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कलेक्टर ने सिर्फ जनसुनवाई में आवेदन सुनकर खानापूर्ति नहीं की, बल्कि खुद आवेदक के गांव जाकर उसकी समस्या का मौके पर ही निराकरण किया कलेक्टर ने सिर्फ जनसुनवाई में आवेदन सुनकर खानापूर्ति नहीं की, बल्कि खुद आवेदक के गांव जाकर उसकी समस्या का मौके पर ही निराकरण किया।

2 hrs ago
user_पत्रकार शुभम तिवारी
पत्रकार शुभम तिवारी
हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

कलेक्टर ने सिर्फ जनसुनवाई में आवेदन सुनकर खानापूर्ति नहीं की, बल्कि खुद आवेदक के गांव जाकर उसकी समस्या का मौके पर ही निराकरण किया कलेक्टर ने सिर्फ जनसुनवाई में आवेदन सुनकर खानापूर्ति नहीं की, बल्कि खुद आवेदक के गांव जाकर उसकी समस्या का मौके पर ही निराकरण किया।

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  • Rewa : रीवा की निचली अदालत को 30 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाने के निर्देश दिए हैं। 🎙️ MP NEWS UPDATE FAST | रीवा से बड़ी खबर रीवा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 21 साल पुराने एक आपराधिक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए रीवा की निचली अदालत को 30 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक मामलों का लंबित रहना न्याय व्यवस्था के उद्देश्य के विपरीत है। इसलिए संबंधित अदालत समयसीमा का पालन करते हुए मामले का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करे। इस आदेश को न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने और वर्षों से लंबित मामलों के समयबद्ध निपटारे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। महत्वपूर्ण सूचना: यह खबर उपलब्ध न्यायालयीय आदेश की जानकारी पर आधारित है। मामले के अंतिम निष्कर्ष का निर्धारण न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही होगा।
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    Rewa : रीवा की निचली अदालत को 30 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाने के निर्देश दिए हैं।
🎙️ MP NEWS UPDATE FAST | रीवा से बड़ी खबर
रीवा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 21 साल पुराने एक आपराधिक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए रीवा की निचली अदालत को 30 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक मामलों का लंबित रहना न्याय व्यवस्था के उद्देश्य के विपरीत है। इसलिए संबंधित अदालत समयसीमा का पालन करते हुए मामले का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करे।
इस आदेश को न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने और वर्षों से लंबित मामलों के समयबद्ध निपटारे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
महत्वपूर्ण सूचना: यह खबर उपलब्ध न्यायालयीय आदेश की जानकारी पर आधारित है। मामले के अंतिम निष्कर्ष का निर्धारण न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही होगा।
    user_PAVAN KUMAR YADAV
    PAVAN KUMAR YADAV
    Mechanic हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कलेक्टर ने सिर्फ जनसुनवाई में आवेदन सुनकर खानापूर्ति नहीं की, बल्कि खुद आवेदक के गांव जाकर उसकी समस्या का मौके पर ही निराकरण किया कलेक्टर ने सिर्फ जनसुनवाई में आवेदन सुनकर खानापूर्ति नहीं की, बल्कि खुद आवेदक के गांव जाकर उसकी समस्या का मौके पर ही निराकरण किया।
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    कलेक्टर ने सिर्फ जनसुनवाई में आवेदन सुनकर खानापूर्ति नहीं की, बल्कि खुद आवेदक के गांव जाकर उसकी समस्या का मौके पर ही निराकरण किया
कलेक्टर ने सिर्फ जनसुनवाई में आवेदन सुनकर खानापूर्ति नहीं की, बल्कि खुद आवेदक के गांव जाकर उसकी समस्या का मौके पर ही निराकरण किया।
    user_पत्रकार शुभम तिवारी
    पत्रकार शुभम तिवारी
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • 250 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, अवैध कब्जों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई 250 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, अवैध कब्जों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई रीवा में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अनाथालय से लगी करीब 250 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर दो मैरिज गार्डन का निर्माण कर लिया गया था। सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजस्व विभाग, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम मौके पर कार्रवाई में जुटी हुई है। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी मौजूदगी रही। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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    250 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, अवैध कब्जों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
