सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र में अवैध कबाड़ के कारोबार और चोरी की लगातार बढ़ती वारदातों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों में इन घटनाओं को लेकर गहरा आक्रोश है, क्योंकि दुकानों में सेंधमारी और घरों से सामान गायब होने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, फिर भी अब तक किसी बड़े मामले का खुलासा नहीं हो सका है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि क्षेत्र की सक्रिय कबाड़ दुकानों में चोरी का सामान खुलेआम देखा जा रहा है। इनमें घरों से चोरी हुई सामग्री, छात्रों की साइकिलें, एल्यूमिनियम के तार और अन्य घरेलू सामान शामिल हैं। इससे यह आशंका और पुख्ता हो गई है कि चोरी का यह सामान किसी संगठित नेटवर्क के ज़रिए कबाड़ बाज़ार तक पहुँच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित जांच और सख्त निगरानी होती, तो ऐसा संदिग्ध कारोबार खुलेआम संचालित नहीं हो पाता। चौक-चौराहों पर यह चर्चा भी तेज़ है कि चोरी की बढ़ती घटनाओं के पीछे किसी न किसी स्तर पर संरक्षण की भूमिका हो सकती है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ये घटनाएँ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। क्षेत्र में कुछ समय पूर्व हुई एक पत्रकार की मोटरसाइकिल चोरी का मामला अब तक अनसुलझा है, वहीं दो सुनार की दुकान में हुई लाखों के गहनों की चोरी का भी कोई ठोस खुलासा सामने नहीं आया है। लोगों का कहना है कि रात्रि गश्त और सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। फिलहाल, पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन, बढ़ते आरोपों ने पूरे क्षेत्र में प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है, जिससे यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या बरगवां में सक्रिय इस कथित कबाड़-चोरी नेटवर्क पर कभी सख्त कार्रवाई होगी या ये घटनाएँ यूँ ही सवालों के घेरे में दबी रह जाएंगी।
सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र में अवैध कबाड़ के कारोबार और चोरी की लगातार बढ़ती वारदातों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों में इन घटनाओं को लेकर गहरा आक्रोश है, क्योंकि दुकानों में सेंधमारी और घरों से सामान गायब होने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, फिर भी अब तक किसी बड़े मामले का खुलासा नहीं हो सका है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि क्षेत्र की सक्रिय कबाड़ दुकानों में चोरी का सामान खुलेआम देखा जा रहा है। इनमें घरों से चोरी हुई सामग्री, छात्रों की साइकिलें, एल्यूमिनियम के तार और अन्य घरेलू सामान शामिल हैं। इससे यह आशंका और पुख्ता हो गई है कि चोरी का यह सामान किसी संगठित नेटवर्क के ज़रिए कबाड़ बाज़ार तक पहुँच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित जांच और सख्त निगरानी होती, तो ऐसा संदिग्ध कारोबार खुलेआम संचालित नहीं हो पाता। चौक-चौराहों पर यह चर्चा भी तेज़ है कि चोरी की बढ़ती घटनाओं के पीछे किसी न किसी स्तर पर संरक्षण की भूमिका हो सकती है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ये घटनाएँ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। क्षेत्र में कुछ समय पूर्व हुई एक पत्रकार की मोटरसाइकिल चोरी का मामला अब तक अनसुलझा है, वहीं दो सुनार की दुकान में हुई लाखों के गहनों की चोरी का भी कोई ठोस खुलासा सामने नहीं आया है। लोगों का कहना है कि रात्रि गश्त और सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। फिलहाल, पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन, बढ़ते आरोपों ने पूरे क्षेत्र में प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है, जिससे यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या बरगवां में सक्रिय इस कथित कबाड़-चोरी नेटवर्क पर कभी सख्त कार्रवाई होगी या ये घटनाएँ यूँ ही सवालों के घेरे में दबी रह जाएंगी।
- सिंगरौली में बड़े पैमाने पर हो रही कथित पेड़ कटाई के खिलाफ जन उड़ान पार्टी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में “बीरबल खिचड़ी कार्यक्रम” के माध्यम से अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने संदेश दिया कि जिस तरह दूर की आग से बीरबल की खिचड़ी नहीं पक सकती, उसी प्रकार सिंगरौली में कटने वाले लाखों पेड़ों की भरपाई 700 किलोमीटर दूर किए जा रहे पौधारोपण से नहीं हो सकती। पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष भास्कर मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता व्यक्त की। जन उड़ान पार्टी का आरोप है कि Adani Group की परियोजनाओं के लिए सिंगरौली