पं. रामलाल शर्मा स्मृति समारोह के अंतर्गत श्रीराम कथा का भव्य आयोजन नर्मदापुरम। पं. रामलाल शर्मा स्मृति समारोह श्रृंखला के 49वें वर्ष के अंतर्गत आयोजित पंचदिवसीय ज्ञान सत्र के प्रथम दिवस पर सुंदरकांड में वर्णित ‘विभीषण शरणागति’ प्रसंग पर आधारित श्रीराम कथा का भव्य आयोजन सत्संग चौक, सेठानी घाट, नर्मदापुरम में किया गया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा वातावरण भक्ति एवं आध्यात्मिक भावनाओं से ओतप्रोत हो गया। कार्यक्रम में बिहार के भागलपुर से पधारीं प्रसिद्ध मानस कोकिला श्रीमती कृष्णादेवी जी मिश्र ने अत्यंत भावपूर्ण एवं सरस शैली में कथा का वाचन किया। उन्होंने बताया कि जब लंका के राजा रावण के छोटे भाई विभीषण अपने भाई को बार-बार धर्म और नीति के मार्ग पर चलने की सलाह देते हैं, तब रावण उनके उपदेश को अस्वीकार कर देता है। इसके पश्चात विभीषण अधर्म का साथ त्यागकर भगवान श्रीराम की शरण में आने का निर्णय लेते हैं। कथावाचन के दौरान श्रीमती मिश्र ने कहा कि शरणागति का वास्तविक अर्थ है—पूर्ण विश्वास, विनम्रता और समर्पण के साथ भगवान की शरण को स्वीकार करना। जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान की शरण में आता है, भगवान उसे अवश्य अपनाते हैं। भगवान श्रीराम द्वारा विभीषण को शरण देने की घटना यह संदेश देती है कि सच्चे हृदय से शरण लेने वाले को भगवान कभी निराश नहीं करते। उन्होंने आगे बताया कि हनुमान जी सदगुरु के रूप में विभीषण को भगवान श्रीराम की शरणागति का मार्ग दिखाते हैं। हनुमान जी के मार्गदर्शन और कृपा से ही विभीषण को भगवान की शरणागति का सच्चा अनुभव प्राप्त होता है। इस प्रकार हनुमान जी केवल परम भक्त ही नहीं, बल्कि सदगुरु के रूप में भी जीव को भगवान तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में अहंकार, मोह और द्वेष का त्याग कर सच्चे भाव से भगवान की शरण ग्रहण करनी चाहिए। यही शरणागति का सच्चा मार्ग है और यही जीवन की वास्तविक सार्थकता भी है। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबकर श्रीराम नाम का स्मरण करते रहे। वक्ता श्रीमती मिश्र का पुष्पगुच्छ से स्वागत मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव कृपाशंकर शर्मा के साथ अधिवक्ता बी के चौहान , राकेश फौजदार , सी पी भागर्व , नवनीत कोहली , शिव दीक्षित , रामसेवक यादव ने किया ,प्रवचन से पूर्व भजनांजली के अंतर्गत ऋत्विक राजपूत द्वारा भजन की प्रस्तुति की गई पं राम परसाई द्वारा हारमोनियम पर एवं विपुल दुबे द्वारा तबले पर संगत की गई कार्यक्रम के अंत में विदुषी वक्ता श्रीमती मिश्र द्वारा भगवान के शयन पद " नैनों में नींद भर आई बिहारी जी की " का गायन किया गया कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर संजय गार्गव द्वारा किया ।
पं. रामलाल शर्मा स्मृति समारोह के अंतर्गत श्रीराम कथा का भव्य आयोजन नर्मदापुरम। पं. रामलाल शर्मा स्मृति समारोह श्रृंखला के 49वें वर्ष के अंतर्गत आयोजित पंचदिवसीय ज्ञान सत्र के प्रथम दिवस पर सुंदरकांड में वर्णित ‘विभीषण शरणागति’ प्रसंग पर आधारित श्रीराम कथा का भव्य आयोजन सत्संग चौक, सेठानी घाट, नर्मदापुरम में किया गया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा वातावरण भक्ति एवं आध्यात्मिक भावनाओं से ओतप्रोत हो गया। कार्यक्रम में बिहार के भागलपुर से पधारीं प्रसिद्ध मानस कोकिला श्रीमती कृष्णादेवी जी मिश्र ने अत्यंत भावपूर्ण एवं सरस शैली में कथा का वाचन किया। उन्होंने बताया कि जब लंका के राजा रावण के छोटे भाई विभीषण अपने भाई को बार-बार धर्म और नीति के मार्ग पर चलने की सलाह देते हैं, तब रावण उनके उपदेश को अस्वीकार