अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस पर जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित छिंदवाड़ा। कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायण के मार्गदर्शन तथा डीन डॉ. अभय सिन्हा सर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अर्चना कैथवास मैम एवं सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे मैम के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. यू.सी. जैन मैम (सदस्य, DLC), डॉ. मनन गोगिया (प्रेसिडेंट, नर्सिंग होम), डॉ. अल्पना शुक्ला (प्रेसिडेंट, IMA), डॉ. सिरपुरकर मैम (HOD, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग) एवं डॉ. दीपि महाजन (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग, प्रशिक्षित CAC अधिकारी एवं कर्मचारी, पुलिस विभाग के अधिकारीगण, समस्त मैट्रन, नर्सिंग इंचार्ज एवं सभी नर्सिंग ऑफिसर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षित गर्भपात के महत्व, असुरक्षित गर्भपात से होने वाली जटिलताओं, गर्भपात से जुड़ी भ्रांतियों एवं कुप्रथाओं के संबंध में जानकारी दी गई। महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्था में पहुंचकर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में सुरक्षित गर्भपात सेवाएं प्राप्त करने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा जागरूकता आधारित रोल प्ले कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सुरक्षित गर्भपात विषय पर प्रस्तुत किया गया प्रभावशाली रोल प्ले रहा। रोल प्ले के माध्यम से असुरक्षित गर्भपात से होने वाली परेशानियों, सामाजिक भ्रांतियों एवं कुप्रथाओं तथा सुरक्षित गर्भपात के महत्व को सरल, रोचक एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। रोल प्ले में श्रीमती भावना मोहड़, सी.के. पटवा, ललिता, रजनी, प्रियंका, मंगला एवं अरिमा ने अपनी उत्कृष्ट कलाकारी एवं प्रभावशाली प्रस्तुति से उपस्थितजनों को जागरूक किया। उनकी प्रस्तुति को उपस्थितजनों द्वारा सराहा गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षित गर्भपात सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, असुरक्षित गर्भपात से होने वाली मातृ जटिलताओं को कम करना तथा महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम का आयोजन DPHNO श्रीमती वंदना परिहार द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम की एंकरिंग श्रीमती भावना मोहड़ राय द्वारा की गई।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस पर जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित छिंदवाड़ा। कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायण के मार्गदर्शन तथा डीन डॉ. अभय सिन्हा सर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अर्चना कैथवास मैम एवं सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे मैम के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. यू.सी. जैन मैम (सदस्य, DLC), डॉ. मनन गोगिया (प्रेसिडेंट, नर्सिंग होम), डॉ. अल्पना शुक्ला (प्रेसिडेंट, IMA), डॉ. सिरपुरकर मैम (HOD, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग) एवं डॉ. दीपि महाजन (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग, प्रशिक्षित CAC अधिकारी एवं कर्मचारी, पुलिस विभाग के अधिकारीगण, समस्त मैट्रन, नर्सिंग इंचार्ज एवं सभी नर्सिंग ऑफिसर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षित गर्भपात के महत्व, असुरक्षित गर्भपात से होने वाली जटिलताओं, गर्भपात से जुड़ी भ्रांतियों एवं कुप्रथाओं के संबंध में जानकारी दी गई। महिलाओं को
समय पर स्वास्थ्य संस्था में पहुंचकर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में सुरक्षित गर्भपात सेवाएं प्राप्त करने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा जागरूकता आधारित रोल प्ले कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सुरक्षित गर्भपात विषय पर प्रस्तुत किया गया प्रभावशाली रोल प्ले रहा। रोल प्ले के माध्यम से असुरक्षित गर्भपात से होने वाली परेशानियों, सामाजिक भ्रांतियों एवं कुप्रथाओं तथा सुरक्षित गर्भपात के महत्व को सरल, रोचक एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। रोल प्ले में श्रीमती भावना मोहड़, सी.के. पटवा, ललिता, रजनी, प्रियंका, मंगला एवं अरिमा ने अपनी उत्कृष्ट कलाकारी एवं प्रभावशाली प्रस्तुति से उपस्थितजनों को जागरूक किया। उनकी प्रस्तुति को उपस्थितजनों द्वारा सराहा गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षित गर्भपात सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, असुरक्षित गर्भपात से होने वाली मातृ जटिलताओं को कम करना तथा महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम का आयोजन DPHNO श्रीमती वंदना परिहार द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम की एंकरिंग श्रीमती भावना मोहड़ राय द्वारा की गई।
