पादूकलां के निकटवर्ती ग्राम पंचायत बग्गड़ स्थित भारत निर्माण सेवा केंद्र परिसर में बुधवार को एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य, राजस्व, पशुपालन, कृषि, परिवहन सहित कुल 21 विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाना था। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और आवेदन प्रस्तुत किए, जिनका संबंधित विभागों द्वारा त्वरित निस्तारण किया गया। शिविर प्रभारी उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार, नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ढेबाना, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, सहायक विकास अधिकारी धर्मेंद्र गिल और ग्राम पंचायत प्रशासक सुरज्या देवी पंवार की मौजूदगी में ग्रामीणों की शिकायतें सुनी गईं। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया और तहसीलदार अशोक कुमार ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अनेक प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया, जबकि अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं को आवश्यक कार्रवाई हेतु आगे प्रेषित किया गया। ग्राम पंचायत प्रशासक सुरज्या देवी पंवार ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा है कि नागरिकों को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने ग्रामीण सेवा शिविरों को इस सोच को धरातल पर उतारने का एक प्रभावी माध्यम बताते हुए शिविर की सफलता में सहयोग देने वाले सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया ने भी इस बात पर जोर दिया कि इन शिविरों के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और आमजन की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर हल करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने चार पट्टे वितरित किए और दस शौचालय व दो प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक अमिता रसाल और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में एक गर्भवती महिला की गोद भराई की गई, साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के आवेदन लिए गए, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का पंजीयन किया गया और बच्चों का वजन मापा गया। राजस्व विभाग ने चार बंटवारा, तीन सीमाज्ञान, 30 शुद्धिकरण और एक रास्ता कायम करने सहित विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण किया, इसके अतिरिक्त 15 जन्म प्रमाण पत्र और 10 मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय गढ़वाल ने जानकारी दी कि बग्गड़ के बाजार क्षेत्र में पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत कर जलापूर्ति सुचारु की गई और अंतिम छोर तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास हुए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 54 पेंशन सत्यापन और 10 पालनहार योजना सत्यापन पूरे किए गए, जबकि एक स्कूटी योजना और पाँच प्रवेश संबंधी आवेदन भी स्वीकार किए गए। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने दो रोडवेज पास बनाए और कृषि विभाग ने किसानों को तारबंदी योजना सहित विभिन्न कृषि योजनाओं और आधुनिक खेती की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। राजस्थान ग्रामीण बैंक की शाखा प्रबंधक आकांक्षा कुमारी ने बताया कि शिविर में 12 बैंक उपभोक्ताओं की री-केवाईसी की गई। चिकित्सा विभाग ने नर्सिंग अधिकारी रमेशनाथ के नेतृत्व में 384 लोगों की स्वास्थ्य जाँच की, जिसमें 13 मरीजों की शुगर व ब्लड प्रेशर की जाँच और 75 लोगों की ओरल कैंसर स्क्रीनिंग शामिल थी। 13 बच्चों का टीकाकरण किया गया, 12 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच हुई, 13 आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए और पाँच कार्डों की केवाईसी की गई। शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी नरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, खाद्य सुरक्षा योजना तथा रोजगार एवं आजीविका संवर्धन योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई और पात्र व्यक्तियों से आवेदन भी प्राप्त किए गए। इस अवसर पर शिविर प्रभारी के नाम एक लिखित ज्ञापन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें बग्गड़ से बेड़ास जाने वाले रास्ते के दुस्तीकरण (मरम्मत) की मांग की गई। इस शिविर में प्रशासक सुरज्या देवी पंवार, पूर्व सरपंच रामरतन जाजड़ा, उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पादूकलां के निकटवर्ती ग्राम पंचायत बग्गड़ स्थित भारत निर्माण सेवा केंद्र परिसर में बुधवार को एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य, राजस्व, पशुपालन, कृषि, परिवहन सहित कुल 21 विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाना था। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और आवेदन प्रस्तुत किए, जिनका संबंधित विभागों द्वारा त्वरित निस्तारण किया गया। शिविर प्रभारी उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार, नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ढेबाना, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, सहायक विकास अधिकारी धर्मेंद्र गिल और ग्राम पंचायत प्रशासक सुरज्या देवी पंवार की मौजूदगी में ग्रामीणों की शिकायतें सुनी गईं। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया और तहसीलदार अशोक कुमार ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अनेक प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया, जबकि अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं को आवश्यक कार्रवाई हेतु आगे प्रेषित किया गया। ग्राम पंचायत प्रशासक
