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मैट्रिक का परिक्षा आज से शुरू,, गोपालगंज जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के देख रेख में शुरू हुआ 10 का परीक्षा,,,
गोपालगंज की जनता
मैट्रिक का परिक्षा आज से शुरू,, गोपालगंज जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के देख रेख में शुरू हुआ 10 का परीक्षा,,,
More news from बिहार and nearby areas
- पूरा वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करें यूट्यूब चैनल - Rahul sir pcb1
- बड़हरिया प्रखंड के ग्राम पंचायत राज हरदोबारा अंतर्गत बहन 12 शरीफ गांव में हर वर्ष की भांति इस वर्ष में हजरत नुरुल हक हैदर बक्स रहमतुल्लाह आला ह के उर्स पाक के उर्स पाक का आयोजन बड़े श्रद्धा के साथ किया गया....1
- ये हमारे डुमरा यादवबंशी टोला सिवान बिहार वार्ड नंबर 03 का नल जल योजना है वीडियो मे आपलोग देख सकते है इस नल जल योजना की क्या स्थिति है इस नल जल योजना में इतना डुप्लीकेट काम हुआ जब इसमें पानी आता है कही ना कही से लीकेज हो जाता है मिस्त्री लोग आते हैं ठीक करने के लिए फिर दूसरे दिन खराब हो जाता हैं कल यानी 15/04/2026 को इसे ठीक किया गया फिर आज 16/04/2026 को उसी पाइप से पानी निकलने लगा जहा लीकेज हो रहा है मिस्त्री लोग बिना किसी से कुछ पूछे पाइप को डमी यानी बंद कर दे रहे हैं लोग किसी भी नल से पानी नहीं निकल रहा है इसमें हमारे वार्ड न. 03 के सदस्य भी कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं यू मानिए तो इससे किसी को कोई मतलब नही है ये है हमारे डुमरा यादवबंशी टोला की नल जल योजना की स्थिति1
- दिल्ली-एनसीआर में मजदूरों पर हमले के विरोध में बेतिया में पुतला दहन सीटू के बैनर तले प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी और अधिकारों को लेकर उठी आवाज बेतिया दिल्ली-एनसीआर में मजदूरों पर कथित हमलों के विरोध में भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के बैनर तले बेतिया में जोरदार प्रदर्शन किया गया। मीना बाजार स्थित सीटू कार्यालय से मजदूरों ने मार्च निकालकर सोवा बाबू चौक पर सभा की और प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। सभा को संबोधित करते हुए बिहार राज्य रिक्शा मजदूर सभा के अध्यक्ष प्रभुराज नारायण राव ने आरोप लगाया कि केंद्र व राज्यों की सरकारें मजदूरों के जनतांत्रिक अधिकारों को दबा रही हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा और गुड़गांव में मजदूर 26 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी और 8 घंटे काम की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी आवाज दबाई जा रही है। जिला सचिव शंकर कुमार राव ने कहा कि सीटू नेताओं को हाउस अरेस्ट कर आंदोलन को कुचलने की कोशिश हो रही है। वहीं अन्य नेताओं ने मजदूरों को धमकाने की घटनाओं की निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने मजदूरों की मांगों को जल्द पूरा करने और दमनात्मक कार्रवाई रोकने की मांग की।1
- ### बसवरिया फुटबॉल टूर्नामेंट में रोमांच चरम पर, सिट्ठी टीम की शानदार जीत **बेतिया/लौरिया।** लौरिया प्रखंड के देवराज क्षेत्र अंतर्गत बसवरिया गांव में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट में रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। ग्रामीण खेल प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच मुकाबले लगातार दिलचस्प होते जा रहे हैं। टूर्नामेंट का उद्घाटन सिकटा-देवराज के समाजसेवी **सुफियान खान** ने फीता काटकर किया। इस मौके पर सुशांत तिवारी, जिला फुटबॉल संघ के सचिव डॉ. आई. हक, निपु दीक्षित और पूर्व मुखिया गुल अनवर भी मौजूद रहे। **मुख्य अतिथि सुफियान खान** ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों में ऐसे आयोजन युवाओं के लिए बेहतरीन मंच साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि खेल से न केवल प्रतिभा निखरती है, बल्कि अनुशासन, एकता और आत्मविश्वास का भी विकास होता है। गुरुवार को खेले गए मुकाबले में **सिट्ठी** की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए **देवराज** को पेनल्टी शूटआउट में **4-2** से हराया। निर्धारित समय तक मैच 1-1 की बराबरी पर रहा, लेकिन पेनल्टी में सिट्ठी के खिलाड़ियों ने बाजी मार ली। टूर्नामेंट में कई मजबूत टीमें भाग ले रही हैं, जिससे हर मुकाबला रोमांचक बनता जा रहा है। आयोजकों के अनुसार सेमीफाइनल मुकाबले **18 और 19 अप्रैल** को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल **20 अप्रैल** को आयोजित होगा। विजेता टीम को **15,051 रुपये** और उपविजेता को **10,051 रुपये** का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में फुटबॉल को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।1
