हुलासगंज स्थित इंडिया वन एटीएम साईबर अपराधियों के लिए बना चारागाह हुलास गंज में स्थित एक एटीएम साईबर फ्राड के लिए हुआ कुख्यात विज्ञान वरदान है तो अभिशाप भी है इसका ताजा उदाहरण बन गया है हुलास गंज स्थित इंडिया वन एटीएम।हुलास गंज में अभी तक दर्जनों फ्राड के मामले हुए हैं लेकिन इतफाक है कि सब इसी में हुआ है।हैरत की बात तो यह है कि यह एटीएम किस बैंक द्वारा संचालित है किसी को भी जानकारी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र के भोले भाले लोग अपने जरूरत के हिसाब से पैसा निकालने आते हैं तो जाल में फंसे जाते हैं।कार्ड फंसने की घटना होती है उसके बाद खाताधारक का सभी जमा पूंजी गायब हो जाती है। सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है प्रवेश द्वार गायब है।नमो कैमरा है और न ही साफ सफाई की मुकम्मल व्यवस्था। लोगों ने आशंका व्यक्त किया है कि हर हाल में एटीएम संचालित करने वाली कंपनी का कोई न कोई बंदा फ्राड में जरूर संलिप्त हैं।
हुलासगंज स्थित इंडिया वन एटीएम साईबर अपराधियों के लिए बना चारागाह हुलास गंज में स्थित एक एटीएम साईबर फ्राड के लिए हुआ कुख्यात विज्ञान वरदान है तो अभिशाप भी है इसका ताजा उदाहरण बन गया है हुलास गंज स्थित इंडिया वन एटीएम।हुलास गंज में अभी तक दर्जनों फ्राड के मामले हुए हैं लेकिन इतफाक है कि सब इसी में हुआ है।हैरत की बात तो यह है कि यह एटीएम किस बैंक द्वारा संचालित है किसी को भी जानकारी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र के भोले भाले लोग अपने जरूरत के हिसाब से पैसा निकालने आते हैं तो जाल में फंसे जाते हैं।कार्ड फंसने की घटना होती है उसके बाद खाताधारक का सभी जमा पूंजी गायब हो जाती है। सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है प्रवेश द्वार गायब है।नमो कैमरा है और न ही साफ सफाई की मुकम्मल व्यवस्था। लोगों ने आशंका व्यक्त किया है कि हर हाल में एटीएम संचालित करने वाली कंपनी का कोई न कोई बंदा फ्राड में जरूर संलिप्त हैं।
- हुलास गंज में स्थित एक एटीएम साईबर फ्राड के लिए हुआ कुख्यात विज्ञान वरदान है तो अभिशाप भी है इसका ताजा उदाहरण बन गया है हुलास गंज स्थित इंडिया वन एटीएम।हुलास गंज में अभी तक दर्जनों फ्राड के मामले हुए हैं लेकिन इतफाक है कि सब इसी में हुआ है।हैरत की बात तो यह है कि यह एटीएम किस बैंक द्वारा संचालित है किसी को भी जानकारी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र के भोले भाले लोग अपने जरूरत के हिसाब से पैसा निकालने आते हैं तो जाल में फंसे जाते हैं।कार्ड फंसने की घटना होती है उसके बाद खाताधारक का सभी जमा पूंजी गायब हो जाती है। सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है प्रवेश द्वार गायब है।नमो कैमरा है और न ही साफ सफाई की मुकम्मल व्यवस्था। लोगों ने आशंका व्यक्त किया है कि हर हाल में एटीएम संचालित करने वाली कंपनी का कोई न कोई बंदा फ्राड में जरूर संलिप्त हैं।1
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- Post by Niraj Kumar1
- बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर 25 फरवरी 2026 को पुलिस केंद्र, जहानाबाद से 5 किलोमीटर मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना, सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना तथा लोगों को फिट और स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करना था। मैराथन दौड़ का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर जिले के अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी, अधिकारीगण, जवानों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। प्रतिभागियों में युवाओं, महिलाओं और बच्चों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे कार्यक्रम का उत्साह और अधिक बढ़ गया। दौड़ के दौरान प्रतिभागियों ने अनुशासन और ऊर्जा का परिचय दिया। पूरे मार्ग में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। इस पहल ने पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास और सहयोग की भावना को और मजबूत किया। कार्यक्रम को लेकर शहर में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और लोगों ने इसे सराहनीय कदम बताया।1
- Post by KAMLESHKUMAR1
- यूजीसी रेगुलेशन एक्ट बहाल करो संघर्ष समिति का गठन, 11 मार्च को निकलेगा मार्च बिहारशरीफ (नालंदा)। यूजीसी रेगुलेशन एक्ट को बहाल करने की मांग को लेकर शहर के श्रम कल्याण केंद्र मैदान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के कई बुद्धिजीवियों ने भाग लिया और सर्वसम्मति से “यूजीसी रेगुलेशन एक्ट बहाल करो संघर्ष समिति” का गठन किया गया। बैठक में समिति के पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए नालंदा जिला संयोजक के रूप में चंद्रशेखर बाबू तथा सह–संयोजक के रूप में प्रो. शिवकुमार यादव को मनोनीत किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन में बदलाव से उच्च शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसे पुनः बहाल किया जाना आवश्यक है। वक्ताओं ने शिक्षकों, छात्रों एवं अभिभावकों से इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी की अपील की। निर्णय लिया गया कि 11 मार्च को एक विशाल मार्च निकाला जाएगा, जिसमें सभी वर्गों के लोग स्वेच्छा से शामिल होकर समर्थन दे सकते हैं। बैठक में कई शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे तथा आंदोलन को व्यापक बनाने की रणनीति पर चर्चा की। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- यूजीसी रेगुलेशन एक्ट बहाल करो संघर्ष समिति का गठन, 11 मार्च को निकलेगा मार्च बिहारशरीफ (नालंदा)।1
- जिले के एक गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब शादी की रस्मों के बीच अचानक फायरिंग हुई। चश्मदीदों के अनुसार, दूल्हा और दुल्हन स्टेज पर जयमाला की रस्म पूरी कर रहे थे, तभी भीड़ में छिपे एक युवक ने पिस्तौल निकाली और दुल्हन पर निशाना साधते हुए गोली चला दी। प्रमुख बिंदु: वारदात का समय: घटना उस वक्त हुई जब स्टेज पर जयमाला और फोटो सेशन चल रहा था। आरोपी की पहचान: हमलावर को दुल्हन का कथित प्रेमी बताया जा रहा है, जो शादी से नाराज था। मौके पर कोहराम: गोली चलते ही शादी के मंडप में चीख-पुकार मच गई। मेहमान इधर-उधर भागने लगे, जिसका फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया। हालत: घायल दुल्हन को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस परिजनों और चश्मदीदों से पूछताछ कर रही है ताकि फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।1