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यह पोस्ट इस बात पर कटाक्ष करती है कि कुछ लोग ज़मीनी स्तर पर भी खुद से चार शब्द नहीं बोल पाते हैं। उन्हें बोलने के लिए हमेशा लिखित सामग्री का सहारा लेना पड़ता है; भले ही टेलीप्रॉम्प्टर उपलब्ध न हो, तो भी उन्हें मोबाइल से देखकर ही पढ़ना होता है। जैसा कि पांडे भी सही कहते हैं, यदि ऐसे लोगों को लिखकर न दिया जाए तो वे बोल नहीं पाते हैं। यह स्थिति पारदर्शिता पर सवाल उठाती है और स्वतंत्र मीडिया की वास्तविक आवश्यकता पर बल देती है।

9 hrs ago
user_JAI HIND MEDIA
JAI HIND MEDIA
Newspaper publisher Moradabad, Uttar Pradesh•
9 hrs ago

यह पोस्ट इस बात पर कटाक्ष करती है कि कुछ लोग ज़मीनी स्तर पर भी खुद से चार शब्द नहीं बोल पाते हैं। उन्हें बोलने के लिए हमेशा लिखित सामग्री का सहारा लेना पड़ता है; भले ही टेलीप्रॉम्प्टर उपलब्ध न हो, तो भी उन्हें मोबाइल से देखकर ही पढ़ना होता है। जैसा कि पांडे भी सही कहते हैं, यदि ऐसे लोगों को लिखकर न दिया जाए तो वे बोल नहीं पाते हैं। यह स्थिति पारदर्शिता पर सवाल उठाती है और स्वतंत्र मीडिया की वास्तविक आवश्यकता पर बल देती है।

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  • यह पोस्ट इस बात पर कटाक्ष करती है कि कुछ लोग ज़मीनी स्तर पर भी खुद से चार शब्द नहीं बोल पाते हैं। उन्हें बोलने के लिए हमेशा लिखित सामग्री का सहारा लेना पड़ता है; भले ही टेलीप्रॉम्प्टर उपलब्ध न हो, तो भी उन्हें मोबाइल से देखकर ही पढ़ना होता है। जैसा कि पांडे भी सही कहते हैं, यदि ऐसे लोगों को लिखकर न दिया जाए तो वे बोल नहीं पाते हैं। यह स्थिति पारदर्शिता पर सवाल उठाती है और स्वतंत्र मीडिया की वास्तविक आवश्यकता पर बल देती है।
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    यह पोस्ट इस बात पर कटाक्ष करती है कि कुछ लोग ज़मीनी स्तर पर भी खुद से चार शब्द नहीं बोल पाते हैं। उन्हें बोलने के लिए हमेशा लिखित सामग्री का सहारा लेना पड़ता है; भले ही टेलीप्रॉम्प्टर उपलब्ध न हो, तो भी उन्हें मोबाइल से देखकर ही पढ़ना होता है। जैसा कि पांडे भी सही कहते हैं, यदि ऐसे लोगों को लिखकर न दिया जाए तो वे बोल नहीं पाते हैं। यह स्थिति पारदर्शिता पर सवाल उठाती है और स्वतंत्र मीडिया की वास्तविक आवश्यकता पर बल देती है।
    user_JAI HIND MEDIA
    JAI HIND MEDIA
    Newspaper publisher Moradabad, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि देश गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और आने वाले समय में राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। उन्होंने अमेरिका, अदानी सहित कई अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। राहुल गांधी के अनुसार, देश में एक आर्थिक सुनामी आने वाली है और ऐसी स्थिति में इमरजेंसी भी लग सकती है। यह बयान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी चुनौतियों के प्रति आगाह करता है।
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    नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि देश गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और आने वाले समय में राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। उन्होंने अमेरिका, अदानी सहित कई अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। राहुल गांधी के अनुसार, देश में एक आर्थिक सुनामी आने वाली है और ऐसी स्थिति में इमरजेंसी भी लग सकती है। यह बयान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी चुनौतियों के प्रति आगाह करता है।
    user_Dharmendra Kumar
    Dharmendra Kumar
    मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 day ago
  • संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने गाजियाबाद में हुए असद एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक ऑटोमोबाइल शोरूम के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि बुलडोजर कार्रवाई या एनकाउंटर को न्याय का माध्यम नहीं माना जा सकता। सांसद बर्क ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी अपराध के लिए सजा का प्रावधान केवल न्यायालय द्वारा ही किया जाना चाहिए। सांसद बर्क ने यह भी कहा कि वह असद की तरफदारी नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने घटना के पीछे के संदर्भ पर सवाल उठाया, जैसे कि असद की बहन के साथ छेड़छाड़ हुई थी या वास्तविक स्थिति क्या थी। उन्होंने एक बार फिर दुहराया कि न्याय और सजा का निर्धारण सिर्फ अदालतों को ही करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, सपा सांसद ने नीट परीक्षा पेपर लीक और सीबीएसई इंटरमीडिएट की मार्किंग को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा, यह मांग करते हुए कि दोषियों को बचाया नहीं जाना चाहिए बल्कि उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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    संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने गाजियाबाद में हुए असद एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक ऑटोमोबाइल शोरूम के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि बुलडोजर कार्रवाई या एनकाउंटर को न्याय का माध्यम नहीं माना जा सकता। सांसद बर्क ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी अपराध के लिए सजा का प्रावधान केवल न्यायालय द्वारा ही किया जाना चाहिए।

