घटनाओं में रिहाइशी इलाकों से दो मगरमच्छों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया है। 1. ककरहा रेंज (पैरुआ गांव): आज तड़के लगभग 3:45 बजे पैरुआ गांव में एक घर के अंदर मगरमच्छ घुसने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सुबह 5:30 बजे तक मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। तत्पश्चात उसे भीऊरवीर घाट नहर में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। 2. मोतीपुर रेंज (मिहीपुरवा नगर पंचायत): मिहीपुरवा नगर पंचायत के घनी आबादी वाले क्षेत्र में मगरमच्छ के भटक कर आ जाने की शिकायतें मिलने के बाद, वन विभाग द्वारा तीन दिन पूर्व एक मगरमच्छ पकड़ने का पिंजरा (crocodile trapping cage) लगाया गया था। आज 15 सितंबर की सुबह मगरमच्छ पिंजरे में सुरक्षित रूप से कैद हो गया, जिसे बाद में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। जनहित में अपील एवं सुरक्षा सलाह बाढ़ के मौसम के कारण जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ अक्सर भटक कर ग्रामीण और शहरी रिहाइशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। वन विभाग समस्त नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील करता है: 1. जल निकायों से दूर रहें: बाढ़ के पानी, जलमग्न रास्तों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। 2. सतर्कता बरतें: मवेशियों और पालतू जानवरों को पानी के स्रोतों के पास न जाने दें। 3. तत्काल सूचना दें: मगरमच्छ दिखने पर उसे छेड़ने या पकड़ने का प्रयास बिल्कुल न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग से संपर्क करें।
    2
    कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,,

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,,
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की वन विभाग टीम ने आज दो अलग-अलग घटनाओं में रिहाइशी इलाकों से दो मगरमच्छों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया है।
1. ककरहा रेंज (पैरुआ गांव): आज तड़के लगभग 3:45 बजे पैरुआ गांव में एक घर के अंदर मगरमच्छ घुसने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सुबह 5:30 बजे तक मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। तत्पश्चात उसे भीऊरवीर घाट नहर में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
2. मोतीपुर रेंज (मिहीपुरवा नगर पंचायत): मिहीपुरवा नगर पंचायत के घनी आबादी वाले क्षेत्र में मगरमच्छ के भटक कर आ जाने की शिकायतें मिलने के बाद, वन विभाग द्वारा तीन दिन पूर्व एक मगरमच्छ पकड़ने का पिंजरा (crocodile trapping cage) लगाया गया था। आज 15 सितंबर की सुबह मगरमच्छ पिंजरे में सुरक्षित रूप से कैद हो गया, जिसे बाद में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
जनहित में अपील एवं सुरक्षा सलाह
बाढ़ के मौसम के कारण जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ अक्सर भटक कर ग्रामीण और शहरी रिहाइशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। वन विभाग समस्त नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील करता है:
1. जल निकायों से दूर रहें: बाढ़ के पानी, जलमग्न रास्तों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।
2. सतर्कता बरतें: मवेशियों और पालतू जानवरों को पानी के स्रोतों के पास न जाने दें।
3. तत्काल सूचना दें: मगरमच्छ दिखने पर उसे छेड़ने या पकड़ने का प्रयास बिल्कुल न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग से संपर्क करें।
    user_RN Tiwari
    RN Tiwari
    मिहीनपुरवा मोतीपुर, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.