logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं। गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए। जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा। जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा। धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं। गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए। जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा। जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा।

1 hr ago
user_RAHEESH KHAN
RAHEESH KHAN
धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं। गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए। जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा। जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा। धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं। गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए। जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा। जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं। गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए। जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा। जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा। धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं। गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए। जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा। जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा।
    1
    धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं।
गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए।

जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा।
जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा।
धौरहरा की सड़कें बदहाल हैं।
गड्ढों और टूटी सड़कों से रोज़ जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं—सड़क कब बनेगी, इसका स्पष्ट जवाब चाहिए।
जनता की आवाज़ उठेगी, सड़क का मुद्दा उठेगा।
जल्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर जनआंदोलन किया जाएगा।
    user_RAHEESH KHAN
    RAHEESH KHAN
    धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सिसैया खुर्द में देर रात पुलिस कार्रवाई को लेकर हंगामा, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से मारपीट का दावा, 16 लोगों के घायल होने की बात; एएसपी पूर्वी ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से की पूछताछ धौरहरा-खीरी। धौरहरा क्षेत्र के सिसैया खुर्द गांव में सोमवार की देर रात पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर मामला गरमा गया है। ग्रामीणों ने पुलिस पर घरों में घुसकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस की कार्रवाई में करीब 16 लोग घायल हुए, जिन्हें देर रात उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार की रात धौरहरा पुलिस चार पहिया वाहनों से गांव पहुंची। आरोप है कि पुलिस के पहुंचते ही गांव की बिजली काट दी गई और इसके बाद कई ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। ग्रामीणों का कहना है कि कथित कार्रवाई के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी चोटें आईं। प्रदर्शन के बाद कार्रवाई का आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाल ही में विधायक के खिलाफ गांव में प्रदर्शन किया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि इसी घटनाक्रम के बाद पुलिस गांव पहुंची और कथित रूप से सख्ती की गई। हालांकि प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बीच वास्तविक संबंध क्या था, यह जांच का विषय है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग अपने घरों से निकलकर इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीणों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। एएसपी पूर्वी गांव पहुंचे, ग्रामीणों से की पूछताछ मामला सामने आने के बाद एएसपी पूर्वी गौतम गांव पहुंचे और ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी शिकायतें रखीं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि पुलिस के वाहन गांव में पहुंचते ही कथित रूप से लाठियां बरसाई गईं। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 16 लोगों के घायल होने का दावा ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस की कथित पिटाई में लगभग 16 लोग घायल हुए। घायलों को उसी रात सीएचसी ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। अब ग्रामीण इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस के पक्ष की भी होगी अहम भूमिका वहीं, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है। पुलिस की ओर से कार्रवाई की वजह, मौके की परिस्थितियों और बल प्रयोग के संबंध में क्या तथ्य सामने रखे जाते हैं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। ग्रामीणों का आरोप है कि इंस्पेक्टर धौरहरा पूरे मामले में खुद को बचाने के लिए घटनाक्रम को अलग तरीके से पेश कर रहे हैं। