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धामनोद में नारी शक्ति बनी प्रेरणा की मिसाल रोटरी क्लब द्वारा भरा देहदान का फार्म.. जो जनकल्याण के प्रति महादान माना जाता हैं.. नप कार्यरत माया शर्मा ने जन्मदिन पर की नेक काम.. देखे पूरी रिपोर्ट मेरे साथ..! बेधड़कड़ खबरें..! BSTV सुनील सन्नी रिपोर्टर धार 9752452089
SNY R LIVE MP
धामनोद में नारी शक्ति बनी प्रेरणा की मिसाल रोटरी क्लब द्वारा भरा देहदान का फार्म.. जो जनकल्याण के प्रति महादान माना जाता हैं.. नप कार्यरत माया शर्मा ने जन्मदिन पर की नेक काम.. देखे पूरी रिपोर्ट मेरे साथ..! बेधड़कड़ खबरें..! BSTV सुनील सन्नी रिपोर्टर धार 9752452089
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by SNY R LIVE MP1
- के साथ ठगी की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार एक किन्नर जैसे दिखने वाला व्यक्ति अपने एक अन्य साथी के साथ प्रेम फलिया क्षेत्र में पहुंचा, जहां कविता गोयल कार्यरत हैं। दोनों आरोपियों ने उन्हें बातों में उलझाकर और भ्रमित कर उनके सुहाग की रक्षा का झांसा दिया। इसी दौरान चालाकी से उनके गले के जेवर उतरवा लिए। बदले में उन्हें गेहूं की पूड़ी देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता ने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी के अनुसार मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस द्वारा लोगों से अपील की गई है कि अंजान व्यक्तियों के बहकावे में न आएं और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।1
- Post by NIMAD DASTAK NEWS1
- नवरात्रि चित्र मास गणगौर पर्व एवं ईद को मध्य नजर देखते हुए सनावत पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला जिसमें एस डी ओ पी डी आप अर्चना रावत एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल सनावद थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव बलवाड़ा थाना प्रभारी बैंड़िया थाना प्रभारी रामेश्वर ठाकुरएवं अनेक पुलिस बल ने सनावद में फ्लैग मार्च निकाला सभी जनता से अनुरोध किया कि त्योहार को सौहाद और शांतिपूर्वक बनाएं1
- मांडू में गणगौर पर्व शुरू, मंदिरों में बोए ज्वारे: नगर में गूंज रहे पारंपरिक लोकगीत; 16 दिनों तक चलेगा उत्सव राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/मांडू और आसपास के ग्रामीण अंचलों में गणगौर पर्व का उल्लास पर है। होली के दो दिन बाद से शुरू हुआ यह 16 दिवसीय अनुष्ठान माता पार्वती (गौरी) और भगवान शिव (ईसर) की भक्ति को समर्पित है। नगर के प्राचीन चतुर्भुज राम मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने मिट्टी के पात्रों में ज्वारे (जवारा) बोए हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'बाड़ी' या 'खोर' कहा जाता है। रात 9 बजे जवारा पूजन और मंगल गीत गूंजे प्रतिदिन रात 9 बजे महिलाएं और युवतियां पूर्ण श्रृंगार कर मंदिरों में एकत्रित हो रही हैं। ढोल-थाली की थाप पर 'गौर-गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती' और 'जवारे बोवण चाली रे' जैसे पारंपरिक लोकगीतों के साथ ज्वारों की पूजा की जा रही है। इन गीतों के माध्यम से ईसर-गौरी के विवाह प्रसंगों का वर्णन और अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है।अटूट दांपत्य और हरियाली के प्रतीक ज्वारे मान्यता है कि ये ज्वारे माता पार्वती का प्रतीक हैं। महिलाएं प्रतिदिन नियम से इन ज्वारों को सींचती हैं और कई श्रद्धालु इस दौरान कठिन उपवास भी रखते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि निमाड़ और मालवा की समृद्ध लोक संस्कृति, नृत्य और संगीत का एक अनूठा संगम भी पेश करता है। 16 श्रृंगार और मेहंदी से सजा उत्सव गणगौर के अवसर पर युवतियां और महिलाएं विशेष रूप से मेहंदी लगाकर और रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर बाड़ी पूजन के लिए पहुंच रही हैं। 16 दिनों तक चलने वाला यह उत्सव परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की प्रार्थना के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के अंतिम दिनों में इन ज्वारों का भव्य चल समारोह निकालकर विसर्जन किया जाएगा।2
