“तीन दिवसीय बिना चंदे का दिव्य सत्संग: धंबोला में समाजसेवा की अनूठी मिसाल”* डूंगरपुर। धंबोला. धंबोला कस्बे में आयोजित तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक सत्संग कार्यक्रम ने समाज में सेवा, समर्पण और समानता का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूज्य जगद्गुरु श्रीकृपालुजी महाराज की प्रचारिका सुश्री जगदीश्वरी देवीजी के सान्निध्य में हुए इस उच्च कोटि के सत्संग का लाभ पूरे कस्बे के लोगों ने प्राप्त किया। इस आयोजन की सबसे विशेष बात यह रही कि इसे पूर्णतः बिना किसी चंदा या आर्थिक सहयोग लिए संपन्न किया गया। आयोजनकर्ता रजनीकांत (पिता भोगीलाल पंड्या), उनकी धर्मपत्नी चेतना (पिता गिरजाशंकर भट्ट) के साथ उनके पुत्र उत्पल, पुत्रवधु नेहा पुत्र उत्कर्ष पुत्रवधु हिमी ने अपने निजी संसाधनों और सेवाभाव से इस तीन दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाया। आज के समय में जहां अधिकांश सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में चंदा एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है, वहीं इस आयोजन ने एक संवेदनशील और अनुकरणीय सोच प्रस्तुत की। अक्सर सोशल मीडिया व्हाट्सएप सहित जैसे माध्यमों से सहयोग राशि के संदेश प्रसारित होने से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग मानसिक दबाव महसूस करते हैं और अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए अनिच्छा के बावजूद दान देने को मजबूर हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मंडल कमंडल के कुछ पदाधिकारी बार-बार आर्थिक सहयोग के लिए दबाव बनाते हैं, जिससे असहजता की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके विपरीत, धंबोला का यह सत्संग कार्यक्रम बिना किसी दबाव के, सभी के लिए समान रूप से सुलभ रहा। समाज के लोगों ने इस आयोजन को समाज उत्थान, समानता और सच्ची सेवा भावना का प्रतीक बताया है। उनका मानना है कि ऐसे प्रयास ही समाज को एकजुट करने और सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
“तीन दिवसीय बिना चंदे का दिव्य सत्संग: धंबोला में समाजसेवा की अनूठी मिसाल”* डूंगरपुर। धंबोला. धंबोला कस्बे में आयोजित तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक सत्संग कार्यक्रम ने समाज में सेवा, समर्पण और समानता का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूज्य जगद्गुरु श्रीकृपालुजी महाराज की प्रचारिका सुश्री जगदीश्वरी देवीजी के सान्निध्य में हुए इस उच्च कोटि के सत्संग का लाभ पूरे कस्बे के लोगों ने प्राप्त किया। इस आयोजन की
सबसे विशेष बात यह रही कि इसे पूर्णतः बिना किसी चंदा या आर्थिक सहयोग लिए संपन्न किया गया। आयोजनकर्ता रजनीकांत (पिता भोगीलाल पंड्या), उनकी धर्मपत्नी चेतना (पिता गिरजाशंकर भट्ट) के साथ उनके पुत्र उत्पल, पुत्रवधु नेहा पुत्र उत्कर्ष पुत्रवधु हिमी ने अपने निजी संसाधनों और सेवाभाव से इस तीन दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाया। आज के समय में जहां अधिकांश सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में चंदा एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है,
वहीं इस आयोजन ने एक संवेदनशील और अनुकरणीय सोच प्रस्तुत की। अक्सर सोशल मीडिया व्हाट्सएप सहित जैसे माध्यमों से सहयोग राशि के संदेश प्रसारित होने से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग मानसिक दबाव महसूस करते हैं और अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए अनिच्छा के बावजूद दान देने को मजबूर हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मंडल कमंडल के कुछ पदाधिकारी बार-बार
आर्थिक सहयोग के लिए दबाव बनाते हैं, जिससे असहजता की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके विपरीत, धंबोला का यह सत्संग कार्यक्रम बिना किसी दबाव के, सभी के लिए समान रूप से सुलभ रहा। समाज के लोगों ने इस आयोजन को समाज उत्थान, समानता और सच्ची सेवा भावना का प्रतीक बताया है। उनका मानना है कि ऐसे प्रयास ही समाज को एकजुट करने और सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- डूंगरपुर। धंबोला. धंबोला कस्बे में आयोजित तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक सत्संग कार्यक्रम ने समाज में सेवा, समर्पण और समानता का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूज्य जगद्गुरु श्रीकृपालुजी महाराज की प्रचारिका सुश्री जगदीश्वरी देवीजी के सान्निध्य में हुए इस उच्च कोटि के सत्संग का लाभ पूरे कस्बे के लोगों ने प्राप्त किया। इस आयोजन की सबसे विशेष बात यह रही कि इसे पूर्णतः बिना किसी चंदा या आर्थिक सहयोग लिए संपन्न किया गया। आयोजनकर्ता रजनीकांत (पिता भोगीलाल पंड्या), उनकी धर्मपत्नी चेतना (पिता गिरजाशंकर भट्ट) के