सुरज्या देवी पंवार ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा है कि नागरिकों को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने ग्रामीण सेवा शिविरों को इस सोच को धरातल पर उतारने का एक प्रभावी माध्यम बताते हुए शिविर की सफलता में सहयोग देने वाले सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया ने भी इस बात पर जोर दिया कि इन शिविरों के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और आमजन की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर हल करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने चार पट्टे वितरित किए और दस शौचालय व दो प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक अमिता रसाल और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में एक गर्भवती महिला की गोद भराई की गई, साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के आवेदन लिए गए, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का
पंजीयन किया गया और बच्चों का वजन मापा गया। राजस्व विभाग ने चार बंटवारा, तीन सीमाज्ञान, 30 शुद्धिकरण और एक रास्ता कायम करने सहित विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण किया, इसके अतिरिक्त 15 जन्म प्रमाण पत्र और 10 मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय गढ़वाल ने जानकारी दी कि बग्गड़ के बाजार क्षेत्र में पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत कर जलापूर्ति सुचारु की गई और अंतिम छोर तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास हुए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 54 पेंशन सत्यापन और 10 पालनहार योजना सत्यापन पूरे किए गए, जबकि एक स्कूटी योजना और पाँच प्रवेश संबंधी आवेदन भी स्वीकार किए गए। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने दो रोडवेज पास बनाए और कृषि विभाग ने किसानों को तारबंदी योजना सहित विभिन्न कृषि योजनाओं और आधुनिक खेती की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। राजस्थान ग्रामीण बैंक की शाखा प्रबंधक आकांक्षा कुमारी ने बताया कि शिविर में 12 बैंक उपभोक्ताओं की री-केवाईसी की गई। चिकित्सा विभाग ने नर्सिंग अधिकारी रमेशनाथ के नेतृत्व
में 384 लोगों की स्वास्थ्य जाँच की, जिसमें 13 मरीजों की शुगर व ब्लड प्रेशर की जाँच और 75 लोगों की ओरल कैंसर स्क्रीनिंग शामिल थी। 13 बच्चों का टीकाकरण किया गया, 12 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच हुई, 13 आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए और पाँच कार्डों की केवाईसी की गई। शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी नरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, खाद्य सुरक्षा योजना तथा रोजगार एवं आजीविका संवर्धन योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई और पात्र व्यक्तियों से आवेदन भी प्राप्त किए गए। इस अवसर पर शिविर प्रभारी के नाम एक लिखित ज्ञापन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें बग्गड़ से बेड़ास जाने वाले रास्ते के दुस्तीकरण (मरम्मत) की मांग की गई। इस शिविर में प्रशासक सुरज्या देवी पंवार, पूर्व सरपंच रामरतन जाजड़ा, उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
- नागौर जिले के पादूकलां स्थित लांपोलाई गांव में हाल ही में आयोजित श्री सती माता मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आस्था, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संगम के रूप में सामने आया है। समाजजनों द्वारा "राजस्थान का सेंटर" माने जाने वाले इस लांपोलाई गांव में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में समाजबंधु और श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने पहुंचे। यह महोत्सव वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ सती माता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साथ संपन्न हुआ। इससे पहले, एक भव्य कलश यात्रा और शोभायात्रा निकाली गई, जिसका स्थानीय ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा और जयकारों से गर्मजोशी से स्वागत किया। आचार्य सत्यनारायण दाधीच के सान्निध्य में विशेष यज्ञ, हवन और