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बिहार के पटना में बेटियों को पिटवाने के बाद शिक्षा मंत्री का ज्ञान सुनिए बिहार के पटना में बेटियों को पिटवाने के बाद शिक्षा मंत्री का ज्ञान सुनिए

1 hr ago
user_M.A.P NETWORK
M.A.P NETWORK
Local News Reporter पश्चिम चंपारण, पश्चिम चंपारण, बिहार•
1 hr ago

बिहार के पटना में बेटियों को पिटवाने के बाद शिक्षा मंत्री का ज्ञान सुनिए बिहार के पटना में बेटियों को पिटवाने के बाद शिक्षा मंत्री का ज्ञान सुनिए

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  • बिहार के पटना में बेटियों को पिटवाने के बाद शिक्षा मंत्री का ज्ञान सुनिए बिहार के पटना में बेटियों को पिटवाने के बाद शिक्षा मंत्री का ज्ञान सुनिए
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    बिहार के पटना में बेटियों को पिटवाने के बाद शिक्षा मंत्री का ज्ञान सुनिए 
बिहार के पटना में बेटियों को पिटवाने के बाद शिक्षा मंत्री का ज्ञान सुनिए
    user_M.A.P NETWORK
    M.A.P NETWORK
    Local News Reporter पश्चिम चंपारण, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • बिहार राज्य के ,सीवान जिला के ,रघुनाथपुर प्रखंड के ,गोपिपतियाव पंचायत के ,लक्ष्मीपुर गाँव के रहने वाले मनीष कुमार गोंड क़ो एक शादी समारोह मे असामाजिक तत्व से सम्बन्ब रखने वाले दबंग लोगो ऩे चाकू से मारकर हत्या कर दिये !घटना के मुख्य कारण है यह है कि (लक्ष्मीपुर से नंगई )गाँव बारात गया था! उस बारात मे कुछ असामाजिक तत्व के दबंग लोगो ऩे आर्केस्ट्रा प्रोग्राम मे गाने बजाने क़ो लेकर विवाद खड़ा कर दिये ,जिसमें असामाजिक तत्व से तालुक रखने वाले तीन दबंग लोगो ऩे चाकू से घोंपकर मनीष कुमार गोंड हत्या कर दि !मनीष ज़ी क़ो न्याय दिलाने के लियें! जी मैं रमेश कुमार उनके घऱ जाकर पीड़ित परिवार से मिलकर घटना के पूर्ण रूप से जानकारी लियें ,और पीड़ित परिवार क़ो न्याय दिलाने के लियें आश्वास दिये ,और दोषी क़ो करी से करी सजा दिलाने के लियें आश्वास दिये
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    बिहार राज्य के ,सीवान जिला के ,रघुनाथपुर प्रखंड के ,गोपिपतियाव पंचायत के ,लक्ष्मीपुर गाँव के रहने वाले मनीष कुमार गोंड क़ो एक शादी समारोह मे असामाजिक तत्व से सम्बन्ब रखने वाले दबंग लोगो ऩे चाकू से मारकर हत्या कर दिये !घटना के मुख्य कारण है यह है कि (लक्ष्मीपुर से नंगई )गाँव बारात गया था! उस बारात मे कुछ असामाजिक तत्व के दबंग लोगो ऩे आर्केस्ट्रा प्रोग्राम मे गाने बजाने क़ो लेकर विवाद खड़ा कर  दिये ,जिसमें असामाजिक तत्व से तालुक रखने वाले तीन दबंग लोगो ऩे चाकू से घोंपकर मनीष कुमार गोंड हत्या कर दि !मनीष ज़ी क़ो न्याय दिलाने के लियें! जी मैं रमेश कुमार उनके घऱ जाकर पीड़ित परिवार से मिलकर घटना के पूर्ण रूप से जानकारी लियें ,और पीड़ित परिवार क़ो न्याय दिलाने के लियें आश्वास दिये ,और दोषी क़ो करी से करी सजा दिलाने के लियें आश्वास दिये
    user_BN Chitranjan
    BN Chitranjan
    बैरिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • देश-विदेश के विभिन्न केंद्रों पर आज से CUET-UG परीक्षा का आगाज हो रहा है। कुल आवेदनों में से 43% छात्र उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली से हैं, जो इन राज्यों से छात्रों की बड़ी संख्या दर्शाते हैं। यह परीक्षा लाखों युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
