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सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर बनाया आपका अपना लोकप्रिय चैनल
Vinay kumar giri
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- कल लखनऊ के इको गार्डन में बीसी सखियों का विशाल धरना प्रदर्शन हुआ1
- बीडीसी संघ ने जल शक्ति मंत्री से की 11 सूत्रीय मांग, 20 लाख वार्षिक विकास निधि और 7 हजार मानदेय की मांग गोरखपुर। क्षेत्र पंचायत सदस्यों के अधिकारों, सुविधाओं और विकास कार्यों में भागीदारी बढ़ाने को लेकर बीडीसी संघ गोरखपुर, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के समक्ष 11 सूत्रीय मांगें रखी हैं। संघ ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार देने के साथ सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। संघ की प्रमुख मांगों में प्रत्येक बीडीसी सदस्य को प्रतिवर्ष 20 लाख रुपये की विकास निधि उपलब्ध कराना शामिल है। संघ का कहना है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य अपने क्षेत्र की जनता से सीधे जुड़े रहते हैं और स्थानीय समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उन्हें विकास कार्य कराने के लिए वित्तीय अधिकार मिलना आवश्यक है। संघ ने प्रति माह 7 हजार रुपये मानदेय दिए जाने की मांग की है। इसके साथ ही जनता से संवाद और क्षेत्र की समस्याओं को सुनने के लिए मिनी सचिवालय अथवा ग्राम पंचायत भवन में बीडीसी सदस्यों के लिए कार्यालय की व्यवस्था करने की मांग की गई है। सुरक्षा को लेकर संघ ने स्वयं और परिवार की सुरक्षा के लिए पात्र क्षेत्र पंचायत सदस्यों को शस्त्र लाइसेंस में प्राथमिकता देने की मांग की। वहीं आपदा या आकस्मिक स्थिति में आर्थिक सहायता के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए आपदा सहायता कोष बनाए जाने की मांग भी की गई है। मनरेगा में क्षेत्र पंचायतों की भूमिका बहाल करने की मांग बीडीसी संघ ने क्षेत्र पंचायतों को मनरेगा में पुनः प्रभावी भूमिका दिए जाने की मांग की है। संघ ने कहा कि क्षेत्र पंचायतों की निधि में वृद्धि की जाए तथा ग्राम निधि का 30 प्रतिशत हिस्सा क्षेत्र पंचायत सदस्यों को विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विकास कार्यों में 40 प्रतिशत भागीदारी क्षेत्र पंचायत की सुनिश्चित करने की मांग की गई है। संघ ने अमृत सरोवर जैसे विकास कार्यों के लिए अलग से निधि उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। इसके अलावा क्षेत्र पंचायत सदस्यों के हित में अब तक जारी शासनादेशों को तत्काल प्रभाव से लागू कराने की मांग की गई है। पेंशन और 5 लाख रुपये स्वास्थ्य बीमा की मांग बीडीसी संघ ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया है। संघ का कहना है कि लंबे समय तक सेवा करने वाले लोगों के भविष्य और परिवार के जीविकोपार्जन के लिए सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था आवश्यक होती है। इसी मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए भी पेंशन योजना पर विचार किया जाना चाहिए। इसके अलावा प्रत्येक बीडीसी सदस्य को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। संघ ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा मिलने से बीमारी या आकस्मिक चिकित्सा की स्थिति में क्षेत्र पंचायत सदस्यों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। बीडीसी संघ ने प्रदेश सरकार से सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्यों के अधिकार, सम्मान, वित्तीय व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।2
- संतकबीरनगर पुलिस के सहयोग की पश्चिम बंगाल पुलिस ने की सराहना, महुली पुलिस को दिया धन्यवाद संतकबीरनगर। 24 सितंबर 2026। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल के थाना हुगली पुलिस द्वारा एक प्रकरण में आवश्यक पुलिस कार्रवाई के दौरान थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर पुलिस से सहयोग लिया गया। महुली पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस को अपेक्षित जानकारी एवं आवश्यक पुलिस सहयोग उपलब्ध कराते हुए कार्रवाई में समन्वय और तत्परता का परिचय दिया। पश्चिम बंगाल पुलिस ने संतकबीरनगर पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए सहयोग, समन्वय और तत्परता की सराहना की। कार्रवाई में मिले सहयोग से संतुष्ट होकर थाना हुगली पुलिस ने थाना महुली पुलिस एवं संतकबीरनगर पुलिस का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय और आपसी सहयोग से अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई को और प्रभावी बनाने में मदद मिलती है। महुली पुलिस के सहयोग की पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा की गई सराहना को इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन! Jantar Mantar पर नेहा वोरा का बड़ा ऐलान1
