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नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में प्रसारित
फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में प्रसारित
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- नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में प्रसारित1
- राजसमंद में उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पर भाजपा का प्रचार करने का विवादास्पद आरोप लगा है। इस बयान के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन कर अधिकारी को तुरंत निलंबित करने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने पर बड़े स्तर पर उग्र प्रदर्शन होंगे।3
- उदयपुर के डबोक गाँव में विकास कार्य ठप पड़े हैं, जहाँ सड़कें और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी उपेक्षित हैं। शहर से जुड़े होने के बावजूद, सरपंच और नेताओं की अनदेखी के कारण गाँव प्रगति को तरस रहा है।1
- कानोड़ में जमीन विवाद को लेकर जैन और सोनी समाज में हुआ विवाद, प्रशासन ने कराई समझाइश, जमीन चिन्हित कर निकाला जाएंगा समाधान उदयपुर जिले के कानोड़ कस्बे में जवाहर विद्यापीठ शिक्षण संस्थान और सोनी समाज के बीच जमीन को लेकर चल रहा विवाद शनिवार को एक बार फिर गरमा गया। मामला उस समय बढ़ गया जब शिक्षण संस्थान द्वारा जमीन पर लोहे की जालियां लगाने का कार्य शुरू किया गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में सोनी समाज के लोग मौके पर पहुंच गए और काम रुकवा दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हंगामे की सूचना मिलते ही कानोड़ थाने से ASI लालु राम मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता और बढ़ती भीड़ को देखते हुए तुरंत भींडर से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुलाया गया। वहीं कानोड़ पटवारी कैलाश मैहरा की सूचना पर तहसीलदार वगता राम पुरोहित भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से वार्ता शुरू की।1
- राजस्थान के उदयपुर में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शादी के जश्न को पलभर में मातम में बदल दिया। इस भीषण टक्कर में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 8 कलाकार गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जिससे इलाके में शोक का माहौल है।1
- उदयपुर जिले के कानोड़ में जमीन विवाद को लेकर जैन और सोनी समाज में तनाव, प्रशासन ने कराया मामला शांत कानोड़ कस्बे में शनिवार को जमीन विवाद को लेकर जैन और सोनी समाज आमने-सामने आ गए। विवाद उस समय बढ़ गया जब जवाहर विद्यापीठ शिक्षण संस्थान की ओर से विवादित भूमि पर लोहे की जालियां लगाने का कार्य शुरू किया गया। सूचना मिलते ही सोनी समाज के लोग मौके पर पहुंचे और काम रुकवा दिया। मामले की जानकारी पर एएसआई लालूराम पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे, वहीं अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। तहसीलदार वगता राम पुरोहित ने दोनों पक्षों से वार्ता कर समझाइश की, जिसके बाद लोहे की जालियां हटवा दी गईं। विवादित भूमि के पास सोनी समाज के भैरूजी बावजी का प्राचीन स्थान स्थित है, जबकि समीप ही जैन समाज का शिक्षण संस्थान संचालित है। दोनों पक्ष जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं। प्रशासन ने मामले के समाधान के लिए संयुक्त टीम गठित की है। राजस्व विभाग रिकॉर्ड के आधार पर जमीन का सीमांकन करेगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति है और एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- *बाली में महाराणा प्रताप जयंती पर हुआ भव्य आयोजन, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि बाली में महाराणा प्रताप जयंती पर हुआ भव्य आयोजन, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि। बाली फालना महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को बाली के प्रताप चौक पर क्रांतिमंच बाली की ओर से श्रद्धा एवं उत्साह के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया तथा “महाराणा प्रताप अमर रहें” और “महाराणा प्रताप की जय” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए कहा कि उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन संघर्ष में बिताया और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने। इस अवसर पर क्रांतिमंच बाली के संयोजक प्रवीण प्रजापति, विश्व हिंदू परिषद बाली के अध्यक्ष सुरेश कंसारा, समरसता प्रमुख लकमा राम परमार बोया, कमलेश मारू, गणपत सिंह, अजय पाल सिंह, मुकेश चौधरी, भेरू सिंह, चंद्रपाल सिंह, मुकेश शर्मा, अचल सिंह राव, सुरेंद्र रावल सहित कई गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। गौरतलब है कि महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को हुआ था। उनकी वीरता, त्याग और स्वाभिमान की गाथाएं आज भी देशवासियों को प्रेरित करती हैं।4
- राजसमंद में कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹500 महंगा होने के बाद कांकरोली के फूड वेंडरों ने खाने की प्लेट के दाम में ₹10 की बढ़ोतरी कर दी है। जबकि ₹5 की वृद्धि से ही गैस का घाटा पूरा हो सकता था, यह अनुचित बढ़ोतरी उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रही है।1