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सुगौली नगर पंचायत में हल्की बारिश ने स्थानीय व्यवस्था की पोल खोल दी है। करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद, नगर पंचायत क्षेत्र की कई सड़कों और नालियों में लगातार जल जमाव की स्थिति बनी रहती है, जिससे प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
Shambhu sharan
सुगौली नगर पंचायत में हल्की बारिश ने स्थानीय व्यवस्था की पोल खोल दी है। करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद, नगर पंचायत क्षेत्र की कई सड़कों और नालियों में लगातार जल जमाव की स्थिति बनी रहती है, जिससे प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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- वाल्मीकिनगर स्थित वाल्मीकि तपोभूमि की पावन धरती पर रविवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन बिहार प्रदेश की एक राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें एसोसिएशन की बिहार इकाई का गठन किया गया। यह समारोह वाल्मीकि सभागार परिसर में संपन्न हुआ। इस बैठक में बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पत्रकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर एवं जटाहा-खड्डा से आए अतिथियों के साथ-साथ बेतिया, चंपारण और वाल्मीकिनगर के पत्रकारों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। बैठक के दौरान संगठन को मजबूत बनाने, पत्रकारों के हितों की रक्षा करने तथा ग्रामीण पत्रकारिता को सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उत्तर प्रदेश से पधारे अतिथियों ने संगठनात्मक एकजुटता पर विशेष बल दिया और पत्रकार साथियों से निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता करते हुए संगठन को सशक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पत्रकारों के अधिकारों एवं सम्मान की सुरक्षा के लिए संगठन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर वाल्मीकिनगर विधानसभा के विधायक सुरेंद्र कुशवाहा ने पत्रकारों के सम्मान एवं सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पत्रकार के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार होता है, तो उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक कुशवाहा ने पत्रकार साथियों को यह भरोसा भी दिलाया कि वे हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहेंगे और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।1
- बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन की पश्चिम चंपारण जिला कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को बेतिया स्थित बलिराम भवन सभागार में संपन्न हुई। जिला अध्यक्ष राजेन्द्र साह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगामी 15 जुलाई को पटना में प्रस्तावित विधानसभा मार्च में पश्चिम चंपारण से 1000 खेत मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने का अहम निर्णय लिया गया। बैठक की शुरुआत दिवंगत खेत मजदूर नेता स्वर्गीय बांके बैठा की पत्नी के निधन पर शोक व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। बैठक में जिले में खेत मजदूर यूनियन के संगठन को और अधिक मजबूत तथा व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। विधानसभा मार्च को सफल बनाने के लिए विभिन्न अंचलों एवं शाखाओं में लगातार बैठकें आयोजित करने और जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति भी बनाई गई है। इसके अतिरिक्त, प्रवासी मजदूरों की समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। यूनियन ने फैसला लिया कि प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर श्रम विभाग कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया जाएगा, ताकि इन मजदूरों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके। बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने खेत मजदूरों की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से खेत मजदूरों के स्थायी पुनर्वास, रोजगार सुरक्षा और जीवन स्तर में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। क्रांति ने मनरेगा में कथित अनियमितताओं पर भी सवाल उठाए और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ मजदूरों को वर्ष में 200 दिनों के रोजगार की गारंटी देने पर जोर दिया। इस बैठक में जिला सचिव सुबोध मुखिया, अच्छे लाल सहनी, बीरन यादव, पीताम्बर शर्मा, शिवनाथ पटेल, धुरी साह, संगीता देवी, रामदेव राम, राबड़ी देवी, शोभा देवी, अजय सहनी एवं रेणु देवी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में मजदूरों के अधिकारों, रोजगार सुरक्षा और संगठन विस्तार से संबंधित कई प्रस्तावों को भी पारित किया गया।1