- गोरखपुर में NSUI प्रदेश महासचिव पर केस दर्ज:बिना अनुमति के शहर में होर्डिंग लगाया था,नगर निगम के अपर आयुक्त ने कराई FIR गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र संघ चौराहा समेत शहर के विभिन्न स्थानों पर बिना अनुमति होर्डिंग और फ्लेक्स लगाने के मामले में NSUI के प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।यह कार्रवाई नगर निगम के अपर आयुक्त प्रमोद कुमार की तहरीर पर की गई है।जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को अपर नगर आयुक्त नगर निगम गोरखपुर ने थाना कैंट को पत्र देकर शिकायत की थी। पत्र में कहा गया था कि NSUI UP छात्र नेता आदित्य शुक्ला द्वारा गोरखपुर विश्वविद्यालय, छात्र संघ चौराहा एवं अन्य विभिन्न स्थलों पर नगर निगम गोरखपुर से बिना अनुमति प्राप्त किए कई होर्डिंग और फ्लेक्स लगा दिए गए हैं,जो कि आपत्तिजनक हैं। इस पर सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए।शिकायत मिलते ही कैंट थाने में केस दर्ज कर लिया गया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अविरल मिश्रा को सौंपी गई है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में बिना अनुमति होर्डिंग,बैनर, पोस्टर लगाने पर रोक है।इससे शहर की सुंदरता प्रभावित होती है और ट्रैफिक में भी बाधा आती है।कई बार चेतावनी के बाद भी छात्र नेता द्वारा मनमानी की जा रही थी।उधर,इस कार्रवाई को लेकर छात्र राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।NSUI कार्यकर्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों को लेकर फ्लेक्स लगाए गए थे। वहीं नगर निगम का कहना है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं, बिना अनुमति कोई भी प्रचार-प्रसार नहीं कर सकता। पुलिसका कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और नियमानसार कार्रवाई की जाएगी।1
- गोरखपुर में बिना अनुमति होर्डिंग लगाने पर NSUI के प्रदेश महासचिव पर FIR दर्ज गोरखपुर शहर में बिना अनुमति होर्डिंग और फ्लेक्स लगाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम की शिकायत पर कैंट पुलिस ने नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। यह मामला छात्र राजनीति से लेकर प्रशासनिक हलकों तक में चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर निगम के अपर आयुक्त प्रमोद कुमार द्वारा कैंट थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, छात्र नेता आदित्य शुक्ला ने गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर, छात्रसंघ चौराहा समेत शहर के कई प्रमुख और व्यस्त चौराहों पर बड़े-बड़े होर्डिंग और फ्लेक्स लगवाए थे। इसके लिए नगर निगम प्रशासन से कोई भी आधिकारिक अनुमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं लिया गया था। अधिकारियों ने इन होर्डिंग्स को यातायात में बाधक और आपत्तिजनक मानते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री, बैनर या पोस्टर लगाने के लिए पूर्व अनुमति और तय शुल्क देना अनिवार्य है। बिना अनुमति के लगाई गई सामग्री से न सिर्फ शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि चौराहों पर वाहन चालकों का ध्यान भटकने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। दूसरी ओर, इस कार्रवाई के बाद छात्र राजनीति गरमा गई है। NSUI कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ये फ्लेक्स विश्वविद्यालय और छात्रों से जुड़े जरूरी मुद्दों को उठाने के लिए लगाए गए थे और प्रशासन विपक्ष की आवाज दबाने के लिए यह कार्रवाई कर रहा है। कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि नगर निगम की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।1
- गोरखपुर विश्वविद्यालय विवाद में CCTV फुटेज वायरल! विधि विभाग की घटना का कथित वीडियो आया सामने वरिष्ठ सहायक ने लगाए अभद्रता व धमकी के आरोप फुटेज की जांच के बाद सच आएगा सामने! #GorakhpurUniversity #GorakhpurNews #CCTVFootage #CCTVViral #UniversityNews #VidhiVibhag #Gorakhpur #UPNews #BreakingNews #ABCHindustan #ViralCCTV #LatestNews1
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