लक्ष्मण नगेसिया की मौत पर भड़का वन श्रमिक यूनियन, 10 लाख मुआवजा व नौकरी की मांग* *22 श्रमिकों की छंटनी को बताया गैरकानूनी, भुगतान लंबित रहने पर वन प्रशासन पर गंभीर आरोप* गारू : गारू प्रखंड अंतर्गत बारेसाढ़ वन क्षेत्र में रविवार, 05 अप्रैल 2026 को झारखंड वन श्रमिक यूनियन शाखा बारेसाढ़ की क्षेत्रीय बैठक वन विश्रामगार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता धनेश्वर यादव ने की, जबकि वन यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष सिद्धनाथ झा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान महुआडाड़ क्षेत्रीय मंत्री श्रीकांत मिश्रा भी बैठक में शामिल हुए।बैठक की शुरुआत बारेसाढ़ में कार्यरत दिवंगत श्रमिक लक्ष्मण नगेसिया को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद यूनियन नेताओं ने उनकी मौत को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।केंद्रीय अध्यक्ष श्री सिद्धनाथ ने कहा कि लक्ष्मण नगेसिया के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा एवं एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से कार्यरत श्रमिकों के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है।बताया गया कि 1 अप्रैल से 22 श्रमिकों को कार्य से हटा दिया गया है, जबकि ये श्रमिक कोई 8 वर्ष 10 वर्ष 15 वर्षों से सेवा दे रहे थे। यूनियन ने इसे “पिक एंड चूज” की नीति बताते हुए कहा कि हाल में रखे गए लोगों को बचाकर पुराने मजदूरों को हटाना पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है।यूनियन नेताओं ने कहा कि किसी भी श्रमिक को हटाने से पहले नोटिस देना या एक महीने का अग्रिम भुगतान करना अनिवार्य है, लेकिन विभाग ने इसका पालन नहीं किया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि कई महीनों से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ, जिससे श्रमिक आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रहे हैं।यूनियन ने विशेष रूप से यह मुद्दा उठाया कि अक्टूबर 2025 से अब तक कई श्रमिकों का भुगतान लंबित है। इस संबंध में संविदा पर नियुक्त बारेसाढ़ क्षेत्र के वन पदाधिकारी तरुण सिंह पर श्रमिक विरोधी रवैया अपनाने और षड्यंत्रकारी तरीके से कार्य करने का आरोप लगाया गया। यूनियन ने इसे ज्वलंत समस्या बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की।लक्ष्मण नगेसिया के मामले का जिक्र करते हुए कहा गया कि उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिली, जिससे वे मानसिक और आर्थिक दबाव में थे यूनियन ने उनकी मौत के लिए टाइगर प्रोजेक्ट के वन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए संबंधित अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि श्रमिकों की छंटनी के खिलाफ उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन किया जाएगा। यूनियन ने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर श्रमिकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस बैठक में भारी संख्या मे श्रमिक उपस्थित थे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी समस्याओं को उठाया और आंदोलन की रणनीति पर सहमति जताई।
लक्ष्मण नगेसिया की मौत पर भड़का वन श्रमिक यूनियन, 10 लाख मुआवजा व नौकरी की मांग* *22 श्रमिकों की छंटनी को बताया गैरकानूनी, भुगतान लंबित रहने पर वन प्रशासन पर गंभीर आरोप* गारू : गारू प्रखंड अंतर्गत बारेसाढ़ वन क्षेत्र में रविवार, 05 अप्रैल 2026 को झारखंड वन श्रमिक यूनियन शाखा बारेसाढ़ की क्षेत्रीय बैठक वन विश्रामगार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता धनेश्वर यादव ने की, जबकि वन यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष सिद्धनाथ झा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान महुआडाड़ क्षेत्रीय मंत्री श्रीकांत मिश्रा भी बैठक में शामिल हुए।बैठक की शुरुआत बारेसाढ़ में कार्यरत दिवंगत श्रमिक लक्ष्मण नगेसिया को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद यूनियन नेताओं ने उनकी मौत को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।केंद्रीय अध्यक्ष श्री सिद्धनाथ ने कहा कि लक्ष्मण नगेसिया के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा एवं एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से कार्यरत श्रमिकों के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है।बताया गया कि 1 अप्रैल से 22 श्रमिकों को कार्य से हटा दिया गया है, जबकि ये श्रमिक कोई 8 वर्ष 10 वर्ष 15 वर्षों से सेवा दे रहे थे। यूनियन ने इसे “पिक एंड चूज” की नीति बताते हुए कहा कि हाल में रखे गए लोगों को बचाकर पुराने मजदूरों को हटाना पूरी तरह गलत और गैरकानूनी
