आजमगढ़: चक्रपानपुर PGI के नर्सेस आवास में चोरी, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ जहानागंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित चक्रपानपुर PGI (राजकीय मेडिकल कॉलेज) के नर्सेस आवास में अज्ञात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इस घटना के बाद परिसर में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना का विवरण मिली जानकारी के अनुसार, नर्सेस आवास के एक बंद कमरे को निशाना बनाकर चोरों ने कीमती सामान और नकदी पर हाथ साफ किया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) विवेक त्रिपाठी का आधिकारिक वक्तव्य - इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक यातायात, आजमगढ़ ने आधिकारिक बयान जारी किया है: "जहानागंज थाना क्षेत्र के चक्रपानपुर PGI परिसर में स्थित नर्सेस हॉस्टल में चोरी की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस टीम ने तत्काल मौके का मुआयना किया है। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है। हमने क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी हैं। जल्द ही घटना का अनावरण कर दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।" सुरक्षा पर उठे सवाल PGI जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के आवासीय परिसर में चोरी होने से वहां रह रहे स्वास्थ्य कर्मियों में भय का माहौल है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और गश्त बढ़ाई जाएगी।
आजमगढ़: चक्रपानपुर PGI के नर्सेस आवास में चोरी, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ जहानागंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित चक्रपानपुर PGI (राजकीय मेडिकल कॉलेज) के नर्सेस आवास में अज्ञात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इस घटना के बाद परिसर में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना का विवरण मिली जानकारी के अनुसार, नर्सेस आवास के एक बंद कमरे को निशाना बनाकर चोरों ने कीमती सामान और नकदी पर हाथ साफ किया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) विवेक त्रिपाठी का आधिकारिक वक्तव्य - इस मामले की संवेदनशीलता
को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक यातायात, आजमगढ़ ने आधिकारिक बयान जारी किया है: "जहानागंज थाना क्षेत्र के चक्रपानपुर PGI परिसर में स्थित नर्सेस हॉस्टल में चोरी की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस टीम ने तत्काल मौके का मुआयना किया है। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है। हमने क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी हैं। जल्द ही घटना का अनावरण कर दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।" सुरक्षा पर उठे सवाल PGI जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के आवासीय परिसर में चोरी होने से वहां रह रहे स्वास्थ्य कर्मियों में भय का माहौल है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और गश्त बढ़ाई जाएगी।
- आजमगढ़। यूपीएसआई (UPSI) भर्ती परीक्षा के दौरान आजमगढ़ पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। पुलिस की सक्रियता के कारण एक महिला अभ्यर्थी का भविष्य खराब होने से बच गया, जो गलत केंद्र पर पहुँचने के कारण काफी परेशान थी। असमंजस में थी अभ्यर्थी रविवार को आयोजित परीक्षा की द्वितीय पाली में एक महिला अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए निकली थी। केंद्र के नाम में समानता होने के कारण वह असमंजस का शिकार हो गई। उसे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (GGIC) जमुड़ी, सठियांव पहुँचना था, लेकिन वह गलती से GGIC रैदोपुर पहुँच गई। जब उसे अपनी गलती का अहसास हुआ, तब तक परीक्षा शुरू होने में बहुत कम समय बचा था। पीआरबी 5385 बनी मददगार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान रैदोपुर केंद्र पर ड्यूटी में तैनात पीआरबी 5385 के हेड कांस्टेबल राज किशोर सिंह की नजर परेशान अभ्यर्थी पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए हेड कांस्टेबल ने बिना समय गंवाए तत्काल निर्णय लिया। उन्होंने अभ्यर्थी को अपनी सरकारी गाड़ी (PRB) में बैठाया और रैदोपुर से लगभग 15-20 किलोमीटर दूर स्थित उसके सही निर्धारित केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज जमुड़ी (थाना मुबारकपुर) के लिए रवाना हुए। समय पर पहुँचीं, दी परीक्षा पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की बदौलत अभ्यर्थी समय रहते अपने सही केंद्र पर पहुँच गई और द्वितीय पाली की परीक्षा में शामिल हो सकी। अभ्यर्थी और उसके परिजनों ने आजमगढ़ पुलिस की इस मदद के लिए गहरा आभार व्यक्त किया है। अधिकारियों ने की सराहना इस नेक कार्य के लिए हेड कांस्टेबल राज किशोर सिंह और उनकी टीम की चौतरफा सराहना हो रही है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट के समय नागरिकों की मदद करना भी है। आजमगढ़ पुलिस की इस तत्परता ने एक बार फिर "मित्र पुलिस" की छवि को चरितार्थ किया है।1
