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चंदौली के धीना स्थित नरवन क्षेत्र में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग रेलवे की भूमि में खंभे गाड़कर चक निर्धारण कर रहा है, जिससे भविष्य में बड़े विवादों की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस मामले में किसान नेता रतन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने चंदौली के अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें चकबंदी प्रक्रिया की तत्काल जांच कराने और उसे रोकने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि जनपद में पंडित दीनदयाल नगर से पटना और पंडित दीनदयाल नगर से गया रेलखंड के किनारे बसे गाँवों में चकबंदी विभाग द्वारा रेलवे की भूमि को गलत तरीके से चक में काटा जा रहा है। उनका आरोप है कि रेलवे की वास्तविक भूमि 240 से 250 कड़ी तक है, जबकि चकबंदी विभाग 140 कड़ी को 150 कड़ी दर्शाकर किसानों की जमीन का चक निर्धारण कर रहा है। किसानों ने बताया कि रेलवे विभाग ने अपनी भूमि का सीमांकन उत्तर और दक्षिण दिशा में पत्थर गाड़कर कब्जा दर्ज कराया है। विरोध करने पर, दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ अभियंता ने नक्शा दिखाते हुए स्पष्ट किया कि 150 कड़ी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक एवं पटरी स्थित है, जबकि ट्रैक के उत्तर दिशा में 60 कड़ी और दक्षिण दिशा में 40 कड़ी रेलवे की अतिरिक्त भूमि है। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग ने रेलवे प्रशासन से अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए बिना ही रेलवे भूमि को चकबंदी प्रक्रिया में शामिल कर लिया है, जो पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी है। किसानों का मानना है कि इस कारण जनपद में लगभग 1500 से 2000 एकड़ भूमि पर रेलवे द्वारा अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसे किसान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की है कि मौके पर चकबंदी विभाग, रेलवे विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम भेजकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और इस विवादित चकबंदी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। किसान नेता रतन सिंह ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।

11 hrs ago
user_Faridu ddin
Faridu ddin
चंदौली, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

चंदौली के धीना स्थित नरवन क्षेत्र में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग रेलवे की भूमि में खंभे गाड़कर चक निर्धारण कर रहा है, जिससे भविष्य में बड़े विवादों की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस मामले में किसान नेता रतन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने चंदौली के अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें चकबंदी प्रक्रिया की तत्काल जांच कराने और उसे रोकने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि जनपद में पंडित दीनदयाल नगर से पटना और पंडित दीनदयाल नगर से गया रेलखंड के किनारे बसे गाँवों में चकबंदी विभाग द्वारा रेलवे की भूमि को गलत तरीके से चक में काटा जा रहा है। उनका आरोप है कि रेलवे की वास्तविक भूमि 240 से 250 कड़ी तक है, जबकि चकबंदी विभाग 140 कड़ी को 150 कड़ी दर्शाकर किसानों की जमीन का चक निर्धारण कर रहा है। किसानों ने बताया कि रेलवे विभाग ने अपनी भूमि का सीमांकन उत्तर और दक्षिण दिशा में पत्थर गाड़कर कब्जा दर्ज कराया है। विरोध करने पर, दानापुर

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रेल मंडल के वरिष्ठ अभियंता ने नक्शा दिखाते हुए स्पष्ट किया कि 150 कड़ी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक एवं पटरी स्थित है, जबकि ट्रैक के उत्तर दिशा में 60 कड़ी और दक्षिण दिशा में 40 कड़ी रेलवे की अतिरिक्त भूमि है। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग ने रेलवे प्रशासन से अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए बिना ही रेलवे भूमि को चकबंदी प्रक्रिया में शामिल कर लिया है, जो पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी है। किसानों का मानना है कि इस कारण जनपद में लगभग 1500 से 2000 एकड़ भूमि पर रेलवे द्वारा अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसे किसान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की है कि मौके पर चकबंदी विभाग, रेलवे विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम भेजकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और इस विवादित चकबंदी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। किसान नेता रतन सिंह ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।