- सेवा, संस्कृति और समरसता का संगम: सिंगोड़ी में कलश यात्रा का भव्य स्वागत, बड़नगर से वाराणसी तक निकली है सेवा संकल्प यात्रा सिंगोड़ी:- सेवा, संस्कृति और सामाजिक समरसता के पुनीत उद्देश्य को लेकर गुजरात के बड़नगर से वाराणसी तक निकाली जा रही ऐतिहासिक सेवा संकल्प यात्रा के अंतर्गत कलश यात्रा का शनिवार को सिंगोड़ी बस स्टैंड पर भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया।यात्रा के सिंगोड़ी पहुंचते ही पूरा बस स्टैंड "भारत माता की जय" जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। ग्राम पंचायत सिंगोड़ी और भाजपा मंडल सिंगोड़ी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अतिशबाजी और फूल-मालाओं से यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जोरदार स्वागत किया। इस संबंध में जानकारी देते हुए सोनू सरस्वार ने बताया कि यह यात्रा गुजरात के बड़नगर से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक संचालित की जा रही है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा भावना,सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश घर-घर तक पहुंचाना है।इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष,सोनु सरसवार , जनपद प्रतिनिधि योगेश यादव, प्रसादी पटेल,सहित मंडल के सभी पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष, कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कलश यात्रा के स्वागत के बाद यात्रा अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गई। सेवा, संस्कृति और समरसता का संगम: सिंगोड़ी में कलश यात्रा का भव्य स्वागत, बड़नगर से वाराणसी तक निकली है सेवा संकल्प यात्रा सिंगोड़ी:- सेवा, संस्कृति और सामाजिक समरसता के पुनीत उद्देश्य को लेकर गुजरात के बड़नगर से वाराणसी तक निकाली जा रही ऐतिहासिक सेवा संकल्प यात्रा के अंतर्गत कलश यात्रा का शनिवार को सिंगोड़ी बस स्टैंड पर भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया।यात्रा के सिंगोड़ी पहुंचते ही पूरा बस स्टैंड "भारत माता की जय" जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। ग्राम पंचायत सिंगोड़ी और भाजपा मंडल सिंगोड़ी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अतिशबाजी और फूल-मालाओं से यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जोरदार स्वागत किया। इस संबंध में जानकारी देते हुए सोनू सरस्वार ने बताया कि यह यात्रा गुजरात के बड़नगर से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक संचालित की जा रही है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा भावना,सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश घर-घर तक पहुंचाना है।इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष,सोनु सरसवार , जनपद प्रतिनिधि योगेश यादव, प्रसादी पटेल,सहित मंडल के सभी पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष, कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कलश यात्रा के स्वागत के बाद यात्रा अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गई।1
- अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस पर जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित छिंदवाड़ा। कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायण के मार्गदर्शन तथा डीन डॉ. अभय सिन्हा सर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अर्चना कैथवास मैम एवं सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे मैम के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. यू.सी. जैन मैम (सदस्य, DLC), डॉ. मनन गोगिया (प्रेसिडेंट, नर्सिंग होम), डॉ. अल्पना शुक्ला (प्रेसिडेंट, IMA), डॉ. सिरपुरकर मैम (HOD, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग) एवं डॉ. दीपि महाजन (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग, प्रशिक्षित CAC अधिकारी एवं कर्मचारी, पुलिस विभाग के अधिकारीगण, समस्त मैट्रन, नर्सिंग इंचार्ज एवं सभी नर्सिंग ऑफिसर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षित गर्भपात के महत्व, असुरक्षित गर्भपात से होने वाली जटिलताओं, गर्भपात से जुड़ी भ्रांतियों एवं कुप्रथाओं के संबंध में जानकारी दी गई। महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्था में पहुंचकर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में सुरक्षित गर्भपात सेवाएं प्राप्त करने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा जागरूकता आधारित रोल प्ले कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सुरक्षित गर्भपात विषय पर प्रस्तुत किया गया प्रभावशाली रोल प्ले रहा। रोल प्ले के माध्यम से असुरक्षित गर्भपात से होने वाली परेशानियों, सामाजिक भ्रांतियों एवं कुप्रथाओं तथा सुरक्षित गर्भपात के महत्व को सरल, रोचक एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। रोल प्ले में श्रीमती भावना मोहड़, सी.के. पटवा, ललिता, रजनी, प्रियंका, मंगला एवं अरिमा ने अपनी उत्कृष्ट कलाकारी एवं प्रभावशाली प्रस्तुति से उपस्थितजनों को जागरूक किया। उनकी प्रस्तुति को उपस्थितजनों द्वारा सराहा गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षित गर्भपात सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, असुरक्षित गर्भपात से होने वाली मातृ जटिलताओं को कम करना तथा महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम का आयोजन DPHNO श्रीमती वंदना परिहार द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम की एंकरिंग श्रीमती भावना मोहड़ राय द्वारा की गई।2