- Post by Deepak Thakur1
- पश्चिमी चंपारण के बेतिया स्थित बाजार में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। ट्रांसफार्मर की इस खराबी के चलते बाजार के लोगों को आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।1
- पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास को लेकर एक सीधा सवाल उठाया गया है। लोगों से पूछा गया है कि क्या वाकई इस क्षेत्र का विकास हुआ है, और इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रियाएँ और टिप्पणियाँ साझा करने का आह्वान किया गया है।1
- बलिया के सुखपुरा कस्बे के निवासी और लोकतंत्र सेनानी दीनानाथ सिंह के निधन पर सोमवार सुबह उनके आवास पर सुखपुरा पुलिस द्वारा अंतिम सलामी दी गई। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसके तहत पुलिस जवानों ने गंगा तट पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से पहले उन्हें सम्मानपूर्वक सलामी अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस भावुक अवसर पर नायब तहसीलदार रजनीश सिंह, थानाध्यक्ष रत्नेश दुबे, ग्राम पंचायत प्रशासक अभिमन्यु चौहान, शिक्षक उमेश सिंह, भाकपा के जिला सह सचिव रामानंद गौड़, पूर्व जिला मंत्री सत्य प्रकाश सिंह, पारस सिंह, अख्तर अली उर्फ ललू जी, यमुना वर्मा, शंभूनाथ सिंह, गुलाम राजभर, विप्लव सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बाद में गंगा तट पर, क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और शुभचिंतकों की बड़ी संख्या की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र प्रदीप सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी। इसी क्रम में, इंटर कॉलेज सुखपुरा में भी एक शोकसभा का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंध समिति के उप प्रबंधक रहे दीनानाथ सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोकसभा में विद्यालय के प्रबंधक दिनेश चंद्र सिंह, प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार सिंह, विजय शंकर सिंह सहित अन्य शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- मझौलिया प्रखंड की सभी पंचायत सरकार भवन परिसरों में रविवार को पंचायत विकास शिविर का शुभारंभ किया गया है। यह पहल ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पंचायत स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है, जिससे ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है। अमवामझार पंचायत के नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन एवं पंचायत विकास शिविर का उद्घाटन अनुसूचित जनजाति विभाग के मंत्री सह जिला प्रभारी लखेंद्र पासवान, जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, एडीएम डॉ. राजीव रंजन सिन्हा, पूर्व विधायक उमाकांत सिंह, मुखिया लालदेव राम तथा बीडीओ डॉ. राजीव रंजन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ का लाइव प्रसारण सामूहिक रूप से सुना गया, और उपस्थित लोगों ने बिहार राज्य गीत का भी श्रवण किया। इस अवसर पर मंत्री लखेंद्र पासवान ने घोषणा की कि अब प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ऐसे पंचायत विकास शिविर आयोजित किए जाएंगे। उनका कहना था कि सरकार की मंशा है कि आम लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि उन्हें पंचायत स्तर पर ही समाधान मिल सके। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि यह पहल ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत प्रशासनिक व्यवस्था को गांवों तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को प्रखंड या जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी, क्योंकि विभिन्न विभागों के अधिकारी पंचायतों में उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का मौके पर ही निपटारा करेंगे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाए गए, जहां ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और पात्र लाभुकों के बीच विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों का वितरण भी किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पंचायत विकास शिविर की इस शुरुआत को ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने और आम जनता तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे गांवों में ही समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलेगा और लोगों का समय व संसाधन दोनों बचेंगे। मझौलिया में इस शिविर की शुरुआत से ग्रामीणों को अब अपनी हर समस्या का समाधान पंचायत में ही मिलने से बड़ी राहत मिली है।1
