*सड़क दुर्घटना में घायल युवक के समुचित इलाज की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कोयला वाहनों का परिचालन रोका, 21 घंटे से जाम* सिमरिया सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के समुचित इलाज की मांग को लेकर ग्रामीण सोमवार शाम से सड़क पर उतर गए हैं। ग्रामीणों ने सिमरिया-टंडवा मुख्य पथ को जाम कर कोयला वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप करा दिया और सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं।जाम के कारण दोनों ओर कोयला वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। सिमरिया-टंडवा के साथ-साथ चतरा, बगरा और हजारीबाग पथ पर भी जाम का असर देखा जा रहा है। कोयला वाहनों को छोड़कर बाकी सभी वाहनों का परिचालन हो रहा है, लेकिन यात्री बसों, बाइक सवारों और पैदल राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोयला ढुलाई बंद होने से सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान बताया जा रहा है।सड़क जाम सोमवार शाम 7 बजे से मंगलवार शाम 4 बजे तक यानी खबर लिखे जाने तक 21 घंटे से जारी है। ग्रामीणों में नाराजगी है कि 21 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।मालूम हो कि 19 अक्टूबर की सुबह सिमरिया-बगरा मुख्य पथ पर गोवा जैन पेट्रोल पंप के पास कोयला लदे हाइवा की चपेट में आने से बाइक सवार बकचोम्मा गांव निवासी मो. शाहबाज की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि डाड़ी निवासी मो. शाहबाज अंसारी पिता मासूक मियां गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रेफरल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रांची रिम्स रेफर किया गया था। फिलहाल वे एक निजी अस्पताल में इलाजरत हैं।परिजनों के अनुसार घायल के इलाज के लिए 3 लाख रुपये मुआवजा दिया गया था, लेकिन इतनी राशि से इलाज संभव नहीं है। घायल की एक टांग काटनी पड़ सकती है और एक आंख भी क्षतिग्रस्त हो गई है।मौके पर मौजूद जेएलकेएम नेता मो. गुलाम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कोयला वाहनों की चपेट में आकर अब तक हजारों लोग जान गंवा चुके हैं और कई अपाहिज होकर बिस्तर पर जिंदगी गुजार रहे हैं। सरकार को केवल कोयले की ढुलाई और राजस्व की नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा की भी चिंता करनी चाहिए।ग्रामीणों ने मांग की है कि घायल को समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और कोयला वाहनों के लिए अलग बाईपास सड़क बनाई जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक इलाज की व्यवस्था नहीं होती, कोयला वाहनों को नहीं चलने देंगे और धरना जारी रहेगा।
*सड़क दुर्घटना में घायल युवक के समुचित इलाज की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कोयला वाहनों का परिचालन रोका, 21 घंटे से जाम* सिमरिया सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के समुचित इलाज की मांग को लेकर ग्रामीण सोमवार शाम से सड़क पर उतर गए हैं। ग्रामीणों ने सिमरिया-टंडवा मुख्य पथ को जाम कर कोयला वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप करा दिया और सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं।जाम के कारण दोनों ओर कोयला वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। सिमरिया-टंडवा के साथ-साथ चतरा, बगरा और हजारीबाग पथ पर भी जाम का असर देखा जा रहा है। कोयला वाहनों को छोड़कर बाकी सभी वाहनों का परिचालन हो रहा है, लेकिन यात्री बसों, बाइक सवारों और पैदल राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोयला ढुलाई बंद होने से सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान बताया जा रहा है।सड़क जाम सोमवार शाम 7 बजे से मंगलवार शाम 4 बजे तक यानी खबर लिखे जाने तक 21 घंटे से जारी है। ग्रामीणों में नाराजगी है कि 21 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।मालूम हो कि 19 अक्टूबर की सुबह सिमरिया-बगरा मुख्य पथ पर गोवा जैन पेट्रोल पंप के पास कोयला लदे हाइवा की चपेट में आने से बाइक सवार बकचोम्मा गांव निवासी मो. शाहबाज की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि डाड़ी निवासी मो. शाहबाज अंसारी पिता मासूक मियां गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रेफरल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रांची रिम्स रेफर किया गया था। फिलहाल वे एक निजी अस्पताल में इलाजरत हैं।