250 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, अवैध कब्जों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
रीवा में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अनाथालय से लगी करीब 250 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बुलडोजर चलाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इस सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर दो मैरिज गार्डन का निर्माण कर लिया गया था। सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजस्व विभाग, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम मौके पर कार्रवाई में जुटी हुई है।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी मौजूदगी रही। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
    user_Journalist Rekha
    Journalist Rekha
    Media house हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by Abhishek Pandey
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    Post by Abhishek Pandey
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    10 hrs ago
  • #ब्रेकिंग_न्यूज़ रीवा एसपीरीवा में बीच शहर भरे बाजार चाकू से गोद कर कांग्रेस नेता की हत्या #news रीवा एसपीरीवा में बीच शहर भरे बाजार चाकू से गोद कर कांग्रेस नेता की हत्या
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    #ब्रेकिंग_न्यूज़ रीवा एसपीरीवा में बीच शहर भरे बाजार चाकू से गोद कर कांग्रेस नेता की हत्या #news
रीवा एसपीरीवा में बीच शहर भरे बाजार चाकू से गोद कर कांग्रेस नेता की हत्या
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • *🚨💥 कलेक्टर मैडम, इनकी पुकार सुन लीजिए… सांसद के पत्र और बार-बार की शिकायतों के बाद भी नहीं हटा पोस्टमार्टम गृह!* *🚨💥 कलेक्टर मैडम, इनकी पुकार सुन लीजिए… सांसद के पत्र और बार-बार की शिकायतों के बाद भी नहीं हटा पोस्टमार्टम गृह!* *⚠️📍 मंदिर, आंगनबाड़ी और स्कूलों के बीच पोस्टमार्टम गृह से परेशान वार्डवासी, 7 दिन में समाधान नहीं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी* मैहर✍️अमरपाटन नगर परिषद अमरपाटन के वार्ड क्रमांक-05 स्थित अनुसूचित जाति मलीन बस्ती के बीच संचालित पोस्टमार्टम गृह को हटाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ गई है। पूर्व पार्षद धर्मेंद्र बंसल के नेतृत्व में स्थानीय वार्डवासियों ने कलेक्टर मैहर के नाम एसडीएम दिव्या पटेल को ज्ञापन सौंपते हुए पोस्टमार्टम गृह को नवीन अस्पताल परिसर में स्थानांतरित करने और वर्तमान स्थल पर कराए जा रहे नए निर्माण कार्य को तत्काल बंद कराने की मांग की है।वार्डवासियों का कहना है कि यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि वर्षों से उठाई जा रही स्थानीय लोगों की गंभीर समस्या है। रहवासियों के अनुसार, पोस्टमार्टम गृह को हटाने के लिए पहले भी 09 जुलाई 2024, 19 अगस्त 2025 और 18 नवंबर 2025 को जनसुनवाई के माध्यम से आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इस मामले में सतना सांसद गणेश सिंह द्वारा भी पत्राचार किया गया, जिला चिकित्सा अधिकारी ने भी पत्र लिखकर निर्देश दिए, तब भी वार्डवासियों की मांग पर प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाया गया? स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार आवेदन, जनसुनवाई और जनप्रतिनिधियों के पत्रों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।वार्डवासियों ने बताया कि वर्तमान पोस्टमार्टम गृह के आसपास मंदिर, आंगनबाड़ी केंद्र और दो विद्यालय संचालित हैं। यहां छोटे बच्चों और स्थानीय लोगों का प्रतिदिन आना-जाना लगा रहता है। पोस्टमार्टम की गतिविधियों के कारण आसपास भय और असहजता का माहौल बना रहता है, जिसका असर बच्चों और रहवासियों पर पड़ रहा है।स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पुराने पोस्टमार्टम गृह के बगल में नया निर्माण कार्य कराया जा रहा है। वार्डवासियों का कहना है कि जब वे लंबे समय से पोस्टमार्टम गृह को आबादी क्षेत्र से हटाने की मांग कर रहे हैं, तब उसी स्थान पर नया निर्माण कराना उनकी समस्याओं को और बढ़ाने जैसा है।वार्डवासियों ने मांग की है कि पोस्टमार्टम गृह को आबादी और शैक्षणिक संस्थानों के बीच से हटाकर नवीन अस्पताल परिसर में स्थापित किया जाए, ताकि बच्चों, महिलाओं और स्थानीय रहवासियों को भय एवं असहजता के माहौल से राहत मिल सके।ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो समस्त वार्डवासी और नगर के लोग विशाल धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। वार्डवासियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व पार्षद धर्मेंद्र बंसल, रामचंद्र साकेत, बनारसी बंसल, बाल सिंह, बाघ सिंह, अमर सिंह, इंद्रजीत साकेत, अंकित, राकेश साकेत, अनवर सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे। 📢 अब वार्डवासियों की निगाहें कलेक्टर मैहर पर टिकी हैं—क्या वर्षों से लंबित इस मांग पर होगी कार्रवाई या फिर आंदोलन के बाद ही सुनी जाएगी बस्ती की आवाज?