साथ उनके पुत्र उत्पल, पुत्रवधु नेहा पुत्र उत्कर्ष पुत्रवधु हिमी ने अपने निजी संसाधनों और सेवाभाव से इस तीन दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाया। आज के समय में जहां अधिकांश सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में चंदा एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है, वहीं इस आयोजन ने एक संवेदनशील और अनुकरणीय सोच प्रस्तुत की। अक्सर सोशल मीडिया व्हाट्सएप सहित जैसे माध्यमों से सहयोग राशि के संदेश प्रसारित होने से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग मानसिक दबाव महसूस करते हैं और अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए अनिच्छा के बावजूद दान देने को मजबूर हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मंडल कमंडल के कुछ पदाधिकारी बार-बार आर्थिक सहयोग के लिए दबाव बनाते हैं, जिससे असहजता की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके विपरीत, धंबोला का यह सत्संग कार्यक्रम बिना किसी दबाव के, सभी के लिए समान रूप से सुलभ रहा। समाज के लोगों ने इस आयोजन को समाज उत्थान, समानता और सच्ची सेवा भावना का प्रतीक बताया है। उनका मानना है कि ऐसे प्रयास ही समाज को एकजुट करने और सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।4
- क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आमजन से संयम बरतने की अपील की है। उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर ने कहा है कि ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। विस्तार: उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अफवाहें फैलाकर लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है, जिससे पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ देखी जा रही है। इस तरह की भीड़ से व्यवस्था प्रभावित होती है और आमजन को परेशानी उठानी पड़ती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की सप्लाई नियमित रूप से जारी है और भविष्य में भी किसी प्रकार की बाधा की संभावना नहीं है। ऐसे में लोगों को घबराने या अतिरिक्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाने की जरूरत नहीं है। उपखंड अधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही, पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। समापन: प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है, इसलिए आमजन शांत रहें और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहें।1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का ताजा अपडेट। राजा रानी ने पद का दुरुपयोग कर सीलिंग एक्ट की उड़ाई धज्जियां। खेकड़ा में तीन बीघा में स्टेट टाइम की आमों की बगीची को राज्य सरकार ने सीलिंग एक्ट में ले लिया था। और उस पर राजघराने के लोगों को कोई कार्रवाई वर्षों तक नहीं करनी दी गई। पिछले दिनों यूआईटी के सबसे भस्ट निकम्मे नकारे सचिन कौशल कोठारी ने लाखों रुपए लेकर इस सीलिंग की बगीची को कॉलोनी में कन्वर्ट करने की परमिशन देगी थी। लेकिन जागरूक नागरिक कौन है न्यायालय की शरण जाकर स्टे लगवा दिया था। सपना राजा रानी के राजस्व दलाल राजनीतिक दलाल नीरज सुवालका ने पटवारी तहसीलदार एसडीएम आला अफसर से मिलकर 18 कॉलोनी जो सीलिंग के कारण परमिशन नहीं ले पा रही है। उसे बगीची की रातों-रात परमिशन लेकर और वहां पांच वृक्षों को काटने की परमिशन लेकर से प्रोडक्ट वृक्ष काट दिए और कॉलोनी काटना शुरु कर दिया है शिवरेज लाइन और अन्य सुविधाएं वहां दिखाकर लोगों से लाखों रुपए के प्लॉट काट वेच कर बेच रहे हैं । कल प्रदेश स्तरीय समाचार पत्र जननायक ने इसका खुलासा किया है चीफ सेक्रेटरी कलेक्टर कमिश्नर यूआईटी के आलाअफसरों की निगाह में आने से उसकी जांच शुरू हो गई हैं।1
- 100 से अधिक वाहन स्वामियों को नोटिस, 31 मार्च के बाद देना होगा 4.5% अतिरिक्त जुर्माना डूंगरपुर। जिला परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बकाया कर वसूली अभियान तेज कर दिया है। जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर ने बताया कि मार्च के अंतिम दिनों में अवकाश के दौरान भी कार्यालय खुला रहेगा। भारी वाहनों के लिए वार्षिक कर जमा करने की तिथि 15 मार्च निकल जाने के बावजूद 100 से अधिक वाहन स्वामियों ने टैक्स जमा नहीं कराया है, जिनके विरुद्ध अब रजिस्ट्रेशन और परमिट निलंबन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। 31 मार्च के बाद टैक्स जमा करने पर 4.5 प्रतिशत शास्ति (पेनल्टी) देनी होगी। विभाग ने 'एमनेस्टी योजना' के तहत ई-रवन्ना चालानों पर 95 प्रतिशत की भारी छूट भी प्रदान की है। अधिकारी ने अपील की है कि वाहन स्वामी 31 मार्च से पूर्व इसका लाभ उठाएं। राजस्व प्राप्ति हेतु जिले में विभागीय और केंद्रीय उड़नदस्ते 24 घंटे सघन जांच कर रहे हैं। अब तक करीब 250 वाहनों को सीज कर 9 करोड़ रुपये का राजस्व वसूला जा चुका है। यह अभियान 31 मार्च 2026 तक निरंतर जारी रहेगा, अतः असुविधा से बचने के लिए सभी वाहन स्वामी समय पर अपने बकाया कर और दस्तावेजों का नवीनीकरण करवा लें।1