- बड़वानी। जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से शुक्रवार को हड़कंप मच गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र कुमार जैन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि न्यायालय को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें तमिल भाषा में 15 जहरीले गैस बम न्यायालय परिसर में रखने का दावा किया गया था। ईमेल दोपहर करीब 12 बजे प्राप्त हुआ, जिसमें 1 बजे विस्फोट होने की बात लिखी गई थी। सूचना मिलते ही तत्काल एसपी बड़वानी को अवगत कराया गया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए न्यायालय परिसर को खाली करवाया और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। मौके पर पहुंचे बम स्क्वाड और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की सघन जांच की, लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक या जहरीली सामग्री नहीं मिली। प्रारंभिक जांच में यह मामला फर्जी धमकी का प्रतीत हो रहा है। एसपी पद्म विलोचन शुक्ल ने बताया कि इस तरह के संदेश लोगों में भय और आतंक फैलाने के उद्देश्य से भेजे जाते हैं। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि नवदुर्गा और ईद जैसे त्योहारों के दौरान लॉ एंड ऑर्डर को प्रभावित करने और प्रशासन का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की साजिश रची जाती है। फिलहाल साइबर टीम ईमेल की तकनीकी जानकारी जुटाने में लगी हुई है और आरोपियों को जल्द ट्रेस कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।1
- Post by Hemant Nagziriya1
- मांडू-नालछा ब्लॉक में आंधी-बारिश, ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद: 85 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवाएं; किसान बोले-प्रकृति की मार झेल रहे हैं राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/मांडू और नालछा ब्लॉक के कठोडिया सहित कई गांवों में गुरुवार रात तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस बेमौसम बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार रात करीब 10 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। ठंडी हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए। रात 10 बजे से 1 बजे के बीच कई क्षेत्रों में बिजली कड़कने और बादलों की तेज गर्जना के साथ बारिश हुई। इससे किसानों की खड़ी फसलों और आम के पेड़ों पर आए बौर को काफी नुकसान पहुंचा। गेहूं और चने की खड़ी फसलों को भारी नुकसान बेमौसम बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने विशेष रूप से गेहूं और चने की खड़ी फसलों को भारी क्षति पहुंचाई है। किसानों की साल भर की मेहनत बर्बाद हो गई है, जिससे उनका जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, इस मौसमी बदलाव से गर्मी से हल्की राहत मिली है और दिन-रात के तापमान में गिरावट आई है। तेज बिजली चमकने और बादलों की गर्जना से लोग भयभीत हो गए। रात करीब 11 बजे तेज बारिश के साथ ओले गिरने लगे, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल हो गई।आंधी से कई जगह पेड़ और होर्डिंग गिरने की घटनाएं ओलावृष्टि के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं, सोयाबीन और आम जैसी खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तेज आंधी से कई जगह पेड़ और होर्डिंग गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। बिजली के ढांचे को नुकसान पहुंचने के कारण कई स्थानों पर रात भर बिजली आपूर्ति बाधित रही। किसान बोले-प्रकृति की मार झेल रहे हैं ग्राम कठोडिया के किसान कपिल वर्मा, ,निखिल पटेल और दिनेश चौधरी ने बताया कि वे इस बार अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने कहा, "पहले नीलगाय से परेशानी थी और अब अचानक मौसम बदलने से हुई बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को बहुत नुकसान पहुंचाया है। किसान लगातार नीलगाय, महंगाई और अब प्रकृति की मार झेल रहे हैं।"2