महाआरती का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने अपने परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र की सुख-समृद्धि की मंगल कामना की। इस महोत्सव की सबसे खास पहल अतिथियों को पक्षियों के लिए जल पात्र, जिन्हें 'परिंदे' कहा जाता है, भेंट करना रही। भीषण गर्मी के बीच पक्षियों के संरक्षण, जल संवर्धन और जीव-दया का संदेश देकर समाज ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक मिसाल पेश की, जिसकी सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं ने खुले दिल से सराहना की। समारोह में समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि सती माता की यह परंपरा लगभग 700 से 800 वर्ष पुरानी है और आज भी समाज की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनी हुई है। चूरू से पधारे रावजी ने सती माता के समृद्ध इतिहास, परंपराओं और उनके सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर कार्यक्रम में सहयोग देने वाले भामाशाहों, समाजसेवियों और विभिन्न सहयोगकर्ताओं का सम्मान भी किया गया। समाज पदाधिकारियों ने इस भव्य मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की सफलता में विभिन्न क्षेत्रों के समाजबंधुओं के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि नागौर, मकराना, जोधपुर, डेगाना, रियांबड़ी, रेन, खाटू, जावला, मेहराना सहित राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में रहने वाले समाजबंधुओं ने तन, मन और धन से भरपूर सहयोग दिया, जिसकी एकजुटता ने इस आयोजन को वास्तव में ऐतिहासिक बना दिया। राजस्थान के मध्य बिंदु के रूप में पहचान बना चुका लांपोलाई गांव अब धार्मिक आस्था के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी उभर रहा है, और सती माता मंदिर की यह प्राण प्रतिष्ठा गांव की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले गई है। श्रद्धालुओं ने सती माता से समाज में सुख, शांति, समृद्धि और भाईचारे की निरंतर कामना की।4
- नागौर जिले में उपखंड अधिकारी (SDO) और पृथ्वी सिंह के बीच एक बातचीत हुई थी, जिसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी के चलते परिजनों ने आरोप लगाया है कि व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद उसे रेफर कर दिया गया।1
- राजस्थान के जोधपुर स्थित गारासनी में श्री मँछानाथ जी महाराज की संध्या आरती श्रद्धापूर्वक आयोजित की गई।1
- आज की ताजा खबर के अनुसार, मंडी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- राजस्थान के रियांबड़ी उपखंड क्षेत्र के बग्गड़ गांव में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही कई मामलों का निस्तारण किया। शिविर प्रभारी जगदीश माली ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर ऐसे शिविरों का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में लंबित प्रकरणों का समाधान करना और पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वर्षों से लंबित कई ग्रामीण मामलों को इस शिविर के माध्यम से प्राथमिकता से निपटाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार रेबाना ने राजस्व संबंधी अनेक प्रकरणों का समाधान किया, जबकि भू-अभिलेख निरीक्षक शिवलाल पंवार, पटवारी रतनाराम छाबा (बग्गड़), पटवारी बलराम (टाडा पादूकलां), पटवारी चैनाराम बोरानिया और सूचना सहायक हेमराज सहित कुल 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं और सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, भूमि रिकॉर्ड, प्रमाण पत्र, जनाधार, बिजली, पानी जैसे विभिन्न विभागों से जुड़ी अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने इनमें से अधिकांश मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया, जबकि शेष बचे प्रकरणों के त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया गया। ग्रामीणों ने इस पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित मामलों के हल होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की, यह मानते हुए कि गांव स्तर पर ऐसे आयोजन आमजन को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचा रहे हैं और प्रशासन तथा जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर रहे हैं।1