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। निष्पक्ष जांच की मांग सिसैया खुर्द प्रकरण में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोमवार की रात गांव में वास्तव में क्या हुआ और पुलिस को वहां किस परिस्थिति में कार्रवाई करनी पड़ी। ग्रामीणों के आरोप, घायलों के मेडिकल रिकॉर्ड, मौके पर मौजूद लोगों के बयान तथा पुलिस का आधिकारिक पक्ष—इन सभी के आधार पर निष्पक्ष जांच से ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी पुलिसकर्मी की ओर से नियमों का उल्लंघन या अनावश्यक बल प्रयोग सामने आता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। नोट: इस खबर में मारपीट और पुलिस कार्रवाई से संबंधित बातें ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच/आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही अंतिम तथ्य स्पष्ट होंगे।
    1
    सिसैया खुर्द में देर रात पुलिस कार्रवाई को लेकर हंगामा, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से मारपीट का दावा, 16 लोगों के घायल होने की बात; एएसपी पूर्वी ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से की पूछताछ
धौरहरा-खीरी। धौरहरा क्षेत्र के सिसैया खुर्द गांव में सोमवार की देर रात पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर मामला गरमा गया है। ग्रामीणों ने पुलिस पर घरों में घुसकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस की कार्रवाई में करीब 16 लोग घायल हुए, जिन्हें देर रात उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार की रात धौरहरा पुलिस चार पहिया वाहनों से गांव पहुंची। आरोप है कि पुलिस के पहुंचते ही गांव की बिजली काट दी गई और इसके बाद कई ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। ग्रामीणों का कहना है कि कथित कार्रवाई के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी चोटें आईं।
प्रदर्शन के बाद कार्रवाई का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाल ही में विधायक के खिलाफ गांव में प्रदर्शन किया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि इसी घटनाक्रम के बाद पुलिस गांव पहुंची और कथित रूप से सख्ती की गई। हालांकि प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बीच वास्तविक संबंध क्या था, यह जांच का विषय है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग अपने घरों से निकलकर इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीणों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
एएसपी पूर्वी गांव पहुंचे, ग्रामीणों से की पूछताछ
मामला सामने आने के बाद एएसपी पूर्वी गौतम गांव पहुंचे और ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी शिकायतें रखीं।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि पुलिस के वाहन गांव में पहुंचते ही कथित रूप से लाठियां बरसाई गईं। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
16 लोगों के घायल होने का दावा
ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस की कथित पिटाई में लगभग 16 लोग घायल हुए। घायलों को उसी रात सीएचसी ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। अब ग्रामीण इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
पुलिस के पक्ष की भी होगी अहम भूमिका
वहीं, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है। पुलिस की ओर से कार्रवाई की वजह, मौके की परिस्थितियों और बल प्रयोग के संबंध में क्या तथ्य सामने रखे जाते हैं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि इंस्पेक्टर धौरहरा पूरे मामले में खुद को बचाने के लिए घटनाक्रम को अलग तरीके से पेश कर रहे हैं। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
निष्पक्ष जांच की मांग
सिसैया खुर्द प्रकरण में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोमवार की रात गांव में वास्तव में क्या हुआ और पुलिस को वहां किस परिस्थिति में कार्रवाई करनी पड़ी। ग्रामीणों के आरोप, घायलों के मेडिकल रिकॉर्ड, मौके पर मौजूद लोगों के बयान तथा पुलिस का आधिकारिक पक्ष—इन सभी के आधार पर निष्पक्ष जांच से ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी पुलिसकर्मी की ओर से नियमों का उल्लंघन या अनावश्यक बल प्रयोग सामने आता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
नोट: इस खबर में मारपीट और पुलिस कार्रवाई से संबंधित बातें ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच/आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही अंतिम तथ्य स्पष्ट होंगे।
    user_Lakhimpur Kheri दस्तक
    Lakhimpur Kheri दस्तक
    धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • ईसानगर में गरीब, आशा, मजदूर और किसान बेहाल—सरकारी व्यवस्था सवालों के घेरे में, निजी अस्पतालों का बढ़ता जाल किसकी जवाबदेही? सफेदपोश नेताओं की जुमलेबाजी के बीच 81 ग्राम पंचायतों की चीख! ईसानगर में गरीब, आशा, मजदूर और किसान बेहाल—सरकारी व्यवस्था सवालों के घेरे में, निजी अस्पतालों का बढ़ता जाल किसकी जवाबदेही? ईसानगर/धौरहरा। मंचों पर विकास के बड़े-बड़े दावे, लेकिन जमीन पर बदहाली का आलम! धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के ईसानगर इलाके की 81 ग्राम पंचायतों से उठती समस्याएं उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं, जिनमें क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलने की बात कही जाती है। गरीब आदमी बीमारी में इलाज के लिए भटक रहा है, आशा कार्यकर्ता अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं, मजदूर और किसान मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में कुकुरमुत्ते की तरह फैलते निजी अस्पताल और क्लीनिक ग्रामीणों के सामने एक बड़ा सवाल बनकर खड़े हैं। क्या सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी कमजोर है कि गरीब को मजबूरी में निजी अस्पतालों का दरवाजा खटखटाना पड़े? सांसद-विधायक से सीधा सवाल—जनता की सुध कौन लेगा? जब जनता समस्याओं के साथ खड़ी है तो जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी आखिर कहां है? सांसद और विधायक क्षेत्र की इन समस्याओं पर कब खुलकर जवाब देंगे? पीएचसी/सीएचसी की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर स्वास्थ्य विभाग और अधीक्षक की जवाबदेही तय क्यों नहीं होनी चाहिए? क्या गरीब अपनी समस्या बताने के लिए भी डरे? क्या अपने हक की आवाज उठाना गुनाह है? यदि किसी गरीब, मजदूर, किसान या आशा कार्यकर्ता को अपनी समस्या उठाने पर डराने, दबाने या उसके साथ बल प्रयोग किए जाने का आरोप सामने आता है, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि व्यवस्था के सामने खड़ा गंभीर सवाल है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। बाढ़ पीड़ितों की हालत भी सवालों के घेरे में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के सामने जीवन बचाने और दोबारा बसने की चुनौती है। ग्रामीणों का सवाल है कि सरकारी योजनाएं और राहत आखिर कागज से निकलकर जमीन तक कब पहुंचेंगी? अगर 81 ग्राम पंचायतों की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, तो फिर विकास के दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हक की आवाज न्यूज़ चैनल का सवाल बेहद सीधा है— जुमले कब खत्म होंगे और जमीन पर व्यवस्था कब उतरेगी? गरीब कब तक अपने हक के लिए भटकता रहेगा? निजी अस्पतालों के बढ़ते जाल के बीच सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही कौन तय करेगा? 81 ग्राम पंचायतों की बदहाली का जिम्मेदार कौन है? जनता वोट देती है, टैक्स देती है और व्यवस्था चलाती है— तो फिर जनता को अपने ही अधिकारों के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़े? हक की आवाज न्यूज़ चैनल जनहित • जनसेवा • निर्भीक पत्रकारिता किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं—सवाल व्यवस्था से है और जवाब जनता के सामने चाहिए।
    1
    ईसानगर में गरीब, आशा, मजदूर और किसान बेहाल—सरकारी व्यवस्था सवालों के घेरे में, निजी अस्पतालों का बढ़ता जाल किसकी जवाबदेही? 
सफेदपोश नेताओं की जुमलेबाजी के बीच 81 ग्राम पंचायतों की चीख!
ईसानगर में गरीब, आशा, मजदूर और किसान बेहाल—सरकारी व्यवस्था सवालों के घेरे में, निजी अस्पतालों का बढ़ता जाल किसकी जवाबदेही?
ईसानगर/धौरहरा।
मंचों पर विकास के बड़े-बड़े दावे, लेकिन जमीन पर बदहाली का आलम! धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के ईसानगर इलाके की 81 ग्राम पंचायतों से उठती समस्याएं उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं, जिनमें क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलने की बात कही जाती है।
गरीब आदमी बीमारी में इलाज के लिए भटक रहा है, आशा कार्यकर्ता अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं, मजदूर और किसान मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में कुकुरमुत्ते की तरह फैलते निजी अस्पताल और क्लीनिक ग्रामीणों के सामने एक बड़ा सवाल बनकर खड़े हैं। क्या सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी कमजोर है कि गरीब को मजबूरी में निजी अस्पतालों का दरवाजा खटखटाना पड़े?
सांसद-विधायक से सीधा सवाल—जनता की सुध कौन लेगा?
जब जनता समस्याओं के साथ खड़ी है तो जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी आखिर कहां है? सांसद और विधायक क्षेत्र की इन समस्याओं पर कब खुलकर जवाब देंगे? पीएचसी/सीएचसी की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर स्वास्थ्य विभाग और अधीक्षक की जवाबदेही तय क्यों नहीं होनी चाहिए?
क्या गरीब अपनी समस्या बताने के लिए भी डरे? क्या अपने हक की आवाज उठाना गुनाह है?
यदि किसी गरीब, मजदूर, किसान या आशा कार्यकर्ता को अपनी समस्या उठाने पर डराने, दबाने या उसके साथ बल प्रयोग किए जाने का आरोप सामने आता है, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि व्यवस्था के सामने खड़ा गंभीर सवाल है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
बाढ़ पीड़ितों की हालत भी सवालों के घेरे में
बाढ़ से प्रभावित परिवारों के सामने जीवन बचाने और दोबारा बसने की चुनौती है। ग्रामीणों का सवाल है कि सरकारी योजनाएं और राहत आखिर कागज से निकलकर जमीन तक कब पहुंचेंगी?