क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन प्रतिपूरक पौधारोोपण स्थानीय क्षेत्र में न होकर अन्य जिलों में कराया जा रहा है। पार्टी का तर्क है कि पर्यावरणीय क्षति केवल पेड़ों की संख्या से नहीं आंकी जा सकती, बल्कि यह वहां के तापमान, जैव विविधता, भूजल स्तर, वायु गुणवत्ता और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी प्रभावित करती है। ऐसे में दूरस्थ क्षेत्रों में पौधे लगाने से सिंगरौली को होने वाले नुकसान की भरपाई संभव नहीं है। उल्लेखनीय है कि सिंगरौली देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचान रखता है, जहाँ कोयला खदानों, ताप विद्युत परियोजनाओं और भारी उद्योगों का व्यापक विस्तार हुआ है। विकास और औद्योगिकीकरण ने आर्थिक महत्व तो दिया है, लेकिन प्रदूषण, वन क्षरण और पर्यावरणीय असंतुलन के प्रश्न भी लगातार उठते रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि सिंगरौली में काटे जा रहे पेड़ों के बदले स्थानीय स्तर पर व्यापक पौधारोपण कराया जाए, पौधारोपण की निगरानी और जीवित रहने की दर सार्वजनिक की जाए, पर्यावरणीय प्रभावों का स्वतंत्र मूल्यांकन हो और स्थानीय समुदायों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाए। जन उड़ान पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का भी मानना है कि विकास परियोजनाओं में प्रतिपूरक पौधारोपण आवश्यक है, लेकिन मुख्य चुनौती लगाए गए पौधों के जीवित रहने और क्षेत्र की पारिस्थितिकी की भरपाई कर पाने में है, क्योंकि कई बार कागजों में दावे होते हैं, पर वर्षों बाद अस्तित्व नहीं मिलता। “बीरबल खिचड़ी कार्यक्रम” केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि सिंगरौली के भविष्य को लेकर उठाया गया एक गंभीर प्रश्न था कि क्या ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक विकास की कीमत स्थानीय पर्यावरण को चुकानी पड़ेगी, या फिर विकास और प्रकृति के बीच कोई संतुलित रास्ता निकाला जाएगा। आने वाले दिनों में प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया इस बहस की दिशा तय करेगी।1
- सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र में अवैध कबाड़ के कारोबार और चोरी की लगातार बढ़ती वारदातों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों में इन घटनाओं को लेकर गहरा आक्रोश है, क्योंकि दुकानों में सेंधमारी और घरों से सामान गायब होने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, फिर भी अब तक किसी बड़े मामले का खुलासा नहीं हो सका है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि क्षेत्र की सक्रिय कबाड़ दुकानों में चोरी का सामान खुलेआम देखा जा रहा है। इनमें घरों से चोरी हुई सामग्री, छात्रों की साइकिलें, एल्यूमिनियम के तार और अन्य घरेलू सामान शामिल हैं। इससे यह आशंका और पुख्ता हो गई है कि चोरी का यह सामान किसी संगठित नेटवर्क के ज़रिए कबाड़ बाज़ार तक पहुँच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित जांच और सख्त निगरानी होती, तो ऐसा संदिग्ध कारोबार खुलेआम संचालित नहीं हो पाता। चौक-चौराहों पर यह चर्चा भी तेज़ है कि चोरी की बढ़ती घटनाओं के पीछे किसी न किसी स्तर पर संरक्षण की भूमिका हो सकती है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ये घटनाएँ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। क्षेत्र में कुछ समय पूर्व हुई एक पत्रकार की मोटरसाइकिल चोरी का मामला अब तक अनसुलझा है, वहीं दो सुनार की दुकान में हुई लाखों के गहनों की चोरी का भी कोई ठोस खुलासा सामने नहीं आया है। लोगों का कहना है कि रात्रि गश्त और सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। फिलहाल, पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन, बढ़ते आरोपों ने पूरे क्षेत्र में प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है, जिससे यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या बरगवां में सक्रिय इस कथित कबाड़-चोरी नेटवर्क पर कभी सख्त कार्रवाई होगी या ये घटनाएँ यूँ ही सवालों के घेरे में दबी रह जाएंगी।1
- सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र स्थित ग्राम कुर्सा में शुक्रवार को बिजली का करंट लगने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान कुर्सा निवासी अखिलेश साहू, पिता प्रेमलाल साहू के रूप में हुई है। इस हृदय विदारक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। जानकारी के अनुसार, अखिलेश साहू किसी कार्य के दौरान बिजली के संपर्क में आ गए, जिससे उन्हें जोरदार करंट लगा। परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, और युवक की असामयिक मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जहाँ परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मामले के कारणों की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बिजली सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अखिलेश साहू के निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय पाठक, जनपद अध्यक्ष देवसर प्रणव पाठक, मंडल अध्यक्ष नौढ़िया रमेश द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष जियावन रमापति साहू और महामंत्री जियावन ठाकुर प्रसाद द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। जियावन पुलिस भी घटना स्थल पर मौजूद थी।1