- बेतिया से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नगर निगम के वार्ड नंबर 24 के पार्षद एनामुल हक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। मामला बेहद गंभीर है—आरोप है कि उन्होंने दो से अधिक संतान होने की जानकारी छुपाकर चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की। राज्य निर्वाचन आयोग ने वाद संख्या 04/2025 की सुनवाई पूरी करने के बाद यह सख्त फैसला सुनाया। जांच में स्पष्ट हुआ कि 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने के कारण वे चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे। इसके बावजूद उन्होंने गलत शपथ पत्र और भ्रामक जन्म प्रमाण पत्र के जरिए नियमों को दरकिनार कर पार्षद पद हासिल किया। आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 18 के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए पद से हटा दिया है और वार्ड 24 की सीट को रिक्त घोषित कर दोबारा चुनाव कराने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं, गलत हलफनामा देने और तथ्य छुपाने के मामले में FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। वहीं इस पूरे मामले में जांच रिपोर्ट देने में देरी को लेकर जिला प्रशासन भी सख्त नजर आ रहा है। डीएम तरनजोत सिंह ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि एनामुल हक पर पहले भी पद के दुरुपयोग, बैठकों में हंगामा करने और सरकारी कार्यों में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। यहां तक कि नगर आयुक्त के चेंबर में हंगामे का मामला भी सुर्खियों में रहा था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बेतिया नगर निगम में हड़कंप मच गया है और राजनीतिक हलकों में भी इस कार्रवाई की जोरदार चर्चा हो रही है।1
- नामांकन अभियान को लेकर छात्रों की जागरूकता रैली, अधिकाधिक नामांकन की अपील बैरिया। प्रखंड क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मधुरबाना के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों द्वारा सत्र 2026-27 के नामांकन अभियान को सफल बनाने के लिए गुरुवार के सुबह करीब 10 बजे जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से गांव-गांव जाकर अभिभावकों से अपने बच्चों का अधिक से अधिक संख्या में स्कूल में नामांकन कराने की अपील की गई। रैली के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर आकर्षक स्लोगन लिखे और लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। स्लोगनों में “नामांकन का संकल्प उठाएं, शत-प्रतिशत साक्षरता लाएं” जैसे संदेश प्रमुख रूप से शामिल रहे। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ गांव की गलियों में घूमकर शिक्षा के महत्व को बताया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और अभिभावक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर शिक्षा के प्रसार और हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का संकल्प लिया।1
- दो से अधिक संतान छुपाने पर वार्ड पार्षद पद से हटाए गए एनामुल हक निर्वाचन आयोग का सख्त फैसला, वार्ड 24 में फिर होगा चुनाव मझौलिया से जापान भाई की रिपोर्ट बेतिया। नगर निगम बेतिया के वार्ड संख्या 24 के पार्षद एनामुल हक को दो से अधिक संतान होने का तथ्य छुपाने के मामले में बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। आयोग ने वाद संख्या 04/2025 की सुनवाई पूरी करते हुए यह सख्त निर्णय सुनाया। आदेश में कहा गया है कि एनामुल हक 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने के कारण चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे। इसके बावजूद उन्होंने गलत शपथ पत्र और भ्रामक जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर पार्षद पद हासिल किया। आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1)(एम) एवं 18(2) के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए पद से हटा दिया है। साथ ही वार्ड 24 का पद रिक्त घोषित कर पुनः चुनाव कराने का निर्देश भी जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि एनामुल हक के खिलाफ गलत हलफनामा दाखिल करने और तथ्य छिपाने के मामले में अधिनियम की धारा 447 समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयोग ने मामले की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने में हुई देरी को भी गंभीरता से लेते हुए संबंधित जांच पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद बेतिया नगर निगम में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि एनामुल हक पर पूर्व में पद के दुरुपयोग और बैठकों में व्यवधान उत्पन्न करने के आरोप भी लगाए गए थे, जिनका जिक्र आयोग के फैसले में किया गया है।1
- बेतिया से बड़ी खबर सामने आई है, जहां नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने सुनवाई पूरी करते हुए नामजद अभियुक्त साकीम अंसारी को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला 11 नवंबर 2024 का है, जब गांव की एक नाबालिग बच्ची अपने घर में सो रही थी। देर रात पानी पीने के लिए वह चापाकल के पास गई, तभी आरोपी ने उसे पकड़कर जबरदस्ती दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता के शोर मचाने पर परिजन पहुंचे, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में मौखिक बयान नहीं दिया, लेकिन जांच और अनुसंधान में जुटी पुलिस की भूमिका तथा फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, पटना से आई डीएनए रिपोर्ट इस मामले में सबसे अहम सबूत साबित हुई। डीएनए सैंपल मैच होने के बाद अदालत ने इसे ठोस आधार मानते हुए दोषसिद्ध किया और सजा सुनाई। फैसले में अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 3 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए। इस पूरे मामले में विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने यह सख्त फैसला सुनाया है। विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने कहा कि डीएनए रिपोर्ट इस केस में निर्णायक साबित हुई और उसी के आधार पर आरोपी को सजा मिली है।1