अम्बेडकर नगर के लोहिया भवन सभागार में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को 184 सड़क सुरक्षा मित्रों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के मूल सिद्धांतों, स्थानीय दुर्घटना की स्थिति, यातायात नियमों और स्वयंसेवकों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। इस प्रशिक्षण को सड़क सुरक्षा मित्रों को अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने और सुरक्षित सड़क संस्कृति विकसित करने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंचायती राज मंत्री एवं प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा यातायात नियमों के सख्ती से पालन पर जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं में सुरक्षित सड़क व्यवहार की नींव घर से ही पड़नी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना समाज की सक्रिय भागीदारी के सरकार इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकती। इसके साथ ही उन्होंने दुर्घटना में घायलों की तत्काल मदद करने की अपील की और बताया कि सरकार ‘राहबीर योजना’ के तहत ऐसे मददगार नागरिकों को सम्मानित भी करती है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईआईटी मद्रास के CoERS से जुड़े कर्नल संजीव शर्मा ने सड़क दुर्घटनाओं से सबसे अधिक युवा वर्ग के प्रभावित होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सड़क सुरक्षा मित्रों को समुदाय और प्रशासन के बीच का सेतु बताते हुए जनभागीदारी और समन्वित प्रयासों पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने CoERS की ओर से निरंतर वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग का आश्वासन भी दिया। चिकित्सीय सहायता के संबंध में वरिष्ठ परामर्शदाता (एनेस्थीसिया) डॉ. एस.डी. मिश्रा ने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और प्राथमिक आघात चिकित्सा का व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए बताया कि दुर्घटना के बाद के शुरुआती मिनट जीवन रक्षा के लिए बेहद निर्णायक होते हैं। इसके अलावा आईआईटी मद्रास के CoERS के प्रिंसिपल प्रोजेक्ट ऑफिसर पंकज मेहरा ने सड़क सुरक्षा ऑडिट, स्कूल जोन सुरक्षा, दुर्घटनास्थल प्रबंधन और संबंधित सरकारी योजनाओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्स्ना बंधु, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता, एआरटीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
अम्बेडकर नगर के लोहिया भवन सभागार में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को 184 सड़क सुरक्षा मित्रों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के मूल सिद्धांतों, स्थानीय दुर्घटना की स्थिति, यातायात नियमों और स्वयंसेवकों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। इस प्रशिक्षण को सड़क सुरक्षा मित्रों को अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने और सुरक्षित सड़क संस्कृति विकसित करने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंचायती राज मंत्री एवं प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा यातायात नियमों के सख्ती से पालन पर
जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं में सुरक्षित सड़क व्यवहार की नींव घर से ही पड़नी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना समाज की सक्रिय भागीदारी के सरकार इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकती। इसके साथ ही उन्होंने दुर्घटना में घायलों की तत्काल मदद करने की अपील की और बताया कि सरकार ‘राहबीर योजना’ के तहत ऐसे मददगार नागरिकों को सम्मानित भी करती है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईआईटी मद्रास के CoERS से जुड़े कर्नल संजीव शर्मा ने सड़क दुर्घटनाओं से सबसे अधिक युवा वर्ग के प्रभावित होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सड़क सुरक्षा मित्रों को समुदाय और प्रशासन के बीच का सेतु बताते हुए जनभागीदारी
और समन्वित प्रयासों पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने CoERS की ओर से निरंतर वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग का आश्वासन भी दिया। चिकित्सीय सहायता के संबंध में वरिष्ठ परामर्शदाता (एनेस्थीसिया) डॉ. एस.डी. मिश्रा ने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और प्राथमिक आघात चिकित्सा का व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए बताया कि दुर्घटना के बाद के शुरुआती मिनट जीवन रक्षा के लिए बेहद निर्णायक होते हैं। इसके अलावा आईआईटी मद्रास के CoERS के प्रिंसिपल प्रोजेक्ट ऑफिसर पंकज मेहरा ने सड़क सुरक्षा ऑडिट, स्कूल जोन सुरक्षा, दुर्घटनास्थल प्रबंधन और संबंधित सरकारी योजनाओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्स्ना बंधु, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता, एआरटीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
- अम्बेडकरनगर में प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने एक बयान में कुछ ऐसी बात कही है।1