कर देता है। इसके पश्चात विभीषण अधर्म का साथ त्यागकर भगवान श्रीराम की शरण में आने का निर्णय लेते हैं। कथावाचन के दौरान श्रीमती मिश्र ने कहा कि शरणागति का वास्तविक अर्थ है—पूर्ण विश्वास, विनम्रता और समर्पण के साथ भगवान की शरण को स्वीकार करना। जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान की शरण में आता है, भगवान उसे अवश्य अपनाते हैं। भगवान श्रीराम द्वारा विभीषण को शरण देने की घटना यह संदेश देती है कि सच्चे हृदय से शरण लेने वाले को भगवान कभी निराश नहीं करते। उन्होंने आगे बताया कि हनुमान जी सदगुरु के रूप में विभीषण को भगवान श्रीराम की शरणागति का मार्ग दिखाते हैं। हनुमान जी के मार्गदर्शन और कृपा से ही विभीषण को भगवान की शरणागति का सच्चा अनुभव प्राप्त होता है। इस प्रकार हनुमान जी केवल परम भक्त ही नहीं, बल्कि सदगुरु के रूप में भी जीव को भगवान तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में अहंकार, मोह और द्वेष का त्याग कर सच्चे भाव से भगवान की शरण ग्रहण करनी चाहिए। यही शरणागति का सच्चा मार्ग है और यही जीवन की वास्तविक सार्थकता भी है। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबकर श्रीराम नाम का स्मरण करते रहे। वक्ता श्रीमती मिश्र का पुष्पगुच्छ से स्वागत मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव कृपाशंकर शर्मा के साथ अधिवक्ता बी के चौहान , राकेश फौजदार , सी पी भागर्व , नवनीत कोहली , शिव दीक्षित , रामसेवक यादव ने किया ,प्रवचन से पूर्व भजनांजली के अंतर्गत ऋत्विक राजपूत द्वारा भजन की प्रस्तुति की गई पं राम परसाई द्वारा हारमोनियम पर एवं विपुल दुबे द्वारा तबले पर संगत की गई कार्यक्रम के अंत में विदुषी वक्ता श्रीमती मिश्र द्वारा भगवान के शयन पद " नैनों में नींद भर आई बिहारी जी की " का गायन किया गया कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर संजय गार्गव द्वारा किया ।
- कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के निर्देशानुसार जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नर्मदापुरम द्वारा “आपदा बचाव एवं जनसुरक्षा जागरूकता अभियान 2025–26” के अंतर्गत जनजागरूकता साइकिल रैली का आयोजन किया गया। प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित के नेतृत्व में एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड के जवानों द्वारा यह रैली आयोजित की गई। कलेक्टर कार्यालय परिसर से डिप्टी कलेक्टर बबिता राठौर ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। यह रैली प्रातः 8 बजे शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए शांतिनिकेतन स्कूल पहुंची और वहां से आगे बढ़ते हुए होमगार्ड कार्यालय में संपन्न हुई। रैली में एनसीसी, एनएसएस के स्वयंसेवकों सहित आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड के जवानों ने आपदा प्रबंधन, प्राकृतिक आपदाओं के समय बचाव के उपायों और सुरक्षित रहने के संबंध में जनसामान्य को जागरूक करने का संदेश दिया। इस अवसर पर प्लाटून कमांडर शिवराज चौधरी, एसआई सुंदर लाल मरावी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला दंडाधिकारी के नेतृत्व में जिले में आपदा प्रबंधन एवं जनसुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।1