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  • चंदौली जमीन बचाओ संघर्ष समिति की ओर से किसान नेता रतन सिंह ने भूमि अधिग्रहण रद्द करने की मांग उठाई है।
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    चंदौली जमीन बचाओ संघर्ष समिति की ओर से किसान नेता रतन सिंह ने भूमि अधिग्रहण रद्द करने की मांग उठाई है।
    user_Ajay Singh
    Ajay Singh
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • चंदौली जिले के सकलडीहा स्थित अहिकौरा कमालपुर में एक अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान राम के जयकारे लगाए गए और 'जय श्री राम' का उद्घोष गूंज उठा। इस धार्मिक कार्यक्रम में युवा नेता राजकुमार सनातनी भी मौजूद रहे।
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    चंदौली जिले के सकलडीहा स्थित अहिकौरा कमालपुर में एक अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान राम के जयकारे लगाए गए और 'जय श्री राम' का उद्घोष गूंज उठा। इस धार्मिक कार्यक्रम में युवा नेता राजकुमार सनातनी भी मौजूद रहे।
    user_राजकुमार सनातनी
    राजकुमार सनातनी
    Iron & Steel Store सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • चंदौली के धीना स्थित नरवन क्षेत्र में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग रेलवे की भूमि में खंभे गाड़कर चक निर्धारण कर रहा है, जिससे भविष्य में बड़े विवादों की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस मामले में किसान नेता रतन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने चंदौली के अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें चकबंदी प्रक्रिया की तत्काल जांच कराने और उसे रोकने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि जनपद में पंडित दीनदयाल नगर से पटना और पंडित दीनदयाल नगर से गया रेलखंड के किनारे बसे गाँवों में चकबंदी विभाग द्वारा रेलवे की भूमि को गलत तरीके से चक में काटा जा रहा है। उनका आरोप है कि रेलवे की वास्तविक भूमि 240 से 250 कड़ी तक है, जबकि चकबंदी विभाग 140 कड़ी को 150 कड़ी दर्शाकर किसानों की जमीन का चक निर्धारण कर रहा है। किसानों ने बताया कि रेलवे विभाग ने अपनी भूमि का सीमांकन उत्तर और दक्षिण दिशा में पत्थर गाड़कर कब्जा दर्ज कराया है। विरोध करने पर, दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ अभियंता ने नक्शा दिखाते हुए स्पष्ट किया कि 150 कड़ी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक एवं पटरी स्थित है, जबकि ट्रैक के उत्तर दिशा में 60 कड़ी और दक्षिण दिशा में 40 कड़ी रेलवे की अतिरिक्त भूमि है। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग ने रेलवे प्रशासन से अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए बिना ही रेलवे भूमि को चकबंदी प्रक्रिया में शामिल कर लिया है, जो पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी है। किसानों का मानना है कि इस कारण जनपद में लगभग 1500 से 2000 एकड़ भूमि पर रेलवे द्वारा अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसे किसान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की है कि मौके पर चकबंदी विभाग, रेलवे विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम भेजकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और इस विवादित चकबंदी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। किसान नेता रतन सिंह ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।
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    चंदौली के धीना स्थित नरवन क्षेत्र में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग रेलवे की भूमि में खंभे गाड़कर चक निर्धारण कर रहा है, जिससे भविष्य में बड़े विवादों की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस मामले में किसान नेता रतन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने चंदौली के अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें चकबंदी प्रक्रिया की तत्काल जांच कराने और उसे रोकने की मांग की गई है।

किसानों का कहना है कि जनपद में पंडित दीनदयाल नगर से पटना और पंडित दीनदयाल नगर से गया रेलखंड के किनारे बसे गाँवों में चकबंदी विभाग द्वारा रेलवे की भूमि को गलत तरीके से चक में काटा जा रहा है। उनका आरोप है कि रेलवे की वास्तविक भूमि 240 से 250 कड़ी तक है, जबकि चकबंदी विभाग 140 कड़ी को 150 कड़ी दर्शाकर किसानों की जमीन का चक निर्धारण कर रहा है। किसानों ने बताया कि रेलवे विभाग ने अपनी भूमि का सीमांकन उत्तर और दक्षिण दिशा में पत्थर गाड़कर कब्जा दर्ज कराया है। विरोध करने पर, दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ अभियंता ने नक्शा दिखाते हुए स्पष्ट किया कि 150 कड़ी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक एवं पटरी स्थित है, जबकि ट्रैक के उत्तर दिशा में 60 कड़ी और दक्षिण दिशा में 40 कड़ी रेलवे की अतिरिक्त भूमि है।

किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग ने रेलवे प्रशासन से अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए बिना ही रेलवे भूमि को चकबंदी प्रक्रिया में शामिल कर लिया है, जो पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी है। किसानों का मानना है कि इस कारण जनपद में लगभग 1500 से 2000 एकड़ भूमि पर रेलवे द्वारा अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसे किसान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।

ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की है कि मौके पर चकबंदी विभाग, रेलवे विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम भेजकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और इस विवादित चकबंदी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। किसान नेता रतन सिंह ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।
    user_Faridu ddin
    Faridu ddin
    चंदौली, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • चंदौली जिले के गंजख्वाजा स्थित सोनकर बस्ती में एक पोखर के लगातार कटाव के कारण आरसीसी रोड पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह सड़क इतनी महत्वपूर्ण है कि इसका उपयोग पूरा गांव काली माता मंदिर तक जाने के लिए करता है। स्थानीय ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पोखर के कटाव से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए जल्द उपाय नहीं किए गए, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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    चंदौली जिले के गंजख्वाजा स्थित सोनकर बस्ती में एक पोखर के लगातार कटाव के कारण आरसीसी रोड पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह सड़क इतनी महत्वपूर्ण है कि इसका उपयोग पूरा गांव काली माता मंदिर तक जाने के लिए करता है। स्थानीय ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पोखर के कटाव से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए जल्द उपाय नहीं किए गए, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
    user_Sanjay Kumar sonkar
    Sanjay Kumar sonkar
    सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बिहार के वैशाली में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 34 साल पुराने एक केस में अब जाकर फैसला आया है। इस फैसले के तहत, एक 85 वर्षीय बुजुर्ग को जेल भेज दिया गया है। यह घटना सोशल मीडिया पर काफी 'वायरल केस' बन गई है और #JusticeDelayed की बहस को एक बार फिर से उजागर करती है।
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    बिहार के वैशाली में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 34 साल पुराने एक केस में अब जाकर फैसला आया है। इस फैसले के तहत, एक 85 वर्षीय बुजुर्ग को जेल भेज दिया गया है। यह घटना सोशल मीडिया पर काफी 'वायरल केस' बन गई है और #JusticeDelayed की बहस को एक बार फिर से उजागर करती है।
    user_Awaaz -e-Bharat
    Awaaz -e-Bharat
    चांद, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    51 min ago
  • वाराणसी के नमो घाट पर बुधवार को नमामि गंगे ने युवा शक्ति के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसमें युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। इस दौरान, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता प्रदर्शित करती तख्तियों के साथ उपस्थित जन सामान्य को स्वच्छता का संकल्प भी दिलाया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने इस अवसर पर युवाओं की भूमिका को अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा और नवीन सोच के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से लड़ने और एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभाएं, तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन भागीदारी सुनिश्चित करें। शुक्ला ने यह भी कहा कि युवा जमीनी स्तर पर और सोशल मीडिया का उपयोग करके जलवायु संकट एवं पर्यावरण बचाव के संदेशों को तेजी से जन-जन तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि युवा वृक्षारोपण अभियानों, स्वच्छता कार्यों और अपशिष्ट प्रबंधन में सक्रिय रूप से नेतृत्व करें, तो सतत जीवनशैली को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनके अनुसार, दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग बंद करना, जल और ऊर्जा बचाना इसके प्रमुख उदाहरण हैं। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने सभी से मिलकर यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे न केवल स्वयं पर्यावरण के प्रति जागरूक रहेंगे, बल्कि अपने समाज और देश को भी जागरूक करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज का छोटा सा कदम, आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ कल का निर्माण करेगा। इस आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के साथ अमन, सरोज, शिवानी, अंजलि, कोमल, अंशिका, शालिनी आदि उपस्थित रहे।
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    वाराणसी के नमो घाट पर बुधवार को नमामि गंगे ने युवा शक्ति के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसमें युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। इस दौरान, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता प्रदर्शित करती तख्तियों के साथ उपस्थित जन सामान्य को स्वच्छता का संकल्प भी दिलाया गया।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने इस अवसर पर युवाओं की भूमिका को अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा और नवीन सोच के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से लड़ने और एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभाएं, तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन भागीदारी सुनिश्चित करें। शुक्ला ने यह भी कहा कि युवा जमीनी स्तर पर और सोशल मीडिया का उपयोग करके जलवायु संकट एवं पर्यावरण बचाव के संदेशों को तेजी से जन-जन तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि युवा वृक्षारोपण अभियानों, स्वच्छता कार्यों और अपशिष्ट प्रबंधन में सक्रिय रूप से नेतृत्व करें, तो सतत जीवनशैली को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनके अनुसार, दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग बंद करना, जल और ऊर्जा बचाना इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने सभी से मिलकर यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे न केवल स्वयं पर्यावरण के प्रति जागरूक रहेंगे, बल्कि अपने समाज और देश को भी जागरूक करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज का छोटा सा कदम, आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ कल का निर्माण करेगा।

इस आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के साथ अमन, सरोज, शिवानी, अंजलि, कोमल, अंशिका, शालिनी आदि उपस्थित रहे।
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बरेली जिले के सिरौली थाना क्षेत्र में अटा उर्फ फंदापुर निवासी शिवानी शर्मा ने अपने पति पर गंभीर अत्याचारों का आरोप लगाया है। शिवानी शर्मा का कहना है कि उसका पति प्रधान के साथ मिलकर उसे गलत काम करने के लिए मजबूर करता था। जब भी वह इन हरकतों का विरोध करती थी, तो उसका पति बेरहमी से उसकी पिटाई करता था।
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    बरेली जिले के सिरौली थाना क्षेत्र में अटा उर्फ फंदापुर निवासी शिवानी शर्मा ने अपने पति पर गंभीर अत्याचारों का आरोप लगाया है। शिवानी शर्मा का कहना है कि उसका पति प्रधान के साथ मिलकर उसे गलत काम करने के लिए मजबूर करता था। जब भी वह इन हरकतों का विरोध करती थी, तो उसका पति बेरहमी से उसकी पिटाई करता था।
    user_Krishna kumar gautam
    Krishna kumar gautam
    News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • चंदौली जिले के धीना में किसानों ने रेलवे भूमि पर चल रही चकबंदी प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत किसान नेता रतन सिंह के नेतृत्व में किसानों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने चकबंदी प्रक्रिया पर अपनी असहमति व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों से इस पर विचार करने की अपील की।
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    चंदौली जिले के धीना में किसानों ने रेलवे भूमि पर चल रही चकबंदी प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत किसान नेता रतन सिंह के नेतृत्व में किसानों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने चकबंदी प्रक्रिया पर अपनी असहमति व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों से इस पर विचार करने की अपील की।
    user_Ajay Singh
    Ajay Singh
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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