*भिंड में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल* दैनिक पुष्पांजलि टुडे *कहीं पेड़े में कीड़े तो कहीं समोसे में जोंक मिलने से मचा हड़कंप, खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रही उंगलियां* भिंड। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों ने जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सामग्री में मिलावट, खराब गुणवत्ता और कथित तौर पर दूषित खाद्य पदार्थ मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। हाल ही में कहीं पेड़े में कीड़े मिलने तो कहीं समोसे में जोंक मिलने की घटनाओं ने लोगों को चिंता में डाल दिया है।इन घटनाओं ने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा किया है कि आखिर खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां है? क्या खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों की नियमित जांच की जा रही है या फिर शिकायत सामने आने के बाद ही विभाग सक्रिय होता है खाने की चीजों में कीड़े और जोंक मिलने से लोगों में आक्रोश भिंड में सामने आई घटनाओं में खाद्य पदार्थों में आपत्तिजनक और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक चीजें मिलने के आरोप लगाए गए हैं। पेड़े में कीड़े और समोसे में जोंक मिलने की शिकायतें यदि सही पाई जाती हैं तो यह आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ बेहद गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।लोगों का कहना है कि बाजार से परिवार के लिए खाद्य सामग्री खरीदते समय उन्हें भरोसा रहता है कि दुकानों पर बिकने वाला सामान खाने योग्य और सुरक्षित होगा। लेकिन यदि तैयार खाद्य पदार्थों में ही कीड़े अथवा अन्य जीव पाए जाने लगें तो आम उपभोक्ता आखिर किस पर भरोसा करे खाद्य विभाग की भूमिका पर उठे सवाल लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद अब खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग द्वारा दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित एवं प्रभावी जांच नहीं होने के कारण कुछ दुकानदार बेखौफ होकर खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। लोगों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग का काम केवल शिकायत आने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोकना भी है। यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान से दूषित अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।किसी की जान जाने का इंतजार तो नहीं कर रहा विभाग सबसे गंभीर सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई और किसी दूषित खाद्य सामग्री के सेवन से किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ती है या कोई गंभीर हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?जनता का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों को सामान्य शिकायत मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा विषय है।कलेक्टर से जनहित में हस्तक्षेप की मांग स्थानीय लोगों ने भिंड कलेक्टर से मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की व्यापक जांच कराई जाए और संदिग्ध खाद्य सामग्री के सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच कराई जाए। इसके साथ ही खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण, बिना लाइसेंस या नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफनियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है जनता का सवाल साफ है जब खाद्य पदार्थों में लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं तो जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे भिंड की जनता चाहती है कि खाद्य सुरक्षा विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि बाजार में उतरकर खाद्य पदार्थों की वास्तविक स्थिति की जांच करे। लोगों की जिंदगी और स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में प्रशासन की सक्रियता बेहद जरूरी है।अब देखना यह होगा कि कलेक्टर भिंड इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं और खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच कराते हैं या नहीं।
*भिंड में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल* दैनिक पुष्पांजलि टुडे *कहीं पेड़े में कीड़े तो कहीं समोसे में जोंक मिलने से मचा हड़कंप, खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रही उंगलियां* भिंड। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों ने जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सामग्री में मिलावट, खराब गुणवत्ता और कथित तौर पर दूषित खाद्य पदार्थ मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। हाल ही में कहीं पेड़े में कीड़े मिलने तो कहीं समोसे में जोंक मिलने की घटनाओं ने लोगों को चिंता में डाल दिया है।इन घटनाओं ने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा किया है कि आखिर खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां है? क्या खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों की नियमित जांच की जा रही है या फिर शिकायत सामने आने के बाद ही विभाग सक्रिय होता है खाने की चीजों में कीड़े और जोंक मिलने से लोगों में आक्रोश भिंड में सामने आई घटनाओं में खाद्य पदार्थों में आपत्तिजनक और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक चीजें मिलने के आरोप लगाए गए हैं। पेड़े में कीड़े और समोसे में जोंक मिलने की शिकायतें यदि सही पाई जाती हैं तो यह आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ बेहद गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।