- पादूकलां के निकटवर्ती ग्राम पंचायत बग्गड़ स्थित भारत निर्माण सेवा केंद्र परिसर में बुधवार को एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य, राजस्व, पशुपालन, कृषि, परिवहन सहित कुल 21 विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाना था। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और आवेदन प्रस्तुत किए, जिनका संबंधित विभागों द्वारा त्वरित निस्तारण किया गया। शिविर प्रभारी उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार, नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ढेबाना, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, सहायक विकास अधिकारी धर्मेंद्र गिल और ग्राम पंचायत प्रशासक सुरज्या देवी पंवार की मौजूदगी में ग्रामीणों की शिकायतें सुनी गईं। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया और तहसीलदार अशोक कुमार ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अनेक प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया, जबकि अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं को आवश्यक कार्रवाई हेतु आगे प्रेषित किया गया। ग्राम पंचायत प्रशासक सुरज्या देवी पंवार ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा है कि नागरिकों को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने ग्रामीण सेवा शिविरों को इस सोच को धरातल पर उतारने का एक प्रभावी माध्यम बताते हुए शिविर की सफलता में सहयोग देने वाले सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया ने भी इस बात पर जोर दिया कि इन शिविरों के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और आमजन की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर हल करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने चार पट्टे वितरित किए और दस शौचालय व दो प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक अमिता रसाल और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में एक गर्भवती महिला की गोद भराई की गई, साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के आवेदन लिए गए, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का पंजीयन किया गया और बच्चों का वजन मापा गया। राजस्व विभाग ने चार बंटवारा, तीन सीमाज्ञान, 30 शुद्धिकरण और एक रास्ता कायम करने सहित विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण किया, इसके अतिरिक्त 15 जन्म प्रमाण पत्र और 10 मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय गढ़वाल ने जानकारी दी कि बग्गड़ के बाजार क्षेत्र में पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत कर जलापूर्ति सुचारु की गई और अंतिम छोर तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास हुए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 54 पेंशन सत्यापन और 10 पालनहार योजना सत्यापन पूरे किए गए, जबकि एक स्कूटी योजना और पाँच प्रवेश संबंधी आवेदन भी स्वीकार किए गए। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने दो रोडवेज पास बनाए और कृषि विभाग ने किसानों को तारबंदी योजना सहित विभिन्न कृषि योजनाओं और आधुनिक खेती की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। राजस्थान ग्रामीण बैंक की शाखा प्रबंधक आकांक्षा कुमारी ने बताया कि शिविर में 12 बैंक उपभोक्ताओं की री-केवाईसी की गई। चिकित्सा विभाग ने नर्सिंग अधिकारी रमेशनाथ के नेतृत्व में 384 लोगों की स्वास्थ्य जाँच की, जिसमें 13 मरीजों की शुगर व ब्लड प्रेशर की जाँच और 75 लोगों की ओरल कैंसर स्क्रीनिंग शामिल थी। 13 बच्चों का टीकाकरण किया गया, 12 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच हुई, 13 आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए और पाँच कार्डों की केवाईसी की गई। शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी नरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, खाद्य सुरक्षा योजना तथा रोजगार एवं आजीविका संवर्धन योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई और पात्र व्यक्तियों से आवेदन भी प्राप्त किए गए। इस अवसर पर शिविर प्रभारी के नाम एक लिखित ज्ञापन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें बग्गड़ से बेड़ास जाने वाले रास्ते के दुस्तीकरण (मरम्मत) की मांग की गई। इस शिविर में प्रशासक सुरज्या देवी पंवार, पूर्व सरपंच रामरतन जाजड़ा, उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।4
- नागौर जिले के मूंडवा स्थित ईनाणा बाईपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर बुधवार को एक सड़क हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, एक ट्रक चालक ने अचानक सड़क पर आई नीलगाय को बचाने के प्रयास में अपने वाहन का संतुलन खो दिया, जिससे वह सामने से आ रहे दूसरे ट्रक से टकरा गया। हादसे के समय एक ट्रक में शीतल पेय की बोतलें भरी हुई थीं, जो टक्कर के बाद सड़क पर बिखर गईं। इस कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा सड़क पर फैले सामान को हटाने का काम शुरू किया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और दोनों ट्रकों के चालक सुरक्षित बताए जा रहे हैं, हालांकि ट्रकों को नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक के नीलगाय को बचाने के लिए अचानक वाहन मोड़ने से यह दुर्घटना हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारु कराया और घटना की जानकारी जुटाई। इस हादसे के बाद वाहन चालकों से राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर सावधानी बरतने और वन्यजीव क्षेत्रों में सतर्कता से वाहन चलाने की अपील की गई है।2