बूंदी शहर के कुंभा नगर स्थित छतरपुरा रोड पर प्रशासन की लापरवाही से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के शुरुआती दौर में ही यहाँ के हालात बेहद खराब हो गए हैं, जहाँ महज 10 मिनट की बारिश में ही सड़क किनारे बने नाले उफन कर बाहर आ जाते हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का निकलना दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है, क्योंकि रोड के एक तरफ के नाले की थोड़ी-बहुत सफाई हुई है, जबकि दूसरी तरफ का नाला पूरी तरह कचरे से अटा पड़ा है। सफाई न होने के कारण बारिश का पानी उचित निकासी न मिलने पर सीधे सड़क और कॉलोनियों में घुस रहा है। कॉलोनी वासियों ने बताया कि वे पिछले 6-7 सालों से इस समस्या को लेकर लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 16 जून 2026 को जिला कलेक्टर ने इस क्षेत्र का दौरा कर सफाई कर्मचारियों को सख्त आदेश दिए थे, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों में यह डर है कि अगर तेज बारिश हुई तो पूरी कॉलोनी जलमग्न हो जाएगी, जिससे मकानों को भारी नुकसान हो सकता है। फिलहाल, जलजमाव के कारण राहगीर परेशान हो रहे हैं, और 6-7 साल से की जा रही शिकायतें बेअसर साबित हुई हैं।
बूंदी शहर के कुंभा नगर स्थित छतरपुरा रोड पर प्रशासन की लापरवाही से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के शुरुआती दौर में ही यहाँ के हालात बेहद खराब हो गए हैं, जहाँ महज 10 मिनट की बारिश में ही सड़क किनारे बने नाले उफन कर बाहर आ जाते हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का निकलना दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है, क्योंकि रोड के एक तरफ के नाले की थोड़ी-बहुत सफाई हुई है, जबकि दूसरी तरफ का नाला पूरी तरह कचरे से अटा पड़ा है। सफाई न होने के कारण बारिश का पानी उचित निकासी न मिलने पर सीधे सड़क और कॉलोनियों में घुस रहा है। कॉलोनी वासियों ने बताया कि वे पिछले 6-7 सालों से इस समस्या को लेकर लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 16 जून 2026 को जिला कलेक्टर ने इस क्षेत्र का दौरा कर सफाई कर्मचारियों को सख्त आदेश दिए थे, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों में यह डर है कि अगर तेज बारिश हुई तो पूरी कॉलोनी जलमग्न हो जाएगी, जिससे मकानों को भारी नुकसान हो सकता है। फिलहाल, जलजमाव के कारण राहगीर परेशान हो रहे हैं, और 6-7 साल से की जा रही शिकायतें बेअसर साबित हुई हैं।
- बूंदी शहर के कुंभा नगर स्थित छतरपुरा रोड पर प्रशासन की लापरवाही से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के शुरुआती दौर में ही यहाँ के हालात बेहद खराब हो गए हैं, जहाँ महज 10 मिनट की बारिश में ही सड़क किनारे बने नाले उफन कर बाहर आ जाते हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का निकलना दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है, क्योंकि रोड के एक तरफ के नाले की थोड़ी-बहुत सफाई हुई है, जबकि दूसरी तरफ का नाला पूरी तरह कचरे से अटा पड़ा है। सफाई न होने के कारण बारिश का पानी उचित निकासी न मिलने पर सीधे सड़क और कॉलोनियों में घुस रहा है। कॉलोनी वासियों ने बताया कि वे पिछले 6-7 सालों से इस समस्या को लेकर लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 16 जून 2026 को जिला कलेक्टर ने इस क्षेत्र का दौरा कर सफाई कर्मचारियों को सख्त आदेश दिए थे, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों में यह डर है कि अगर तेज बारिश हुई तो पूरी कॉलोनी जलमग्न हो जाएगी, जिससे मकानों को भारी नुकसान हो सकता है। फिलहाल, जलजमाव के कारण राहगीर परेशान हो रहे हैं, और 6-7 साल से की जा रही शिकायतें बेअसर साबित हुई हैं।1