परिजनों के अनुसार घायल के इलाज के लिए 3 लाख रुपये मुआवजा दिया गया था, लेकिन इतनी राशि से इलाज संभव नहीं है। घायल की एक टांग काटनी पड़ सकती है और एक आंख भी क्षतिग्रस्त हो गई है।मौके पर मौजूद जेएलकेएम नेता मो. गुलाम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कोयला वाहनों की चपेट में आकर अब तक हजारों लोग जान गंवा चुके हैं और कई अपाहिज होकर बिस्तर पर जिंदगी गुजार रहे हैं। सरकार को केवल कोयले की ढुलाई और राजस्व की नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा की भी चिंता करनी चाहिए।ग्रामीणों ने मांग की है कि घायल को समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और कोयला वाहनों के लिए अलग बाईपास सड़क बनाई जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक इलाज की व्यवस्था नहीं होती, कोयला वाहनों को नहीं चलने देंगे और धरना जारी रहेगा।
- *सड़क दुर्घटना में घायल युवक के समुचित इलाज की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कोयला वाहनों का परिचालन रोका, 21 घंटे से जाम* सिमरिया सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के समुचित इलाज की मांग को लेकर ग्रामीण सोमवार शाम से सड़क पर उतर गए हैं। ग्रामीणों ने सिमरिया-टंडवा मुख्य पथ को जाम कर कोयला वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप करा दिया और सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं।जाम के कारण दोनों ओर कोयला वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। सिमरिया-टंडवा के साथ-साथ चतरा, बगरा और हजारीबाग पथ पर भी जाम का असर देखा जा रहा है। कोयला वाहनों को छोड़कर बाकी सभी वाहनों का परिचालन हो रहा है, लेकिन यात्री बसों, बाइक सवारों और पैदल राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोयला ढुलाई बंद होने से सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान बताया जा रहा है।सड़क जाम सोमवार शाम 7 बजे से मंगलवार शाम 4 बजे तक यानी खबर लिखे जाने तक 21 घंटे से जारी है। ग्रामीणों में नाराजगी है कि 21 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।मालूम हो कि 19 अक्टूबर की सुबह सिमरिया-बगरा मुख्य पथ पर गोवा जैन पेट्रोल पंप के पास कोयला लदे हाइवा की चपेट में आने से बाइक सवार बकचोम्मा गांव निवासी मो. शाहबाज की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि डाड़ी निवासी मो. शाहबाज अंसारी पिता मासूक मियां गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रेफरल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रांची रिम्स रेफर किया गया था। फिलहाल वे एक निजी अस्पताल में इलाजरत हैं।परिजनों के अनुसार घायल के इलाज के लिए 3 लाख रुपये मुआवजा दिया गया था, लेकिन इतनी राशि से इलाज संभव नहीं है। घायल की एक टांग काटनी पड़ सकती है और एक आंख भी क्षतिग्रस्त हो गई है।मौके पर मौजूद जेएलकेएम नेता मो. गुलाम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कोयला वाहनों की चपेट में आकर अब तक हजारों लोग जान गंवा चुके हैं और कई अपाहिज होकर बिस्तर पर जिंदगी गुजार रहे हैं। सरकार को केवल कोयले की ढुलाई और राजस्व की नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा की भी चिंता करनी चाहिए।ग्रामीणों ने मांग की है कि घायल को समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और कोयला वाहनों के लिए अलग बाईपास सड़क बनाई जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक इलाज की व्यवस्था नहीं होती, कोयला वाहनों को नहीं चलने देंगे और धरना जारी रहेगा।1
- बिरहोर टोला पहुंचे चिकित्सा प्रभारी, प्रसूता को दिया बेबी किट इटखोरी (चतरा) -* सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटखोरी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुमित कुमार जयसवाल सोमवार को कटुवा बिरहोर टोला पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसूता उर्मिला बिरहोरिन पति चाक बिरहोर को बेबी किट का वितरण किया और नवजात व प्रसूता की स्वास्थ्य जांच की। डॉ. जयसवाल ने बताया कि सीएचसी में उर्मिला का सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया था। प्रसव के बाद फॉलोअप के लिए वे टोला पहुंचे हैं। वितरित बेबी किट में नवजात के लिए कपड़े, तौलिया, साबुन, तेल, मच्छरदानी जैसी जरूरी सामग्री है, जो संक्रमण से बचाव में मदद करती है। इस दौरान बिरहोर परिवारों को नवजात की देखभाल, टीकाकरण और स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। अन्य परिवारों के बीच दवाओं का भी वितरण किया गया। मौके पर एएनएम बबीता कुमारी, सीमांत बाउरी समेत अन्य मौजूद थे। यह दौरा आदिम जनजाति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की जमीनी पहल है।1
