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यूपी के ललितपुर से इंसाफ को शर्मसार करने वाली कहानी उत्तर प्रदेश के ललितपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक ने झूठे बलात्कार के आरोप में अपनी ज़िंदगी के 20 कीमती साल जेल में बिता दिए। 23 साल की उम्र में गिरफ्तार हुआ यह युवक, 43 साल की उम्र में रिहा हुआ-लेकिन तब तक उसकी पूरी दुनिया उजड़ चुकी थी। जेल में रहते हुए उसके माता-पिता और बड़े भाई का निधन हो गया, मगर उसे अंतिम संस्कार में शामिल होने की भी अनुमति नहीं मिली। समाज में लगे कलंक ने उसकी पहचान, सम्मान और भविष्य-सब कुछ छीन लिया। सबसे दर्दनाक पहलू यह कि किसी एडवोकेट ने उसकी प्रभावी मदद नहीं की, और वह सालों तक सिस्टम की भूल की सज़ा भुगतता रहा। अब रिहाई तो मिली है, लेकिन सवाल कायम है क्या खोए हुए 20 साल, टूटा परिवार और बिखरी ज़िंदगी कभी लौट पाएगी?
Hari Singh Goutam
यूपी के ललितपुर से इंसाफ को शर्मसार करने वाली कहानी उत्तर प्रदेश के ललितपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक ने झूठे बलात्कार के आरोप में अपनी ज़िंदगी के 20 कीमती साल जेल में बिता दिए। 23 साल की उम्र में गिरफ्तार हुआ यह युवक, 43 साल की उम्र में रिहा हुआ-लेकिन तब तक उसकी पूरी दुनिया उजड़ चुकी थी। जेल में रहते हुए उसके माता-पिता और बड़े भाई का निधन हो गया, मगर उसे अंतिम संस्कार में शामिल होने की भी अनुमति नहीं मिली। समाज में लगे कलंक ने उसकी पहचान, सम्मान और भविष्य-सब कुछ छीन लिया। सबसे दर्दनाक पहलू यह कि किसी एडवोकेट ने उसकी प्रभावी मदद नहीं की, और वह सालों तक सिस्टम की भूल की सज़ा भुगतता रहा। अब रिहाई तो मिली है, लेकिन सवाल कायम है क्या खोए हुए 20 साल, टूटा परिवार और बिखरी ज़िंदगी कभी लौट पाएगी?
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- आखिर बेजुबानों की गलती क्या है, क्यों लोग इस तरह की बर्बरता इनके साथ करते है1
- *हाईवे पर दिल दहला देने वाली वारदात* ( ट्रक ड्राइवर को पीट-पीट कर किया अधमरा इलाज के दौरान मौत) रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा~धर्मनगरी मथुरा से एक बेहद सनसनीखेज और अमानवीय घटना सामने आई है। मथुरा हाईवे पर एटा जिले के एक ट्रक ड्राइवर को अज्ञात कार सवारों ने लोहे की रॉड से बेरहमी से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। इलाज के दौरान ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई। इस बर्बरता का वीडियो भी अब सामने आ चुका है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना मथुरा जनपद के थाना हाईवे क्षेत्र में जयगुरुदेव आश्रम के पास की है। जानकारी के मुताबिक, अज्ञात कार सवारों ने ट्रक को ओवरटेक कर जबरन रोका। ट्रक ड्राइवर ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसे ट्रक से घसीटकर नीचे उतार लिया और लोहे की रॉड से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिये। हमलावरों ने ड्राइवर के दोनों पैर भी तोड़ दिए। पीड़ित ड्राइवर रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन हाईवे से गुजर रहे कई लोग तमाशबीन बने रहे। कुछ वाहन चालकों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर लगातार उसे पीटते रहे और लहूलुहान हालत में छोड़कर फरार हो गए। घायल अवस्था में ट्रक के हेल्पर ने ड्राइवर को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वीडियो फुटेज : - मारपीट का वीडियो सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह कार सवार युवक लोहे की रॉड से ट्रक ड्राइवर को बेरहमी से पीट रहे हैं। मृतक की पहचान : मृतक की पहचान अनूप यादव (28 वर्ष) पुत्र राकेश कुमार, निवासी ग्राम कुंजलपुर, तहसील जलेसर, जनपद एटा के रूप में हुई है। अनूप यादव मंगलवार को गुरुग्राम से बेंगलुरु के लिए ट्रक लेकर जा रहा था। शाम करीब 8:30 बजे यह वारदात हुई। परिजनों का आरोप : मृतक के परिजनों ने लूट के इरादे से हत्या किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। पिता राकेश कुमार का कहना है कि शाम 7:30 बजे बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। उसके बाद यह दिल दहला देने वाली घटना हो गई। भाई का बयान : मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि कार सवार युवक शराब के नशे में थे और उनके पास धारदार हथियार भी थे। सरेराह की गई इस बेरहमी ने उनके भाई की जान ले ली। पुलिस का पक्ष : मथुरा पुलिस का कहना है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया और शव पैतृक गांव भेज दिया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। गांव में मातम : जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। मां बेसुध हो गई, पिता बदहवाश हैं। बुधवार को मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।3