- रोजगार के अभाव में पातालकोट से पलायन को मजबूर भारिया और आदिवासी समाज, दांव पर पारंपरिक अस्तित्व आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजाति 'भारिया' के लोग स्थानीय स्तर पर रोजगार न मिलने के कारण लगातार पलायन करने को मजबूर हैं। चिंताजनक: रोजगार के अभाव में पातालकोट से पलायन को मजबूर भारिया और आदिवासी समाज, दांव पर पारंपरिक अस्तित्व पातालकोट (छिंदवाड़ा)। अपनी अनूठी संस्कृति, जड़ी-बूटियों के खजाने और गहरी घाटियों के लिए दुनिया भर में मशहूर पातालकोट अंचल के मूल निवासी आज एक गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। अंचल के विभिन्न ढानों में रहने वाले आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजाति 'भारिया' के लोग स्थानीय स्तर पर रोजगार न मिलने के कारण लगातार पलायन करने को मजबूर हैं। हर साल बड़ी संख्या में यहाँ के परिवार अपनी जड़ों को छोड़कर रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों और बड़े शहरों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे पातालकोट की पारंपरिक संस्कृति और जनसांख्यिकी पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर काम का अभाव बनी मुख्य वजह पातालकोट के ग्रामीणों का कहना है कि कृषि और वनोपज (Forest Produce) पर निर्भरता अब उनके जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं रह गई है। मानसून के बाद अंचल में कृषि कार्य लगभग ठप हो जाता है। मनरेगा (MGNREGA) जैसी सरकारी योजनाओं के तहत भी नियमित और पर्याप्त काम न मिलने के कारण युवाओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार का पेट पालने के लिए उनके पास पलायन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। होम स्टे और पर्यटन जैसी पहलों से जगी उम्मीदें, लेकिन बड़े स्तर पर प्रयास जरूरी प्रशासन द्वारा हाल ही में शुरू की गई 'होम स्टे' (Home Stay) जैसी योजनाएं ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार पैदा करने की दिशा में एक अच्छी पहल मानी जा रही हैं। हालांकि, ग्रामीणों का मानना है कि इन पहलों का लाभ सीमित परिवारों तक ही पहुँच पाता है। पातालकोट से पलायन की इस बड़ी समस्या को पूरी तरह रोकने के लिए बड़े पैमाने पर स्थानीय कुटीर उद्योगों, जड़ी-बूटी प्रसंस्करण केंद्रों (Herb Processing Units) और साल भर चलने वाले रोजगार मूलक कार्यों की सख्त आवश्यकता है। संस्कृति और अस्तित्व पर संकट सामाजिक कार्यकर्ताओं और जानकारों का कहना है कि भारिया और आदिवासी समाज का इस तरह सामूहिक पलायन करना बेहद चिंताजनक है। यदि युवा पीढ़ी रोजगार के लिए लगातार बाहर जाती रही, तो पातालकोट की वह पारंपरिक जीवनशैली और अनूठा ज्ञान (विशेषकर पारंपरिक चिकित्सा और जड़ी-बूटी का ज्ञान) धीरे-धीरे लुप्त हो जाएगा, जिसके लिए यह क्षेत्र जाना जाता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस दिशा में तत्काल ठोस और दीर्घकालिक रोजगार नीतियां बनाने की जरूरत है, ताकि पातालकोट के बेटे-बेटियों को अपने ही घर में सम्मानजनक आजीविका मिल सके।4
- *आसरा की रसोई मे विक्षिप्त,असहाय लोगों को भोजन व्यवस्था कराई* आज दिनांक 28/09/2026 दिन सोमवार शाम की भोजन व्यवस्था जिला नरसिंहपुर से। *माननीय श्री जी ने अपना नाम गुप्त रखा है*(शासकीय प्रमुख) के सौजन्य से माननिय श्री जी ने हर माह की तरह इस माह भी आसरा की रसोई की माध्यम से भोजन व्यवस्था की संस्था माननीय श्री का आभार व्यक्त करती है।1
- लोकेशन खामखरेली/बंडोल नरेश उर्फ नीलू यादव सिवनी..!!(२७९२६) खामखरेली में भव्य सैला नृत्य प्रतियोगिता आयोजित सरगापुर की टीम ने शानदार प्रस्तुति देकर जीता प्रथम पुरस्कार खामखरेली/बंडोल_ बंडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खामखरेली में 27 सितंबर को मूलनिवासी पारंपरिक जनजागृति समिति के तत्वावधान में भव्य सैला नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की |प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न ग्रामों से करीब 40 से 45 सैला नृत्य टीमों ने सहभागिता की। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, लोकवाद्य यंत्रों और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी लोककला एवं संस्कृति की शानदार झलक प्रस्तुत की। प्रतियोगिता में सरगापुर की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया। टीम की शानदार प्रस्तुति पर उपस्थित दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। अन्य टीमों ने भी अपनी पारंपरिक कला एवं नृत्य कौशल का प्रभावी प्रदर्शन किया। संस्कृति संरक्षण का संदेश आयोजन के माध्यम से पारंपरिक सैला नृत्य और आदिवासी लोकसंस्कृति के संरक्षण एवं नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण मौजूदगी रही।2