अगर 81 ग्राम पंचायतों की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, तो फिर विकास के दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हक की आवाज न्यूज़ चैनल का सवाल बेहद सीधा है—
जुमले कब खत्म होंगे और जमीन पर व्यवस्था कब उतरेगी?
गरीब कब तक अपने हक के लिए भटकता रहेगा?
निजी अस्पतालों के बढ़ते जाल के बीच सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही कौन तय करेगा?
81 ग्राम पंचायतों की बदहाली का जिम्मेदार कौन है?
जनता वोट देती है, टैक्स देती है और व्यवस्था चलाती है—
तो फिर जनता को अपने ही अधिकारों के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़े?
हक की आवाज न्यूज़ चैनल
जनहित • जनसेवा • निर्भीक पत्रकारिता
किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं—सवाल व्यवस्था से है और जवाब जनता के सामने चाहिए।
    user_हक की आवाज न्यूज़ चैनल
    हक की आवाज न्यूज़ चैनल
    Voice of people Dhaurahara, Lakhimpur Kheri•
    6 hrs ago
  • कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की वन विभाग टीम ने आज दो अलग-अलग घटनाओं में रिहाइशी इलाकों से दो मगरमच्छों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया है। 1. ककरहा रेंज (पैरुआ गांव): आज तड़के लगभग 3:45 बजे पैरुआ गांव में एक घर के अंदर मगरमच्छ घुसने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सुबह 5:30 बजे तक मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। तत्पश्चात उसे भीऊरवीर घाट नहर में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। 2. मोतीपुर रेंज (मिहीपुरवा नगर पंचायत): मिहीपुरवा नगर पंचायत के घनी आबादी वाले क्षेत्र में मगरमच्छ के भटक कर आ जाने की शिकायतें मिलने के बाद, वन विभाग द्वारा तीन दिन पूर्व एक मगरमच्छ पकड़ने का पिंजरा (crocodile trapping cage) लगाया गया था। आज 15 सितंबर की सुबह मगरमच्छ पिंजरे में सुरक्षित रूप से कैद हो गया, जिसे बाद में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। जनहित में अपील एवं सुरक्षा सलाह बाढ़ के मौसम के कारण जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ अक्सर भटक कर ग्रामीण और शहरी रिहाइशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। वन विभाग समस्त नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील करता है: 1. जल निकायों से दूर रहें: बाढ़ के पानी, जलमग्न रास्तों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। 2. सतर्कता बरतें: मवेशियों और पालतू जानवरों को पानी के स्रोतों के पास न जाने दें। 3. तत्काल सूचना दें: मगरमच्छ दिखने पर उसे छेड़ने या पकड़ने का प्रयास बिल्कुल न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग से संपर्क करें।
    2
    कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,,

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में दो अलग-अलग अभियानों में दो मगरमच्छों का सुरक्षित रेस्क्यू,,,,
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की वन विभाग टीम ने आज दो अलग-अलग घटनाओं में रिहाइशी इलाकों से दो मगरमच्छों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया है।
1. ककरहा रेंज (पैरुआ गांव): आज तड़के लगभग 3:45 बजे पैरुआ गांव में एक घर के अंदर मगरमच्छ घुसने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सुबह 5:30 बजे तक मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। तत्पश्चात उसे भीऊरवीर घाट नहर में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
2. मोतीपुर रेंज (मिहीपुरवा नगर पंचायत): मिहीपुरवा नगर पंचायत के घनी आबादी वाले क्षेत्र में मगरमच्छ के भटक कर आ जाने की शिकायतें मिलने के बाद, वन विभाग द्वारा तीन दिन पूर्व एक मगरमच्छ पकड़ने का पिंजरा (crocodile trapping cage) लगाया गया था। आज 15 सितंबर की सुबह मगरमच्छ पिंजरे में सुरक्षित रूप से कैद हो गया, जिसे बाद में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
