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Awaaz -e-Bharat
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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- चंदौली जिले के धीना में किसानों ने रेलवे भूमि पर चल रही चकबंदी प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत किसान नेता रतन सिंह के नेतृत्व में किसानों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने चकबंदी प्रक्रिया पर अपनी असहमति व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों से इस पर विचार करने की अपील की।1
- चंदौली के धीना स्थित नरवन क्षेत्र में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग रेलवे की भूमि में खंभे गाड़कर चक निर्धारण कर रहा है, जिससे भविष्य में बड़े विवादों की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस मामले में किसान नेता रतन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने चंदौली के अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें चकबंदी प्रक्रिया की तत्काल जांच कराने और उसे रोकने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि जनपद में पंडित दीनदयाल नगर से पटना और पंडित दीनदयाल नगर से गया रेलखंड के किनारे बसे गाँवों में चकबंदी विभाग द्वारा रेलवे की भूमि को गलत तरीके से चक में काटा जा रहा है। उनका आरोप है कि रेलवे की वास्तविक भूमि 240 से 250 कड़ी तक है, जबकि चकबंदी विभाग 140 कड़ी को 150 कड़ी दर्शाकर किसानों की जमीन का चक निर्धारण कर रहा है। किसानों ने बताया कि रेलवे विभाग ने अपनी भूमि का सीमांकन उत्तर और दक्षिण दिशा में पत्थर गाड़कर कब्जा दर्ज कराया है। विरोध करने पर, दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ अभियंता ने नक्शा दिखाते हुए स्पष्ट किया कि 150 कड़ी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक एवं पटरी स्थित है, जबकि ट्रैक के उत्तर दिशा में 60 कड़ी और दक्षिण दिशा में 40 कड़ी रेलवे की अतिरिक्त भूमि है। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग ने रेलवे प्रशासन से अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए बिना ही रेलवे भूमि को चकबंदी प्रक्रिया में शामिल कर लिया है, जो पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी है। किसानों का मानना है कि इस कारण जनपद में लगभग 1500 से 2000 एकड़ भूमि पर रेलवे द्वारा अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसे किसान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की है कि मौके पर चकबंदी विभाग, रेलवे विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम भेजकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और इस विवादित चकबंदी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। किसान नेता रतन सिंह ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।2
- चंदौली जिले के गंजख्वाजा स्थित सोनकर बस्ती में एक पोखर के लगातार कटाव के कारण आरसीसी रोड पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह सड़क इतनी महत्वपूर्ण है कि इसका उपयोग पूरा गांव काली माता मंदिर तक जाने के लिए करता है। स्थानीय ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पोखर के कटाव से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए जल्द उपाय नहीं किए गए, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।1
- बिहार के कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड स्थित छोटका रामडीहरा गांव में पिछले दो दिनों से बिजली का ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है, जिससे भीषण गर्मी के बीच गंभीर जल संकट गहरा गया है। इस लापरवाही के कारण सरकार की महत्वाकांक्षी 'नल-जल योजना' पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे पूरे गांव में पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, चिलचिलाती धूप और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी में पानी की किल्लत ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नल-जल योजना बंद होने के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पीने और दैनिक उपयोग के पानी के लिए दूर-दराज के इलाकों में भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि "इस भीषण गर्मी में पानी के बिना रहना नरक जैसा हो गया है, और घर के जरूरी कामों तथा मवेशियों के लिए पानी का इंतजाम करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।" ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि समस्या की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दे दी गई थी। इसके बावजूद, पिछले दो दिनों से विभाग पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है; न कोई अधिकारी गांव पहुंचा है और न ही ट्रांसफार्मर बदलने की कोई कवायद शुरू हुई है। विभाग के इस उदासीन रवैये से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। छोटका रामडीहरा गांव के लोगों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के आला अधिकारियों से आपात स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाकर नल-जल योजना बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि कुदरा प्रशासन और बिजली विभाग इस गंभीर मानवीय संकट पर कितनी जल्दी संज्ञान लेकर ग्रामीणों को इस तपती गर्मी से राहत पहुंचाते हैं।4
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- रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मालीपुर में मंगलवार, 02 जून 2026 को आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। इस शिविर में सबसे प्रमुख मुद्दा म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), परिवारजन प्लस और अन्य राजस्व संबंधी मामलों का लंबे समय से लंबित रहना रहा। ग्रामीणों ने बताया कि उनके कई आवेदन महीनों से अंचल कार्यालय में अटके पड़े हैं, जिससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि भूमि संबंधी मामलों के निष्पादन में हो रही देरी के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, बैंक ऋण प्राप्त करने और अन्य आवश्यक प्रशासनिक कार्यों को पूरा करने में कठिनाइयाँ आ रही हैं। कई लोगों ने यह भी बताया कि वे बार-बार अंचल कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनके मामलों का अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। सहयोग शिविर में उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने ग्रामीणों की इन समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। कुमारी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का उद्देश्य है कि आम लोगों की समस्याओं का निपटारा पंचायत स्तर पर ही किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने विशेष रूप से म्यूटेशन और दाखिल-खारिज से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके त्वरित निष्पादन की मांग की। इसी के साथ परिवारजन प्लस से संबंधित आवेदनों के निपटारे में भी तेजी लाने की अपील की गई। अधिकारियों ने सभी शिकायतों को दर्ज किया और आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि सहयोग शिविर में उठाए गए मुद्दों पर प्रशासन गंभीरता से पहल करेगा और उनके लंबे समय से लंबित मामलों का जल्द ही समाधान हो पाएगा। इस शिविर में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।2
- मथुरा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में, नारायण दास और अभिषेक मिश्रा पर 'फर्जी गुरु' होने का गंभीर आरोप सामने आया है। यह खबर ब्रेकिंग न्यूज़ के तौर पर प्रसारित हो रही है, जिससे इस प्रकरण की संवेदनशीलता और चर्चा में रहने का संकेत मिलता है।1
- चंदौली जिले के धानापुर गुरैनी क्षेत्र में गंगा कटान को रोकने के लिए 7.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यह समस्या अभी भी बरकरार है। पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी गंगा का कटान अनवरत जारी है और समाधान नहीं निकल पाया है।1
- जमानिया के सैदाबाद स्थित केपी महिला महाविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचकर धर्म, भक्ति और संस्कारों से संबंधित प्रेरणादायक संदेशों को एकाग्र मन से सुन रहे हैं और आत्मसात कर रहे हैं। कथा व्यास अपने प्रवचनों में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्ति की महत्ता और मानव जीवन में सदाचार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रीमद भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं है, बल्कि यह समाज को नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम भी है। इस भव्य आयोजन के लिए सुसज्जित पंडाल, आकर्षक सजावट, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और उत्कृष्ट ध्वनि प्रणाली श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कथा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन और जयघोषों के साथ भक्ति भाव में पूरी तरह लीन दिखाई दे रहे हैं। आयोजन समिति ने कथा के सीधा प्रसारण और रिकॉर्डिंग की भी व्यवस्था की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आध्यात्मिक लाभ को प्राप्त कर सकें। साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आयोजकों ने जानकारी दी है कि सात दिवसीय कथा का समापन 7 जून को विशेष पूजन, हवन और एक विशाल भंडारे के साथ होगा। क्षेत्रवासियों ने इस धार्मिक आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की है और इसे सामाजिक समरसता एवं आध्यात्मिक एकता का प्रतीक बताया है।1