- सेवा संकल्प यात्रा के दौरान जिले में हुए विभिन्न कार्यक्रम सिवनी। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मस्थली गुजरात के वडनगर से वाराणसी तक मोटरसाइकिल के माध्यम से निकाली जा रही सेवा यात्रा के दौरान सिवनी जिले में विभिन्न सेवा एवं जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। यात्रा में शामिल सहभागियों एवं पार्टीजनों ने विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की। यात्रा के दौरान शासकीय मेडिकल कॉलेज कंडीपार में कॉलेज भ्रमण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसके पश्चात ग्राम बंडोल स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों से आत्मीय संवाद कर उन्हें स्नेह परिधान वितरित किए गए। सेवा यात्रा के छपारा क्षेत्र में पहुंचने पर ग्राम गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की गई। वहीं छपारा स्थित राजघराना पैलेस में ‘लखपति दीदी’ एवं ‘जम्बो सीताफल’ संग्राहकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम हुआ, जिसमें स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों एवं किसानों की मेहनत, उपलब्धियों और संभावनाओं पर सार्थक चर्चा की गई। इस दौरान सेवा, आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण एवं समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनसेवा के संदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।1
- 18 एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा, आदेश के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण तीन साल से ग्रामीणों की शिकायत, कोर्ट के आदेश के पालन पर उठे सवाल; शासकीय जमीन पर अब भी खड़ी है फसल सिवनी/सरसडोल : आदिवासी बाहुल्य विकासखंड कुरई की ग्राम पंचायत सरसडोल अंतर्गत ग्राम चारगांव के कोहकाखेड़ा में करीब 18 एकड़ शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब तीन वर्षों से शिकायतें किए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। वहीं, तहसीलदार न्यायालय से आदेश जारी होने के बाद भी शासकीय भूमि कब्जे से मुक्त नहीं हो सकी है। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम कोहकाखेड़ा स्थित खसरा नंबर 87 की करीब 18 एकड़ भूमि राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय दर्ज है। आरोप है कि ग्राम सिल्लोर निवासी सीताराम सनोडिया पिता सुखद द्वारा लंबे समय से उक्त भूमि पर कब्जा कर कृषि कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस भूमि पर ग्राम पंचायत द्वारा वृक्षारोपण का प्रस्ताव भी रखा गया है। 24 फरवरी और 8 सितंबर को जारी हुए आदेश मामले में तहसीलदार न्यायालय द्वारा 24 फरवरी 2026 को आदेश जारी किया गया था। इसके बाद 8 सितंबर 2026 को पुनः आदेश जारी करते हुए आदेशित भूमि से अवैध कब्जा हटाकर शासकीय भूमि को रिक्त कराने तथा पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। आदेश में दिनांक से तीन दिवस के भीतर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई किए जाने का उल्लेख बताया जा रहा है। कार्रवाई के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसमें हल्का पटवारी ऋषि सनोडिया सहित राजस्व निरीक्षक एवं अन्य राजस्व अमले को शामिल किया गया है। बावजूद इसके ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी मौके से अतिक्रमण नहीं हटाया गया और शासकीय भूमि पर फसल खड़ी है। आदेश की प्रति नहीं मिलने की बात मामले में राजस्व निरीक्षक राजीव सनोडिया से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें तहसीलदार के आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई में देरी के कारण कब्जाधारी के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि हल्का पटवारी और कब्जाधारी के रिश्तेदारी संबंध होने के कारण कार्रवाई प्रभावित हो रही है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। एक सप्ताह में कब्जा हटाने का दावा इस संबंध में तहसीलदार शनि पाल परतेती ने बताया कि आदेश की प्रति पटवारी और राजस्व निरीक्षक को मिली होगी। यदि प्रति नहीं मिली है तो उसे दोबारा उपलब्ध करा दिया जाएगा। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर अवैध कब्जा हटाने की बात कही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि शासकीय भूमि को तत्काल अतिक्रमण से मुक्त कराकर ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के अनुसार यहां वृक्षारोपण कराया जाए तथा पूर्व में जारी न्यायालयीन आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए4
- स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के छात्रों को AI टूल्स की दी जानकारी छिंदवाड़ा के ई-दक्ष केंद्र में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के करीब 35 से 36 विद्यार्थियों का विजिट प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला प्रशिक्षक अनुराग नेमा ने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI टूल्स की जानकारी दी। लेक्चर के दौरान छात्रों को पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों को आसान बनाने, अलग-अलग डेटा स्रोतों से जानकारी जुटाने और अपनी स्टडी को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में AI टूल्स के उपयोग के बारे में बताया गया।4