- बूंदी के लबान में आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलीकॉप्टर से लबान पहुंचे, जहां शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया था। बाद में, मदन दिलावर के साथ ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा और जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने बुके भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री बाबूलाल वर्मा और पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल समेत भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। वीआईपी आगमन के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर था। यह कार्यक्रम 8-लेन एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़ा था, जिसे लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह का माहौल देखा गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बूंदी में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात भी की। इस दौरे को "हाड़ौती के इतिहास का सबसे बड़ा दिन!" बताया गया, जहाँ गडकरी, बिरला और भजनलाल शर्मा एक साथ मिनी बस में यात्रा करते दिखे। हालांकि, इस दौरान नितिन गडकरी ने कोटा के लिए करोड़ों की घोषणाएं कीं, लेकिन बूंदी के लिए कोई घोषणा नहीं की, जिससे बूंदी को शून्य मिला।1
- एक 'स्वामीजी' ने कांग्रेस पार्टी को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उनके इस बयान में गाँधी परिवार के सदस्यों—सोनिया, राहुल, प्रियंका और रौबर्ट बाड्रा—की 'औकात' पर सीधा सवाल उठाया गया है। यह जानकारी दी गई है कि इस बयान में कही गई बातें स्वयं स्वामीजी के शब्दों में सुनी जा सकती हैं।1
- राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान, स्कूल, लाइब्रेरी और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना आवश्यक फायर सेफ्टी एनओसी (NOC) और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किए संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों में न तो पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था है और न ही सुरक्षा नियमों का अनुपालन किया जा रहा है। कई स्थानों पर तो भवन उपनियमों के विपरीत, बेसमेंट में ही कोचिंग क्लास और लाइब्रेरी चलाई जा रही हैं, जबकि नियमों के अनुसार बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग, स्टोर या उपयोगिता सेवाओं के लिए ही हो सकता है। लगातार सामने आ रही इन लापरवाहियों और उल्लंघनों के बावजूद, प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है, क्योंकि अब तक कोई ठोस या व्यापक कार्रवाई नहीं की गई है। शहरवासियों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से तत्काल एक व्यापक जांच अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी संस्थानों को सीज किया जाना चाहिए और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। लोगों ने यह भी जोर दिया कि प्रशासन को ऐसे संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जो दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से बचा जा सके और यह अभियान लगातार जारी रहना चाहिए। इस स्थिति पर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, क्योंकि अक्सर कार्रवाई किसी बड़े हादसे के बाद ही शुरू की जाती है। यह सवाल बना हुआ है कि बिना फायर सेफ्टी एनओसी के चल रहे संस्थानों पर कार्रवाई कब होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम कब उठाए जाएंगे।1
- केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कोटा में लबान इंटरचेंज से लेकर दरा टनल तक भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बने दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। गोपालपुरा इंटरचेंज पर आयोजित स्वागत समारोह में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने राजस्थान को बड़े आर्थिक सहयोग का वादा किया। उन्होंने कहा कि समय कम होने के कारण वह आज ₹50,000 करोड़ नहीं दे पा रहे हैं, लेकिन अगली बार जब वह जयपुर आएंगे तो उनके “फिक्स्ड डिपोजिट वॉल” में साइन की हुई चेकबुक तैयार होगी, जिस पर कोई भी राशि भरी जा सकेगी। गडकरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी बातों को पूरा करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलालजी को संबोधित करते हुए कहा कि वे मांगते-मांगते थक जाएंगे, पर वह देते-देते कभी नहीं थकेंगे, क्योंकि उनके पास “द्रौपदी की थाली” है और पैसों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे केवल नेशनल हाईवे (NH) से संबंधित काम ही कर सकते हैं, और राजस्थान जितना चाहे, ₹10,000 करोड़, ₹20,000 करोड़, ₹50,000 करोड़, ₹1 लाख करोड़ या ₹2 लाख करोड़ तक मांग सकता है, क्योंकि उनकी तरफ से इसे देने की जिम्मेदारी है। हालांकि, इस दौरान एक 'रियलिटी चेक' में भारत की आर्थिक स्थिति पर विपरीत आंकड़े प्रस्तुत किए गए। इसके अनुसार, भारत का कुल सरकारी कर्ज (Central Government Debt) मार्च 2026 (2025-26 के अंत) के आसपास लगभग ₹197 लाख करोड़ था। 