- सिंगरौली जिले के देवसर बाजार में आज सुबह हुई आगजनी की दुखद घटना से पूरा क्षेत्र चिंतित है। इस कठिन समय में, देवसर बाजार में पानी की आपूर्ति का कार्य करने वाले सूरज वाटर किंग के संचालक रामबाबू प्रजापति ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।1
- सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील के मझौली गांव में अंश निर्धारण और पत्थरगड़ी के नाम पर कथित रिश्वत लेने का एक वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में आरोपों को सही पाए जाने पर संबंधित कानूनगो के निलंबन की संस्तुति की गई है। इसके साथ ही, इस मामले में संलिप्त लेखपाल को उसके कार्यक्षेत्र से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने यह साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।1
- जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के एनआईसी में जिला स्तरीय श्रम बंधु की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण, उपकर वसूली और विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में श्रमिक कल्याण, श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा तथा श्रमिक सुविधा केंद्रों की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने इस दौरान जोर देकर कहा कि श्रमिक समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए प्रत्येक पात्र श्रमिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को श्रमिकों से जुड़े सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। श्रम विभाग ने बैठक में बताया कि जिला स्तरीय श्रम बंधु का गठन श्रमिकों और सेवायोजकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, औद्योगिक संबंधों को मजबूत बनाने और श्रम कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन के उद्देश्य से किया गया है। यह मंच श्रमिकों एवं नियोजकों के बीच के विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 362 अधिष्ठानों के पंजीकरण के लक्ष्य के मुकाबले 302 का पंजीकरण किया गया है, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लक्ष्य आवंटित न होने के बावजूद अब तक 32 नए अधिष्ठानों का पंजीकरण हो चुका है। वर्तमान में जनपद में कुल 1 लाख 70 हजार 704 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं, जिन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उपकर वसूली के संदर्भ में, वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹21.71 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष ₹16.26 करोड़ से अधिक की राशि जमा कराई गई है, और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक ₹40.82 लाख का उपकर संग्रहण हुआ है। बैठक में असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम के तहत ई-श्रम पोर्टल पर अधिकाधिक पात्र श्रमिकों के पंजीकरण पर विशेष बल दिया गया और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र (लेबर अड्डा) योजना की समीक्षा करते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को भूमि चिन्हांकन और अन्य औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर इन केंद्रों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। इंटक के जिला अध्यक्ष श्री हरदेव नारायण तिवारी ने बैठक में दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने, ओवरटाइम भुगतान सुनिश्चित कराने और सीमेंट उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को नियमानुसार न्यूनतम वेतन दिलाने का मुद्दा उठाया, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अंत में, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और श्रमिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए, यह दोहराते हुए कि श्रमिकों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और योजनाओं का लाभ हर पात्र श्रमिक तक पहुँचेगा।4
- सिंगरौली जिले के चित्रंगी क्षेत्र स्थित लालिमती गाँव में एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई है। इस घटना को एक बड़ा हादसा बताया जा रहा है।1