- पिपरिया स्टेशन रोड थाना पुलिस ने आज सोमवार को शाम 5:00 बजे चार पहिया वाहन एवं दो पहिया वाहन को रोककर की चालानी कार्रवाई चालानी कार्रवाई के दौरान दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट नहीं लगने पर चालान काटे गए वहीं चार पहिया वाहन ऑन पर सीट बेल्ट नहीं लगाने एवं नंबर प्लेट ना होने के चलते चालान काटे गए स्टेशन रोड थाने के एएसआई ने बताया कि चार पहिया वाहन एवं दो पहिया वाहन चालकों के ऊपर आज लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने एवं वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग न करने पर लगभग 15 से 16 वाहनों पर चालानी कार्रवाई करते हुए 6700 के चालान काटे गए वहीं वाहन चालकों को निर्देशित किया गया है कि शराब पीकर वाहन न चलाएं और चार पहिया वाहनों को सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने और नंबर प्लेट लगाने की हिदायत दी गई वहीं दो पहिया वाहन चालकों को दो से अधिक न बैठने के लिए निर्देशित किया गया और उन्हें हेलमेट लगाने की हिदायत दी गई वहीं उन्होंने बताया कि यह चालानी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी1
- बच्चों से लेकर जवानों तक की सेहत पर भारी पड़ता डिजिटल जहर आंखों से लेकर दिमाग और दिल तक कर रहा नुकसान, डॉक्टरों ने दी चेतावनी नर्मदापुरम । मोबाइल फोन ने जीवन को जितना आसान बनाया है, उतना ही यह अब सेहत के लिए खतरनाक भी साबित हो रहा है। बच्चों के हाथ में खिलौने की तरह पहुंचा मोबाइल आज युवाओं और जवानों के लिए डिजिटल ज़हर बनता जा रहा है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल से शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक बीमारियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। डॉ. अतुल सेठ ने बताया कि सुबह से रात तक स्क्रीन के सामने जिंदगी है। आज स्थिति यह है कि दिन की शुरुआत मोबाइल अलार्म से होती है और रात का अंत सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हुए। औसतन एक व्यक्ति 6 से 8 घंटे मोबाइल स्क्रीन देख रहा है। यही आदत धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों को जन्म दे रही है। कम उम्र में मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास प्रभावित हो रहा है। डॉ. अतुल सेठा ने बताया कि मोबाइल स्क्रीन से बच्चों की नजर कमजोर होना, ध्यान केंद्रित न कर पाना, भाषा विकास में देरी, चिड़चिड़ापन और जिद,पढ़ाई से दूरी जैसी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं। खेल के मैदान की जगह मोबाइल स्क्रीन ने ले ली है, जो भविष्य के लिए खतरनाक संकेत है।युवा मानसिक दबाव में सोशल मीडिया की दुनिया ने किशोरों और युवाओं पर मानसिक दबाव बढ़ा दिया है। लाइक्स, फॉलोअर्स और तुलना की दौड़ में आत्मविश्वास की कमी, तनाव और बेचैनी, नींद की समस्या अवसाद जैसी स्थिति बन रही है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि यह डिजिटल एडिक्शन का सीधा परिणाम है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का साफ कहना है कि अगर मोबाइल उपयोग पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों के मरीज बढ़ेंगे।जवानों में बढ़ रहीं शारीरिक बीमारियां लगातार झुककर मोबाइल देखने से टेक्स्ट नेक सिंड्रोम, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस और पीठ दर्द आम हो गया है। इसके साथ ही आंखों में जलन और माझोन, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज हृदय रोग का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। एमडी डॉ. सुनील जैन ने बताया कि बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम तय करें। सोने से 1 घंटा पहले मोबाइल बंद करे, भोजन के समय मोबाइल से दूरी रखें, रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, सप्ताह में एक दिन डिजिटल डिटॉक्स अपनाएं। नींद और दिमाग पर सीधा हमला जिला अस्पताल के मोबाइल से निकलने वाली नीली रोशनी नींद के हार्मोन को प्रभावित करती है। इसके कारण देर से नींद आना बार-बार नींद टूटना, दिनभर थकान और चिड़चिड़ापन, अब आम समस्या बन चुकी है।1
