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कर्म सिंह सरदार जी के प्यारे पोते का मुंडन संस्कार बड़े हर्षोल्लास एवं किन्नौर के पहाड़ी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ 🙏✨ शुभ मुंडन संस्कार ✨🙏 कर्म सिंह सरदार जी के प्यारे पोते का मुंडन संस्कार बड़े हर्षोल्लास एवं किन्नौर के पहाड़ी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। 🌸👶 ईश्वर से प्रार्थना है कि नन्हे बालक पर सदैव अपना आशीर्वाद बनाए रखें और उसे स्वस्थ, खुशहाल एवं उज्ज्वल जीवन प्रदान करें। ❤️🙏 #मुंडनसंस्कार #कर्मसिंहसरदार #शुभसंस्कार #पारिवारिकखुशियां #Kinnaur #KinnaurAbTak
राम भगत
कर्म सिंह सरदार जी के प्यारे पोते का मुंडन संस्कार बड़े हर्षोल्लास एवं किन्नौर के पहाड़ी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ 🙏✨ शुभ मुंडन संस्कार ✨🙏 कर्म सिंह सरदार जी के प्यारे पोते का मुंडन संस्कार बड़े हर्षोल्लास एवं किन्नौर के पहाड़ी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। 🌸👶 ईश्वर से प्रार्थना है कि नन्हे बालक पर सदैव अपना आशीर्वाद बनाए रखें और उसे स्वस्थ, खुशहाल एवं उज्ज्वल जीवन प्रदान करें। ❤️🙏 #मुंडनसंस्कार #कर्मसिंहसरदार #शुभसंस्कार #पारिवारिकखुशियां #Kinnaur #KinnaurAbTak
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- कर्म सिंह सरदार जी के प्यारे पोते का मुंडन संस्कार बड़े हर्षोल्लास एवं किन्नौर के पहाड़ी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ 🙏✨ शुभ मुंडन संस्कार ✨🙏 कर्म सिंह सरदार जी के प्यारे पोते का मुंडन संस्कार बड़े हर्षोल्लास एवं किन्नौर के पहाड़ी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। 🌸👶 ईश्वर से प्रार्थना है कि नन्हे बालक पर सदैव अपना आशीर्वाद बनाए रखें और उसे स्वस्थ, खुशहाल एवं उज्ज्वल जीवन प्रदान करें। ❤️🙏 #मुंडनसंस्कार #कर्मसिंहसरदार #शुभसंस्कार #पारिवारिकखुशियां #Kinnaur #KinnaurAbTak1
- ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर स्रोत पर कचरे का चार श्रेणियों में पृथक्करण अनिवार्य, उल्लंघन करने वाले थोक कचरा उत्पादकों पर होगी कार्रवाई शिमला, 23 सितंबर। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान के तहत 23 सितंबर, 2026 को प्रेस वार्ता आयोजित की। प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को नव अधिसूचित ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के विभिन्न प्रावधानों के प्रति जागरूक करना तथा राज्य में इनके प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना रहा। ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 एक अप्रैल, 2026 से लागू हो चुके हैं और इन्होंने वर्ष 2016 में लागू पूर्व व्यवस्था का स्थान लिया है। नए नियमों का दायरा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ वाणिज्यिक, संस्थागत और सरकारी प्रतिष्ठानों तक विस्तारित किया गया है। प्रेस वार्ता में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव श्री सुशील कुमार सिंगला (आईएफएस) ने प्रभावी ठोस कचरा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ एवं टिकाऊ पर्यावरण के लिए कचरे का उचित प्रबंधन केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक, संस्था और प्रतिष्ठान की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के तहत कचरे का स्रोत पर ही चार अलग-अलग श्रेणियों में अनिवार्य रूप से पृथक्करण किया जाना है, ताकि अलग-अलग प्रकार के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण और सुरक्षित निपटान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि पहली श्रेणी गीले कचरे की है, जिसमें जैविक रूप से अपघटित होने वाला रसोई, भोजन और अन्य जैविक कचरा शामिल है। दूसरी श्रेणी सूखे कचरे की है, जिसमें कागज, गत्ता, प्लास्टिक, कांच और धातु जैसी पुनर्चक्रण योग्य सामग्री शामिल होगी। तीसरी श्रेणी स्वच्छता संबंधी कचरे की है, जिसमें इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी तौलिये और पैड शामिल हैं। ऐसे कचरे को निर्माताओं अथवा ब्रांड द्वारा उपलब्ध कराए गए पाउच या पैकिंग सामग्री में सुरक्षित रूप से लपेटकर ही सौंपना आवश्यक होगा। चौथी श्रेणी विशेष सावधानी वाले कचरे की है, जिसमें सीएफएल बल्ब, फ्लोरोसेंट ट्यूब, समाप्त हो चुकी दवाइयां, पेंट के डिब्बे, इस्तेमाल की गई सिरिंज, टूटे हुए पारे वाले थर्मामीटर और बैटरियां शामिल हैं। सदस्य सचिव ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय भारत ने सिविल अपील संख्या 6174 of 2023 में 18 अगस्त, 2026 को पारित आदेश के माध्यम से ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के क्रियान्वयन की स्थिति की निगरानी की है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों, संस्थानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, सरकारी विभागों, स्कूलों, स्थानीय निकायों तथा थोक कचरा उत्पादकों से इन नियमों के प्रभावी अनुपालन में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्रोत पर कचरे का उचित पृथक्करण, उसका वैज्ञानिक प्रसंस्करण और सुरक्षित निपटान ही स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कचरे को जलाना, जमीन में दबाना, खुले में फेंकना अथवा नालियों, जल स्रोतों या खुले सार्वजनिक स्थानों पर डालना कानून के तहत सख्त रूप से प्रतिबंधित है। ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के नियम 4 तथा भारत के संविधान के अनुच्छेद 51A(g) के तहत प्रत्येक व्यक्ति, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, स्कूल और सरकारी विभाग का मौलिक कर्तव्य है कि वह कचरे का स्रोत पर पृथक्करण करे और उसे उचित प्रसंस्करण एवं निपटान के लिए सुरक्षित रूप से सौंपे। प्रेस वार्ता में बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जिला उपायुक्तों को स्थानीय निकायों के समन्वय से छह सप्ताह के भीतर थोक कचरा उत्पादकों (Bulk Waste Generators-BWGs) की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। थोक कचरा उत्पादकों की पहचान पूरी होने के बाद स्थानीय निकायों द्वारा चिन्हित सभी बीडब्ल्यूजी को औपचारिक लिखित नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि कोई थोक कचरा उत्पादक ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के अनुरूप कचरे का पृथक्करण, प्रसंस्करण अथवा प्रबंधन करने में विफल रहता है, तो जिला उपायुक्त के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा बिजली और पानी की आपूर्ति अस्थायी रूप से काटने की कार्रवाई की जा सकती है। सदस्य सचिव ने कचरा प्रबंधन व्यवस्था को घर-घर तक प्रभावी बनाने में विद्यार्थियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जानकारी दी कि स्कूल एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक मॉड्यूल को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। विद्यार्थियों को “घरेलू पर्यवेक्षक” (Household Supervisors) के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे अपने परिवारों को घर में 100 प्रतिशत कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित कर सकें। इसके लिए समय-समय पर ऑडिट भी किए जाएंगे और इन ऑडिट की रिपोर्ट संबंधित जिला उपायुक्तों को प्रस्तुत की जाएगी। प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि कचरा प्रसंस्करण सुविधाओं का विस्तृत ऑडिट प्रतिदिन किया जाएगा। इन ऑडिट के दौरान स्रोत पर कचरे के पृथक्करण, कचरे के प्रसंस्करण, निपटान तथा कचरे के उपयोग की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही अंतरराज्यीय स्तर पर कचरे की आवाजाही की भी निगरानी की जाएगी, ताकि कचरे के प्रबंधन से संबंधित निर्धारित प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। बताया गया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने 09 अप्रैल, 2026 को जारी अधिसूचना के माध्यम से राज्य स्तरीय समिति तथा जिला स्तरीय क्रियान्वयन समितियों का गठन किया है। इन समितियों को प्रदेश के सभी शहरी, ग्रामीण तथा विशेष अधिसूचित क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी और प्रवर्तन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रदेश में कचरे के स्रोत पर पृथक्करण से लेकर उसके वैज्ञानिक प्रसंस्करण और सुरक्षित निपटान तक पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रेस वार्ता का समापन अध्यक्ष की ओर से धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की गई कि हिमाचल को स्वच्छ एवं टिकाऊ बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर कचरे का सही पृथक्करण करे और निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से ही कचरे का निपटान सुनिश्चित करे। ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर स्रोत पर कचरे का चार श्रेणियों में पृथक्करण अनिवार्य, उल्लंघन करने वाले थोक कचरा उत्पादकों पर होगी कार्रवाई शिमला, 23 सितंबर। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान के तहत 23 सितंबर, 2026 को प्रेस वार्ता आयोजित की। प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को नव अधिसूचित ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के विभिन्न प्रावधानों के प्रति जागरूक करना तथा राज्य में इनके प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना रहा। ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 एक अप्रैल, 2026 से लागू हो चुके हैं और इन्होंने वर्ष 2016 में लागू पूर्व व्यवस्था का स्थान लिया है। नए नियमों का दायरा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ वाणिज्यिक, संस्थागत और सरकारी प्रतिष्ठानों तक विस्तारित किया गया है। प्रेस वार्ता में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव श्री सुशील कुमार सिंगला (आईएफएस) ने प्रभावी ठोस कचरा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ एवं टिकाऊ पर्यावरण के लिए कचरे का उचित प्रबंधन केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक, संस्था और प्रतिष्ठान की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के तहत कचरे का स्रोत पर ही चार अलग-अलग श्रेणियों में अनिवार्य रूप से पृथक्करण किया जाना है, ताकि अलग-अलग प्रकार के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण और सुरक्षित निपटान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि पहली श्रेणी गीले कचरे की है, जिसमें जैविक रूप से अपघटित होने वाला रसोई, भोजन और अन्य जैविक कचरा शामिल है। दूसरी श्रेणी सूखे कचरे की है, जिसमें कागज, गत्ता, प्लास्टिक, कांच और धातु जैसी पुनर्चक्रण योग्य सामग्री शामिल होगी। तीसरी श्रेणी स्वच्छता संबंधी कचरे की है, जिसमें इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी तौलिये और पैड शामिल हैं। ऐसे कचरे को निर्माताओं अथवा ब्रांड द्वारा उपलब्ध कराए गए पाउच या पैकिंग सामग्री में सुरक्षित रूप से लपेटकर ही सौंपना आवश्यक होगा। चौथी श्रेणी विशेष सावधानी वाले कचरे की है, जिसमें सीएफएल बल्ब, फ्लोरोसेंट ट्यूब, समाप्त हो चुकी दवाइयां, पेंट के डिब्बे, इस्तेमाल की गई सिरिंज, टूटे हुए पारे वाले थर्मामीटर और बैटरियां शामिल हैं। सदस्य सचिव ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय भारत ने सिविल अपील संख्या 6174 of 2023 में 18 अगस्त, 2026 को पारित आदेश के माध्यम से ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के क्रियान्वयन की स्थिति की निगरानी की है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों, संस्थानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, सरकारी विभागों, स्कूलों, स्थानीय निकायों तथा थोक कचरा उत्पादकों से इन नियमों के प्रभावी अनुपालन में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्रोत पर कचरे का उचित पृथक्करण, उसका वैज्ञानिक प्रसंस्करण और सुरक्षित निपटान ही स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कचरे को जलाना, जमीन में दबाना, खुले में फेंकना अथवा नालियों, जल स्रोतों या खुले सार्वजनिक स्थानों पर डालना कानून के तहत सख्त रूप से प्रतिबंधित है। ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के नियम 4 तथा भारत के संविधान के अनुच्छेद 51A(g) के तहत प्रत्येक व्यक्ति, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, स्कूल और सरकारी विभाग का मौलिक कर्तव्य है कि वह कचरे का स्रोत पर पृथक्करण करे और उसे उचित प्रसंस्करण एवं निपटान के लिए सुरक्षित रूप से सौंपे। प्रेस वार्ता में बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जिला उपायुक्तों को स्थानीय निकायों के समन्वय से छह सप्ताह के भीतर थोक कचरा उत्पादकों (Bulk Waste Generators-BWGs) की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। थोक कचरा उत्पादकों की पहचान पूरी होने के बाद स्थानीय निकायों द्वारा चिन्हित सभी बीडब्ल्यूजी को औपचारिक लिखित नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि कोई थोक कचरा उत्पादक ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के अनुरूप कचरे का पृथक्करण, प्रसंस्करण अथवा प्रबंधन करने में विफल रहता है, तो जिला उपायुक्त के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा बिजली और पानी की आपूर्ति अस्थायी रूप से काटने की कार्रवाई की जा सकती है। सदस्य सचिव ने कचरा