सांसद बर्क ने यह भी कहा कि वह असद की तरफदारी नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने घटना के पीछे के संदर्भ पर सवाल उठाया, जैसे कि असद की बहन के साथ छेड़छाड़ हुई थी या वास्तविक स्थिति क्या थी। उन्होंने एक बार फिर दुहराया कि न्याय और सजा का निर्धारण सिर्फ अदालतों को ही करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, सपा सांसद ने नीट परीक्षा पेपर लीक और सीबीएसई इंटरमीडिएट की मार्किंग को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा, यह मांग करते हुए कि दोषियों को बचाया नहीं जाना चाहिए बल्कि उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों की प्यास बुझाई। गुरुवार को नेशनल हाईवे-9 स्थित नीलकंठ स्टार होटल के पास आयोजित एक कार्यक्रम में फोरम द्वारा लगभग 3000 ठंडे पानी के पाउच वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कारी गुलरेज कासमी ने किया, जिसमें फोरम के सदस्यों के साथ मदरसा नसीमुल मुआरिफ जामा मस्जिद रजबपुर के बच्चों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इन सभी ने हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों, यात्रियों और अन्य राहगीरों को पानी पिलाकर उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाई। कारी गुलरेज कासमी ने इस अवसर पर कहा कि इंसानियत की सेवा सबसे बड़ा कार्य है और भीषण गर्मी में प्यासे लोगों तक पानी पहुंचाना एक नेक काम है। उन्होंने यह भी बताया कि फोरम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों और राहगीरों की हर संभव मदद करना है। इस सेवा कार्य में अब्दुल रहमान, आतिफ हिशाम खान, अज्जाम खान, फरदीन खान, अबूजैद, फराज अली, हंजाला, साद रजा और जिकरान सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे। ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम लगातार सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। संस्था का संदेश है कि "नफरत छोड़ो, इंसानियत जोड़ो"।
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    अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों की प्यास बुझाई। गुरुवार को नेशनल हाईवे-9 स्थित नीलकंठ स्टार होटल के पास आयोजित एक कार्यक्रम में फोरम द्वारा लगभग 3000 ठंडे पानी के पाउच वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कारी गुलरेज कासमी ने किया, जिसमें फोरम के सदस्यों के साथ मदरसा नसीमुल मुआरिफ जामा मस्जिद रजबपुर के बच्चों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इन सभी ने हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों, यात्रियों और अन्य राहगीरों को पानी पिलाकर उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाई।

कारी गुलरेज कासमी ने इस अवसर पर कहा कि इंसानियत की सेवा सबसे बड़ा कार्य है और भीषण गर्मी में प्यासे लोगों तक पानी पहुंचाना एक नेक काम है। उन्होंने यह भी बताया कि फोरम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों और राहगीरों की हर संभव मदद करना है। इस सेवा कार्य में अब्दुल रहमान, आतिफ हिशाम खान, अज्जाम खान, फरदीन खान, अबूजैद, फराज अली, हंजाला, साद रजा और जिकरान सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे।

ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम लगातार सामाजिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। संस्था का संदेश है कि "नफरत छोड़ो, इंसानियत जोड़ो"।
    user_Chahat Ali
    Chahat Ali
    अमरोहा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • भगतपुर में उधार के रुपये वापस मांगने को लेकर दो भाइयों के बीच हिंसक मारपीट हो गई। इस झड़प में एक भाई को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के संबंध में संबंधित विभाग द्वारा मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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    भगतपुर में उधार के रुपये वापस मांगने को लेकर दो भाइयों के बीच हिंसक मारपीट हो गई। इस झड़प में एक भाई को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के संबंध में संबंधित विभाग द्वारा मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
    user_JAI HIND MEDIA
    JAI HIND MEDIA
    Newspaper publisher Moradabad, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • संभल में हसीना बेगम हॉस्पिटल के निदेशक सेठ कासिम और डॉक्टर तौसीफ अहमद के बीच चल रहा लंबा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। बताया जा रहा है कि यह विवाद कई दिनों तक जारी रहा और अस्पताल के हिसाब-किताब को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद गहरे हो गए थे। यह मामला थाने से लेकर कचहरी तक पहुंच गया था, और डॉक्टर तौसीफ के खिलाफ एक केस भी दर्ज किया गया था। इस पूरे विवाद का सुखद अंत तब हुआ जब डॉक्टर तौसीफ अहमद अकेले सेठ कासिम के निवास पर पहुंचे। वहाँ दोनों ने बैठकर बातचीत की और सभी गलतफहमियों को दूर किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी लिखा गया, जिसमें यह तय किया गया कि भविष्य में इस तरह का कोई विवाद नहीं होगा। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर भाईचारे का संदेश दिया; सेठ कासिम ने डॉक्टर तौसीफ को छोटे भाई की तरह माफ कर दिया, और उनके रिश्ते फिर से सामान्य हो गए। डॉक्टर तौसीफ अहमद ने मीडिया के सामने आकर इस बात की पुष्टि की कि विवाद समाप्त हो गया है और उन्होंने अपनी गलती का एहसास किया है।
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    संभल में हसीना बेगम हॉस्पिटल के निदेशक सेठ कासिम और डॉक्टर तौसीफ अहमद के बीच चल रहा लंबा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। बताया जा रहा है कि यह विवाद कई दिनों तक जारी रहा और अस्पताल के हिसाब-किताब को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद गहरे हो गए थे। यह मामला थाने से लेकर कचहरी तक पहुंच गया था, और डॉक्टर तौसीफ के खिलाफ एक केस भी दर्ज किया गया था।