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    देश-विदेश के विभिन्न केंद्रों पर आज से CUET-UG परीक्षा का आगाज हो रहा है। कुल आवेदनों में से 43% छात्र उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली से हैं, जो इन राज्यों से छात्रों की बड़ी संख्या दर्शाते हैं। यह परीक्षा लाखों युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
    user_Niraj Raj
    Niraj Raj
    बैरिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    9 hrs ago
  • तमिलनाडु के सीएम विजय ने शपथ लेते समय सेल्फी खींचने लगे
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    तमिलनाडु के सीएम विजय ने शपथ लेते समय सेल्फी खींचने लगे
    user_Rs News Network
    Rs News Network
    Local News Reporter जोगापट्टी, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    5 hrs ago
  • बेतिया के ‘सिंघम’ विवेक दीप अब मुख्यमंत्री सुरक्षा बल में तैनात, युवाओं की धड़कन बने डीएसपी को मिली बड़ी जिम्मेदारी पश्चिम चंपारण के लोगों के दिलों पर अपनी अलग छाप छोड़ने वाले बेतिया सदर डीएसपी विवेक दीप को अब बिहार सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अपराधियों पर नकेल कसने, पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और अपनी ईमानदार कार्यशैली से युवाओं के बीच खास पहचान बनाने वाले विवेक दीप का चयन मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा बल में पुलिस उपाधीक्षक पद के लिए किया गया है। उनके चयन की खबर सामने आते ही पूरे पश्चिम चंपारण में खुशी के साथ-साथ मायूसी भी देखने को मिल रही है, क्योंकि जिस अधिकारी ने जनता के दिलों में भरोसा जगाया, अब वह बेतिया से पटना की नई जिम्मेदारी संभालेंगे। बेतिया सदर डीएसपी के रूप में विवेक दीप ने जिस तरह कानून व्यवस्था को मजबूत किया, उससे अपराधियों में हमेशा खौफ बना रहा। अपराध जगत में उनका नाम सुनते ही बदमाश सतर्क हो जाते थे, वहीं आम लोगों और पीड़ित परिवारों के लिए विवेक दीप उम्मीद और न्याय का दूसरा नाम बन चुके थे। उनके कार्यालय में पहुंचने वाले लोगों को सिर्फ आश्वासन नहीं मिलता था, बल्कि त्वरित कार्रवाई और न्याय भी देखने को मिलता था। यही वजह रही कि कम समय में ही वे युवाओं की धड़कन बन गए। विवेक दीप की सबसे बड़ी खासियत रही उनकी तेज जांच क्षमता और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति। लौरिया थाना क्षेत्र में जब एक 6 वर्षीय मासूम का अपहरण हुआ था, तब पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। उस कठिन समय में विवेक दीप के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और लगातार अभियान चलाया गया। उनकी सूझबूझ और रणनीति का ही परिणाम था कि मासूम बच्चे को गोरखपुर से सकुशल बरामद कर लिया गया। इस घटना के बाद बेतिया और पूरे चंपारण में लोग उन्हें ‘सिंघम’ के नाम से बुलाने लगे थे। इतना ही नहीं, कुमारबाग थाना क्षेत्र से पांच नाबालिग बच्चियों के लापता होने का मामला भी काफी चर्चाओं में रहा था। परिवारों की चिंता और पूरे जिले में बढ़ते दबाव के बीच विवेक दीप ने अपने नेतृत्व में टीम को सक्रिय किया और लगातार जांच अभियान चलाया। आखिरकार उनकी रणनीति सफल हुई और दिल्ली से पांचों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विवेक दीप सिर्फ एक पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का नाम हैं। उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और ईमानदार छवि को देखते हुए पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने कई बार उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने भी विवेक दीप के कार्यों की सराहना करते हुए सम्मानित किया था। इतना ही नहीं, बिहार के डीजीपी स्तर से भी उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि विवेक दीप ने अपने कार्यकाल में पुलिसिंग की एक अलग मिसाल कायम की। बेतिया सदर डीएसपी के रूप में उन्होंने जिस तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और साफ-सुथरी कार्यशैली अपनाई, उसने युवाओं के बीच उन्हें एक प्रेरणा बना दिया। जिले के छात्र, नौजवान और युवा आज विवेक दीप को अपना आदर्श मानते हैं। युवाओं का कहना है कि जिस तरह विवेक दीप ने ईमानदारी और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, उसी रास्ते पर चलना आज उनकी भी प्रेरणा बन चुका है। आज जब विवेक दीप को मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा बल में पुलिस उपाधीक्षक पद की जिम्मेदारी मिली है, तो यह सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि पूरे पश्चिम चंपारण के लिए गर्व की बात है। हालांकि, जिले के लोग इस बात से भी भावुक हैं कि उनका पसंदीदा अधिकारी अब बेतिया से विदा ले रहा है। लेकिन लोगों को विश्वास है कि जिस तरह उन्होंने चंपारण में अपनी कार्यशैली से पहचान बनाई, उसी तरह नई जिम्मेदारी में भी बिहार पुलिस का नाम और गौरवान्वित करेंगे। बेतिया के ‘सिंघम’ विवेक दीप… एक ऐसा नाम जिसने अपराधियों में डर और आम लोगों में भरोसा पैदा किया। ईमानदारी, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने विवेक दीप अब मुख्यमंत्री सुरक्षा बल की नई जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन चंपारण की जनता उन्हें हमेशा अपने दिलों में याद रखेगी।
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    बेतिया के ‘सिंघम’ विवेक दीप अब मुख्यमंत्री सुरक्षा बल में तैनात, युवाओं की धड़कन बने डीएसपी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
पश्चिम चंपारण के लोगों के दिलों पर अपनी अलग छाप छोड़ने वाले बेतिया सदर डीएसपी विवेक दीप को अब बिहार सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अपराधियों पर नकेल कसने, पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और अपनी ईमानदार कार्यशैली से युवाओं के बीच खास पहचान बनाने वाले विवेक दीप का चयन मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा बल में पुलिस उपाधीक्षक पद के लिए किया गया है। उनके चयन की खबर सामने आते ही पूरे पश्चिम चंपारण में खुशी के साथ-साथ मायूसी भी देखने को मिल रही है, क्योंकि जिस अधिकारी ने जनता के दिलों में भरोसा जगाया, अब वह बेतिया से पटना की नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
बेतिया सदर डीएसपी के रूप में विवेक दीप ने जिस तरह कानून व्यवस्था को मजबूत किया, उससे अपराधियों में हमेशा खौफ बना रहा। अपराध जगत में उनका नाम सुनते ही बदमाश सतर्क हो जाते थे, वहीं आम लोगों और पीड़ित परिवारों के लिए विवेक दीप उम्मीद और न्याय का दूसरा नाम बन चुके थे। उनके कार्यालय में पहुंचने वाले लोगों को सिर्फ आश्वासन नहीं मिलता था, बल्कि त्वरित कार्रवाई और न्याय भी देखने को मिलता था। यही वजह रही कि कम समय में ही वे युवाओं की धड़कन बन गए।
विवेक दीप की सबसे बड़ी खासियत रही उनकी तेज जांच क्षमता और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति। लौरिया थाना क्षेत्र में जब एक 6 वर्षीय मासूम का अपहरण हुआ था, तब पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। उस कठिन समय में विवेक दीप के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और लगातार अभियान चलाया गया। उनकी सूझबूझ और रणनीति का ही परिणाम था कि मासूम बच्चे को गोरखपुर से सकुशल बरामद कर लिया गया। इस घटना के बाद बेतिया और पूरे चंपारण में लोग उन्हें ‘सिंघम’ के नाम से बुलाने लगे थे।