- शांति क्लब कुब्बा ने पेनाल्टी शूटआउट में हुडमुड एकादश को हराया , फाइनल में ब्लैक ब्रदर्स हजारीबाग से भिड़ेगी शांति क्लब कुब्बा पत्थलगडा प्रखंड मुख्यालय स्थित उमाकांत पाठक खेल मैदान में आयोजित अमर शहीद मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला मंगलवार को रोमांचक रहा। इसमें शांति क्लब कुब्बा ने हुडमुड एकादश को पेनाल्टी शूटआउट में 3-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। निर्धारित समय तक दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं। इसके बाद पेनाल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया। जिसमें शांति क्लब कुब्बा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। इससे पहले ब्लैक ब्रदर्स हजारीबाग ने कोराम्बे फाइटर्स को 3-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। अब टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में ब्लैक ब्रदर्स हजारीबाग और शांति क्लब कुब्बा आमने-सामने होंगे। दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले का उद्घाटन मुख्य अतिथि भाजपा नेता दिनेश्वर भुईंया ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए खेल प्रारंभ कराया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। साथ ही इससे अन्य खिलाड़ियों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।1
- चौपारण की बदहाल सड़क 😱 आखिर कब होगा सुधार? | Ground Report चौपारण की बदहाल सड़क से लोग परेशान! आखिर कब जागेगा संबंधित विभाग? देखिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।1
- घर का ताला तोड़कर चोरी, आभूषण, कपड़े और 8,500 रुपये नकद गायब,पूर्व में धमकी मिलने का भी आरोप,पीड़ित ने थाने में आवेदन देकर लगाई न्याय की गुहार रफीगंज थाना क्षेत्र के वाजित नीमा गांव में घर का ताला तोड़कर चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में गांव निवासी अमरेश कुमार पासवान ने रफीगंज थाना में आवेदन देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 की रात घर के बंद दरवाजे का ताला तोड़कर चोरों ने सोने की बाली, छह ग्राम की सोने की अंगूठी, चांदी की तीन सेट पायल, पीतल के बर्तनों का सेट, साड़ी-कपड़े, 8,500 रुपये नकद और एक बक्सा चोरी कर लिया। घटना के बाद घर का सामान बिखरा हुआ मिला। पीड़ित ने 15 अक्टूबर को रणधीर पासवान पर मोबाइल पर वॉयस मैसेज के माध्यम से धमकी देने का आरोप भी लगाया है। साथ ही, बाजार जाने के दौरान पूरे परिवार और खानदान को बर्बाद करने की धमकी मिलने की बात कही है। पीड़ित ने पुलिस से चोरी की घटना का खुलासा करने, दोषियों पर कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। थानाध्यक्ष शम्भू कुमार ने इस मामले में कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। Bharat Crime Live News | भारत क्राइम लाइव न्यूज #BharatCrimeLiveNews #रफीगंज #औरंगाबाद #चोरीकीघटना #बाजीतनीमा #रफीगंजपुलिस #अपराधसमाचार #बिहारन्यूज #स्थानीयसमाचार1
- पटना, बिहार- जन सुराज की MLC प्रत्याशी दिव्या गौतम पहुंची काउंटिंग सेंटर1
- गया में जमीन विवाद में अभियुक्त रामजी पासवान ने किया आत्मसमर्पण, समर्पण से पहले लगाया आरोप—खतियानी जमीन पर किया जा रहा था अवैध कब्जा न्यायालय में टाइटल सूट लंबित रहने के बावजूद जमीन की घेराबंदी कराने का आरोप; गयाजी। गया शहर के चंदौती थाना क्षेत्र अंतर्गत बालदेव नगर, चढ़ौती में चर्चित जमीन विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में अभियुक्त रामजी पासवान ने सोमवार को गया सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर न्याय की गुहार लगाई। आत्मसमर्पण से पहले उन्होंने अपनी खतियानी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश और अपने परिवार को मारपीट एवं बमबारी के मामले में फंसाने की साजिश का आरोप लगाया। वहीं, पुलिस के वरीय पदाधिकारी ने सोशल मीडिया और कुछ मीडिया चैनलों पर प्रसारित बमबारी की खबर को गलत एवं भ्रामक बताया है। *आरोपी रामजी पासवान ने क्या लगाए आरोप?