लोगों का कहना है कि बाजार से परिवार के लिए खाद्य सामग्री खरीदते समय उन्हें भरोसा रहता है कि दुकानों पर बिकने वाला सामान खाने योग्य और सुरक्षित होगा। लेकिन यदि तैयार खाद्य पदार्थों में ही कीड़े अथवा अन्य जीव पाए जाने लगें तो आम उपभोक्ता आखिर किस पर भरोसा करे खाद्य विभाग की भूमिका पर उठे सवाल लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद अब खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग द्वारा दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित एवं प्रभावी जांच नहीं होने के कारण कुछ दुकानदार बेखौफ होकर खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। लोगों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग का काम केवल शिकायत आने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोकना भी है। यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान से दूषित अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।किसी की जान जाने का इंतजार तो नहीं कर रहा विभाग सबसे गंभीर सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई और किसी दूषित खाद्य सामग्री के सेवन से किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ती है या कोई गंभीर हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?जनता का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों को सामान्य शिकायत मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा विषय है।कलेक्टर से जनहित में हस्तक्षेप की मांग स्थानीय लोगों ने भिंड कलेक्टर से मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की व्यापक जांच कराई जाए और संदिग्ध खाद्य सामग्री के सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच कराई जाए। इसके साथ ही खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण, बिना लाइसेंस या नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफनियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है जनता का सवाल साफ है जब खाद्य पदार्थों में लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं तो जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे भिंड की जनता चाहती है कि खाद्य सुरक्षा विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि बाजार में उतरकर खाद्य पदार्थों की वास्तविक स्थिति की जांच करे। लोगों की जिंदगी और स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में प्रशासन की सक्रियता बेहद जरूरी है।अब देखना यह होगा कि कलेक्टर भिंड इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं और खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच कराते हैं या नहीं।
- जन्माष्टमी एवं बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाह जी के शहादत दिवस पर विशेष संदेश..1
- दतिया के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर मैं विधि विधान से अभिषेक किया गया जन्माष्टमी के अवसर पर गोविंद द्वारकाधीश मंदिर दतिया में भक्ति में माहौल बना1
- गार्डन संचालक अब खुद करेंगे अपने कचड़े का नष्टिकरण क्लिनिक के बहार से भी अब कचड़ा नहीं उठाएंगे सफाई कर्मी नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमति ज्योति सुनहेरे के निर्देशानुसार स्थानीय नगर पालिका निकाय के अंतर्गत आने वाले होटल एवं गार्डन मे शादियों के समय जो अपशिष्ट उत्पन्न होते हैँ चाहे बो गीला कचड़ा हो या सूखा कचड़ा सबका नष्टिकरण अब गार्डन एवं होटल संचालक खुद अपनी जिम्मेदारी पर अपने ही परिसर मे करेंगे ऐसा कचड़ा अगर नगर मे कही भी डला या बदबू मारते मिला तो उक्त के खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी आगे उन्होंने कहा की नगर मे संचालित क्लिनिक जिनके बहार सिरिंज बोतल दबाईयाँ डली होती हैँ उसके उठाने की जिम्मेदारी भी अब नगर पालिका की नहीं होंगी क्योंकि ऐसा कचड़ा उठाने से सफाई कर्मियों के वीमार होने का खतरा बना रहता हैँ जिसके कारण मुख्य नगर पालिका अधिकारी महोदया द्वारा सफाई कर्मियों के हित मे ये निर्णय लिए गए जिसके लिए आज नगर पालिका लहार की स्वछता टीम भूपेंद्र कुमार,अरविन्द गोहर, संजय द्वारा निकाय के गार्डन एवं होटल मे औचक निरीक्षण किया एवं एक जागरूकता अभियान के तहत उन्हें बताया की उनके परिसर से निकलने वाले गीले कचरे का नष्टीकरण अब उन्हे अपने ही परिसर मे करना है जागरूकता अभियान के तहत आज कर्मचारी अग्रसेन पैलेस,अग्रसेन होटल,पटेल मेरिज गार्डन,राधे रघुवीर पैलेस करने पहुंचे और वहाँ मौजूद कर्मचारियों को जागरूक किया आगे सभी होटल्स एवं मैरिज गार्डन्स की बारी है,अगर कहीं भी इधर उधर कचरा फेंकते हुए पाए गए या परिषर मे कचड़ा नस्ट नहीं किया गया तो संचालको के खिलाफ कठोर कार्यवाही के साथ चालानी कार्यवाही भी की जाएगी।1
- सिंधिया आनलाइन टीम की ओर से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं विज्ञापन1
- भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर यादव समाज ने निकाला भव्य चल समारोह भिण्ड। भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर शुक्रवार को यादव समाज की ओर से शहर में भव्य चल समारोह निकाला गया। चल समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। बैंड-बाजे और ढोल की धुन पर श्रद्धालु उत्साह के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।चल समारोह लहार चुंगी से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से निकाला गया। यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण की पालकी सहित विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं।जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने चल समारोह का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे मार्ग में धार्मिक माहौल बना रहा और जयकारों से शहर गूंजता रहा।1
- नेपाल में आई त्रासदी का सीसीटीवी फुटेज कितना भयानक दृश्य देखकर रूह कांप जाए नेपाल में आई त्रासदी का सीसीटीवी फुटेज कितना भयानक दृश्य देखकर रूह कांप जाए1
- गोहद विधानसभा के बिरखडी में समरसता, संकल्प अभियान मंडल स्तरीय कलश वंदन अभियान के तहत हुआ कलश पूजन संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650 वी जयंती के उपलक्ष्य मे आयोजित समरसता संकल्प अभियान मंडल स्तरीय कलश वंदन अभियान के तहत गुरुवार को लगभग 5 बजे गोहद विधानसभा के बिडखडी गांव में हनुमान जी मंदिर के पुजारी द्वारा कलश पूजन करके रथ को गोहद विधानसभा के आगे के लिए रवाना किया।1
- *भिंड में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल* दैनिक पुष्पांजलि टुडे *कहीं पेड़े में कीड़े तो कहीं समोसे में जोंक मिलने से मचा हड़कंप, खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रही उंगलियां* भिंड। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों ने जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सामग्री में मिलावट, खराब गुणवत्ता और कथित तौर पर दूषित खाद्य पदार्थ मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। हाल ही में कहीं पेड़े में कीड़े मिलने तो कहीं समोसे में जोंक मिलने की घटनाओं ने लोगों को चिंता में डाल दिया है।इन घटनाओं ने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा किया है कि आखिर खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां है? क्या खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों की नियमित जांच की जा रही है या फिर शिकायत सामने आने के बाद ही विभाग सक्रिय होता है खाने की चीजों में कीड़े और जोंक मिलने से लोगों में आक्रोश भिंड में सामने आई घटनाओं में खाद्य पदार्थों में आपत्तिजनक और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक चीजें मिलने के आरोप लगाए गए हैं। पेड़े में कीड़े और समोसे में जोंक मिलने की शिकायतें यदि सही पाई जाती हैं तो यह आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ बेहद गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।लोगों का कहना है कि बाजार से परिवार के लिए खाद्य सामग्री खरीदते समय उन्हें भरोसा रहता है कि दुकानों पर बिकने वाला सामान खाने योग्य और सुरक्षित होगा। लेकिन यदि तैयार खाद्य पदार्थों में ही कीड़े अथवा अन्य जीव पाए जाने लगें तो आम उपभोक्ता आखिर किस पर भरोसा करे खाद्य विभाग की भूमिका पर उठे सवाल लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद अब खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग द्वारा दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित एवं प्रभावी जांच नहीं होने के कारण कुछ दुकानदार बेखौफ होकर खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। लोगों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग का काम केवल शिकायत आने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोकना भी है। यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान से दूषित अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।किसी की जान जाने का इंतजार तो नहीं कर रहा विभाग सबसे गंभीर सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई और किसी दूषित खाद्य सामग्री के सेवन से किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ती है या कोई गंभीर हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?जनता का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों को सामान्य शिकायत मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा विषय है।कलेक्टर से जनहित में हस्तक्षेप की मांग स्थानीय लोगों ने भिंड कलेक्टर से मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की व्यापक जांच कराई जाए और संदिग्ध खाद्य सामग्री के सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच कराई जाए। इसके साथ ही खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण, बिना लाइसेंस या नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफनियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है जनता का सवाल साफ है जब खाद्य पदार्थों में लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं तो जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे भिंड की जनता चाहती है कि खाद्य सुरक्षा विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि बाजार में उतरकर खाद्य पदार्थों की वास्तविक स्थिति की जांच करे। लोगों की जिंदगी और स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में प्रशासन की सक्रियता बेहद जरूरी है।अब देखना यह होगा कि कलेक्टर भिंड इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं और खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच कराते हैं या नहीं।1