इतना ही नहीं, कुमारबाग थाना क्षेत्र से पांच नाबालिग बच्चियों के लापता होने का मामला भी काफी चर्चाओं में रहा था। परिवारों की चिंता और पूरे जिले में बढ़ते दबाव के बीच विवेक दीप ने अपने नेतृत्व में टीम को सक्रिय किया और लगातार जांच अभियान चलाया। आखिरकार उनकी रणनीति सफल हुई और दिल्ली से पांचों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विवेक दीप सिर्फ एक पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का नाम हैं।
उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और ईमानदार छवि को देखते हुए पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने कई बार उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने भी विवेक दीप के कार्यों की सराहना करते हुए सम्मानित किया था। इतना ही नहीं, बिहार के डीजीपी स्तर से भी उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि विवेक दीप ने अपने कार्यकाल में पुलिसिंग की एक अलग मिसाल कायम की।
बेतिया सदर डीएसपी के रूप में उन्होंने जिस तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और साफ-सुथरी कार्यशैली अपनाई, उसने युवाओं के बीच उन्हें एक प्रेरणा बना दिया। जिले के छात्र, नौजवान और युवा आज विवेक दीप को अपना आदर्श मानते हैं। युवाओं का कहना है कि जिस तरह विवेक दीप ने ईमानदारी और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, उसी रास्ते पर चलना आज उनकी भी प्रेरणा बन चुका है।
आज जब विवेक दीप को मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा बल में पुलिस उपाधीक्षक पद की जिम्मेदारी मिली है, तो यह सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि पूरे पश्चिम चंपारण के लिए गर्व की बात है। हालांकि, जिले के लोग इस बात से भी भावुक हैं कि उनका पसंदीदा अधिकारी अब बेतिया से विदा ले रहा है। लेकिन लोगों को विश्वास है कि जिस तरह उन्होंने चंपारण में अपनी कार्यशैली से पहचान बनाई, उसी तरह नई जिम्मेदारी में भी बिहार पुलिस का नाम और गौरवान्वित करेंगे।
बेतिया के ‘सिंघम’ विवेक दीप… एक ऐसा नाम जिसने अपराधियों में डर और आम लोगों में भरोसा पैदा किया। ईमानदारी, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने विवेक दीप अब मुख्यमंत्री सुरक्षा बल की नई जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन चंपारण की जनता उन्हें हमेशा अपने दिलों में याद रखेगी।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    36 min ago
  • नन्दलाल शर्मा ​पडरौना -कुशीनगर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ऊर्जा संकट के इस दौर में, जहाँ पूरा विश्व संघर्ष कर रहा है, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद अंतर्गत पडरौना नगर पालिका से एक अनूठी राष्ट्रभक्ति की मिसाल सामने आई है। स्थानीय प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान लक्ष्मी नारायण ज्वेलर्स के संचालक अंशुमान बंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के आह्वान से प्रेरित होकर एक ऐतिहासिक 'राष्ट्र संकल्प' की घोषणा की है।​अंशुमान बंका और उनके परिवार ने निर्णय लिया है कि जब तक वैश्विक परिस्थितियां सामान्य नहीं हो जातीं, वे अपने प्रतिष्ठान पर स्वैच्छिक रूप से सोने की बिक्री स्थगित रखेंगे। उनका मानना है कि सोना केवल एक धातु है, लेकिन राष्ट्र की आर्थिक सुदृढ़ता उससे कहीं अधिक मूल्यवान है। ​इस साहसी निर्णय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा: ​"जब राष्ट्र किसी बड़ी चुनौती के दौर से गुजर रहा हो, तब त्याग केवल संतों का ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का आभूषण बन जाता है। यदि आवश्यकता पड़े, तो व्यापार प्रतीक्षा कर सकता है, परंतु भारत की आर्थिक शक्ति कमजोर नहीं होनी चाहिए।"​केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए भी इस परिवार ने एक ठोस कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की चुनौतियों के बीच, उन्होंने छोटी दूरियों के लिए साइकिल का उपयोग करने का संकल्प लिया है। ​उन्होंने युवाओं और समाज के अन्य वर्गों से भी आग्रह किया है कि वे साइकिल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, क्योंकि यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित में ऊर्जा बचत का एक सशक्त माध्यम भी है।​इस पहल के माध्यम से देश के व्यापारियों, उद्योगपतियों और युवाओं को संदेश देते हुए बंका परिवार ने कहा कि आज समय आलोचना का नहीं बल्कि सहभागिता का है।​राजनीति नहीं, राष्ट्रनीति: व्यक्तिगत और राजनीतिक लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्रनीति पर ध्यान देने की आवश्यकता है। ​सुविधा नहीं, संकल्प: व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प की शक्ति को पहचानना होगा।पडरौना से उठी यह आवाज देश के अन्य नागरिकों के लिए एक आह्वान है कि "जब राष्ट्र पुकारता है, तब त्याग ही सबसे बड़ा राष्ट्रधर्म बन जाता है।" इस पहल की स्थानीय स्तर पर जमकर सराहना हो रही है और इसे जनभागीदारी की एक उत्कृष्ट मिसाल माना जा रहा है।
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    नन्दलाल शर्मा
​पडरौना -कुशीनगर
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ऊर्जा संकट के इस दौर में, जहाँ पूरा विश्व संघर्ष कर रहा है, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद अंतर्गत पडरौना नगर पालिका से एक अनूठी राष्ट्रभक्ति की मिसाल सामने आई है। स्थानीय प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान लक्ष्मी नारायण ज्वेलर्स  के संचालक अंशुमान बंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के आह्वान से प्रेरित होकर एक ऐतिहासिक 'राष्ट्र संकल्प' की घोषणा की है।​अंशुमान बंका और उनके परिवार ने निर्णय लिया है कि जब तक वैश्विक परिस्थितियां सामान्य नहीं हो जातीं, वे अपने प्रतिष्ठान पर स्वैच्छिक रूप से सोने की बिक्री स्थगित रखेंगे। उनका मानना है कि सोना केवल एक धातु है, लेकिन राष्ट्र की आर्थिक सुदृढ़ता उससे कहीं अधिक मूल्यवान है।
​इस साहसी निर्णय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा:
​"जब राष्ट्र किसी बड़ी चुनौती के दौर से गुजर रहा हो, तब त्याग केवल संतों का ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का आभूषण बन जाता है। यदि आवश्यकता पड़े, तो व्यापार प्रतीक्षा कर सकता है, परंतु भारत की आर्थिक शक्ति कमजोर नहीं होनी चाहिए।"​केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए भी इस परिवार ने एक ठोस कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की चुनौतियों के बीच, उन्होंने छोटी दूरियों के लिए साइकिल का उपयोग करने का संकल्प लिया है। ​उन्होंने युवाओं और समाज के अन्य वर्गों से भी आग्रह किया है कि वे साइकिल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, क्योंकि यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित में ऊर्जा बचत का एक सशक्त माध्यम भी है।​इस पहल के माध्यम से देश के व्यापारियों, उद्योगपतियों और युवाओं को संदेश देते हुए बंका परिवार ने कहा कि आज समय आलोचना का नहीं बल्कि सहभागिता का है।​राजनीति नहीं, राष्ट्रनीति: व्यक्तिगत और राजनीतिक लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्रनीति पर ध्यान देने की आवश्यकता है। ​सुविधा नहीं, संकल्प: व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प की शक्ति को पहचानना होगा।पडरौना से उठी यह आवाज देश के अन्य नागरिकों के लिए एक आह्वान है कि "जब राष्ट्र पुकारता है, तब त्याग ही सबसे बड़ा राष्ट्रधर्म बन जाता है।" इस पहल की स्थानीय स्तर पर जमकर सराहना हो रही है और इसे जनभागीदारी की एक उत्कृष्ट मिसाल माना जा रहा है।