जनहित में अपील एवं सुरक्षा सलाह
बाढ़ के मौसम के कारण जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ अक्सर भटक कर ग्रामीण और शहरी रिहाइशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। वन विभाग समस्त नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील करता है:
1. जल निकायों से दूर रहें: बाढ़ के पानी, जलमग्न रास्तों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।
2. सतर्कता बरतें: मवेशियों और पालतू जानवरों को पानी के स्रोतों के पास न जाने दें।
3. तत्काल सूचना दें: मगरमच्छ दिखने पर उसे छेड़ने या पकड़ने का प्रयास बिल्कुल न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग से संपर्क करें।
    user_RN Tiwari
    RN Tiwari
    मिहीनपुरवा मोतीपुर, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मगरमच्छ के हमले में अधेड़ की मौत पीएम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण पलियाकलां-खीरी। पलिया नगर के मोहल्ला माहीगिरान निवासी 56 वर्षीय अली हुसैन पुत्र अमीर हुसैन उर्फ रुक्कू की बुधवार सुबह बंसीनगर में मगरमच्छ के हमले से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अली हुसैन सुबह करीब छह बजे घर से बंसीनगर के लिए निकले थे। करीब सात बजे पानी के किनारे घास काटते समय मगरमच्छ ने उन्हें पकड़ लिया। मौके पर मौजूद असलम अली ने घटना की सूचना उनके परिजनों को दी। जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए‌ जिला‌ मुख्यालय भेज दिया है। बंसीनगर चौकी प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि मृतक के पुत्र अनस की ओर से तहरीर दी गई है। इसमें बताया गया है कि अली हुसैन बकरी के लिए चारा लेने गए थे, जहां मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। तीन साथियों के साथ मछली पकड़ने जाने की भी चर्चा घटना को लेकर कुछ प्रत्यक्षदर्शियों की ओर से अलग-अलग जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अली हुसैन तीन अन्य साथियों के साथ मछली पकड़ने के लिए बंशीनगर गया हुआ था। हालांकि पुलिस के पास दर्ज तहरीर में बकरी के लिए चारा लेने जाने की बात कही गई है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
    3
    मगरमच्छ के हमले में अधेड़ की मौत

पीएम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण
पलियाकलां-खीरी। पलिया नगर के मोहल्ला माहीगिरान निवासी 56 वर्षीय अली हुसैन पुत्र अमीर हुसैन उर्फ रुक्कू की बुधवार सुबह बंसीनगर में मगरमच्छ के हमले से मौत हो गई। 
बताया जा रहा है कि अली हुसैन सुबह करीब छह बजे घर से बंसीनगर के लिए निकले थे। करीब सात बजे पानी के किनारे घास काटते समय मगरमच्छ ने उन्हें पकड़ लिया। मौके पर मौजूद असलम अली ने घटना की सूचना उनके परिजनों को दी। जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए‌ जिला‌ मुख्यालय भेज दिया है।
बंसीनगर चौकी प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि मृतक के पुत्र अनस की ओर से तहरीर दी गई है। इसमें बताया गया है कि अली हुसैन बकरी के लिए चारा लेने गए थे, जहां मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
वहीं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
तीन साथियों के साथ मछली पकड़ने जाने की भी चर्चा
घटना को लेकर कुछ प्रत्यक्षदर्शियों की ओर से अलग-अलग जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अली हुसैन तीन अन्य साथियों के साथ मछली पकड़ने के लिए बंशीनगर गया हुआ था। हालांकि पुलिस के पास दर्ज तहरीर में बकरी के लिए चारा लेने जाने की बात कही गई है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    37 min ago
  • फूलबेहड क्षेत्र के फूलबेहड और सरवा के बीच हुआ एक्सीडेंट स्कूल जा रही छात्रा के मोटरसाइकिल ने मारी टक्कर *फूलबेहड* फूलबेहड क्षेत्र के फूलबेहड और सरवा के बीच हुआ एक्सीडेंट स्कूल जा रही छात्रा के मोटरसाइकिल ने मारी टक्कर। एक की मौत छात्रा घायल खबर सूत्र ___