है।यूनियन नेताओं ने कहा कि किसी भी श्रमिक को हटाने से पहले नोटिस देना या एक महीने का अग्रिम भुगतान करना अनिवार्य है, लेकिन विभाग ने इसका पालन नहीं किया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि कई महीनों से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ, जिससे श्रमिक आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रहे हैं।यूनियन ने विशेष रूप से यह मुद्दा उठाया कि अक्टूबर 2025 से अब तक कई श्रमिकों का भुगतान लंबित है। इस संबंध में संविदा पर नियुक्त बारेसाढ़ क्षेत्र के वन पदाधिकारी तरुण सिंह पर श्रमिक विरोधी रवैया अपनाने और षड्यंत्रकारी तरीके से कार्य करने का आरोप लगाया गया। यूनियन ने इसे ज्वलंत समस्या बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की।लक्ष्मण नगेसिया के मामले का जिक्र करते हुए कहा गया कि उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिली, जिससे वे मानसिक और आर्थिक दबाव में थे यूनियन ने उनकी मौत के लिए टाइगर प्रोजेक्ट के वन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए संबंधित अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि श्रमिकों की छंटनी के खिलाफ उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन किया जाएगा। यूनियन ने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर श्रमिकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस बैठक में भारी संख्या मे श्रमिक उपस्थित थे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी समस्याओं को उठाया और आंदोलन की रणनीति पर सहमति जताई।
- *22 श्रमिकों की छंटनी को बताया गैरकानूनी, भुगतान लंबित रहने पर वन प्रशासन पर गंभीर आरोप* गारू : गारू प्रखंड अंतर्गत बारेसाढ़ वन क्षेत्र में रविवार, 05 अप्रैल 2026 को झारखंड वन श्रमिक यूनियन शाखा बारेसाढ़ की क्षेत्रीय बैठक वन विश्रामगार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता धनेश्वर यादव ने की, जबकि वन यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष सिद्धनाथ झा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान महुआडाड़ क्षेत्रीय मंत्री श्रीकांत मिश्रा भी बैठक में शामिल हुए।बैठक की शुरुआत बारेसाढ़ में कार्यरत दिवंगत श्रमिक लक्ष्मण नगेसिया को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद यूनियन नेताओं ने उनकी मौत को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।केंद्रीय अध्यक्ष श्री सिद्धनाथ ने कहा कि लक्ष्मण नगेसिया के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा एवं एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से कार्यरत श्रमिकों के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है।बताया गया कि 1 अप्रैल से 22 श्रमिकों को कार्य से हटा दिया गया है, जबकि ये श्रमिक कोई 8 वर्ष 10 वर्ष 15 वर्षों से सेवा दे रहे थे। यूनियन ने इसे “पिक एंड चूज” की नीति बताते हुए कहा कि हाल में रखे गए लोगों को बचाकर पुराने मजदूरों को हटाना पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है।यूनियन नेताओं ने कहा कि किसी भी श्रमिक को हटाने से पहले नोटिस देना या एक महीने का अग्रिम भुगतान करना अनिवार्य है, लेकिन विभाग ने इसका पालन नहीं किया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि कई महीनों से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ, जिससे श्रमिक आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रहे हैं।