- आगरा विनाश प्राधिकरण द्वारा 127 करोड़ की सरकारी योजना भ्रष्टाचार के की भेंट चढ़ गई है #नेता25% #अधिकारी20% #ठेकेदार25% #AajTakSocial #HarEkKaamDeshKeNaam #MYogiAdityanath #agrabsa #AmarUjalaNewspaper #Governance #PMOffice #UPNews #agra #RahulGandhiVoiceOfIndia #PriyankaGandhi #AkhileshYadav #NDTV #ABPNews #ada #viralphotochallenge @cmofficeup1
- * *छात्रों को प्रतियोगी माहौल ओर आत्मविश्वास देने के अदृश्य से Vidhya Education द्वारा एक विशेष Extra Class का आयोजन किया गया यह Extra Class छात्रों को अपनी तैयारी का आकलन करने का मौका मिले एटा जनपद के कस्बा अवागढ़ में 5 फरवरी को Vidhya Education सेंटर पर एक विशेष 2 घंटे की Extra Class का आयोजन हुआ यह Extra Class सुबह 9 से 11 बजे तक चली इस Extra Class की खास बात यह है कि इसमें किसी भी स्कूल या कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं मात्र 1 रूपये शुल्क देकर भाग ले सकते हैं और बताया कि जगह जगह से छात्र छात्राओं भी इस Extra Class में शामिल हुए बताया कि टेस्ट में 50 छात्र और छात्राएं उपस्थित रहे इस मौके पर संस्थापक अश्वनी कुमार (vidhya education(, आदित्य कुमार प्रबंधक( vidhya education) जतिन कुमार, ध्रुव कुमार हर्ष कुमार, नैतिक रिया कुमारी नंदनी कुमारी मनु कुमारी आदि छात्र ओर छात्राएं उपस्थित रहे।3
- पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट ट्रक चालक की हत्या: हाईवे पर लूट के लिए बेरहमी से पीटा, लाठियों-सरियों से सिर फोड़ दिया – अस्पताल पहुंचते-पहुंचते गई जान मथुरा। भारतीय राजमार्ग अब सुरक्षित यात्रा का रास्ता नहीं, बल्कि लूट-खसोट और खूनखराबे का अड्डा बन चुका है। मथुरा के भरतपुर कट हाईवे पर एक बार फिर दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गुड़गांव से बेंगलुरु माल लेकर जा रहे ट्रक चालक अनूप कुमार को लूटपाट के इरादे से बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला गया। हमलावरों ने लाठियां, डंडे और सरिए से उसका सिर फोड़ दिया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का विवरण बेहद खौफनाक है। अनूप कुमार पुत्र राकेश कुमार, निवासी कुंजलपुर, थाना जलेसर , जिला एटा, गुड़गांव से माल लदा ट्रक लेकर बेंगलुरु की ओर जा रहे थे। मथुरा थाना हाईवे क्षेत्र के भरतपुर कट पर पीछे से एक बलैनो कार तेजी से आई और ट्रक को जबरन रोक दिया। कार से उतरे बदमाशों ने ट्रक को लूटने की कोशिश की। चालक अनूप ने विरोध जताया तो गुस्साए अपराधियों ने उसे ट्रक से उतारकर लाठियों, डंडों और सरियों से जमकर पीटना शुरू कर दिया। हमले इतना क्रूर था कि चालक खून से लथपथ होकर बेहोश हो गया। इसी बीच हाईवे पर अन्य ट्रक चालकों ने गाड़ियां रोकीं और घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनता देख बदमाश घबरा गए और चालक को मरता-कूटता छोड़कर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल अनूप को तुरंत मथुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी दर्दनाक मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटें, खोपड़ी फटना और अंदरूनी रक्तस्राव जैसी बातें सामने आई हैं – साफ संकेत कि मारपीट जानलेवा थी।पुलिस अब तक असफल, बदमाश बेखौफ घूम रहेथाना हाईवे पुलिस ने मामला दर्ज तो कर लिया है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। बलैनो कार और हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिला। बदमाश पुलिस की पहुंच से दूर बेखौफ घूम रहे हैं। ट्रक चालकों का कहना है कि हाईवे पर लूट की ऐसी घटनाएं रोज हो रही हैं, लेकिन पुलिस की सुस्ती के कारण अपराधी खुलेआम वारदात अंजाम दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख हाईवे अब ड्राइवरों के लिए कब्रिस्तान बन चुके हैं। लूट, मारपीट, हत्या – सब कुछ निर्भीक होकर हो रहा है। प्रशासन की नाकामी से हजारों ट्रक चालक रोज मौत के मुंह में जा रहे हैं। सवाल यह है – कब तक चुप रहेंगे अधिकारी? कब तक हाईवे पर खून बहता रहेगा? अनूप कुमार की मौत सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे ट्रक चालक समुदाय की चीख है। न्याय हो, अपराधियों को फांसी की सजा मिले – तभी हाईवे सुरक्षित कहलाएंगे। (घटना के वीडियो और गवाहों के बयानों के आधार पर रिपोर्ट)2