प्रबंधन व्यवस्था को घर-घर तक प्रभावी बनाने में विद्यार्थियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जानकारी दी कि स्कूल एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक मॉड्यूल को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। विद्यार्थियों को “घरेलू पर्यवेक्षक” (Household Supervisors) के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे अपने परिवारों को घर में 100 प्रतिशत कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित कर सकें। इसके लिए समय-समय पर ऑडिट भी किए जाएंगे और इन ऑडिट की रिपोर्ट संबंधित जिला उपायुक्तों को प्रस्तुत की जाएगी। प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि कचरा प्रसंस्करण सुविधाओं का विस्तृत ऑडिट प्रतिदिन किया जाएगा। इन ऑडिट के दौरान स्रोत पर कचरे के पृथक्करण, कचरे के प्रसंस्करण, निपटान तथा कचरे के उपयोग की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही अंतरराज्यीय स्तर पर कचरे की आवाजाही की भी निगरानी की जाएगी, ताकि कचरे के प्रबंधन से संबंधित निर्धारित प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। बताया गया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने 09 अप्रैल, 2026 को जारी अधिसूचना के माध्यम से राज्य स्तरीय समिति तथा जिला स्तरीय क्रियान्वयन समितियों का गठन किया है। इन समितियों को प्रदेश के सभी शहरी, ग्रामीण तथा विशेष अधिसूचित क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी और प्रवर्तन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रदेश में कचरे के स्रोत पर पृथक्करण से लेकर उसके वैज्ञानिक प्रसंस्करण और सुरक्षित निपटान तक पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रेस वार्ता का समापन अध्यक्ष की ओर से धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की गई कि हिमाचल को स्वच्छ एवं टिकाऊ बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर कचरे का सही पृथक्करण करे और निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से ही कचरे का निपटान सुनिश्चित करे।1
- कुल्लू में बीजेपी द्वारा कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ किये जा रहे धरना प्रदर्शन के दौरान गरजे आनी विधानसभा के विधायक लोकेंद्र कुमार #kullutodaynews #himachalpradesh #himachalupdate #MediaPower #himachalkiawaaz #KTN #ATM #shimla #kullu #rampur1
- उत्तरकाशी जनपद भ्रमण पर पहुंचे प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने किया प्रतिभाग, एक ही स्थान पर लोगों को मिली स्वास्थ्य एवं विभिन्न विभागों की सेवाएं* सेवा संकल्प अभियान के तहत बृहस्पतिवार को राजकीय इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ में बहुउद्देशीय एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुआ। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने शिविर में प्रतिभाग किया और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। शिविर मे प्रतिभाग से पूर्व प्रभारी मंत्री ने इंटर कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण किया। शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना रहा। विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लोगों को आवेदन प्रक्रिया एवं जरूरी दस्तावेजों के बारे में बताया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग, होम्योपैथिक विभाग,आयुर्वेदिक विभाग द्वारा लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निशुल्क दवाइयां वितरित की इस दौरान मधुमेह, ब्लड प्रेशर सहित अन्य स्वास्थ्य जांच की गईं। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने मत्स्य विभाग के एक विशेष वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत प्राकृतिक जलाशयों/नदियों में मत्स्य बीज संचयन और मत्स्य पालकों को मत्स्य बीज वितरण करने के उद्देश्य से रवाना किया गया है। यह पहल जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और स्थानीय मत्स्य पालकों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित सहायता प्रदान करने में सहायता करेगा। प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में *‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’* की भावना के साथ सरकार सीधे जनता तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दे रही है। पिछले अभियान में 1099 शिकायतों का निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा को समर्पित सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी, लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ विभिन्न विभागों द्वारा जनहित में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। वहीं राज्य में शीतकालीन पर्यटन, आदि कैलाश यात्रा और वेडिंग डेस्टिनेशन को बढ़ावा देकर रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। शिविर में स्कूली छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सूचना विभाग के सांस्कृतिक दल ‘जी भाई जी और रामकौशल सांस्कृतिक दल ने सांस्कृतिक गीतों के माध्यम से लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया। शिविर में डेरी विकास विभाग के दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन कार्यक्रम में श्रीमती मंजू देवी को रू. 10 हजार, विनीता देवी को रू. 7 हजार, अशरफी देवी को रू. 5 हजार राशि के चेक दिए गए। उद्यान विभाग द्वारा उद्यान सचल दल के सियाराम को रू. 2.32 लाख, देवेंद्र सिंह को रू. 2.40 लाख, सुरेंद्र सिंह को रू. 2.40 लाख सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। जनपद में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में 17 सितंबर से 18 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न विकासखंडों में छह बहुउद्देशीय एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ उनके नजदीक ही मिल सके।2
- 🕉️ माता नैना के पधारने पर भक्तिमय हुआ बाजौर का माहौल 🕉️ बाजौर, जिला कुल्लू | 24 सितंबर 2026 महेंद्र ठाकुर के निवास स्थान बाजौर में सुंदरनगर से माता नैना के पधारने के शुभ अवसर पर धार्मिक एवं भक्तिमय माहौल बना हुआ है। इस पावन अवसर पर मां दशमी वारदा भजन मंडली सेऊबाग टीम द्वारा महामाई का गुणगान किया गया। भजनों और माता की जय-जयकार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए और माता रानी के भजनों पर भक्तिमय वातावरण में झूमते दिखाई दिए। 📅 दिनांक: 24 सितंबर 2026 📍 स्थान: बाजौर, जिला कुल्लू (हि.प्र.) 🎶 प्रस्तुति: मां दशमी वारदा भजन मंडली सेऊबाग टीम 🕉️ माता नैना के पधारने पर भक्तिमय हुआ बाजौर का माहौल 🕉️ बाजौर, जिला कुल्लू | 24 सितंबर 2026 महेंद्र ठाकुर के निवास स्थान बाजौर में सुंदरनगर से माता नैना के पधारने के शुभ अवसर पर धार्मिक एवं भक्तिमय माहौल बना हुआ है। इस पावन अवसर पर मां दशमी वारदा भजन मंडली सेऊबाग टीम द्वारा महामाई का गुणगान किया गया। भजनों और माता की जय-जयकार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए और माता रानी के भजनों पर भक्तिमय वातावरण में झूमते दिखाई दिए। 📅 दिनांक: 24 सितंबर 2026 📍 स्थान: बाजौर, जिला कुल्लू (हि.प्र.) 🎶 प्रस्तुति: मां दशमी वारदा भजन मंडली सेऊबाग टीम4
- SDSJ इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के विद्यार्थियों ने किया पावर हाउस का शैक्षणिक भ्रमण1
- सूर्य अस्त के बाद युद्व बीमार होना चाहिये हास्य कविता #poem सूर्य अस्त के बाद युद्व बीमार होना चाहिये हास्य कविता #poem1
- दर्दनाक हादसा, बेटे ने एक ही हादसे में खोए मां, बाप और दादी IGMC से दवाई लेकर घर लौट रहा था परिवार घंडल-सोलह मील के पास HRTC बस से टकराई कार शिमला। राजधानी शिमला के घणाहट्टी क्षेत्र में गुरुवार को करीब 3 बजे हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार को जिंदगी भर का गम दे दिया। घंडल-सोलह मील के पास कार की HRTC बस से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार बेटे ने अपनी मां, पिता और दादी को खो दिया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवक घायल बताया जा रहा है और उसे उपचार के लिए IGMC अस्पताल पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि परिवार सुबह इलाज के लिए IGMC अस्पताल पहुंचा था। दवाई लेने के बाद सभी कार में सवार होकर वापस घणागुघाट लौट रहे थे। इसी दौरान घंडल-सोलह मील के पास उनकी कार HRTC बस की चपेट में आ गई। कार में दो महिलाएं और दो पुरुष सवार थे। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक और घायल फांजी गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा ओवरस्पीड और पास लेने के दौरान हुआ। हालांकि हादसे में किसकी गलती थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। एक ही हादसे में मां, बाप और दादी को खोने के बाद घायल बेटे पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।2