* रामजी पासवान के आरोपों के अनुसार, विवादित जमीन उनकी खतियानी जमीन है और उसके संबंध में गया सिविल कोर्ट में टाइटल सूट लंबित है। इसके बावजूद सतेंद्र नारायण सिंह द्वारा जबरन दर्जनों लोगों को लगाकर जमीन की घेराबंदी कराने और कब्जा की जा रही थी। जिसकी शिकायत चंदौती थाना को दिया पर पुलिस पर विवादित जमीन कब्जे का काम बंद नहीं करा सकी है। रामजी पासवान का आरोप है कि उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया और निर्माण कार्य रोकने की कोशिश किया तो। सतेंद्र नारायण सिंह के लोगो द्वारा से उन्हें और उनके परिजनों को मारपीट करने लगे बचाव में हमलोग भी जवाब हमलोगो के बीच हाथबाई हुई उसके बाद दर्जनों लोग लाठी डंडे लेकर पहुंचे और मारपीट हुई उन लोगों द्वारा धमका की गई फिर सतेंद्र नारायण शर्मा द्वारा हमलोगों को बमबारी के मामले में फंसाने की साजिश रची गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर मारपीट और बमबारी से संबंधित वीडियो प्रसारित किए गए हैं। रामजी पासवान ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर मामले में न्याय की मांग की है। हालांकि, रामजी पासवान की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में दूसरे पक्ष का विस्तृत बयान भी उपलब्ध नहीं है। *पुलिस का पक्ष: बमबारी की खबर को बताया भ्रामक* पुलिस के वरीय पदाधिकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11 बजे चंदौती थानाध्यक्ष को बालदेव नगर में जमीन विवाद की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया था। पुलिस के अनुसार, उसी दिन दोपहर करीब दो बजे दोबारा सूचना मिली कि 40-50 लोग विवादित जमीन पर पहुंचकर चारदीवारी निर्माण रोक रहे हैं और तोड़फोड़ कर रहे हैं। सूचना में गोलीबारी एवं बमबारी की बात भी सामने आई थी। हालांकि, पुलिस के वरीय पदाधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और कुछ मीडिया चैनलों पर प्रसारित उस खबर को गलत एवं भ्रामक बताया, जिसमें सेवानिवृत्त एडीजी महावीर पासवान और उनके बेटे पर जमीन विवाद में मारपीट एवं बमबारी करने का आरोप लगाए जाने की बात कही जा रही थी। *चंदौती थानाध्यक्ष ने क्या कहा?* चंदौती थानाध्यक्ष के अनुसार, जमीन विवाद की शिकायत मिलने पर पुलिस पदाधिकारी को मौके पर भेजकर निर्माण कार्य रुकवाने का प्रयास किया गया था। दोनों पक्षों को जमीन से संबंधित कागजात लेकर थाने बुलाया गया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि एक पक्ष द्वारा निर्माण कार्य जारी रखने के कारण विवाद बढ़ गया। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच-पड़ताल की जा रही है। उनके अनुसार, अब तक दो लोगों को जेल भेजा जा चुका है। फिलहाल, जमीन के स्वामित्व, कब्जे के आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति पुलिस जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।3
- *हंटरगंज में गणपति होंडा शोरूम का नवीनीकरण,* *प्रेम सिंह और युगल किशोर सिंह ने किया उद्घाटन,* *अब स्थानीय स्तर पर मिलेगी होंडा बाइक की सुविधा* *विकास कुमार यादव* हंटरगंज (चतरा): हंटरगंज प्रखंड मुख्यालय के भोंदल प्रतापपुर मोड़ के समीप सोमवार को गणपति होंडा शोरूम का नवीनीकरण के बाद उद्घाटन किया गया।लोजपा नेता सह समाजसेवी प्रेम सिंह और भाजपा जिला उपाध्यक्ष युगल किशोर सिंह ने फीता काटकर और नारियल फोड़कर शोरूम का शुभारंभ किया।इस मौके पर प्रेम सिंह ने शोरूम के प्रोपराइटर अमित कुमार उर्फ भोला को बधाई दी। उन्होंने कहा कि होंडा देश की प्रतिष्ठित दोपहिया वाहन कंपनियों में शामिल है। अब हंटरगंज में ही होंडा की बाइक उपलब्ध होने से स्थानीय लोगों को खरीदारी के लिए बड़े शहरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। यह क्षेत्र के लोगों के लिए सुविधाजनक साबित होगा।उद्घाटन समारोह में होंडा के अधिकारी प्रितपाल सिंह कारला, कुंदन शान, अभिजीत कुमार शान, पांडेपुरा पिकेट प्रभारी सुनील दुबे, मुखिया प्रतिनिधि पिंटू सिंह, जितेंद्र रजक, प्रोफेसर जलेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।1