ग्राम सावरी में आयोजित किया गया तान्हा पोला पर्व,विधायक विवेक पटेल हुए शामिल* *तान्हा पोला पर्व नई पीढ़ी को जोड़ने अच्छा प्रयास-विवेक पटेल* वारासिवनी*-खैरलांजी जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत सावरी में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी मारबत पर्व के दूसरे दिन शनिवार को तान्हा पोले का आयोजन किया गया।जहां सावरी के आस-पास ग्राम में निवासरत सैंकड़ों की संख्या में नन्हे-मुन्ने बच्चे अपने मिट्टी और लकड़ी से बने नंदी को सजाकर लाए थे।कई वर्षों से बड़े स्तर पर आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही।इसे देखने के लिए दूर दराज के ग्रामीणजन भारी संख्या में पहुंचे।जिसने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि विधायक विवेक विक्की पटेल ने सभी को नगद पुरस्कार दिया।वहीं कार्यक्रम की सराहना भी की।इस दौरान नरेंद्र राहंगडाले,राहुल अरोरा,सुरेश लिल्हारे,डेविस दमाहे, मानसिंह बहेटवार,मुन्नालाल लिल्हारे,रामकुमार तितरमारे,आलोक सवालाखे, धनेन्द्र लिल्हारे,राधेश्याम नगपुरे,मुकेश डोंगरे,भुवन मेश्राम,विनोद बर्वे,ओमप्रकाश पघरे सहित ग्रामवासी मौजूद थे। *ग्राम सावरी की पहचान तान्हा पोला पर्व-विवेक पटेल* विधायक विवेक विक्की पटेल ने कहा कि पोला पर्व मूल रूप से खेती किसानी से जुड़ा किसानों का पारंपरिक त्यौहार है।खेती किसानी में बैल और गौ वंशीय पशुओं के महत्व को देखते हुए इस दिन बैल को विशेष रूप में सजाया जाता है।पोले के दिन किसान अपने बैलों को सजाकर उनकी पूजा करते है। मारबत पर्व के दूसरे दिन ग्राम सावरी में बच्चों द्वारा मनाया जाने वाला नंदी पोला पर्व बालाघाट जिले के प्रसिद्ध है।सैकड़ों की संख्या में नन्हे मुन्ने बच्चे ने अपने मिट्टी और लकड़ी से बने नंदी को आकर्षण वेश भूषा में सजाकर लाते है।हर वर्ष इस स्थान पर प्रतिभागियों की संख्या बढ़ती जा रही है।यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को जोड़ने का एक अच्छा प्रयास है।ग्राम सावरी की पहचान बन चुके नंदी पर्व जिले में पहचान बन चुका है।
ग्राम सावरी में आयोजित किया गया तान्हा पोला पर्व,विधायक विवेक पटेल हुए शामिल* *तान्हा पोला पर्व नई पीढ़ी को जोड़ने अच्छा प्रयास-विवेक पटेल* वारासिवनी*-खैरलांजी जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत सावरी में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी मारबत पर्व के दूसरे दिन शनिवार को तान्हा पोले का आयोजन किया गया।जहां सावरी के आस-पास ग्राम में निवासरत सैंकड़ों की संख्या में नन्हे-मुन्ने बच्चे अपने मिट्टी और लकड़ी से बने नंदी को सजाकर लाए थे।कई वर्षों
से बड़े स्तर पर आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही।इसे देखने के लिए दूर दराज के ग्रामीणजन भारी संख्या में पहुंचे।जिसने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि विधायक विवेक विक्की पटेल ने सभी को नगद पुरस्कार दिया।वहीं कार्यक्रम की सराहना भी की।इस दौरान नरेंद्र राहंगडाले,राहुल अरोरा,सुरेश लिल्हारे,डेविस दमाहे, मानसिंह बहेटवार,मुन्नालाल लिल्हारे,रामकुमार तितरमारे,आलोक सवालाखे, धनेन्द्र लिल्हारे,राधेश्याम नगपुरे,मुकेश डोंगरे,भुवन मेश्राम,विनोद बर्वे,ओमप्रकाश पघरे सहित ग्रामवासी मौजूद
थे। *ग्राम सावरी की पहचान तान्हा पोला पर्व-विवेक पटेल* विधायक विवेक विक्की पटेल ने कहा कि पोला पर्व मूल रूप से खेती किसानी से जुड़ा किसानों का पारंपरिक त्यौहार है।खेती किसानी में बैल और गौ वंशीय पशुओं के महत्व को देखते हुए इस दिन बैल को विशेष रूप में सजाया जाता है।पोले के दिन किसान अपने बैलों को सजाकर उनकी पूजा करते है। मारबत पर्व के दूसरे दिन ग्राम सावरी में बच्चों द्वारा
मनाया जाने वाला नंदी पोला पर्व बालाघाट जिले के प्रसिद्ध है।सैकड़ों की संख्या में नन्हे मुन्ने बच्चे ने अपने मिट्टी और लकड़ी से बने नंदी को आकर्षण वेश भूषा में सजाकर लाते है।हर वर्ष इस स्थान पर प्रतिभागियों की संख्या बढ़ती जा रही है।यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को जोड़ने का एक अच्छा प्रयास है।ग्राम सावरी की पहचान बन चुके नंदी पर्व जिले में पहचान बन चुका है।