- उत्तर प्रदेश के एटा का जलेसर में बना पटना पक्षी विहार अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि, यानी रामसर साइट में चयनित हुआ है। इसके साथ ही पटना पक्षी विहार उत्तर प्रदेश का 11वां रामसर स्थल बन गया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा की। रामसर सूची में शामिल होने से न केवल प्रदेश की जैव विविधता को नई पहचान मिली है, बल्कि देश के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों को भी मजबूती मिली है। पटना पक्षी विहार अब तक 178 पक्षी प्रजातियों और 252 से ज्यादा वनस्पति प्रजातियों का आश्रय स्थल है। जलीय पक्षियों के संरक्षण के लिहाज़ से इसके महत्व को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्था बर्ड लाइफ इंटरनेशनल ने इसे महत्वपूर्ण पक्षी एवं जैव विविधता क्षेत्र — यानी आईबीए के रूप में भी घोषित किया है। ये इलाका पर्यटन के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र है। विहार परिसर में प्राचीन शिव मंदिर श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। खजूर के घने वन और झील के किनारे पक्षियों का कलरव पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। अक्टूबर के अंत से यहां प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है। इनमें राजहंस, बार-हेडेड गूज, नीलसर, पिटेल, किंगफिशर, ब्रह्मणी डक, स्नेक बर्ड, कॉमन टील सहित कई देशी-विदेशी प्रजातियां शामिल हैं। पटना पक्षी विहार की स्थापना 1990 में हुई थी। लगभग 108 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस विहार को बड़ी संख्या में प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के कारण अभयारण्य घोषित किया गया था। इसका नाम जलेसर तहसील के गांव पटना के नाम पर रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि पर जनपदवासियों को बधाई दी है। सोशल मीडिया पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पटना पक्षी विहार का रामसर सूची में शामिल होना पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने इसे पूरे एटा जनपद के लिए गौरव का क्षण बताते हुए सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं। पटना पक्षी विहार की ये अंतरराष्ट्रीय मान्यता एटा को पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की ओर एक बड़ा कदम है। #etah#patnapakshibihar4
- हाथरस के थाना सादाबाद कोतवाली क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते बाइक सवार हमलावरों ने कार सवार सैनिक की गोली मारकर हत्या कर दी। हाथरस रोड स्थित मुन्नी देवी कोल्ड स्टोरेज के बाहर हमलावरों ने कार रोककर अंधाधुंध फायरिंग की। गोली चलने की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान कोल्ड स्टोरेज के अंदर मची भगदड़ का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। मृतक सैनिक अखिलेश चौधरी आगरा स्थित आर्मी बेस वर्कशॉप में चालक के पद पर तैनात थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।2
- यूपी के ललितपुर से इंसाफ को शर्मसार करने वाली कहानी उत्तर प्रदेश के ललितपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक ने झूठे बलात्कार के आरोप में अपनी ज़िंदगी के 20 कीमती साल जेल में बिता दिए। 23 साल की उम्र में गिरफ्तार हुआ यह युवक, 43 साल की उम्र में रिहा हुआ-लेकिन तब तक उसकी पूरी दुनिया उजड़ चुकी थी। जेल में रहते हुए उसके माता-पिता और बड़े भाई का निधन हो गया, मगर उसे अंतिम संस्कार में शामिल होने की भी अनुमति नहीं मिली। समाज में लगे कलंक ने उसकी पहचान, सम्मान और भविष्य-सब कुछ छीन लिया। सबसे दर्दनाक पहलू यह कि किसी एडवोकेट ने उसकी प्रभावी मदद नहीं की, और वह सालों तक सिस्टम की भूल की सज़ा भुगतता रहा। अब रिहाई तो मिली है, लेकिन सवाल कायम है क्या खोए हुए 20 साल, टूटा परिवार और बिखरी ज़िंदगी कभी लौट पाएगी?1