- नर्मदापुरम- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सेंट्रल जेल नर्मदापुरम में आर्ट ऑफ लिविंग संस्थान द्वारा महिला कैदियों के लिए एक सप्ताह का प्रिजन स्मार्ट कोर्स आयोजित किया गया। संस्थान की टीचर कामिनी दुबे ने कैदियों को योग, ध्यान और सुदर्शन क्रिया का अभ्यास कराया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला कैदियों को बेहतर जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान करना है। जेल प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस कोर्स से कुल 68 महिला कैदी लाभान्वित हुईं।1
- सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में चोरी, दानपेटी का ताला तोड़कर ले गए करीब 40 हजार रुपये सिवनी मालवा नगर के सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में दानपेटी का ताला तोड़कर चोरी करने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंदिर ट्रस्टी महेश राठौर ने सिवनी मालवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुधाकर बारसकर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जानकारी के अनुसार अज्ञात चोरों ने मंदिर के चैनल गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और मंदिर में रखी दानपेटी का ताला तोड़कर उसमें रखी नकदी चोरी कर ली। चोरी की इस घटना से मंदिर ट्रस्ट और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मंदिर ट्रस्टी महेश राठौर पिता किशोरीलाल राठौर उम्र 65 वर्ष निवासी मस्जिद मोहल्ला की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। ट्रस्टी के अनुसार मंदिर में अशोक शर्मा पूजा-पाठ का कार्य करते हैं। वे प्रतिदिन रात करीब 9 बजे मंदिर में ताला लगाकर घर चले जाते हैं। 9 मार्च की रात को भी वे मंदिर में ताला लगाकर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब अशोक शर्मा मंदिर का ताला खोलने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मंदिर के चैनल गेट पर लगा ताला टूटा हुआ है। इसके बाद उन्होंने अन्य ट्रस्टी राजू राठौर, देवनारायण राठौर और मदनलाल राठौर को सूचना दी। सभी ट्रस्टी मौके पर पहुंचे और मंदिर के अंदर जाकर देखा तो दानपेटी का ताला टूटा हुआ मिला। अज्ञात चोर दानपेटी में रखे करीब 40 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। थाना प्रभारी सुधाकर बारसकर ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मंदिर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।1
- सिवनी मालवा के शिवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बाबड़िया भाऊ के पास मंगलवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। खंडवा जिले के दग्गड़खेड़ी से नर्मदापुरम शादी समारोह में जा रही सवारियों से भरी तूफान गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर नहर में पलट गई। हादसे में कुल 16 लोग घायल हो गए, जिनमें से 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को वाहन से बाहर निकाला और डायल 112 व एम्बुलेंस की मदद से सभी को सिविल अस्पताल सिवनी मालवा पहुंचाया गया। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम रेफर किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसी ही ताज़ा और विश्वसनीय खबरों के लिए जुड़े रहें दैनिक सत्याग्रह न्यूज़ के साथ।1
- इंदौर के पिपलियाना में बाबा ट्रेवल्स की बस डिपो में खड़ी बस में आग लगने से हड़कंप मच गया दुआ इतना आसमान उड़ता हुआ दिखा की लोक दशक में आ गया आसमान में काफी दूर से दिख रहा था2
- Post by ABDUL1