बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री मोहम्मद जमा खान ने जहानाबाद दौरे पर विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद, विपक्ष अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं कर सका। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार ने शिक्षा, रोजगार और कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है। मंत्री मोहम्मद जमा खान जहानाबाद में सहयोग शिविरों का जायजा लेने और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। मीडिया से बातचीत में मंत्री जमा खान ने स्पष्ट किया कि विपक्ष ने अपने शासनकाल में केवल वादे किए और अल्पसंख्यकों के हित में कोई उल्लेखनीय पहल नहीं की। उन्होंने एनडीए सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में मदरसों के विकास, प्रत्येक जिले में आवासीय विद्यालयों की स्थापना, और अल्पसंख्यक समुदाय को ₹5 से ₹10 लाख तक के ऋण उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं का विशेष उल्लेख किया। मंत्री ने भाजपा और जदयू के बीच मदरसों की जांच को लेकर मतभेद की खबरों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया संवैधानिक और पारदर्शी तरीके से चल रही है, जिसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक मतभेद नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने का भी आरोप लगाया, यह कहते हुए कि विपक्ष बिहार के विकास और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय हंगामा कर सदन से बाहर निकल जाता है। मंत्री के अनुसार, विपक्ष कभी विकास की राजनीति नहीं करता और अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाने में लगातार असफल रहा है।
बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री मोहम्मद जमा खान ने जहानाबाद दौरे पर विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद, विपक्ष अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं कर सका। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार ने शिक्षा, रोजगार और कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है। मंत्री मोहम्मद जमा खान जहानाबाद में सहयोग शिविरों का जायजा लेने और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। मीडिया से बातचीत में मंत्री जमा खान ने स्पष्ट किया कि विपक्ष ने अपने शासनकाल में केवल वादे किए और अल्पसंख्यकों के हित में कोई उल्लेखनीय पहल नहीं की। उन्होंने एनडीए सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में मदरसों के विकास, प्रत्येक जिले में आवासीय विद्यालयों की स्थापना, और अल्पसंख्यक समुदाय को ₹5 से ₹10 लाख तक के ऋण उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं का विशेष उल्लेख किया। मंत्री ने भाजपा और जदयू के बीच मदरसों की जांच को लेकर मतभेद की खबरों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया संवैधानिक और पारदर्शी तरीके से चल रही है, जिसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक मतभेद नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने का भी आरोप लगाया, यह कहते हुए कि विपक्ष बिहार के विकास और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय हंगामा कर सदन से बाहर निकल जाता है। मंत्री के अनुसार, विपक्ष कभी विकास की राजनीति नहीं करता और अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाने में लगातार असफल रहा है।
- बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री मोहम्मद जमा खान ने जहानाबाद दौरे पर विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद, विपक्ष अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं कर सका। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार ने शिक्षा, रोजगार और कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है। मंत्री मोहम्मद जमा खान जहानाबाद में सहयोग शिविरों का जायजा लेने और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। मीडिया से बातचीत में मंत्री जमा खान ने स्पष्ट किया कि विपक्ष ने अपने शासनकाल में केवल वादे किए और अल्पसंख्यकों के हित में कोई उल्लेखनीय पहल नहीं की। उन्होंने एनडीए सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में मदरसों के विकास, प्रत्येक जिले में आवासीय विद्यालयों की स्थापना, और अल्पसंख्यक समुदाय को ₹5 से ₹10 लाख तक के ऋण उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं का विशेष उल्लेख किया। मंत्री ने भाजपा और जदयू के बीच मदरसों की जांच को लेकर मतभेद की खबरों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया संवैधानिक और पारदर्शी तरीके से चल रही है, जिसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक मतभेद नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने का भी आरोप लगाया, यह कहते हुए कि विपक्ष बिहार के विकास और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय हंगामा कर सदन से बाहर निकल जाता है। मंत्री के अनुसार, विपक्ष कभी विकास की राजनीति नहीं करता और अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाने में लगातार असफल रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गाजियाबाद की घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सूर्या प्रताप चौहान और असद से जुड़ी इस घटना का उल्लेख करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोस्ती की आड़ में की गई छुरेबाजी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी 'नालायक औलादों' को सबक सिखाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि समाज के सामने 'खर-दूषण' जैसी ताकतें खड़ी हों, तो उनका मुकाबला करने