- दैनिक सिंह टाइम्स ने स्पष्ट किया है कि वह ऐसे वीडियो की पुष्टि नहीं करती है, लेकिन श्री सुशील कुमार ठाकुर द्वारा दर्शाई जा रही बातों पर गहन समीक्षा की आवश्यकता है। इसी संदर्भ में, दैनिक सिरहा टाइम्स शाखा मुजफ्फरपुर, बिहार के राज्य को-ऑर्डिनेटर श्री सुशील कुमार ठाकुर 28 जून 2026 को मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा के एतवारपुर होते हुए हुसैनपुर गांव पहुँचे। उन्होंने अपने तरीके से वहाँ के सभी कार्यक्रमों को कैमरे में कैद किया और कुछ लोगों से पूछताछ भी की। श्री सुशील कुमार ठाकुर ने बताया कि वे बबुआ भगत के यहां आने की योजना बहुत दिनों से बना रहे थे, और आज जैसे-तैसे वहाँ पहुँच गए। उन्होंने यह भी कहा कि बबुआ भगत के पास जो भी व्यक्ति बीमारी, भूत-प्रेत, निःसंतानता या अन्य प्रकार की समस्याओं से ग्रस्त होकर आते हैं, वे अपनी समस्या से निजात पाकर, ठीक-ठाक होकर अपने घर वापस जाते हैं। बबुआ भगत का नाम पूरे मुजफ्फरपुर में प्रचलित है और वे मीडिया पर भी छाए हुए हैं, जिसके कारण उनके यहां समस्या लेकर आने वालों की हमेशा भीड़ लगी रहती है। मौके पर मौजूद रामकुमार नामक एक व्यक्ति ने बताया कि वह अपनी समस्या लेकर आया है और निजात पाकर ही जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बबुआ भगत के दरबार में जितने भी लोग आते हैं, सभी ठीक होकर जाते हैं। रामकुमार ने बताया कि बाबा जी अभी पूजा में बैठे हैं, इसलिए उनसे कोई संवाद नहीं हो पाएगा, लेकिन वह दूसरे दिन साक्षात्कार लेने के लिए समय निकालकर आएंगे। सुशील कुमार ठाकुर ने व्यक्तिगत रूप से बताया कि वे बाबा बबुआ भगत महाराज जी को लगातार अपने स्वप्न में देखते आ रहे थे और उनकी एक बार दर्शन करने की गहरी दिलचस्पी थी, जो आज पूरी हो गई। दैनिक सिंह टाइम्स के राज्य कोऑर्डिनेटर श्री सुशील कुमार ठाकुर बबुआ भगत के दरबार में पहुंचे, जहां आने वाला हर पीड़ित व्यक्ति ठीक होकर अपने घर वापस जाता है।1
- आनंद विहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली 12558 सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक बार फिर शराब तस्करी के मामले को लेकर सुर्खियों में है। नरकटियागंज रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस ट्रेन के पैंट्रीकार से 62 बोतल ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में पैंट्रीकार मैनेजर अजय कुमार को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ ने बगहा निवासी मनीष कुमार द्वारा दी गई सूचना के आधार पर ट्रेन में छापेमारी की थी। आरपीएफ पोस्ट कमांडर ऋतुराज कश्यप के नेतृत्व में की गई तलाशी के दौरान पैंट्रीकार में रखे एक ट्रॉली बैग और एक पिट्ठू बैग से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। सूचना देने वाले मनीष कुमार ने यह आरोप भी लगाया है कि जानकारी देने के बाद पैंट्रीकार मैनेजर ने उनके साथ मारपीट की। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि कुछ ही दिन पहले भी इसी सप्तक्रांति एक्सप्रेस के पैंट्रीकार से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई थी। उस पिछले मामले में भी पैंट्रीकार मैनेजर समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। लगातार दूसरी बार एक ही ट्रेन से शराब की खेप पकड़े जाने से रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और तस्करी के नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरपीएफ के अनुसार, इस बरामद शराब का मालिक कौन था, इसे कहाँ पहुँचाया जाना था और इस तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसकी गहन जाँच की जा रही है। सूत्रों की मानें तो इस कार्रवाई को प्रभावित करने की भी कोशिश की गई, लेकिन पुलिस और आरपीएफ ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शराब जब्त की और गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की। एक ही ट्रेन के पैंट्रीकार से लगातार शराब की बरामदगी यह संकेत देती है कि यह कोई सामान्य या अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि किसी संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। अब जाँच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुँचने और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने की है। जब तक तस्करी के इस नेटवर्क की जड़ तक पहुँचकर कार्रवाई नहीं होती, तब तक रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल थमने वाले नहीं हैं।1