    user_नन्दलाल शर्मा
    नन्दलाल शर्मा
    Court reporter पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • वैश्विक परिस्थितियां जब तक सामान्य नहीं हो जाती तब तक सोने की विक्री प्रतिबंधित रहेगी - अंशुमान बंका आपको बता दें कि बीते दिन नरेंद्र मोदी द्वारा खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के वजह से हो रहे कई चीजों के किल्लत के बीच देशवासियों से एक साल तक सोने की खरीद न करने को लेकर अपील की गई जिसके बाद आज नगर पडरौना के समाजसेवी व स्वर्ण व्यवसाई अंशुमान बंका ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रधानमंत्री के बातों का सम्मान करते हुए वैश्विक परिस्थितियां जब तक सामान्य नहीं हो जाती तब तक लक्ष्मी नारायण द ज्वैलरी शॉप पर सोने की विक्री प्रतिबंधित रखने का व्यक्तिगत साहसिक निर्णय लिया है। #padrauana #kushinagar #PMModi #pdcitymall #lakshminarayanthejwailaryshop
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    वैश्विक परिस्थितियां जब तक सामान्य नहीं हो जाती तब तक सोने की विक्री प्रतिबंधित रहेगी - अंशुमान बंका 

आपको बता दें कि बीते दिन नरेंद्र मोदी द्वारा खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के वजह से हो रहे कई चीजों के किल्लत के बीच देशवासियों से एक साल तक सोने की खरीद न करने को लेकर अपील की गई जिसके बाद आज नगर पडरौना के समाजसेवी व स्वर्ण व्यवसाई अंशुमान बंका ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रधानमंत्री के बातों का सम्मान करते हुए वैश्विक परिस्थितियां जब तक सामान्य नहीं हो जाती तब तक लक्ष्मी नारायण द ज्वैलरी शॉप पर सोने की विक्री प्रतिबंधित रखने का व्यक्तिगत साहसिक निर्णय लिया है।

#padrauana #kushinagar #PMModi #pdcitymall #lakshminarayanthejwailaryshop
    user_Times of Uttar Pradesh
    Times of Uttar Pradesh
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • चनपटिया विधानसभा के ब्लॉक में ठेकेदार के लापरवाही से 8 साल की बच्ची की मौत हुई थी मनीष कश्यप ने बच्ची के परिजनों से मिलकर 11000 रुपए का सहयोग किया और जो दोषी है उस पर कार्रवाई की मांग की चनपटिया विधानसभा के ब्लॉक में ठेकेदार के लापरवाही से 8 साल की बच्ची की मौत हुई थी मनीष कश्यप ने बच्ची के परिजनों से मिलकर 11000 रुपए का सहयोग किया और जो दोषी है उस पर कार्रवाई की मांग की
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    चनपटिया विधानसभा के ब्लॉक में ठेकेदार के लापरवाही से 8 साल की बच्ची की मौत हुई थी मनीष कश्यप ने बच्ची के परिजनों से मिलकर 11000 रुपए का सहयोग किया और जो दोषी है उस पर कार्रवाई की मांग की 
चनपटिया विधानसभा के ब्लॉक में ठेकेदार के लापरवाही से 8 साल की बच्ची की मौत हुई थी मनीष कश्यप ने बच्ची के परिजनों से मिलकर 11000 रुपए का सहयोग किया और जो दोषी है उस पर कार्रवाई की मांग की
    user_M.A.P NETWORK
    M.A.P NETWORK
    Local News Reporter पश्चिम चंपारण, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
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