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बाथरूम में भी बंदूक 🧐🧐🧐
🚨👑MR. SINGH
बाथरूम में भी बंदूक 🧐🧐🧐
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- चम्पावत:*जिलाधिकारी ने यातायात पुलिस के जवान हेम माहरा को उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए किया सम्मानित*1
- अमेरिका ईरान युद्ध के दौरान उत्तराखंड के हल्द्वानी में भी दो महिला ब्लॉगरों का युद्ध हुआ शुरू। हल्द्वानी की महिला ब्लॉगर ज्योति अधिकारी और सुनीता भट्ट के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि सड़को पर ही लड़ने लगी। पुलिस ने संभाला मोर्चा। हालांकि अभी दोनों पक्षों की जांच का विषय है कि कौन किसे अपनी विडियो में ट्रोल कर रहा।1
- एक क्षुद्रग्रह गिरने से यूरोपीय देशों में दहशत फैल गई। इस घटना में एक मकान की छत में फुटबॉल के बराबर बड़ा होल हो गयो। कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। यह घटना तीन दिन पहले की है। शाम को एक जलता हुआ क्षुद्रग्रह असमान से पृथ्वी की ओर आता हुआ दिखाई दिया। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, वह असमान में ही फट गया और कई टुकड़ों में बंट गया। जिसमे से एक टुकड़ा जलता हुआ जर्मनी में एक घर की छत फाड़कर अंदर जा घुसा। इसके अलावा कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पश्चिमी यूरोपमें जर्मनी के अलावा फ्रांस, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड में भी असमान से आते क्षुद्रग्रह को देखा गया। यूरोपियन स्पेस एजेंसी (इएसए) ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। इस घटना की दर्जनों वीडियो यूरोपीय सोसल मीडिया में छाई हुई है। साथ ही हजारों लोगों ने इस घटना को देखा।2
- mahtos mod ki road hai jo Bilaspur se judati hai Sarkar is road per bilkul Dhyan nahin de rahi hai public ko itni dikkat a rahi hai ki gaddhon se nikalna bhi mushkil ho raha hai1
- जनपद पीलीभीत1
- kya न्यूज़ दोबारा शुरू की जाए दोस्तों? बताओ1
- चंपावत:दीनदयाल जन आजीविका योजना-शहरी के उपघटक सामुदायिक आधारित संस्थागत विकास उपयोजना1
- जब दो ब्लाॅगर आपस में एक दुसरे की विडियो बनाने पर भिड़ गयी। वहां पर मौजूद हर कोई यह नजारा देखने में व्यस्त। पुलिस प्रशासन को उचित दडंतात्मक कार्यवाही करनी चाहिए ताकि भविष्य में और ब्लाॅगर को सबक मिल सके1
- देश भर में भावनाओं को झकझोर देने वाले हरीश राणा के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने एतिहासिक फैसला सुनाया। पिछले 13 वर्षों से बिस्तर पर पड़े हरीश केवल मशीनों की सहारे से जिंदा हैं और उनके पिता अशोक राणा इन 13 साल में हर दिन अपने बेटे के ठीक होने की राह देखते रहे। पिता के इस अपार संघर्षपूर्ण इंतजार और हरीश के ठीक ना होने के डॉक्टरों के सलाह के बाद सर्वोच्च न्यायलय ने हरीश को पैसिव इच्छामृत्यु की इजाजत दे दी। बता दें कि गाजियाबाद के रहने वाले हरिश राणा 2013 में पंजाब विश्वविद्यालयके छात्र थे। उस समय वे अपने पीजी में रह रहे थे। एक दिन वे चौथी मंजिल से गिर गए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। इसके बाद वे कोमा में चले गए और पिछले 13 साल से बेहोशी की हालत में हैं। डॉक्टरों के मुताबिक उनके ठीक होने की लगभग कोई संभावना नहीं है। वे केवल कृत्रिम तरीके से दिए जा रहे पोषण के सहारे जीवित हैं।1