के लिए शस्त्र उठाना आवश्यक हो जाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार की संवेदनाएं हमेशा सामान्य और कानून का पालन करने वाले नागरिकों के साथ हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ' के सिद्धांत का जिक्र करते हुए कहा कि सभी वर्गों को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। योगी आदित्यनाथ ने अहिंसा और मानवता को समाज के आभूषण बताया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि जब समाज और व्यवस्था के समक्ष चुनौती खड़ी करने वाली ताकतें हों, तो उनसे निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाना भी अपरिहार्य है। उन्होंने सभी से कानून और व्यवस्था का सम्मान करने तथा किसी को भी नियमों से ऊपर न समझने का आग्रह किया, और दोहराया कि प्रदेश सरकार कानून का राज स्थापित करने व आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री का यह सख्त बयान गाजियाबाद में 28 मई की शाम को हुई एक घटना के संदर्भ में आया है, जहां 17 वर्षीय युवक सूर्या चौहान की चाकू से हमले के बाद मृत्यु हो गई थी। पुलिस के अनुसार, इस घटना के पीछे पुरानी दुश्मनी को मुख्य वजह माना जा रहा है। आरोप है कि सूर्या को उसके कुछ पुराने परिचितों ने फोन करके एक स्थान पर बुलाया था, जहाँ पहुँचते ही कई युवकों ने उसे घेर लिया और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सूर्या को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में असद, नवाब, फरहान, आतिफ और सारिक सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की अभी भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि असद का एनकाउंटर किया जा चुका है।1
- टेहटा पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ कई आपराधिक मामलों में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई की जानकारी एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने दी।1
- मसौढ़ी में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाया, जिसमें नियमों को तोड़ने वाले चालकों से करीब ₹70 हजार का जुर्माना वसूला गया। यह सघन वाहन जांच अभियान थानाध्यक्ष विवेक भारती के नेतृत्व में नगर के विभिन्न चौक-चौराहों पर चलाया गया था। इस दौरान मुख्य रूप से ट्रिपल लोडिंग, बिना हेलमेट बाइक चलाने और लहरिया कट मारकर स्टंटबाजी करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की गई। थानाध्यक्ष विवेक भारती ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से सड़क पर सुरक्षित रहने, हेलमेट पहनने और सभी यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की।1
- बिहार सरकार और जिला प्रशासन के निर्देश पर मंगलवार को मखदुमपुर प्रखंड की छरियारी, मंझोस और जमनगंज पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इन शिविरों में कुल 113 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 32 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। छरियारी पंचायत में 50 आवेदन मिले और 14 का तुरंत निष्पादन किया गया। मंझोस पंचायत में 29 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निष्पादन की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं, जमनगंज पंचायत में आए 34 आवेदनों में से 18 का समाधान कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिलेभर में ऐसे ही शिविर आयोजित करके लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है।1
- आज एक ग्राम पंचायत में यह देखने को मिला कि सभी लोग काम करते हुए भी लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, ये लोग मोबाइल फोन चलाने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं, जबकि वे अपने अन्य कार्य भी साथ-साथ कर रहे हैं।1
- बिहटा पुलिस ने दया दुबे गैंग के मुख्य सरगना दया दुबे और उसके तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला से ₹700000 की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान बिहटा थाना क्षेत्र के महुआर गांव निवासी विश्वनाथ दुबे के पुत्र दया दुबे, ओम सिंह उर्फ यथार्थ सिंह, अभिषेक कुमार उर्फ अभी और शिवम कुमार के रूप में हुई है।1
- जहानाबाद के राजद विधायक राहुल कुमार ने केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार पर बच्चों एवं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने देश में बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और युवाओं के सामने बढ़ती चुनौतियों को गंभीर मुद्दे बताया। विधायक के अनुसार, सरकार इन समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने में लगी हुई है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त की। राहुल कुमार ने आरोप लगाया कि 12वीं की सीबीएसई परीक्षा के परिणामों में कई अनियमितताएं देखने को मिली हैं, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में असंतोष व्याप्त है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के रद्द होने और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है, जिससे वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देने वाले छात्रों को बार-बार निराशा का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने यह भी कहा कि युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हालांकि, वर्तमान सरकार इन बुनियादी मुद्दों पर गंभीरता से काम करने के बजाय धार्मिक उन्माद फैलाने और समाज को विभाजित करने की राजनीति कर रही है, जिसके कारण देश के वास्तविक मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं। राहुल कुमार ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाबदेह बनना होगा, तभी देश का समुचित विकास संभव हो सकेगा।1