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    *🚨💥 कलेक्टर मैडम, इनकी पुकार सुन लीजिए… सांसद के पत्र और बार-बार की शिकायतों के बाद भी नहीं हटा पोस्टमार्टम गृह!*

*🚨💥 कलेक्टर मैडम, इनकी पुकार सुन लीजिए… सांसद के पत्र और बार-बार की शिकायतों के बाद भी नहीं हटा पोस्टमार्टम गृह!*
*⚠️📍 मंदिर, आंगनबाड़ी और स्कूलों के बीच पोस्टमार्टम गृह से परेशान वार्डवासी, 7 दिन में समाधान नहीं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी*
मैहर✍️अमरपाटन नगर परिषद अमरपाटन के वार्ड क्रमांक-05 स्थित अनुसूचित जाति मलीन बस्ती के बीच संचालित पोस्टमार्टम गृह को हटाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ गई है। पूर्व पार्षद धर्मेंद्र बंसल के नेतृत्व में स्थानीय वार्डवासियों ने कलेक्टर मैहर के नाम एसडीएम दिव्या पटेल को ज्ञापन सौंपते हुए पोस्टमार्टम गृह को नवीन अस्पताल परिसर में स्थानांतरित करने और वर्तमान स्थल पर कराए जा रहे नए निर्माण कार्य को तत्काल बंद कराने की मांग की है।वार्डवासियों का कहना है कि यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि वर्षों से उठाई जा रही स्थानीय लोगों की गंभीर समस्या है। रहवासियों के अनुसार, पोस्टमार्टम गृह को हटाने के लिए पहले भी 09 जुलाई 2024, 19 अगस्त 2025 और 18 नवंबर 2025 को जनसुनवाई के माध्यम से आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इस मामले में सतना सांसद गणेश सिंह द्वारा भी पत्राचार किया गया, जिला चिकित्सा अधिकारी ने भी पत्र लिखकर निर्देश दिए, तब भी वार्डवासियों की मांग पर प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाया गया? स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार आवेदन, जनसुनवाई और जनप्रतिनिधियों के पत्रों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।वार्डवासियों ने बताया कि वर्तमान पोस्टमार्टम गृह के आसपास मंदिर, आंगनबाड़ी केंद्र और दो विद्यालय संचालित हैं। यहां छोटे बच्चों और स्थानीय लोगों का प्रतिदिन आना-जाना लगा रहता है। पोस्टमार्टम की गतिविधियों के कारण आसपास भय और असहजता का माहौल बना रहता है, जिसका असर बच्चों और रहवासियों पर पड़ रहा है।स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पुराने पोस्टमार्टम गृह के बगल में नया निर्माण कार्य कराया जा रहा है। वार्डवासियों का कहना है कि जब वे लंबे समय से पोस्टमार्टम गृह को आबादी क्षेत्र से हटाने की मांग कर रहे हैं, तब उसी स्थान पर नया निर्माण कराना उनकी समस्याओं को और बढ़ाने जैसा है।वार्डवासियों ने मांग की है कि पोस्टमार्टम गृह को आबादी और शैक्षणिक संस्थानों के बीच से हटाकर नवीन अस्पताल परिसर में स्थापित किया जाए, ताकि बच्चों, महिलाओं और स्थानीय रहवासियों को भय एवं असहजता के माहौल से राहत मिल सके।ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो समस्त वार्डवासी और नगर के लोग विशाल धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। वार्डवासियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व पार्षद धर्मेंद्र बंसल, रामचंद्र साकेत, बनारसी बंसल, बाल सिंह, बाघ सिंह, अमर सिंह, इंद्रजीत साकेत, अंकित, राकेश साकेत, अनवर सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।
📢 अब वार्डवासियों की निगाहें कलेक्टर मैहर पर टिकी हैं—क्या वर्षों से लंबित इस मांग पर होगी कार्रवाई या फिर आंदोलन के बाद ही सुनी जाएगी बस्ती की आवाज?
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • भोपाल किसान आंदोलन: प्रदर्शनकारियों के सामने ढाल बनकर खड़ी हुईं एडिशनल कमिश्नर मोनिका शुक्ला* *भोपाल किसान आंदोलन: प्रदर्शनकारियों के सामने ढाल बनकर खड़ी हुईं एडिशनल कमिश्नर मोनिका शुक्ला* भोपाल में किसान आंदोलन के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब प्रदर्शनकारी पुलिस की बस को हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। इसी बीच एडिशनल कमिश्नर मोनिका शुक्ला स्वयं आगे बढ़ीं और बस के सामने ढाल बनकर खड़ी हो गईं। उनके इस साहसिक कदम के बाद प्रदर्शनकारी बस को छोड़कर पीछे हट गए। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया और किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया।
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    भोपाल किसान आंदोलन: प्रदर्शनकारियों के सामने ढाल बनकर खड़ी हुईं एडिशनल कमिश्नर मोनिका शुक्ला*
*भोपाल किसान आंदोलन: प्रदर्शनकारियों के सामने ढाल बनकर खड़ी हुईं एडिशनल कमिश्नर मोनिका शुक्ला*
भोपाल में किसान आंदोलन के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब प्रदर्शनकारी पुलिस की बस को हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। इसी बीच एडिशनल कमिश्नर मोनिका शुक्ला स्वयं आगे बढ़ीं और बस के सामने ढाल बनकर खड़ी हो गईं। उनके इस साहसिक कदम के बाद प्रदर्शनकारी बस को छोड़कर पीछे हट गए। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया और किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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