- सेवादल ने बोदारी में लगाया स्वास्थ्य शिविर, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री, सेवादल राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी वी श्रीनिवासन ने सुनी पीड़ा वारासिवनी। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। रविवार 13 सितंबर को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने की मांग की। वहीं उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच और संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपाने में लगा है।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के बालाघाट पहुंचने के संकेत भी दिए।इस दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- जमुनिया बांध में सीपेज से मचा हड़कंप एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया । नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है । 2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया । एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके । इनका कहना है बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी । रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है । योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया । नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है । 2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया । एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके । इनका कहना है बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी । रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है । योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट1
- *कलबोडीआनंद वर्धन श्री राम मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ 15 सितंबर मंगलवार को*1
- होटल-रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, गंदगी और एक्सपायरी सामग्री मिली सिवनी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 13 एवं 14 सितंबर को जिले के 9 होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह साफ-सफाई में कमी, खाद्य सामग्री के अनुचित भंडारण, एक्सपायरी सामग्री और अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिला। रूखड़ के जंगल कैंप रिजॉर्ट, वनराज रिजॉर्ट खवासा, द सोल ट्री रिजॉर्ट कोहका और न्यू हिमांशु रेस्टोरेंट खवासा में विभिन्न कमियां मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 के तहत सुधार सूचना पत्र जारी किए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।1
- “जब टक्कर हुई ही नहीं, तो चालक नासिर खान का खून क्यों बहा? वायरल वीडियो के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई से प्रशासन क्यों पीछे?” *"जब टक्कर हुई ही नहीं, तो खून बहाया क्यों? सिवनी में कानून का डर खत्म या गुंडों की दबंगई? बस चालक नासिर खान पर जानलेवा हमले के आरोपियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजो!"* "मेहनत से गाड़ी चलाने वाले चालकों पर खुलेआम गुंडागर्दी! बिना किसी बात के बीच सड़क पर घेरकर मारना और चाकू से हमला करना कहां का न्याय है? पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन ले!" *"ना गाड़ी टकराई, ना प्रतिमा को खरोंच आई... फिर भी driver को लहूलुहान कर दिया! सिवनी पुलिस, वायरल वीडियो के आधार पर इन उपद्रवियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई कब होगी?"* "गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी! दिन-दहाड़े चालक को घसीटकर पीटने वाले 10-12 हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार करो। ड्राइवरों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बंद हो!" "*सड़क पर सेवा देने वाले ड्राइवरों पर ये बर्बरता क्यों? जब ट्रैक्टर चालक खुद कह रहा है कि कोई टक्कर नहीं हुई, तो इस जानलेवा हमले का हिसाब कौन देगा? #JusticeForDriver"* *"सिवनी में कानून-व्यवस्था को ठेंगा! चालक नासिर खान के साथ हुई बर्बर मारपीट के खिलाफ ड्राइवर महासंगठन मैदान में। गुंडों पर बलवा और जानलेवा हमले का केस दर्ज हो!"* #JusticeForDriver #SeoniNews #StopMobViolence #MPPolice #StrictActionRequired #MadhyaPradeshNews #DriverSafety #SeoniCrime #LawAndOrder #Seoni#हेडलाइंस#फॉलोअर1
- गोंडवाना गणतंत्र पार्टी लखनादौन के धूमा में पार्टी का बड़ा आंदोलन वन विभाग के खिलाफ आंदोलन गोंडवाना गणतंत्र पार्टी लखनादौन के धूमा में पार्टी का बड़ा आंदोलन वन विभाग के खिलाफ आंदोलन पार्टी कार्यकर्ताओं ने 7 दिवस की चैतावनी1
- महाकौशल एक्सप्रेस के संपादक पर शमीम खान पर जानलेवा हमला का खुलासा..?(९९२६)1
- नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान, कलारबांकी के हाई स्कूल व बस स्टैंड पर नशा मुक्ति जागरूकता ...?(१८७२६)1