    1
    फूलबेहड क्षेत्र के फूलबेहड और सरवा के बीच हुआ एक्सीडेंट स्कूल जा रही छात्रा के मोटरसाइकिल ने मारी टक्कर
*फूलबेहड* 
फूलबेहड क्षेत्र के फूलबेहड और सरवा के बीच हुआ एक्सीडेंट स्कूल जा रही छात्रा के मोटरसाइकिल ने मारी टक्कर। एक की मौत छात्रा घायल खबर सूत्र ___
    user_Vivek Kumar
    Vivek Kumar
    Newspaper publisher लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सम्पूर्णानगर पलिया मार्ग के बमनगर चौराहे पर शव को सड़क पर जाम अभी भी लगा है । मौके पर एसडीएम पुष्पक,तहसीलदार ज्योति वर्मा,सीओ जितेन्द्र सिंह,एसओ सम्पूर्णानगर कृष्ण कुमार,गौरीफंटा प्रभारी जितेंद्र बहादुर सिंह,पलिया कोतवाल शिवा जी दुबे सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर सम्पूर्णानगर पलिया मार्ग के बमनगर चौराहे पर शव को सड़क पर जाम अभी भी लगा है । मौके पर एसडीएम पुष्पक,तहसीलदार ज्योति वर्मा,सीओ जितेन्द्र सिंह,एसओ सम्पूर्णानगर कृष्ण कुमार,गौरीफंटा प्रभारी जितेंद्र बहादुर सिंह,पलिया कोतवाल शिवा जी दुबे सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके लर परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है परिजनों की मांग पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी हरमन को गिरफ्तार कर लिया गया पर मुवाज़े को लेकर अड़े है परिजन इस दौरान भाजपा मण्डल अध्यक्ष प्रदीप कुमार व सपा से संजीव मुन्ना मौके पर समझाने का प्रयास कर रहे है । सड़क जाम के कारण लंबा जाम लगा है बस की सवारियां पैदल उतर कर अपने गंतव्य को जाने को मजबूर है ।
    1
    सम्पूर्णानगर पलिया मार्ग के बमनगर चौराहे पर शव को सड़क पर जाम अभी भी लगा है ।
मौके पर एसडीएम पुष्पक,तहसीलदार  ज्योति वर्मा,सीओ जितेन्द्र सिंह,एसओ सम्पूर्णानगर कृष्ण  कुमार,गौरीफंटा प्रभारी जितेंद्र बहादुर सिंह,पलिया कोतवाल शिवा जी दुबे सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर 
सम्पूर्णानगर पलिया मार्ग के बमनगर चौराहे पर शव को सड़क पर जाम अभी भी लगा है ।
मौके पर एसडीएम पुष्पक,तहसीलदार  ज्योति वर्मा,सीओ जितेन्द्र सिंह,एसओ सम्पूर्णानगर कृष्ण  कुमार,गौरीफंटा प्रभारी जितेंद्र बहादुर सिंह,पलिया कोतवाल शिवा जी दुबे सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके लर परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है परिजनों की मांग पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी हरमन को गिरफ्तार कर लिया गया पर मुवाज़े को लेकर अड़े है परिजन  
इस दौरान भाजपा मण्डल अध्यक्ष प्रदीप कुमार व सपा से संजीव मुन्ना मौके पर समझाने का प्रयास कर रहे है ।
सड़क जाम के कारण लंबा जाम लगा है बस की सवारियां पैदल उतर कर अपने गंतव्य को जाने को मजबूर है ।
    user_खीरी न्यूज़ अपडेट
    खीरी न्यूज़ अपडेट
    रिपोर्टर लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 🔥 धौरहरा विधानसभा 141 🗳️ निर्दलीय प्रत्याशी ✊ न पार्टी का दबाव, न किसी का डर 📢 जनता की आवाज़ ही मेरी ताकत 🌾 किसान • मजदूर • नौजवान की लड़ाई 🤝 जनता के बीच, जनता के साथ 🔥 धौरहरा विधानसभा 141 🗳️ निर्दलीय प्रत्याशी ✊ न पार्टी का दबाव, न किसी का डर 📢 जनता की आवाज़ ही मेरी ताकत 🌾 किसान • मजदूर • नौजवान की लड़ाई 🤝 जनता के बीच, जनता के साथ
    1
    🔥 धौरहरा विधानसभा 141
🗳️ निर्दलीय प्रत्याशी
✊ न पार्टी का दबाव, न किसी का डर
📢 जनता की आवाज़ ही मेरी ताकत
🌾 किसान • मजदूर • नौजवान की लड़ाई
🤝 जनता के बीच, जनता के साथ
🔥 धौरहरा विधानसभा 141
🗳️ निर्दलीय प्रत्याशी
✊ न पार्टी का दबाव, न किसी का डर
📢 जनता की आवाज़ ही मेरी ताकत
🌾 किसान • मजदूर • नौजवान की लड़ाई
🤝 जनता के बीच, जनता के साथ
    user_RAHEESH KHAN
    RAHEESH KHAN
    धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.