- 100 से अधिक वाहन स्वामियों को नोटिस, 31 मार्च के बाद देना होगा 4.5% अतिरिक्त जुर्माना संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति के साथ ही जिला परिवहन विभाग राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर ने बताया कि बकाया कर वसूली और सघन जांच अभियान के मद्देनजर मार्च माह के अंतिम दिनों में पड़ने वाले अवकाशों के दौरान भी परिवहन कार्यालय खुला रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहन स्वामियों ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ जब्ती और पंजीयन निरस्तीकरण की सख्त कार्यवाही की जा रही है। 100 से अधिक वाहनों पर लटकी तलवार :- DTO माथुर के अनुसार, भारी वाहनों के लिए वार्षिक कर जमा करने की अंतिम तिथि 15 मार्च थी। इसके बावजूद जिले में 100 से अधिक वाहन स्वामियों ने अब तक टैक्स जमा नहीं कराया है। परिवहन मुख्यालय के निर्देशों पर ऐसे वाहनों को तुरंत सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, इन वाहनों के रजिस्ट्रेशन और परमिट को निलंबित या निरस्त करने की तैयारी भी की जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि 31 मार्च के बाद कर जमा कराया जाता है, तो वाहन स्वामियों को 4.5 प्रतिशत अतिरिक्त शास्ति (पेनल्टी) का भुगतान करना होगा। एमनेस्टी योजना: ई-रवन्ना जुर्माने पर 95% की भारी छूट :- वाहन स्वामियों को राहत देते हुए विभाग ने एमनेस्टी योजना के तहत ई-रवन्ना चालानों पर 95 प्रतिशत तक की भारी छूट दी है। अधिकारी ने अपील की है कि 31 मार्च से पूर्व बकाया चालानों का भुगतान कर वाहन स्वामी इस योजना का लाभ उठाएं और भविष्य की कानूनी जटिलताओं से बचें। 9 करोड़ का राजस्व वसूला, 24 घंटे सक्रिय हैं उड़नदस्ते :- राजस्व लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए विभागीय उड़नदस्ते जिले में 24 घंटे सघन चेकिंग अभियान चला रहे हैं। अब तक करीब 250 वाहनों को सीज किया जा चुका है और मार्च माह में अब तक लगभग 9 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। वर्तमान में परिवहन मुख्यालय की दो स्पेशल सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वाड भी जिले में तैनात हैं। जिला परिवहन अधिकारी ने सभी वाहन स्वामियों से समय रहते अपने दस्तावेजों का नवीनीकरण कराने और बकाया कर चुकाने का आग्रह किया है ताकि जब्ती जैसी कार्रवाई से बचा जा सके।1
- बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां स्वतंत्र फाइनेंस के कर्मचारी से दिनदहाड़े लूट करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, 10 फरवरी को कर्मचारी महिला समूहों से संग्रहित करीब 54,850 रुपये लेकर लौट रहा था, तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने पीछा कर चलते वाहन से बैग छीन लिया और फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से मुख्य आरोपी दीपक गरासिया को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पूरी नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली है। हालांकि, इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश गया है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।1
- Post by Shantilal Shanti lal1
- पीठ दिगम्बर जैन मंदिर में आज भगवान अजीतनाथ का निर्वाण महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों की मनोहारी छटा देखने को मिली। पीठ समाज अध्यक्ष राजकुमार डैचिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महोत्सव के तहत भगवान का विधिवत अभिषेक, पूजन, आरती एवं पुष्प अर्पण किया गया। भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान की आराधना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पंचामृत अभिषेक के पुण्यार्जक के रूप में रोशन भूता परिवार रहा। इस धार्मिक आयोजन में अशोक भूता, बृजेश, आशीष, कपिल, सुनील भूता, महेंद्र डैचिया, प्रवीण शाह, गजेंद्र, हसमुख, मनोज, कुलदीप, विशाल, गौरव, हार्दिक कोठारी, दीपक, यतिन, अखिल डैचिया सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। महिला वर्ग में हेमलता, लक्ष्मीलाल टोकर वाले, चंदा, छाया, प्रियंका, पिनल, रंजना, रीना भूता, इंदु बेन, शीला, खुशबू, नैना, प्रीतिका कोठारी, शकुन्तला, सुषमा, चंदा, लता डैचिया, संगीता शाह, स्मिता, रितु, शैली डैचिया आदि ने भी भाग लेकर आयोजन को भव्यता प्रदान की। महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर रहा और वातावरण "जय जिनेन्द्र" के उद्घोष से गूंज उठा।3