इस पूरे विवाद का सुखद अंत तब हुआ जब डॉक्टर तौसीफ अहमद अकेले सेठ कासिम के निवास पर पहुंचे। वहाँ दोनों ने बैठकर बातचीत की और सभी गलतफहमियों को दूर किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी लिखा गया, जिसमें यह तय किया गया कि भविष्य में इस तरह का कोई विवाद नहीं होगा। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर भाईचारे का संदेश दिया; सेठ कासिम ने डॉक्टर तौसीफ को छोटे भाई की तरह माफ कर दिया, और उनके रिश्ते फिर से सामान्य हो गए। डॉक्टर तौसीफ अहमद ने मीडिया के सामने आकर इस बात की पुष्टि की कि विवाद समाप्त हो गया है और उन्होंने अपनी गलती का एहसास किया है।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • अमरोहा में अधिवक्ता और सोशल एक्टिविस्ट डॉ. रविन्द्र शुक्ला ने अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी हत्या के लिए कुछ लोगों द्वारा ₹10 लाख की कथित सुपारी दिए जाने की जानकारी उन्हें मिली है। डॉ. शुक्ला ने प्रदेश सरकार, पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा इस मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की अपील की है। डॉ. शुक्ला ने बताया कि वे और उनका परिवार संविधान, कानून और न्याय व्यवस्था में विश्वास रखते हैं तथा लगातार सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि कथित भूमाफिया गतिविधियों, अवैध कॉलोनियों के निर्माण और विवादित संपत्तियों से जुड़े मामलों को विभिन्न मंचों पर उठाने के कारण कुछ लोग उनसे रंजिश रखते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उनकी और उनके परिवार की कथित रूप से रैकी कराई गई है और उनकी हत्या के लिए सुपारी दिए जाने की चर्चाएँ हो रही हैं। किसी भी अप्रिय घटना से पहले उन्होंने अपनी आशंकाओं और आरोपों को सार्वजनिक किया है ताकि समाज, मीडिया और कानून व्यवस्था को इसकी जानकारी रहे। प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. शुक्ला ने कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए और उनके विरुद्ध दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि उनके जीवन और परिवार की सुरक्षा राज्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिन व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।
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    अमरोहा में अधिवक्ता और सोशल एक्टिविस्ट डॉ. रविन्द्र शुक्ला ने अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी हत्या के लिए कुछ लोगों द्वारा ₹10 लाख की कथित सुपारी दिए जाने की जानकारी उन्हें मिली है। डॉ. शुक्ला ने प्रदेश सरकार, पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा इस मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की अपील की है।

डॉ. शुक्ला ने बताया कि वे और उनका परिवार संविधान, कानून और न्याय व्यवस्था में विश्वास रखते हैं तथा लगातार सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि कथित भूमाफिया गतिविधियों, अवैध कॉलोनियों के निर्माण और विवादित संपत्तियों से जुड़े मामलों को विभिन्न मंचों पर उठाने के कारण कुछ लोग उनसे रंजिश रखते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उनकी और उनके परिवार की कथित रूप से रैकी कराई गई है और उनकी हत्या के लिए सुपारी दिए जाने की चर्चाएँ हो रही हैं। किसी भी अप्रिय घटना से पहले उन्होंने अपनी आशंकाओं और आरोपों को सार्वजनिक किया है ताकि समाज, मीडिया और कानून व्यवस्था को इसकी जानकारी रहे।

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. शुक्ला ने कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए और उनके विरुद्ध दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि उनके जीवन और परिवार की सुरक्षा राज्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिन व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।
    user_Kapil kumar
    Kapil kumar
    Local News Reporter अमरोहा (खास), अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के मसवासी चौकी क्षेत्र अंतर्गत बिजारखाता गांव स्थित सरकारी देशी शराब की दुकान के पास दो पक्षों के बीच शराब को लेकर जमकर मारपीट हुई है। इस पूरी घटना का एक वीडियो गुरुवार सुबह 10:00 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है।
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    उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के मसवासी चौकी क्षेत्र अंतर्गत बिजारखाता गांव स्थित सरकारी देशी शराब की दुकान के पास दो पक्षों के बीच शराब को लेकर जमकर मारपीट हुई है। इस पूरी घटना का एक वीडियो गुरुवार सुबह 10:00 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है।
    user_रवि सैनी
    रवि सैनी
    रामपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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