यूनियन ने विशेष रूप से यह मुद्दा उठाया कि अक्टूबर 2025 से अब तक कई श्रमिकों का भुगतान लंबित है। इस संबंध में संविदा पर नियुक्त बारेसाढ़ क्षेत्र के वन पदाधिकारी तरुण सिंह पर श्रमिक विरोधी रवैया अपनाने और षड्यंत्रकारी तरीके से कार्य करने का आरोप लगाया गया। यूनियन ने इसे ज्वलंत समस्या बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की।लक्ष्मण नगेसिया के मामले का जिक्र करते हुए कहा गया कि उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिली, जिससे वे मानसिक और आर्थिक दबाव में थे यूनियन ने उनकी मौत के लिए टाइगर प्रोजेक्ट के वन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए संबंधित अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि श्रमिकों की छंटनी के खिलाफ उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन किया जाएगा। यूनियन ने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर श्रमिकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस बैठक में भारी संख्या मे श्रमिक उपस्थित थे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी समस्याओं को उठाया और आंदोलन की रणनीति पर सहमति जताई।2
- लातेहार लातेहार:जिला मुख्यालय अंतर्गत हेतपोचरा निवासी इकबाल अंसारी पिता नईम अंसारी जो लगभग 40 वर्ष का अधेड़ व्यक्ति था जिसका शव महुआ के पेड़ में फंदे से लटका मिला | लातेहार जिला प्रशासन शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम घर भेज दिया|1
- महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत रामपुर स्थित आरपीएस सेवा संस्थान के अंतर्गत संचालित आरपीएस अनाथ आश्रम में रविवार को चतरा सांसद कालीचरण सिंह पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आश्रम में रह रहे अनाथ बच्चों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उनसे आत्मीय संवाद किया। सांसद ने बच्चों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।अनाथ आश्रम पहुंचने पर बच्चों ने सांसद का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। बच्चों का स्नेह और उत्साह देखकर सांसद भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी समाज और सरकार दोनों की है। सांसद ने आश्रम के बच्चों के हित में जल्द ही आवश्यक विकास कार्य कराने का भरोसा दिया।इस दौरान सांसद कालीचरण सिंह ने आश्रम तक जाने वाली सड़क के निर्माण का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सड़क बनने से आश्रम तक पहुंचने में सुविधा होगी और बच्चों के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा। सांसद ने बच्चों के साथ समय बिताया और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष बंशी यादव, लातेहार जिला सांसद प्रतिनिधि अमलेश सिंह, भाजपा प्रखंड अध्यक्ष अमित जायसवाल, यादव समाज के अध्यक्ष मोहन यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।वहीं आश्रम की ओर से अध्यक्ष कमलेश यादव, श्रवण यादव, मुकेश यादव, जसवंत यादव, शंकर यादव, जितेंद्र यादव एवं राजनाथ यादव मौजूद रहे।सांसद के इस दौरे से आश्रम के बच्चों और प्रबंधन में खुशी का माहौल देखा गया। सभी ने अनाथ बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सहयोग और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही।1
- लातेहार : सरकार की आत्म समर्पण नीति नई दिशा के तहत जेजे एमपी का सब जनरल कमांडर सुरेंद्र दोहराने लातेहार पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंचकर सिलेंडर किया है उसने सिलेंडर करने के उपरांत नक्सली बनने की पूरी वाक्य बताइए नहीं उसने नक्सलियों से भी खुले मंच अपील किया है कि वह भी सरकार के द्वारा बनाई गई आत्मसमर्पण नीति का स्वागत करते हुए सरकार के साथ जुड़कर मुख्य धारा में लौटे और बाकी के बच्चे किसी जिंदगी को अच्छे से गुजरे.1
- ग्राम कोडुआडीह पंचायत रबदा जिला पलामू से 04/04/2026 को रात्रि करीब 9 =00बजे बाइक एक्सडेंट हुआ गोलू कुमार विश्वकर्मा पिता सोगियां विनय विश्वकर्मा जड़गढ नवोदय विद्यालय के समीप हुआ 05/04/2026दिन रविवार को जलाया गया बैंक साढ़ माथा मे चोट दो लोगों बाइक पर सवार थे एक लोगों को मौत एक गंभीर रुप से घायल हॉस्पिटल में भर्ती2
