स्लीमनाबाद क्षेत्र के विभिन्न स्थानों बिजली जाने से हो रही बेहद परेशानी कटनी जिले के स्लीमनाबाद क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में बिजली जाने से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है स्थानीय रहवासियों ने आज रविवार दोपहर करीब 3 बजे बताया कि यहां पर विगत कई दिनों से सुबह बिजली कटौती से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह परेशानी इन दिनों बंधी, मटवारा सहित अन्य स्थानों में बन रही है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कब बिजली जाए कहा नहीं जा सकता है। इस वजह से लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बिजली जाने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। बिजली की ट्रिपिंग के से लोग बेहद परेशान हो रहे हैं। इससे कई कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। कई बार ऐसा होता कि कोई फेस गुल हो जाता है। इससे कई नागरिकों के घरों की बिजली भी बंद हो जाती है। घंटों के इंतजार करते रह जाते हैं। नागरिकों ने सुधार की मांग की है। लोगों ने बताया कि मोबाइल चार्जिंग, आटा पिसवाई सहित अन्य काम बिजली के भरोसे ही चलते हैं लेकिन बिजली जाने से इन पर असर हो रहा है।
स्लीमनाबाद क्षेत्र के विभिन्न स्थानों बिजली जाने से हो रही बेहद परेशानी कटनी जिले के स्लीमनाबाद क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में बिजली जाने से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है स्थानीय रहवासियों ने आज रविवार दोपहर करीब 3 बजे बताया कि यहां पर विगत कई दिनों से सुबह बिजली कटौती से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह परेशानी इन दिनों बंधी, मटवारा सहित अन्य स्थानों में बन रही है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कब बिजली जाए कहा नहीं जा सकता है। इस वजह से लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बिजली जाने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। बिजली की ट्रिपिंग के से लोग बेहद परेशान हो रहे हैं। इससे कई कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। कई बार ऐसा होता कि कोई फेस गुल हो जाता है। इससे कई नागरिकों के घरों की बिजली भी बंद हो जाती है। घंटों के इंतजार करते रह जाते हैं। नागरिकों ने सुधार की मांग की है। लोगों ने बताया कि मोबाइल चार्जिंग, आटा पिसवाई सहित अन्य काम बिजली के भरोसे ही चलते हैं लेकिन बिजली जाने से इन पर असर हो रहा है।
- बीएसएनएल की केबल विस्तार से जंगल में प्राकृतिक संपदा को हो रहा नुकसान ढीमरखेड़ा क्षेत्र के जंगलों में उखाड़े जा रहे पेड़ राज्य वन विकास निगम के ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में बीएसएनएल द्वारा नेटवर्क विस्तार के लिए बिछाई जा रही केबल लाइन से प्राकृतिक संपदा को नुकसान हो रहा है। दादर सिहुडी से महंगवा तक नेटवर्क केबल डालने का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के लिए जंगल के बीचों-बीच से जेसीबी जैसी भारी मशीनों द्वारा गहरी नाली खोदी जा रही है। लापरवाही की हद यह है कि लाइन के रास्ते में आने वाले सालों पुराने फलदार और छायादार पेड़ों को बचाने के बजाय, उन्हें मशीनों से सीधा जड़ से उखाड़ फेंका जा रहा है। जिस वृक्ष को तैयार होने में दशकों लग जाते हैं, उन्हें चंद मिनटों की खुदाई में धराशायी किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जंगल के अंदर मशीनों से इतनी बड़ी खुदाई हो रही है और वन विभाग के मैदानी अमले को इसकी भनक तक नहीं लगी। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब या तो विभागीय लापरवाही का नतीजा है या फिर इसमें अधिकारियों की मौन सहमति है। वन्यजीवों और वन संपदा की सुरक्षा का दायित्व निभाने वाला विभाग आखिर इस विनाश को नजरअंदाज कैसे कर सकता है। इस मामले में राज्य वन विकास निगम के रेंजर सैय्यद जुनैद ने कहा कि यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं था। आपके माध्यम से जानकारी मिली है, मैं तत्काल टीम भेजकर इसकी जांच करवाता हूं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- कटनी नगर// आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर निमिहा मोहल्ला कटनी निमिहा की रानी माँ विंध्यवासनी के दरबार में उमड़ती है भक्तों की आस्था कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी नगर स्थित निमिहा मोहल्ला में विराजमान आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर आज श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। माई नदी राहुल बाग से कुछ ही दूरी पर स्थित यह प्राचीन एवं प्रसिद्ध मंदिर दूर-दूर से आने वाले भक्तों के लिए