- आजमगढ़। मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल की लोक अदालत में शनिवार को तीन अलग-अलग सड़क दुर्घटना मामलों में बड़ा फैसला सुनाया गया। अदालत ने सुलह-समझौते के आधार पर बीमा कंपनी को पीड़ित परिवारों को कुल 3 करोड़ 60 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। यह फैसला मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल के जज मुकेश कुमार सिंह ने सुनाया। पहला मामला पहले मामले में कटघर, लालगंज निवासी मनोज कुमार यादव 22 जून 2023 को रोडवेज की जनरथ बस से गोरखपुर से अपने घर लौट रहे थे। जब बस अनजान शहीद के पास छत्तरपुर गांव के पास पहुंची, तभी आजमगढ़ की तरफ से आ रही एक पिकअप ने सामने से टक्कर मार दी। इस हादसे में मनोज यादव की मौत हो गई। मृतक की पत्नी मीरा यादव, माता मौला देवी तथा तीन बच्चों ने मुआवजे के लिए एमएसीटी कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। टक्कर मारने वाली पिकअप श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमित थी। लोक अदालत के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर दोनों पक्षों में समझौता हुआ, जिसके बाद अदालत ने बीमा कंपनी को 1 करोड़ 10 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। दूसरा मामला दूसरे मामले में शहर के पटखौली निवासी गुंजन के पति राम आशीष की 26 अक्टूबर 2025 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में शामिल वाहन भी श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमित था। सुलह-समझौते के बाद अदालत ने बीमा कंपनी को पीड़िता गुंजन को 1 करोड़ 50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। तीसरा मामला तीसरा मामला मेहनगर थाना क्षेत्र का है, जहां 27 अक्टूबर 2024 को सड़क दुर्घटना में ऊंचा गांव निवासी सर्वेश चंद की मौत हो गई थी। इस मामले में भी टक्कर मारने वाला वाहन श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमित था। सुलह-समझौते के बाद अदालत ने मृतक के परिजनों को 1 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। इन मामलों में पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता नीरज कुमार राय ने विशेष प्रयास कर समझौता कराने में अहम भूमिका निभाई।1
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- मऊ रेलवे स्टेशन पर एक लड़के की मोबाइल और पैसे की हुई चोरी...! बलिया से वापस अपने घर देवरिया जा रहा था...! युवक के बयान के मुताबिक जब उसको अचानक से नींद आई तब तक उसके पास पास मोबाइल थी और उसके ये भी बताया कि मैं उस लड़के को अभी खोज रहा हूं इसीलिए पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराया। पूछने पर ये भी बताया कि मैं उसको पहचानता हूं इसीलिए खोज रहा हूं। #दलजीतसिंहन्यूज़रिपोर्टर #daljeetsinghjournalist #maupolice #maumahadev #VistaarNews #HumaraUP #मऊ #maunews #railwaystation #thief1
- आजमगढ़ l उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से कानून व्यवस्था और पुलिस के इकबाल को चुनौती देता हुआ एक मामला सामने आया है। यह मामला गंभीरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की सरकारी बोलेरो के सामने एक युवक द्वारा 'रंगदारी' वाले गानों पर रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्या है पूरा मामला? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक युवक, जिसकी पहचान सलमान के रूप में हुई है, पुलिस की सरकारी गाड़ी के ठीक सामने बेखौफ होकर डांस करता नजर आ रहा है। वीडियो में युवक ने अपनी शर्ट के ऊपर के तीन बटन खोल रखे हैं और बैकग्राउंड में "राइफल से खूंटा ठोकने" जैसे दबंगई वाले गाने बज रहे हैं। युवक ने न केवल यह वीडियो बनाया, बल्कि इसे शान से अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर भी कर दिया। पुलिस का पक्ष और स्पष्टीकरण वीडियो वायरल होने के बाद जब पुलिस प्रशासन की किरकिरी होने लगी, तो मामले की छानबीन शुरू की गई। गंभीरपुर थाना प्रभारी के अनुसार: यह वीडियो लगभग 5 दिन पुराना बताया जा रहा है। जिस समय यह वीडियो बनाया गया, पुलिस की गाड़ी मरम्मत (रिपेयरिंग) के लिए गैरेज में गई हुई थी। पुलिस का दावा है कि युवक ने गाड़ी खड़ी देखकर मौका पाकर यह रील शूट की है। कानून की पकड़ में 'रीलबहाज' वीडियो में दिख रही युवक की बेखौफी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जिस गाड़ी से अपराधियों में खौफ होना चाहिए, उसी के सामने युवक रंगदारी के गाने गा रहा है। फिलहाल, आजमगढ़ पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और युवक के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।1