*महुआडांड़ में “मीठा ज़हर” का खेल चीनी से पाग नहीं, प्लास्टिक जैसी परत बनी* महुआडांड़ प्रखंड में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों की थाली तक पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक उपभोक्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बाजार से खरीदी गई चीनी पाग बनाने के दौरान सामान्य रूप से घुलने के बजाय “प्लास्टिक जैसी परत” में बदल गई। यह घटना न सिर्फ हैरान करने वाली है, बल्कि इलाके में मिलावटी खाद्य सामग्री के संभावित बड़े खेल की ओर भी इशारा करती हैपीड़ित उपभोक्ता के अनुसार, उन्होंने यह चीनी स्थानीय सुनील किराना स्टोर से खरीदी थी। जब घर में पाग बनाया जा रहा था, तब चीनी अपेक्षित तरीके से घुलकर जमने के बजाय अजीब तरह की चिपचिपी और प्लास्टिक जैसी संरचना में बदलने लगी। इस घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है और लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि कहीं बाजार में नकली या मिलावटी चीनी तो नहीं बेची जा रही।वहीं, मामले में घिरे दुकानदार सुनील प्रसाद ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह चीनी अंबिकापुर स्थित अजय ट्रेडर्स से मंगाई थी और उन्हें खुद इसकी गुणवत्ता पर कोई संदेह नहीं था। अब सवाल उठता है कि अगर दुकानदार सही कह रहे हैं, तो सप्लाई चेन में आखिर गड़बड़ी कहां हो रही है?इस पूरे मामले ने स्थानीय प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर बिना गुणवत्ता जांच के ऐसी सामग्री बाजार तक कैसे पहुंच रही है? क्या खाद्य सुरक्षा विभाग सिर्फ कागजों में ही सक्रिय है *स्थानीय लोगों की मांग* : ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही संबंधित दुकान और सप्लायर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बाजार में बिक रही अन्य खाद्य सामग्री की भी जांच कराने की मांग उठ रही है।
*महुआडांड़ में “मीठा ज़हर” का खेल चीनी से पाग नहीं, प्लास्टिक जैसी परत बनी* महुआडांड़ प्रखंड में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों की थाली तक पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक उपभोक्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बाजार से खरीदी गई चीनी पाग बनाने के दौरान सामान्य रूप से घुलने के बजाय “प्लास्टिक जैसी परत” में बदल गई। यह घटना न सिर्फ हैरान करने वाली है, बल्कि इलाके में मिलावटी खाद्य सामग्री के संभावित बड़े खेल की ओर भी इशारा करती हैपीड़ित उपभोक्ता के अनुसार, उन्होंने यह चीनी स्थानीय सुनील किराना स्टोर से खरीदी थी। जब घर में पाग बनाया जा रहा था, तब चीनी अपेक्षित तरीके से घुलकर जमने के बजाय अजीब तरह की चिपचिपी और प्लास्टिक जैसी संरचना में बदलने लगी। इस घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है और लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि कहीं बाजार में नकली या मिलावटी चीनी तो नहीं बेची जा रही।वहीं, मामले में घिरे दुकानदार सुनील प्रसाद ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह चीनी अंबिकापुर स्थित अजय ट्रेडर्स से मंगाई थी और उन्हें खुद इसकी गुणवत्ता पर कोई संदेह नहीं था। अब सवाल उठता है कि अगर दुकानदार सही कह रहे हैं, तो सप्लाई चेन में आखिर गड़बड़ी कहां हो रही है?इस पूरे मामले ने स्थानीय प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर बिना गुणवत्ता जांच के ऐसी सामग्री बाजार तक कैसे पहुंच रही है? क्या खाद्य सुरक्षा विभाग सिर्फ कागजों में ही सक्रिय है *स्थानीय लोगों की मांग* : ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही संबंधित दुकान और सप्लायर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बाजार में बिक रही अन्य खाद्य सामग्री की भी जांच कराने की मांग उठ रही है।
- लातेहार में राहुल गांधी का पुतला फूका गया4
- महुआडांड़ (संवाददाता):नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जारी सियासी घमासान अब महुआडांड़ की सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ तीखा आक्रोश जताया।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने खुलकर आरोप लगाया कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इतने अहम कानून पर कांग्रेस का रुख नकारात्मक रहा है, जिससे आम जनता में गलत संदेश गया है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण जैसे मुद्दे पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सीधे-सीधे महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ है। *मंडल अध्यक्ष अमित जायसवाल का तीखा बयान:* मौके पर मौजूद मंडल अध्यक्ष अमित जायसवाल ने दो टूक कहा,नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को उनका हक दिलाने का मजबूत प्रयास है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने से पीछे हट रहे हैं। अब देश की जनता सब समझ रही है और ऐसे नेताओं को जवाब जरूर देगी।”उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ कानून नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है और इसे हर हाल में जमीन पर उतारना जरूरी है। *प्रदर्शन में ये रहे प्रमुख चेहरे:* प्रशांत सिंह (मंडल अध्यक्ष), अमित जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, सुनील जायसवाल, दिलीप प्रसाद, संजय राय, विश्वनाथ राम, रोहित सिंह, विनोद कुमार सिंह, राजेंद्र सोनी, कृष्णा लोहारा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।इस दौरान जोरदार नारेबाजी की गई और सरकार से मांग उठी कि अधिनियम को जल्द और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को इसका वास्तविक लाभ मिल सके1
- लातेहार। हजारीबाग में एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना पर लातेहार प्रेस क्लब के पत्रकारों ने काला बिला लगाकर विरोध किया। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। गुरुवार को पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।1
- Post by Shamsher Alam1
- पत्रकार पर हमले के विरोध में लातेहार प्रेस क्लब का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन लातेहार। हजारीबाग में पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में गुरुवार को लातेहार प्रेस क्लब के सदस्यों ने काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने एकजुटता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित पत्रकार को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई। पत्रकारों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर आघात हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा हैं। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन द्वारा त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज होते हैं और उन पर हमला किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।1
- पुलिस कैंप में बनाया गया बिल्डिंग पेमेंट नहीं मिलने से मजदूर परेशान जांच का विषय1
- लोहरदगा dto जया शंखी मुर्मू जी का एक अनोखी पहल जो बिना हेलमेट पहने हुए लोगों को चलान काटने के बजाय हेलमेट देकर ऑर फूल माला से स्वागत किया4
- महुआडांड़ प्रखंड में बिजली व्यवस्था एक बार फिर मजाक बनकर रह गई है। हल्की आंधी-तूफान ने ही पूरे सिस्टम की पोल खोल दी—जैसे ही हवा चली, वैसे ही ‘बिजली रानी’ ने हाथ खड़े कर दिए और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। जरा सी हवा या बूंदाबांदी होते ही बिजली सप्लाई ठप पड़ जाती है, जिससे साफ जाहिर होता है कि विभागीय मेंटेनेंस सिर्फ कागजों तक सीमित है। सवाल उठ रहा है कि जब हल्की आंधी में ही हालात ऐसे हैं, तो तेज तूफान या बारिश में क्या होगा?बिजली गुल होने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया, वहीं गर्मी और उमस के बीच लोग रातभर बेहाल रहे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो लाइन दुरुस्त की जाती है और न ही कोई स्थायी समाधान निकाला जा रहा है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी हर बार ‘जल्द सुधार’ का भरोसा देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।1