31 मार्च 2026 (2025-26 RE) तक कुल कर्ज और अन्य दायित्व लगभग ₹197.18 लाख करोड़ थे, और 31 मार्च 2027 (2026-27 अनुमान) तक यह ₹214.82 लाख करोड़ होने का अनुमान है। इसके साथ ही, वर्तमान में एफडीआई की दर बिल्कुल 0 हो चुकी है, विदेशी निवेशक शेयर मार्केट से पैसा निकाल कर दूसरे देशों में निवेश कर रहे हैं, और घरेलू उद्योगपति अपना मुनाफा विदेशों में लगा रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ निगेटिव है, और महंगाई व बेरोजगारी की स्थिति भी गंभीर है, जो गडकरी के “कोई पैसे की कमी नहीं है, तुमको जितना मांगना है मांगो” वाले बयान से विरोधाभास प्रस्तुत करती है।1
- गडकरी ने घोषणा की है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आने वाले दो साल के भीतर फर्राटेदार सफर शुरू हो जाएगा।1
- कोटा शहर और आस-पास के इलाकों में लंबे इंतजार के बाद आज मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले काफी समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मूसलाधार बारिश ने राहत दी, लेकिन मौसम में आए इस अचानक बदलाव के चलते शहर का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। आसमान में काले घने बादल छाते ही और तेज बारिश शुरू होते ही सड़कों पर चल रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई, और दुपहिया वाहन चालक तथा राहगीर अचानक हुई बारिश से बचने के लिए दुकानों के नीचे व सुरक्षित जगहों पर छिपते नजर आए। तेज हवाओं के साथ हुई इस भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर देखते ही देखते पानी जमा हो गया। अचानक हुए जलभराव ने सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थाम दी और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, अचानक हुई इस तेज बारिश ने नगर निगम के ड्रेनेज सिस्टम के दावों की भी पोल खोलकर रख दी है।1
- राजस्थान कुश्ती संघ के निर्देशन में बूंदी के खेल संकुल में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता का हाल ही में समापन हो गया। इस समापन समारोह में राजस्थान कुश्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजीव दत्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा ने इसकी अध्यक्षता की। मंच पर कुश्ती संघ के प्रदेश सचिव उमेश सिंह, कोषाध्यक्ष सत्य प्रकाश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खान मोहम्मद, सुरेंद्र सिंह भाटी, पूर्व सभापति महावीर मोदी, भाजपा शहर अध्यक्ष राजकुमार शृंगी, डॉक्टर बद्री गोचर और ओम धगाल जैसे प्रमुख लोग मौजूद थे। आयोजन समिति सचिव भरत शर्मा और संयोजक सुनील जैन सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से साफा बंधवाकर, माल्यार्पण कर और स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत व सम्मान किया। मुख्य अतिथि राजीव दत्ता ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान की भूमि हमेशा से वीर और पराक्रमी योद्धाओं की जननी रही है। उन्होंने युवाओं के उत्साह को देखकर राज्य में कुश्ती के भविष्य को बेहद उज्ज्वल बताया और सभी खिलाड़ियों के सुनहरे भविष्य की कामना की। उन्होंने हारने वाले पहलवानों का भी हौसला बढ़ाते हुए उन्हें और कड़ी मेहनत करने की सीख दी। अध्यक्षता कर रहे विधायक संदीप शर्मा ने कुश्ती को देश की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा बताया, जो अनुशासन, साहस और शारीरिक व मानसिक मजबूती सिखाती है। विधायक शर्मा ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई। समापन समारोह के दौरान, मुख्य अतिथि राजीव दत्ता और विधायक संदीप शर्मा ने मिलकर विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को मेडल, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन कवि भूपेंद्र राठौर ने किया, और अंत में संयोजक सुनील जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।1