- बिभिन्न राजनीतिक दलों की आगुवाई में आदिवासी युवक-युवती ढोल मांदर की थाप पर थिरकती सरना धरम का अपमान तो नही? जो आदिवासी युवक-युवती लालसाडी पहनकर सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होती हैं क्या राजनीतिकों के कोलाहाल का केन्द्र बिन्दु बनना सही हैं?3
- भाजपा का दो दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान संपन्न, संगठन मजबूती और अंत्योदय विचारधारा पर हुआ मंथन भारतीय जनता पार्टी बिशुनपुर मंडल द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान दो हजार छब्बीस के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान का समापन रविवार को किया गया। जानकारी देते हुए रविवार शाम सात बजे बताया गया कि जतरा टाना भगत विद्या मंदिर बिशुनपुर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक रूप से सशक्त बनाना, पार्टी की विचारधारा को मजबूत करना तथा सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष जगत ठाकुर ने की। प्रशिक्षण वर्ग में पार्टी की विचारधारा, संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण, जनसंपर्क अभियान, केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय सिद्धांत को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाना ही भाजपा की प्राथमिकता है। मंडल प्रशिक्षण प्रभारी भिखारी भगत ने कार्यकर्ताओं से समर्पण, अनुशासन और सक्रियता के साथ संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। पूर्व मंडल अध्यक्ष केदार साहू ने कहा कि मजबूत बूथ ही मजबूत संगठन की पहचान है। एसटी मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामप्रसाद बड़ाईक ने प्रशिक्षण को कार्यकर्ताओं के लिए नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करने वाला बताया। कार्यक्रम में अजीत उरांव, बच्चन चौरसिया, सुरेंद्र मांझी, गुलाब साहू, देवेंद्र सिंह, जयमंगल उरांव, रविंद्र उरांव, अभिषेक रंजन सिंह, चंदन सिंह, सुरेश भगत, दिगम्बर मुंडा, बिल्टू लोहरा, सरस्वती देवी, ज्ञान सिंह, प्रीति कुमारी, अनिल बड़ाईक, विनय बड़ाईक, अमित उरांव, अरविंद उरांव, फूलदेवा उरांव, बलिराम उरांव, सहरंग उरांव, सुरेश उरांव, विनोतर खेरवार, सुरेश असुर, सितवा उरांव, संदीप असुर, बंधुबिलास उरांव, रमेश सिंह, जीवन मुंडा, बुद्धेश्वर उरांव, रामेश्वर उरांव, प्रशांत उरांव, सुखदेव उरांव तथा सूदन बड़ाईक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समापन अवसर पर मंडल अध्यक्ष जगत ठाकुर ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करते हैं और आने वाले चुनावों में इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। #BJP #भाजपा #बिशुनपुर #गुमला_समाचार #प्रशिक्षण_महाअभियान #राजनीतिक_समाचार #JharkhandNews #GumlaNews #संगठन_मजबूती #LocalNews #NewsUpdate1
- गारू प्रखंड के बारेसांड बाजार में शनिवार की रात वन विभाग की मुस्तैदी और बहादुरी का शानदार उदाहरण देखने को मिला। रात करीब 10:45 बजे स्थानीय निवासी शुभम गुप्ता ने घबराहट भरे स्वर में सूचना दी कि उनके घर में एक अत्यंत विषैला रसैल वाइपर सांप घुस आया है।सूचना मिलते ही वनपाल परमजीत तिवारी अपनी टीम के साथ महज 5 मिनट के भीतर, 10:50 बजे मौके पर पहुंच गए। टीम ने सूझबूझ और तेजी का परिचय देते हुए केवल 5 मिनट के अंदर, 10:55 बजे उस खतरनाक सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।रेस्क्यू के बाद सांप को बिना किसी नुकसान के नजदीकी जंगल में छोड़ दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घर के सदस्यों ने राहत की सांस ली और बड़ी अनहोनी टल गई। इस अभियान में प्रधान वनरक्षी वरदान भगत, अर्जुन उरांव, ट्रैकर अमन गुप्ता, अजय यादव तथा वाइल्डलाइफ सदस्य शेरा गुप्ता और आकाश गुप्ता की अहम भूमिका रही।ग्रामीणों ने वनपाल परमजीत तिवारी और उनकी टीम की सराहना करते हुए इसे साहस, तत्परता और सतर्कता का बेहतरीन उदाहरण बताया। *वन विभाग की अपील* अगर कहीं भी सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं, तुरंत वन विभाग को सूचना दें। खुद से पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश बिल्कुल न करें।2