श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि माँ विंध्यवासनी अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं और सच्चे मन से मांगी गई मुराद कभी अधूरी नहीं रहती। भक्तों के अनुसार इस मंदिर में विशेष रूप से निसंतान दंपत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति होने की मान्यता है। यही कारण है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ पहुँचकर माँ के चरणों में शीश नवाते हैं। मंदिर परिसर में आने वाले भक्तों का विश्वास है कि माँ विंध्यवासनी के केवल दर्शन मात्र से ही आधे संकट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-शांति का मार्ग प्रशस्त होता है। मंदिर में प्रत्येक स्नान दान पूर्णिमा के अवसर पर भव्य महाआरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होकर माँ की आराधना करते हैं। महाआरती के समय पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठता है। ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और जयकारों के बीच माँ की आरती श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराती है। कार्तिक मास की शरद पूर्णिमा पर मंदिर में विशेष पटोउत्सव बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक सजावट से सजाया जाता है तथा दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। धार्मिक कार्यक्रमों, भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण के माध्यम से पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण निर्मित हो जाता है। मंदिर की व्यवस्था एवं संचालन पंडा राकेश निषाद जी द्वारा किया जाता है। उन्होंने बताया कि माँ विंध्यवासनी के दरबार में जो भी श्रद्धालु अपनी समस्या लेकर आता है, वह कभी निराश होकर वापस नहीं लौटता। माँ की कृपा से भक्तों की समस्याओं का समाधान होता है और उनके जीवन में नई आशा का संचार होता है। नतमस्तक हूँ मैं माँ विंध्यवासनी के चरणों पर। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे एक बार अवश्य आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर पहुँचकर माँ के दिव्य दर्शन करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। संवाददाता : आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद (पत्रकार) मो. 75097476864
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ में महाराणा प्रताप जयंती शोभायात्रा पर उपद्रवियों ने पत्थरबाजी की। इसके जवाब में, हिंदुओं ने छतों पर चढ़कर पत्थर फेंकने वालों को करारा जवाब दिया।1
- कटनी के मुक्तिधाम मोड़ नदीपार मार्ग पर स्पीड ब्रेकर न होने से लगातार सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से घायल हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल स्पीड ब्रेकर बनाने और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है।1
- दमोह जिले के खर्राघाट पटनयायू के पास ब्यारमा नदी से बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन जारी है। जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर यह गोरखधंधा बिना किसी रोक-टोक के चल रहा है।1
- जबलपुर के पनगढ़ में नर्मदा नदी तट पर यात्रियों से भरा एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर नदी में गिर गया। ब्रेक फेल होने से हुए इस हादसे में सभी यात्रियों की जान बाल-बाल बची।1
- आज के मुख्य समाचार दो गाड़ी का टक्कर हुआ और एक महिला गंभीर बताई जा रही है chalane wale ka hath pair tuta hai1
- स्लीमनाबाद क्षेत्र के विभिन्न स्थानों बिजली जाने से हो रही बेहद परेशानी कटनी जिले के स्लीमनाबाद क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में बिजली जाने से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है स्थानीय रहवासियों ने आज रविवार दोपहर करीब 3 बजे बताया कि यहां पर विगत कई दिनों से सुबह बिजली कटौती से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह परेशानी इन दिनों बंधी, मटवारा सहित अन्य स्थानों में बन रही है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कब बिजली जाए कहा नहीं जा सकता है। इस वजह से लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बिजली जाने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। बिजली की ट्रिपिंग के से लोग बेहद परेशान हो रहे हैं। इससे कई कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। कई बार ऐसा होता कि कोई फेस गुल हो जाता है। इससे कई नागरिकों के घरों की बिजली भी बंद हो जाती है। घंटों के इंतजार करते रह जाते हैं। नागरिकों ने सुधार की मांग की है। लोगों ने बताया कि मोबाइल चार्जिंग, आटा पिसवाई सहित अन्य काम बिजली के भरोसे ही चलते हैं लेकिन बिजली जाने से इन पर असर हो रहा है।1