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*महुआडांड़ के मेराम आंगनबाड़ी में बच्चे नदारद, किचन में कीचड़, खेल सामग्री व सोलर गायब* रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड के मेराम में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की सोमवार को बदहाल स्थिति देखने को मिली। केंद्र पर बच्चे नदारद थे, जबकि किचन में कीचड़ जमा पाया गया। बच्चों के खेलने के सामान भी गायब मिले। वहीं सेंटर पर लगे सेंटेक्स टैंक के ऊपर लगाया गया सोलर भी गायब था।इस संबंध में पूछे जाने पर सेविका स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं। मामले पर महिला पर्यवेक्षिका गोमती कुमारी ने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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*महुआडांड़ के मेराम आंगनबाड़ी में बच्चे नदारद, किचन में कीचड़, खेल सामग्री व सोलर गायब* रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड के मेराम में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की सोमवार को बदहाल स्थिति देखने को मिली। केंद्र पर बच्चे नदारद थे, जबकि किचन में कीचड़ जमा पाया गया। बच्चों के खेलने के सामान भी गायब मिले। वहीं सेंटर पर लगे सेंटेक्स टैंक के ऊपर लगाया गया सोलर भी गायब था।इस संबंध में पूछे जाने पर सेविका स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं। मामले पर महिला पर्यवेक्षिका गोमती कुमारी ने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड के मेराम में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की सोमवार को बदहाल स्थिति देखने को मिली। केंद्र पर बच्चे नदारद थे, जबकि किचन में कीचड़ जमा पाया गया। बच्चों के खेलने के सामान भी गायब मिले। वहीं सेंटर पर लगे सेंटेक्स टैंक के ऊपर लगाया गया सोलर भी गायब था।इस संबंध में पूछे जाने पर सेविका स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं। मामले पर महिला पर्यवेक्षिका गोमती कुमारी ने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।3
- महुआडांड़, जो कि एक अनुमंडल के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है, यहां अब तक बच्चों के लिए एक भी समुचित चिल्ड्रन पार्क का अभाव स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। क्षेत्र में रहने वाले अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के खेलने, शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सुरक्षित व समर्पित स्थान होना बेहद जरूरी है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। चिल्ड्रन पार्क की कमी का असर अब बच्चों की दिनचर्या पर भी साफ दिखने लगा है। अभिभावकों के अनुसार, खेलने के लिए सुरक्षित जगह नहीं होने के कारण बच्चे अधिकतर समय मोबाइल फोन में ही व्यस्त रहते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। स्थिति यह है कि बच्चे और उनके अभिभावक मजबूर होकर आवासीय विद्यालय महुआडांड़ के मैदान का रुख कर रहे हैं। वहीं, कसरत के लिए लगाए गए ओपन जिम उपकरणों का उपयोग भी बच्चे खेल के रूप में करने लगे हैं, जो कई बार उनके लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह व्यवस्था न तो बच्चों के अनुकूल है और न ही सुरक्षित। ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि महुआडांड़ में जल्द से जल्द एक आधुनिक चिल्ड्रन पार्क का निर्माण कराया जाए, जहां झूले, फिसलपट्टी, हरियाली और बैठने की समुचित व्यवस्था हो। उनका मानना है कि इससे न केवल बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।1
- पत्थर से कुचलकर अज्ञात पुरुष की हत्या, कुरुमगढ़ के सिविल गांव में मिला शव चैनपुर अंचल के कुरुमगढ़ थाना अंतर्गत सिविल गांव स्थित गोटू टोंगरी में रविवार को एक अज्ञात पुरुष का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव की स्थिति को देखकर प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। अज्ञात अपराधियों ने साक्ष्य छिपाने और पहचान मिटाने के उद्देश्य से मृतक का चेहरा पत्थर से बुरी तरह कुचल दिया है।घटना की सूचना मिलते ही कुरुमगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के गांवों में मृतक की पहचान स्थापित करने का प्रयास कर रही है। समाचार लिखे जाने तक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी।पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस हुलिए के आधार पर मृतक को पहचानता है, या किसी के परिवार का कोई सदस्य लापता है, तो उसकी सूचना तत्काल कुरुमगढ़ थाना को दें।गोटू टोंगरी जैसे सुनसान इलाके में इस तरह की नृशंस हत्या की घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भय और चिंता देखी जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- चैनपुर : वन विभाग की टीम ने कुरुमगड़ वन क्षेत्र के अंतर्गत कातिंग पंचायत के ब्रह्मपुर गाँव में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध साल की लकड़ियों से लदे एक ट्रैक्टर को जब्त किया है। तस्करों ने वन विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए कीमती लकड़ियों के ऊपर जलावन की लकड़ी बिछा रखी थी, लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर विभाग ने इसे धर दबोचा।जानकारी के अनुसार, वनपाल को गुप्त सूचना मिली थी कि ब्रह्मपुर क्षेत्र से साल के बेशकीमती बोटा को ट्रैक्टर में लादकर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वनपाल के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसमें क्यूआर टीम और वन विभाग के अन्य कर्मी शामिल थे।वन विभाग की टीम ने जब ब्रह्मपुर की ओर से आ रहे संदिग्ध ट्रैक्टर को रोका और तलाशी ली, तो दंग रह गए। ट्रैक्टर के डाले में नीचे साल के मोटे-मोटे बोटा लोड थे, जिन्हें छिपाने के लिए ऊपर से जलावन की सूखी लकड़ियों की एक परत बिछाई गई थी। पकड़े गए ट्रैक्टर पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर भी अंकित नहीं था, जो इसे अवैध कार्यों में इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि करता है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीम को देखते ही चालक अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। फिलहाल ट्रैक्टर और उस पर लदी लकड़ी को कब्जे में लेकर वन परिसर लाया गया है। विभाग अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है कि इस तस्करी के पीछे किन लोगों का हाथ है और यह लकड़ी कहाँ ले जाई जा रही थी।1
- Post by ANGAD YADAV3
- लातेहार: मनिका से लाली अपने घर जा रहे 23 वर्षीय नीतीश कुमार (पिता मनोज चौरसिया) सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार बाइक चलाने के दौरान उनका वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में गिर गया, जिससे उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से मनिका हॉस्पिटल ले जाया गया वहां से लातेहार सदर अस्पताल रेफर किया गया। लातेहार सदर अस्पताल में आते ही प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टर ने उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा था की यदि लातेहार सदर अस्पताल में पर्याप्त संसाधन और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होते, तो मरीज का इलाज यहीं संभव था। मरीज को एक एंबुलेंस से लाकर दूसरे एंबुलेंस से रांची भेजना व्यवस्था की कमी को दर्शाता है।1
- मनिका लातेहार:- मनिका प्रखंड क्षेत्र में शिंजो पंचायत के डिग्री कॉलेज के पास खाता संख्या 271, प्लॉट संख्या 1825 के सरकारी जमीन में अवैध कब्जा कर रात के अंधेरे में चारदीवारी निर्माण का आरोप लग रहा है|जबकि इस प्लॉट का बंदोबस्ती 1955 ई. में लालसहाय घासी के नाम पर हुआ जिसका वंशावली इस प्रकार है लालसहाय घासी > सोहर घासी > दसरथ घासी पत्नी रजोइया कुंवर अब रजोइया कुंवर 27/11/2004 को धनपतिया देवी पति अवधबिहारी ठाकुर को बेच देती है| पुनः इस जमीन को धनपतिया देवी पति अवधबिहारी ठाकुर 9/01/2007 को यशोदा देवीपति रामलोचन यादव को बेच देती है| जो वर्तमान में इस जमीन का केवलादार यशोदा देवी है| इस जमीन में बेवजह अन्य मामलों के आड़ में रमेश पासवान और ईश्वरी प्रसाद का घसीटा जा रहा है,जबकि इस जमीन का इन दोनों से दूर दूर तक कोई तार जुड़ता नहीं दिख रहा है| चारदीवारी निर्माण के पहले ही अंचलाधिकारी ने इस मामले की छानबीन कर के निर्माण कार्य को जारी रखने का आदेश दिया था जबकि कई जनप्रतिनिधि और कांग्रेस नेता जमीन को सरकारी होने का आरोप लगाते दिख रहे है तथा उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे है जबकि मामला इससे भिन्न है|2
- Post by AAM JANATA1