- अम्बेडकरनगर में एक जन्मदिन कार्यक्रम बेहद खास और अनूठे अंदाज में मनाया गया है। केक काटने की सामान्य परंपरा से आगे बढ़कर आयोजित किए गए इस अनोखे कार्यक्रम को 'इंसानियत का जश्न' और 'सेवा का महापर्व' बताया गया है। इस खास जन्मदिन आयोजन को एक बेहद प्रेरणादायक पहल के रूप में सामने लाया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आलापुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध तपोस्थली महात्मा गोविंद साहब धाम के संभावित दौरे को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। हालांकि इस कार्यक्रम की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इसी सिलसिले में शनिवार को मेला समिति के अध्यक्ष भौमेन्द्र सिंह 'पप्पू' और पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिषेक निषाद सहित कई अन्य नेताओं ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया है। इस संभावित दौरे को लेकर क्षेत्रवासियों में बड़ी उम्मीदें बंधी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान ऐतिहासिक 'गोविंद साहब मेले' को राजकीय मेले का दर्जा मिल सकता है और इस तपोस्थली के कायाकल्प के लिए किसी बड़ी घोषणा का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही रामनगर, कटेहरी और भीटी बाजार को नगर पंचायत बनाए जाने की चर्चाएं भी काफी तेज हैं। इनमें से रामनगर के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और अब बस अंतिम स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस दौरे के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। आगामी चुनावों के मद्देनजर भाजपा संगठन जिले की पांचों सीटों को मजबूत करने की कवायद में सक्रियता से जुटा हुआ है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर को पहले ही जिले का प्रभारी मंत्री बनाया जा चुका है, जिससे मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक महत्व के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- सुल्तानपुर के कादीपुर में पौराणिक धर्मस्थली श्री हनुमान विजेथुआ महावीरन धाम से होकर गुजर घाट गोमती नदी तट पर पिछले 6 वर्षों से बन रहे पुल का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। अभी कुछ ही दिन पहले इस पुल का एक पाया काम करते समय टूट गया था, जिसकी खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के बेहद कर्मठशील और ईमानदार जिला अधिकारी जसवीर सिंह ने इसका संज्ञान लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर तुरंत जांच के आदेश दिए गए और उनके ही निर्देश पर टूटे हुए पाये को तोड़कर दोबारा बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन यह कार्य अब भी काफी धीमी रफ्तार से किया जा रहा है। जैसे-जैसे बरसात का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे पुल के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर इसी धीमी रफ्तार से काम चलता रहा, तो पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी नदी का जलस्तर बढ़ने पर दोनों तरफ का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। गोमती नदी के गुजर घाट पर पुल निर्माण की इस कछुआ गति को लेकर लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों ने जिला अधिकारी से मांग की है कि पुल के काम में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं ताकि बरसात के मौसम में लोगों का रास्ता बंद न हो।2
- सुल्तानपुर जनपद के गोसाईगंज थाने में शनिवार को दिन में 2:00 बजे उप जिलाधिकारी जयसिंहपुर के नेतृत्व में थाना समाधान दिवस संपन्न हुआ। इस समाधान दिवस के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। कार्यक्रम में फरियादियों द्वारा कुल 13 शिकायती पत्र प्राप्त हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए इनमें से दो शिकायती पत्रों का मौके पर ही तत्काल निस्तारण कर दिया गया। इसके साथ ही, शेष बचे हुए शिकायती पत्रों को संबंधित विभागों को सौंपकर उनका तुरंत निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए, ताकि फरियादियों को बार-बार चक्कर न लगाना पड़े।1
- सुलतानपुर के कादीपुर थाना क्षेत्र स्थित बुढ़ाना ग्राम सभा के प्राइमरी स्कूल में अव्यवस्थाओं के चलते बच्चों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। विद्यालय परिसर में नलकूप के बगल में ही प्रधान द्वारा गड्ढा कराया गया है, जिसके कारण पानी पीने के लिए आने-जाने वाले बच्चों के उसमें गिरकर चोटिल होने की पूरी आशंका बनी हुई है। इतना ही नहीं, विद्यालय में साफ-सफाई को लेकर भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नियुक्त सफाई कर्मी द्वारा परिसर की स्वच्छता पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे स्कूल का वातावरण बदहाल होता जा रहा है।1
- अंबेडकरनगर के सम्मनपुर थाना क्षेत्र के निवासी संजय गुप्ता ने वहां तैनात इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पेशे से अधिवक्ता संजय गुप्ता का कहना है कि सपा शासनकाल के दौरान कुछ दबंगों ने उनके घर को बुलडोजर से ढहाकर उस पर कब्जा करने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। संजय गुप्ता के अनुसार, थानाध्यक्ष दीपक रघुवंशी ने उन पर एक मुकदमा दर्ज कर एनकाउंटर करने का प्रयास किया था। जब इसमें सफलता नहीं मिली, तो उन पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कर जेल भेजने की कोशिश की गई, जिसे बाद में एडीएम न्यायालय ने खारिज कर दिया। अब यह सवाल उठ रहा है कि ऐसे पुलिस अधिकारियों के कहर से क्षेत्र के गरीब और लाचार लोगों को राहत कैसे मिलेगी।1
- अंबेडकरनगर में एक पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां तैनात पीआरओ जितेंद्र रघुवंशी ने उसे मदद देने के बजाय टांडा कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद टांडा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बिना किसी एफआईआर के पीड़ित को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। इस दौरान पीड़ित सड़क पर लेट गया और आसपास मौजूद लोगों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद ही उसे वहां से किसी तरह बचाया जा सका। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीओ सिटी अकबरपुर का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने पीड़ित का आपराधिक इतिहास होने का दावा किया है। वहीं, पीड़ित ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए चुनौती दी है कि उस पर केवल एक ही मुकदमा दर्ज है, जिसे इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने ही दर्ज कराया था। पीड़ित का कहना है कि उसका एकमात्र अपराध यह है कि वह एक व्यक्ति से अपने बकाया 3 लाख रुपये बार-बार वापस मांग रहा था, जिसके बाद से पुलिस ने कथित तौर पर उस व्यक्ति का पक्ष लेते हुए मोर्चा संभाल लिया है।1